*दो हाथी देर रात तोड़ा मकान का दरवाजा*
अनूपपुर।11जनवरी रात अनूपपुर वन मंडल के जैतहरी एवं कोतमा वन परिक्षेत्र की सीमा को पार करता हुआ एक हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र अंतर्गत घुसरिया के जंगल में पहुंचकर घुसरिया में चार दिन पूर्व से रह रहे एक दो दांत वाले बड़े आकार के हाथी से मुलाकात कर विचरण करते हुएं बुधवार एवं गुरुवार की मध्य रात छ,ग,राज्य के करहनी के जंगल से होता हुआ जैतहरी रेंज के चोलना गांव में पहुंचकर 2 बजे रात अनिल पिता ददनराम केवट के घर का दरवाजा तोड़ते हुएं कोतमा वन परिक्षेत्र के पडौंर में मेला के संगम स्थल के पास पहुंचकर सोन नदी पार कर वन परिक्षेत्र जैतहरी के कुकुरगोड़ा एवं चोई गांव के मध्य धनगवां बीट के कक्ष क्र,आर,एफ,338 के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा हैं इस जंगल में अत्यधिक लेंटाना होने के कारण वर्तमान समय तक दोनों हाथी के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं हो सके हैं किंतु ग्रामीण एवं वन विभाग के मैदानी अमला को हाथी के विचरण दौरान सोन नदी एवं उसके आसपास विचरण पर पड़े पैरों के निशान झाड़ियों को तोड़कर खाते,चलने से हाथी के आ जाने का आभास हुआ हैं अनूपपुर वन मंडलाधिकारी एस,के,प्रजापति ने हाथी प्रभावित क्षेत्र एवं देर रात हाथियों के संभावित विचरण क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्कता बरतते हुए जंगल एवं गांव के मध्य अलग-अलग खेतों में घर बनाकर रह रहे ग्रामीणों को शाम को अंधेरा होने के पूर्व ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुएं जैतहरी एवं कोतमा वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारियों एवं वन विभाग के मैदानी अमले को सतत निगरानी रखते हुएं सतर्कता एवं ग्रामीणों की सुरक्षा करने के निर्देश दिए हैं दोनों हाथी देर शाम एवं रात को किस ओर अपना विचरण क्षेत्र बनाएंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा।

