रेलवे स्टेशन अनूपपुर में पार्किंग ठेकेदार द्वारा अवैध बेरीकेडिंग और वसूली पर रोक लगाने की मांग



 

अनूपपुर । रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में अवैध रूप से बेरीकेडिंग लगाकर आम जनता को परेशान कर ठेकेदार के अपरिचित व्यक्तियों द्वारा की जा रही वसूली पर रोक लगाने की मांग पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष अनूपपुर जीवेन्द्र सिंह, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राम खेलावन राठौर एवं जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह ने एम.पी.शर्मा मुख्य स्टेशन अधीक्षक अनूपपुर को 

डी.आर. एम. बिलासपुर, SECR (द.पू.म.रेलवे) के नाम पर सौंप कर किया है।

 ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि  अनूपपुर रेलवे स्टेशन के पार्किंग ठेकेदार के अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दक्षिणी छोर पर अवैध रूप से वसूली किया जा रहा है, रेलवे द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थल के अलावा पूरे रेलवे परिक्षेत्र में बांस -बल्ली/बेरीकेट्स लगाकर अवरोध उत्पन्न किया गया है, दिव्यांग जनों के लिए बनाएं गए प्लेटफार्म नंबर 03 और 04 की ओर जाने वाले रास्ते को भी बांस -बल्ली /बेरीकेट्स लगाकर अवरोध पैदा किया गया है।

ठेकेदार द्वारा अनेकों अनजान व्यक्तियों को पार्किंग शुल्क वसूली हेतु लगाया गया है जिनके पास कोई भी वैद्य परिचय पत्र नहीं है और न ही पुलिस वेरिफिकेशन है।

इन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा झुंड बनाकर रेलवे कैंपस में आम जनमानस को अनावश्यक परेशान करके डरा - धमका कर पार्किंग शुल्क वसूली किया जा रहा है।

क्या ठेकेदार को रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में बेरीकेट्स लगाने का अधिकार है.....?  बेरीकेडिंग रेलवे स्टेशन अनूपपुर जंक्शन के दोनों ओर अर्थात दक्षिणी छोर एवं मुख्य द्वार उत्तरी छोर में किया गया है।

 केवल पार्किंग स्थल पर ही शुल्क वसूली करने हेतु आदेशित किया जाएं एवं वसूली करने वाले व्यक्तियों का पुलिस वेरिफिकेशन और परिचय- पत्र अनिवार्य किया जाएं।

अवांछित तत्वों को स्टेशन परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाएं एवं ठेकेदार द्वारा लगाएं गए बेरीकेडिंग को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएं।

इसकी प्रतिलिपि मुख्य सतर्कता अधिकारी( SDGM -

SECR) बिलासपुर को भी दिया गया है।

आम जनमानस की परेशानियों को देखते हुए ज्ञापन सौंपकर निराकरण की मांग किया है ताकि पार्किंग ठेकेदार की मनमानी पर अंकुश लगाया जाएं।

 जिला चिकित्सालय अनूपपुर में पार्किंग शुल्क समाप्त 




अनूपपुर । जिला चिकित्सालय में पार्किंग शुल्क लगाकर वसूली चालू किया गया था जिससे आमजनों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ने पर जनपद पंचायत अध्यक्ष जैतहरी राजीव सिंह, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राम खेलावन राठौर पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष जीवेन्द्र सिंह ने जिला चिकित्सालय जाकर कलेक्टर अनूपपुर से चर्चा कर ज्ञापन सौंपा,इस दौरान सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

तत्काल प्रभाव से सिविल सर्जन डॉ एस.आर.परस्ते ने पार्किंग शुल्क समाप्त करने की घोषणा किया और वसूली कर्ताओं को पार्किंग स्थल छोड़नें का मौके पर मौखिक निर्देश दिया।

पार्किंग स्थल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगरपालिका अनूपपुर के पूर्व उपाध्यक्ष जीवेन्द्र सिंह ने कहा कि अस्पताल में मरीज और उनके परिवार जन ईलाज के लिए आते हैं और रोगी कल्याण समिति को 10 रुपए देकर पर्ची कटाते हैं इसके अतिरिक्त शुल्क देना गरीब मरीजों के लिए आर्थिक बोझ है।

जिला चिकित्सालय परिसर में ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र है जिसमें जेनरिक दवाइयां बहुत सस्ते दामों पर उपलब्ध है जिन्हें 5रुपये की दवा लेना है उन्हें भी 20रुपया पार्किंग शुल्क देना पड़ेगा जो कि सरासर जन औषधि केंद्र की मंशा के विपरीत है।

जनहित की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए कलेक्टर महोदय ने पार्किंग शुल्क समाप्त करने के निर्देश दिए जिस पर सिविल सर्जन द्वारा तत्काल प्रभाव से पार्किंग शुल्क लेने पर रोक लगा दिया।

आदिवासी अंचल के लोगों के लिए बहुत राहत भरी खबर है जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राम खेलावन राठौर ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

 *शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन हुआ


।*  

अनूपपुर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में दो दिवसीय 27 एवं 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष की थीम "विज्ञान में महिलाएं विकसित भारत के लिए उत्प्रेरक" रहा। कार्यक्रम को म. प्र. काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल द्वारा प्रायोजित किया गया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक रसायन शास्त्र विभाग से सहायक प्राध्यापक डॉ. साधुचरण मलिक, भवभूति प्रसाद, एवं पर्यावरण विभाग से प्याली शिबू , राजेश नंदिनी राठौर, व्याख्याता तथा मानसि शर्मा प्रतिभागी के रूप मे उपस्थित रहे। सभी व्याख्याताओं ने विद्यार्थियों बालिकाओं को उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए प्रेरित किया। इस अवसर  पर व्याख्याताओं एवं अतिथिगणों  ने छात्र -छात्राओं द्वारा बनाये गए पोस्टर, रंगोली, मॉडल, प्रश्नोत्तरी निबंध प्रतियोगिताओं की अत्यधिक सराहना की एवं मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम की संरक्षक एवं मार्गदर्शक प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना सर ने बताया कि विकसित भारत के निर्माण हेतु बेटियों महिलाओ को वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं आत्मविश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ने कि जरूरत है। कार्यक्रम के संयोजक  ऋषिकेश चंद्रवंशी ने वैज्ञानिक अनुसंधान हेतु प्रेरित किये तथा वैज्ञानिकों की नाम फोटो सहित एवं उनके कार्यों से अवगत कराया। मंच संचालन डॉ. सूरज परवानी द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे उपस्थिति डॉ. जे के संत, डॉ. राधा सिंह, तथा डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने छात्र छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।  इस कार्यक्रम में डॉ ज्ञान प्रकाश पांडे, डॉ शाहबाज खान, डॉ विनोद कुमार कोल, डॉ अमित भूषण द्विवेदी, डॉ हीरा सिंह, डॉ पूनम पांडेय, डॉ प्रति वैश्य, डॉ मीना सिंह, डॉ अजय जयसवाल डॉ बृजेन्द्र सिंह, डॉ दुर्गेश द्विवेदी, डॉ नंदलाल गुप्ता, डॉ अमित कुमार साकेत, डॉ गंगेश कुमार, डॉ फरहा नाज, डॉ संजीव द्विवेदी,डॉ अंजलि कहार, डॉ. तरन्नुम सर्वत, डॉ ज्योति रौतेल एवं अन्य सदस्यों की महत्व पूर्ण भूमिका रही।

 “सृजन कार्यक्रम किशोर/किशोरियों में आत्मनिर्भरता की पहल


जैतहरी । मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल सामुदायिक पुलिस योजना अंतर्गत उप-पुलिस महा निरीक्षक  विनीत कपूर के दिशा-निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोति उर रहमान  के मार्गदर्शन में तथा  जगन्नाथ मरकाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा नोडल सृजन कार्यक्रम अनूपपुर के नेतृत्व में थाना जैतहरी अंतर्गत सरस्वती उ.मा.विद्यालय में विधिवत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर प्रारंभ किया गया |

अतिथियों के स्वागत पश्चात् सृजन कार्यक्रम में सहभागी संस्था हार्ड के  सुशील शर्मा द्वारा उद्देश्य बताते हुये कहा गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना है तथा ऐसे बच्चे चुनौतियों से निपटने हेतु सक्षम बन सके इस हेतु उन्हें आत्मरक्षा कौशल सिखाना है जिससे उनमें शारीरिक एवं मानसिक मजबूती प्राप्त हो सके |

साथ ही कानूनी साक्षरता अधिकारों एवं कानून के प्रति जागरूक करना है,  जगन्नाथ मरकाम जी ने रोचक ढंग से बच्चों को सृजन  अर्थात रचनात्मकता समझाते हुये कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य है और उन्हें इस कार्यक्रम के माध्यम से नई जानकारी तथा भविष्य निर्माण में सहायता प्राप्त होगी |

पुलिस विभाग द्वारा बच्चों को मोजर वियर सी.एस.आर.से प्राप्त ट्रेक शूट प्रदान किये गये जिसे बच्चे खुश हुये तथा प्रशिक्षण के दौरान एक ड्रेस में सब बच्चें प्रशिक्षण में भाग लेंगे |

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से बी.सी.एम. कोमल सिंह मार्को द्वारा बच्चों को पोषण जानकारी प्रदान की गई, सूबेदार  अम्बरीष साहू जी द्वारा कार्यक्रम समन्वय किया गया, सृजन मास्टर ट्रेनर  प्रभात मिश्रा उपस्थित थे जिन्होंने आगामी कार्यक्रम की रुपरेखा बताया |

सरस्वती विद्यालय परिवार से पुष्पेन्द्र नामदेव, डा. दीपक उरमलिया,  प्रदीप गुप्ता,  आशीष पाण्डेय, थाना जैतहरी से उ नि. अमरलाल यादव, प्रधान आरक्षक  श्याम शुक्ला उपस्थित रहे |

सृजन कार्यक्रम का सराहनीय संचालन नेशनल ट्रेनर वालीबाल  दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया |

 🎨*चुनावी गुलाल ने  उड़ा दी है- दीदी की नींद*


"व्यंग"

कहते हैं कि इस बार रंगों से पहले चुनावी गुलाल उड़ने वाला है। हमारी  सांसद महोदया पर भी कुछ ऐसा ही रंग चढ़ा है,नींद में ही भांग का ऐसा असर कि सपना भी सीधे 2027 के चुनावी मंच पर जाकर टूटेगा। तभी कहीं दूर से ढोल-नगाड़ों की आवाज आई, जैसे भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की चुनावी रैलियां एक साथ कान में घोषणा-पत्र पढ़ रही हों , “अब जागिए, वरना जनता जगा देगी!”

सांसद महोदया हड़बड़ा कर उठीं। बरसों की गहरी निद्रा टूटी तो याद आया ,अरे! नरवा-गढवा तो दूर, अपने क्षेत्र की नल-जल योजना में भी पानी का रास्ता पूंछ रहा होगा? विकास कार्य ऐसे गायब थे जैसे होली के अगले दिन गली से रंग।

तभी एक शुभचिंतक प्रकट हुए राजनीतिक ज्ञान के चलता-फिरता विश्वकोश। बोले, “महोदया! काम-धाम छोड़िए, कैमरा पकड़िए। जहां कोई मरे , वहां गंभीर मुद्रा में फोटो। जहां शादी-ब्याह हो, वहां मुस्कान के साथ फोटो। जन्मदिन, छठी, बरहों सब पर आशीर्वाद वाली फोटो। जनता को काम नहीं, कैमरा एंगल याद रहता है।”

बस फिर क्या था! महोदया ने अपनी “चलन खटोला” निकाली जो लग्जरी कार कम और चुनावी हमसफ़र ज्यादा लग रही थी फिर क्या  निकल पड़ीं। महल हो या झुग्गी, गली हो या चौपाल हर जगह वही स्थायी मुस्कान, जैसे होली का रंग अब चेहरे पर स्थायी टैटू बन गया हो।

मीडिया प्रभारी भी कम न थे। बरसों से जमी स्याही झाड़कर कलम ऐसी दौड़ाई मानो प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से सीधा “सक्रियता रत्न” मिलने वाला हो। प्रेस नोट की भाषा में विकास हरी झंडी ऐसे लहराने लगा  जैसे सूखे तालाब में अचानक मानसून उतर आया हो।

पत्रकारों की भी बांछे खिल उठे । जो अब तक “सांसद  सो रहीं हैं” की खबर लिख-लिख कर थक चुके थे, उन्हें लगा चलो, जागरण का लाइव टेलीकास्ट तो मिलेगा! बखानों की झड़ी लग गई , “जनता के बीच पहुंचीं”, “हर सुख-दुख में सहभागी”, “क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता”… मानो क्षेत्र नहीं, चुनावी प्रयोगशाला हो।

अब जनता भी देख रही है सोने वाली सांसद दीदी ज्यादा फायदेमंद थीं या जागने वाली ? क्योंकि होली का रंग तो दो दिन में उतर जाता है, पर वोट का रंग पांच साल तक चढ़ा रहता है।

तो भाइयों और बहनों चिंता छोड़, होली के रंग में रंग जाओ और  एक दूसरे को गले मिल मुंह मीठा कर होली का भरपूर आनंद लो,*" कल किसने देखा... है।"* 

*होली है… बुरा न मानिए, होली है!*

*छिछोरा टाइम्स*

*प्रधान संपादक*

*बीरेंद्र सिंह "ओजस्वी"*

*अनूपपुर मध्य प्रदेश*

 🎨*ठाकुर साहब ने दी  शाही दावत- होली में*


"व्यंग"

होली का दिन और ठाकुर साहब के बंगले पर शासन-प्रशासन की हाज़िरी न लगे  ऐसा कैसे हो सकता है! महीनों की “मस्कत” रंग लाई। बड़े जतन से अधिकारियों, नगर पालिका के महारथियों और कुछ खास मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया।

द्वार पर अबीर-गुलाल, अंदर गुजिया-नमकीन, और बीच में मुस्कुराहट ऐसी कि जैसे महीनो की मशक्कत  एक ही दिन में सफल हो जानी हो। गले मिलना भी ऐसा कि कैमरे का एंगल पहले तय, भावनाएं बाद में।

ठंडाई के गिलास टकराए। एक अधिकारी महोदय ने दो घूंट में ही प्रशंसा का पुल बांध दिया ,

“वाह ठाकुर साहब! ऐसी मस्त ठंडाई तो कभी नहीं पी!”

ठाकुर साहब मन ही मन मुस्कुराए और सोचे  “महीनों का पसीना आज सफल हुआ। नरवा-गढवा में जो कूद-फांद कर फोटो सेशन किया, जो वीडियो बनवाकर जनता को गंदे नालों की सच्चाई का  दर्शन कराया, उसकी असली परीक्षा आज है।”

कहानी का असली रंग तो ठंडाई में घुला था। जिस प्याले में बर्फ थी, वह भी उसी नाली के जल से पवित्र हुई थी, और जिस ठंडाई को घोटा गया था, उसमें भी वही “विशेष जल” मिला था , वही जो बरसों से आम जनता की पाइप-लाइन में प्रेम पूर्वक बहता आया है।

मेहमानों ने बड़े चाव से पिया, खाया, और स्वाद का गुणगान किया। कुछ तो ऐसे झूमे मानो पारदर्शिता का नशा चढ़ गया हो। ठाकुर साहब को अपार शांति मिली ।

“जनता को जो सालों से परोसा गया, आज वही स्वाद खास मेहमानों ने भी चखा। न्याय का रंग आखिर बराबरी से चढ़ा।”

कहते हैं, भ्रष्टाचार का पेट भी अजीब होता है , सड़ा-गला ही उसे सुहाता है। शायद इसलिए सबने बड़े आनंद से ग्रहण किया और धन्यवाद देते हुए, हल्की डगमग चाल में अपने-अपने आशियानों की ओर प्रस्थान किया।

ठाकुर साहब आंगन में खड़े संतोष से मुस्कुराए ,

“जनता की आंखों की पट्टी हटाने का असली तरीका भाषण नहीं, स्वाद होता है।”

बाकी तो भाई, रंगों का त्योहार है।

किसी को गुलाल चढ़ा, किसी को सच्चाई।

*होली है… बुरा न मानो, होली है!*

*छिछोरा टाइम्स* 

*प्रधान संपादक* 

*बीरेंद्र सिंह"ओजस्वी"*

*अनूपपुर मध्य प्रदेश*

 मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के द्वारा जिला प्रशासन को टेंट उखाड़ने के संबंध में धन्यवाद ज्ञापित कर फूलों की गुलदस्ता भेंट की गई




अनूपपुर। जिले में 12 फरवरी 2026 से जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल मंगलवार को उस समय उग्र हो गई जब प्रशासन द्वारा  टेंट उखाड़ फेंकने का कार्य किया गया।

कोतमा, अनूपपुर, जैतहरी एवं पुष्पराजगढ़ तहसीलों के पटवारियों द्वारा 10 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन अब प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गई है। मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा धरना प्रदर्शन स्थल पर लगाया गया टेंट हटाए जाने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया।

पटवारी संघ पहले ही सशर्त सामूहिक इस्तीफा तहसीलदार को सौंप चुका है। संघ का कहना है कि समस्याओं के समाधान के बजाय हड़ताल समाप्त कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। व्यक्तिगत नोटिस जारी करने, सेवा समाप्ति और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी से कर्मचारियों का मनोबल तोड़ा जा रहा है।

जिला अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, बल्कि शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहें कर्मचारियों का टेंट उखाड़कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक एवं सम्मानजनक निर्णय नहीं लिया गया तो बुधवार को जिले घेराव किया जाएगा। 

प्रशासन की निष्क्रियता को देखते हुए समस्त पटवारी एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी अनूपपुर पहुंचकर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर व्यापक धरना-प्रदर्शन किया एवं टेंट हटाने के संबंध में धन्यवाद ज्ञापित कर फूलों का गुलदस्ता सौंपा गया।

*हड़ताल से हुआ प्रभावित कार्य*

हड़ताल के चलते नमांतरण ,बंटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम, गिरदावरी, जाति प्रमाण पत्र, विभिन्न प्रकरणों की जांच प्रतिवेदन सहित अनेक राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 10 सूत्रीय मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर उग्र कदम भी उठाए जाएंगे।

 *असेंबली ऑफ एम पी जर्नलिस्ट्स का प्रांतीय सम्मेलन सम्पन्न


*

*अग्रवाल बोले—पत्रकारों की समस्याएँ सेतू बनकर सीएम तक पहुँचाएँगे*

राधावल्लभ शारदा  पुनः निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित 

भोपाल। रविवार को तुलसीनगर स्थित नर्मदीय समाज भवन में असेंबली ऑफ एम पी जर्नलिस्ट्स का प्रांतीय सम्मेलन उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भगवानदास सबनानी जी, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल जी तथा वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा जी उपस्थित रहे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में संगठन के चुनाव की प्रक्रिया चुनाव अधिकारी माखन विजयवर्गीय की देखरेख में प्रारंभ की गई। नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभिन्न पदों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी की गई तथा उन्हें सुरक्षित रखा गया। प्रांतीय अध्यक्ष पद के लिए अधिकांश पत्रकारों ने पुनः राधावल्लभ शारदा जी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। साथ ही नई कार्यकारिणी के गठन का पूर्ण अधिकार भी उन्हें प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह के उपरांत प्रांतीय अध्यक्ष पद की औपचारिक घोषणा की गई। पदभार ग्रहण करते ही शारदा ने संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व से गठित सभी प्रकोष्ठों, संभागीय अध्यक्षों तथा संभागीय कार्यकारिणियो को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाया जा सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा जी ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है और उसे धर्म, समाज तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक पत्रकारिता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, तभी समाज में विश्वास कायम रहेगा।

मुख्य अतिथि विधायक भगवानदास सबनानी जी ने कहा कि पत्रकार चाहे छोटा हो या बड़ा, उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गांवों में छोटे अखबार भी चाय-पान की दुकानों तक पहुंचकर शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हैं और स्थानीय समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र की खबरों पर नजर रखते हैं और आवश्यकतानुसार अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश देते हैं।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आशीष अग्रवाल जी ने अंचल के पत्रकारों की समस्याओं और कठिनाइयों को गंभीर बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें जमीनी स्थिति का बेहतर अनुभव हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन की ओर से रखी गई सभी मांगों और चिंताओं को वे स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और पत्रकारों को संतोषजनक समाधान दिलाने का प्रयास करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया तथा पत्रकारों ने संगठन को मजबूत बनाने और पत्रकार हितों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। सम्मेलन शांतिपूर्ण और सफल वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन राखी बाला सिंगारे ने किया वहीं मंच पर अतिथियों का सम्मान रेणु नत्थानी, प्रियंका गौर ने किया। जबकि सहभोज की संपूर्ण व्यवस्था ललित शारदा  और व्यंकटेश शारदा ने संभाली, जबकि अन्य मंच कार्यों एवं स्वागत आदि के लिए पत्रकार संतोष साहू, नन्हे भैया और राकेश सक्सेना ने जवाबदारी निभाई। 

इस दौरान मप्र के रीवा, सतना, उमरिया, शहडोल, नरसिंहपुर, मंडला सहित 35 से अधिक जिलों के पदाधिकारी पत्रकार मौजूद रहें।

मां सरस्वती को नमन,

मंचासीन हमारे अथिति,

अथिति देवो भव,

सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों और आमंत्रित मित्रों को नमन,

परंपरा से हटकर मैं आपके सामने उपस्थित हूं अमूमन कार्यक्रम के अध्यक्ष अतिथिओं के उद्वोधन के बाद अपने विचार व्यक्त करते हैं।

परंतु यह कोई राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है यह कार्यक्रम उन लोगों का है जो सरकार और जनता के मध्य देवर्षि नारद की भूमिका निभाते हैं। जो जनता के दुःख दर्द को सरकार के सामने रखता है मैं उनकी समस्याओं को हल करने के लिए हमारे मेहमानों के सामने रख रहा हूं।

पूरे देश का श्रमिक आभारी हैं देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी का जिनकी सरकार ने श्रमिकों की कठिनाइयां को लेकर सजग प्रहरी की तरह श्रम कानूनों में संशोधन किए गए हैं।

सबसे महत्वपूर्ण संसोधन श्रमिक को नियुक्ति पत्र जारी किया जाना है। यह नियम लागू होता है पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों के लिए भी।

2 - पत्रकारों के मित्र कम और दुश्मन कई लोग होते हैं पत्रकार उनके कामों पर उंगली उठाते हैं मतलब समाचार पत्रों में प्रकाशित करते हैं।वस दुश्मनी का कारण उनकी कमी को उजागर करना है। अपनी कमी को छुपाने के लिए पत्रकार पर झूठे आरोप लगाकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा देता है बस यही से पत्रकार और उसका परिवार प्रताड़ित होता है इससे बचाव के लिए गृहविभाग के आदेश है परंतु उस पर अमल नहीं होता है। इसीलिए पिछले कुछ सालों से पत्रकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग हो रही है हमें उम्मीद है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री  मोहन यादव जी इस बात को प्राथमिकता पर पूरा करेंगे।

3 - अब मैं व्यक्तिगत रूप से खुद पर उंगली उठा रहा हूं, मुझे मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी आवास दिया है मैं तो नियमित रूप से किराया जमा कर रहा हूं परन्तु?

हमारी लम्बे समय से मांग है कि भाड़ा क्रय योजना के तहत सरकार आवास योजना बनायें और ये आवास टी टी नगर क्षेत्र में बने,टी टी नगर में आवासों के निर्माण में लागत कम होगी कारण सड़क, बिजली, पानी,सीवेज पर खर्च नहीं होने से लागत कम होगी जिससे पत्रकार आसानी से ले सकते हैं।

प्रत्येक जिले में शासकीय चिकित्सालय में पत्रकारों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए दो पत्रकार प्राइवेट वार्ड सर्व सुविधा युक्त बनें जिसका किराया नहीं लिया जायें।

6 - जिला स्तर पर पत्रकारों के बैठने के लिए एक 400 व्यक्तियों के बैठने हेतु अथवा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कम्युनिटी हाल बने जो जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के अधीन हो और प्रेस क्लब के नाम पर जमीन और सांसद अथवा विधायक निधि से राशि नहीं दी जाय,कई उदाहरण हैं कि प्रेस क्लब भवन विवाद की जड़ है उसका प्रत्यक्ष उदाहरण भोपाल का पत्रकार भवन है।

7 - छोटे समाचार पत्रों को सरकार द्वारा प्रति माह कम से कम रुपए 20 हजार का विज्ञापन जारी करें जिसकी प्रसार संख्या 2000 हजार हो।उस समाचार पत्र के मालिक को समाचार लिखना आना चाहिए। मिनिमम क्वालिफिकेशन ग्रेजुएट होना चाहिए।

9 - राज्य सरकार द्वारा बीमा योजना जारी है इसमें ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को भी रखा जाना चाहिए जिनके पास संस्थान का नियुक्ति पत्र एवं वेतन दिया जाता है।

कहने और करने के लिए बहुत कुछ है।

एक संगठन का अध्यक्ष होने के नाते मेरा पहला लक्ष्य ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को नियुक्ति पत्र एवं वेतन का है।

और इस कार्य के लिए मेरा भ्रमण शीघ्र ही शुरू होगा और इसमें मुझे जिला जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक श्रम अधिकारी के साथ की आवश्यकता है।

सरकार मुझे इस कार्य के लिए जनसंपर्क विभाग के द्वारा सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश करें।

 पी आर टी महाविद्यालय में भव्य लैम्प लाइटिंग सेरेमनी एवं वार्षिकोत्सव सम्पन्न





“लैम्प लाइटिंग सेरेमनी सेवा और समर्पण का भाव जागृत करती है” – डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी

अनूपपुर । नगर स्थित पीआर टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा लैम्प लाइटिंग सेरेमनी एवं वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में सम्पन्न हुआ। प्रथम सत्र लैम्प लाइटिंग सेरेमनी तथा द्वितीय सत्र वार्षिकोत्सव के रूप में आयोजित किया गया।

प्रथम सत्र : रैम्प लाइटिंग सेरेमनी

प्रातः 11 बजे प्रारंभ हुए इस सत्र को नर्सिंग की जनक एवं प्रणेता फ्लोरेंस नाइटिंगेल को समर्पित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर वंदेमातरम् गीत के साथ हुआ।

इस अवसर पर नर्सिंग के विद्यार्थियों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के आदर्शों का अनुसरण करते हुए बिना किसी भेदभाव के रोगियों एवं उनके परिजनों की सेवा करने की शपथ ली।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री उत्कृष्ट शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सक्सेना रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी डॉ. आर.पी. सोनी, शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय अनूपपुर की प्राचार्य श्रीमती रेणु सिंह, श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कीर्ति क्रांति के संपादक मनोज कुमार द्विवेदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पीआर टी महाविद्यालय के संचालक, भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला अनूपपुर के सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी ने की।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि रैम्प लाइटिंग सेरेमनी नर्सिंग विद्यार्थियों में सेवा, त्याग एवं समर्पण का भाव जागृत करती है। कार्यक्रम में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

द्वितीय सत्र : वार्षिकोत्सव

          अपराह्न 2 बजे से आयोजित द्वितीय सत्र वार्षिकोत्सव के रूप में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. शिवकुमार मिश्र एवं डॉ. संदीप खरे सहित विभिन्न गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संचालक राजेन्द्र प्रसाद तिवारी द्वारा की गई।

अतिथियों के स्वागत उपरांत संस्था के संचालक डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी ने स्वागत भाषण एवं महाविद्यालय का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं प्रतिभा संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं। नशामुक्ति एवं वीर शहीदों पर आधारित लघु नाटिकाएँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। वर्ष भर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अतिथियों को शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

कार्यक्रम की रूपरेखा निर्माण एवं सफल संचालन में विद्यार्थियों सौरभ गुप्ता, आयुष मिश्रा, निशि पनाडिया, कीर्ति सिंह सहित समस्त विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्राध्यापक रणविजय साही, श्वेता सिन्हा, श्रेयपाल, आकांक्षा द्विवेदी, अशोक मिश्रा, रवि त्रिपाठी, अंजना साहू एवं दीपिका श्रीवास्तव ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन पीआर टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के मैनेजर विजय तिवारी के द्वारा किया गया ।


 *शादी का झांसा देकर नवयुवती का शारीरिक शोषण का आरोपी कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी.  नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 19 वर्षीय नवयुवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के अपराध में आरोपी शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है।

थाना कोतवाली अनूपपुर क्षेत्रांतर्गत निवासी 19 वर्षीय नवयुवती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला जिला शहडोल ने मित्रता की और शादी करने का विश्वास दिलाकर पिछले एक साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। जो उक्त रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 105/26 धारा 69 बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद , आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी शिवम महरा पिता विजय महरा उम्र 21 साल निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है।

 डॉ. शरद मिश्र : काव्यमहारथी सम्मान, डॉ. नीरज श्रीवास्तव : कबीर अलंकरण सम्मान से नवाजे गये, श्रीमती अमिधा शर्मा, भिलाई एवं श्रीमती संगीता शुक्ला, शहडोल को प्राप्त हुआ हिन्दी साहित्य रत्न सम्मान



 

बालाघाट । संस्कृति व साहित्य शोध समिति मध्यप्रदेश के चतुर्थ साहित्य अधिवेशन का भव्य समारोह ‘सृजन महोत्सव 2026 ‘ का आयोजन विगत दिनों बालाघाट में 8 फरवरी को सम्पन्न हुआ । वरिष्ठ साहित्यकार ,सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं शताधिक कृतियों के सर्जक डॉ. शरद मिश्र को उनके साहित्यिक योगदान के लिये ‘काव्य महारथी सम्मान 2026‘ प्रदान किया गया । 

 डॉ. नीरज श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष हिन्दी, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर की प्रबंधात्मक कृति ‘नर्मदा के मेघ‘ महाकाव्य को ‘कबीर अलंकरण 2026‘ से सम्मानित किया गया । मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा चयनित, नौ सर्गो में निबद्ध महाकाव्य में मॉ नर्मदा के पौराणिक एवं धार्मिक आख्यान,उनका प्राकट्य, अमरकंटक का प्राकृतिक सौन्दर्य, हरे-भरे तटों, अमूल्य वनौषधियॉ, एवं नैसर्गिक मेघमय सुषमा के अप्रतिम सौन्दर्य का कवि ने अत्यंत मनोहारी चित्रण किया है ।

श्रीमती अमिधा शर्मा, भिलाई को उनके उपन्यास लेखन के लिये और कवियित्री श्रीमती संगीता शुक्ला, शहडोल को ‘हिन्दी साहित्य रत्न सम्मान‘ प्रदान किया गया है  

‘सृजन महोत्सव 2026 ‘ छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री गोविन्दपाल, प्रयागराज से आदित्य अभिनव श्रीवास्तव, बालाघाट के डॉ. एल. सी. जैन,  अशोक कुमार सिहांसने, श्री प्रेम प्रकाश त्रिपाठी,  अजय कुमार जैन, श्रीमती प्रमिला बिजेवार, श्री सुरेश भाई टांक,  लक्ष्मी जैन,  शलुगांधी सहित देश के विभिन्न अंचलों से आये साहित्यकारों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही ।


पटवारी का वेतन रोके जाने एवं अनावश्यक कार्यवाही से प्रताड़ित जिले के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर


अनूपपुर । अनूपपुर जिले के मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के द्वारा दिनांक 04.02.2026 को दिए ज्ञापन के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किए जाने पर  दिनांक 12.02.2026 से जिले के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल  एवं धरना प्रदर्शन कर रहे हैं l

बोर्ड परीक्षा में पटवारी की ड्यूटी कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में लगाई गई थी उसको भी करने से किया इनकार पटवारी की मुख्य मांग है जनवरी माह का वेतन जो जिला प्रशासन द्वारा पूरे माह कार्य  कराएं जाने के बाद माह के अंतिम तारीख को रोक दी जाती है यह आदेश पिछले 5 महीना से लगातार किया जा रहा है ।

पटवारी संघ जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश अनुसार सभी कार्य हम करते आ रहे हैं यहां तक की दिनभर काम करो, टारगेट पूरा करो और शाम को 10:00 तक मीटिंग में उपस्थित होना उसके बावजूद भी पटवारियों के ऊपर अर्थ दंड एवं निलंबित करने का प्रक्रिया लगातार करना जिससे हम सभी पटवारी प्रताड़ित हैं दुखी है इन सभी बातों को लेकर हमने कलेक्टर महोदय को ज्ञापन भी दिया था जिस पर किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं किया गया ना तो समस्या का समाधान किया गया जिससे जिले के हम समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे एवं धरना प्रदर्शन करते रहेंगे ।

 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन


अनूपपुर ।प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में “जैव विविधता की स्थिति एवं संरक्षण नीतियों में नवीन रुझान” विषय पर 6 फरवरी - 7 फरवरी 2026  को,दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ ।  संगीत साधक  ऋषिराज सिंह के संगीत संयोजन में स्वागत गीत की प्रस्तुति की गई । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का सफल संचालन डॉ. नीरज श्रीवास्तव विभाग अध्यक्ष हिंदी द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अनिल कुमार सक्सेना ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों स्वागत करते इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त किया कि भारतवर्ष के विभिन्न प्रांतों से  आधिकारिक संख्या में पधार कर,  इस दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी को सफल बनाया । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की संयोजक डॉ राधा सिंह विभाग अध्यक्ष वनस्पति शास्त्र में सभी अतिथियों का विस्तार पूर्वक परिचय कराया। सेमिनार का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, तथा संरक्षण नीतियों में हो रहे नवीन परिवर्तनों एवं शोध-आधारित दृष्टिकोणों पर गंभीर विमर्श करना था।

सेमिनार में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए विषय-विशेषज्ञों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पं. शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रो. रामशंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैव विविधता का संरक्षण मानव जीवन और भविष्य की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। संरक्षण नीतियों में नवीन रुझानों, तकनीकी नवाचारों तथा शोध आधारित समाधानों को अपनाकर ही पर्यावरणीय संकट का समाधान संभव है। विशिष्ट वक्ताओं में रमाकांत पाण्डेय (प्रो. बीआईटी पटना), डॉ. नेतराम कौरव( सहा. प्रा. शासकीय होल्कर साइंस महाविद्यालय), डॉ. देवेन्द्र कुमार पटेल(प्रो. गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर), डॉ अवधेश कुमार श्रीवास्तव (प्रो. शा.डीटीपीजी कॉलेज दुर्ग), आदित्य अभिनव डॉक्टर क श्रीवास्तव  (विभाग अध्यक्ष हिंदी, भवंस, मेहता महाविद्यालय कोशांबी, उत्तर प्रदेश) ने जैव विविधता के वर्तमान संकट, जलवायु परिवर्तन, मानव गतिविधियों के प्रभाव, तथा संरक्षण रणनीतियों की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें जैव विविधता के घटते स्तर, जनजातीय क्षेत्रों की जैव विविधता, सतत विकास एवं नीति-निर्माण जैसे विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। 

समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. आशीष तिवारी की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामई उपस्थिति रही। कुलसचिव महोदय ने सेमिनार के सफल आयोजन की सराहना करते हुए आयोजक समिति को शुभकामनाएँ दीं तथा ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। समापन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि  दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार अत्यंत सार्थक एवं ज्ञानवर्धक रहा, इस सेमिनार के माध्यम से देश के विभिन्न भागों से आए विद्वानों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण के विविध आयामों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्राप्त हुआ।

समापन सत्र में सेमिनार की रिपोर्ट आयोजन सचिव डॉ. राधा सिंह, सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र द्वारा प्रस्तुत की गई तथा विशिष्ठ अतिथिओं के द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। महाविद्यालय प्रशासन ने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों तथा समस्त सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यह संकल्प भी लिया गया कि जैव विविधता संरक्षण हेतु जागरूकता एवं शोध कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।

 विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा केंद्रीय बजट: प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह


अनूपपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला अनूपपुर के द्वारा 7 फरवरी शनिवार को  जिला भाजपा कार्यालय में केंद्रीय बजट को लेकर पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया ।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह  ने भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम के उपस्थिति में केंद्रीय बजट 2026-27 के विषय में पत्रकार वार्ता को संबोधित  किया ।

पत्रकार वार्ता  संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह  ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज़ है। गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग और उद्यमियों के कल्याण व सशक्तिकरण के प्रावधान बजट में किए गए हैं। यह सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की भावना को दर्शाता है, जो मध्यप्रदेश सहित देश को 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। केंद्रीय बजट को राजनीति के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नजर से देखना आवश्यक है। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ा कर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है। यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में होगा उल्लेखनीय सुधार

स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी शून्य कर दी गई है। एक लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स की नियुक्ति, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिला अस्पतालों का उन्नयन कर उनमें ट्रामा सेंटर स्थापित करने संबंधी प्रावधान स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार लाएंगे। महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल, डेढ़ लाख केयर वर्कर्स और पेंशनर्स को सुविधाएं देने का भी प्रावधान है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

यह बजट भारत को आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, और बजट 2026 उसी भरोसे और दूरदृष्टि का प्रमाण है। यह केंद्रीय बजट देश के आर्थिक विकास के साथ “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की रफ्तार को भी दिखा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत केंद्रीय बजट तात्कालिक प्रभाव से अधिक अगले 10-20 वर्षों में भारत की दिशा तय करने वाला है। यह बजट सशक्त भारत की नींव को और मजबूती प्रदान करेगा। 

युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका

श्रीमती सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट में 15 हजार माध्यमिक शालाओं में कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना, आईआईएम के सहयोग से 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार करने और ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से खेलों को प्रोत्साहन देने की घोषणाएं की गई हैं। क्रिएटर लैब युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों का बजट सिर्फ लोक लुभावन रहता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का यह बजट दूरदर्शी और विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने वाला है।

 पत्रकारों के द्वारा अनूपपुर जिले के स्थानीय विकास एवं मुद्दों को लेकर चर्चा हुआ  श्रीमती सिंह जी ने पत्रकारों के सवालों का भी बखूबी जवाब दिया है। 

पत्रकार वार्ता कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय बजट 2026-27 के जिला संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र भट्ट , जिला महामंत्री सिद्धार्थ शिव सिंह, श्यामनारायण शुक्ला, जिला मीडिया सह प्रभारी श्रीराम केवट एवं इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार साथी उपस्थित रहें ।

 मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर  विभिन्न समस्याओं  के संबंध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन




दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो  09 फरवरी से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर सामूहिक अवकाश व होगी अनिश्चित कालीन हड़ताल 

अनूपपुर । मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर में कलेक्टर को अवगत कराया कि जिला-अनूपपुर में पदस्थ पटवारी अपनी सेवा का निर्वहन पूरी निष्ठा से लगातार कर रहे है परन्तु उनके कार्य के दौरान आने वाली कुछ न्यायोचित समस्याएं है जिनका निराकरण किया जाना अतिआवश्यक है ।

 अनूपपुर जिले की समस्त तहसीलों में विगत 100 दिवस से अधिक समय से एवं रविवार व अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में भी शाम 6:00 बजे से रात 9 या 10:00 तक बैठक का आयोजन किया जा रहा है जो नियम विरुद्ध होकर पटवारी को प्रताड़ित करने की योजना बन चुका है ऐसी योजना का हम विरोध करते हैं और असमय बैठक करने से पटवारी के सामान्य जीवन एवं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और उसकी कार्य क्षमता घट चुकी है विभिन्न पारिवारिक आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं केवल एक शाम की बैठक में न जाने पर तीन दिवस का वेतन मन माने ढंग से काटा जा रहा है इस प्रकार प्रशासन ‌द्वारा बर्बरता पूर्वक मनमानी ढंग से पटवारी के पीठ के साथ-साथ पेट पर भी मारी जा रही है जो अधिकारियों को शोभा नहीं देता है इस प्रकार अपने छोटे कर्मचारियों पर नियमों को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसा लगता है सभी नैतिक एवं सामाजिक मूल्य मृत हो चुके हैं और केवल बदले की भावना से कार्य करना ही उद्देश्य रह गया है अब परिस्थितियां अत्यंत भयावह हो चुकी हैं हम ऐसी स्थिति का पुरजोर विरोध करते हैं।

जियो टैग गिरदावरी शासन द्वारा लगभग 3 वर्षों से सर्वेयर ‌द्वारा गिरदावरी करवायी जा रही है, परन्तु

सर्वेयर को मानदेय भुगतान ना होने के कारण वे कार्य नहीं कर रहे हैं जिस कारण से गिरदावरी अंततः पटवारी को करनी पड़ रही है जहां एक सर्वेयर द्वारा आपेकतम 1000 खसरे की गिरदावरी का प्रावधान है परन्तु उनके द्वारा कार्य ना किये जाने के कारण पटवारी को अपने सारे हल्कों के सारे गांवों में स्वयं गिरदावरी करनी पड़ रही है जहां खसरों की संख्या लगभग 5 से 10 हजार है और ऐसी स्थिति में खसरा आधारित जिओटैग गिरदावरी किया जाना संभव नहीं है अतः आपसे निवेदन है कि पटवारी की आईडी से खसरे आधारित जिओटैग हटाई जाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी करवाये जाने का प्रावधान किया जाए।

फार्मर आई डी- फार्मर आई पटवारी के साथ-साथ सी एस सी सेंटर, एमपी ऑनलाईन से बनवाई जा रही है

जिनका उन्हें भुगतान भी किया जा रहा हैं, पर शासन द्वारा पटवारी को इस संबंध में दबाव दिया जा रहा है जो अनुचित है, साथ ही इसमें अनेक विसंगतियां है जैसे कई खातेदार व सहखातेदारों का अन्यत्र निवास करना, पोर्टल पर उपलब्ध डाटा त्रुटिपूर्ण होना, आई डी बन जाने के बाद भी पेंडिंग सुची में खसरे पेंडिंग दिखाई देना, कई खसरे आई डी बनाने हेतु पोर्टल पर उपलब्ध ना होना, किसान के आधार से उसका मोबाइल नंबर लिंक ना होना और किसान द्वारा ओटीपी ना देना आदि। इन सारी समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द किया जाये और इस कार्य हेतु अनावश्यक दबाव बनाकर एवं कार्यवाही करके पटवारी साथियों को प्रताड़ित ना किया जाए।

नवोदित पटवारियों को 100 प्रतिशत सैलरी नवनियुक्त पटवारी साथियों को नियुक्ति पत्र वितरण के समय

तात्कालीन मुख्यमंत्री महोदय ‌द्वारा यह घोषणा की गई थी कि नवनियुक्त पटवारियों को नियुक्ति दिनांक से ही २०० प्रतिशत सैलरी दी जायेगी परन्तु शासन द्वारा यह आदेश आज दिनांक तक लम्बित है परन्तु वर्तमान "में माननीय हाईकोर्ट जबलपुर से म.प्र. के शासकीय कर्मचारियों के हित में ये आदेश पारित किया गया है कि जो पटवारी साथी 70, 80, 90 प्रतिशत सैलरी के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें 100 प्रतिशत सैलरी दी जाए और शेष राशि का एरियर जल्द दिया जाये। अतः इस आदेश के परिपालन में भ.प्र. में पदस्थ सभी नवोदित पटवारी

जिला प्रशासन के द्वारा पटवारी को स्पष्ट तौर पर निशाने में लिया जा रहा है पटवारी की गलती है या नहीं इसकी जांच किए बिना उनके ऊपर अत्यधिक मात्रा में मनमाने अर्थदंड अध्यारोपित करने के आदेश प्रसारित किया जा रहा हैं, बिना कार्य करने का अवसर दिए ही समीक्षा की जाती है जिससे अपेक्षित प्रगति स्वाभाविक रूप से कम होती है फिर सीधे निलंबन कर दिया जाता है जांच किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है ऐसी समस्त नियम विरुद्ध कार्रवाई वापस लिया जाए ।

 वर्तमान समय में जिले व राज्य में फार्मर रजिस्ट्री एवं उसकी बकेटिंग का कार्य किया जा रहा है राज्य शासन द्वारा उपरोक्त कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए तथा गांव-गांव टोले- टोले मजरे -मजरे पर कैंप आयोजित करने के लिए राशि का प्रबंध किया गया है किंतु फार्मर रजिस्ट्री कार्य के लिए कैंप आयोजन के संबंध में जिला अनूपपुर में ऐसा कोई आदेश प्रसारित नहीं किया गया है ताकि पटवारी के गांव पर कैंप के माध्यम से किसानों की फॉर्म रजिस्ट्री और उसके बकेटिंग का कार्य किया जाए आखिर यह बजट कहां पर रखा हुआ है और भविष्य में इसकी क्या उपयोगिता होगी क्या यह स्वामित्व योजना की तरह जिले को प्राप्त प्रत्येक गांव 7500 की तरह लैंप्स हो जाएगा जिसका संपूर्ण काम पटवारी द्वारा अपनी जेब से कराया गया था किंतु आज तक उसका भुगतान पटवारी को लंबित है प्रदेश के अन्य जिलों में उपरोक्त भुगतान पटवारी को किया जा चुके हैं।

लघु सिंचाई एवं कृषि संगना का कार्य पूर्व में जिले में किया जा चुका है किंतु उसका भुगतान आज तक लंबित है ऐसा क्यों है की सारी योजनाओं पर जिले अनूपपुर में पटवारी द्वारा कार्य किया जाता है किंतु उसका भुगतान अंतिम समय तक नहीं किया जाता है आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या उस पर जिला प्रशासन कोई अर्थ दंड कार्यवाही प्रस्तावित करेगा यह एक प्रश्न है या केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खाना पूर्ति कर दी जावेगी ।

पटवारी के वेतन के संबंध में समस्त प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञात होना चाहिए की पटवारी दौड़-दौड़कर 14 घंटे कार्य करता है जब उसके वेतन देने की बारी आती है तो विगत पांच माह से चौथी बार महीने के अंतिम तारीख को माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा जिले के समस्त पटवारी का वेतन रोकने जाने का आदेश प्रसारित किया जाता है विचार करने योग्य बात यह है कि क्या पटवारी द्वारा प्रतिदिन 14-14 घंटे कार्य करने के पश्चात भी क्या जिले में एक पटवारी भी ऐसा नहीं है जो जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप अपेक्षित प्रगति को प्राप्त कर लिया है यदि सच में ऐसा नहीं है तो यह अपने आप में जिला प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह है उन्हें स्वयं भी अपना वेतन प्राप्त करने का अधिकार नहीं है ।

 वेतन कटौती/निलंबन वर्तमान में कार्य की अधिकता, आकस्मिक व अवकाश के दिनों भी मीटिंग के चक्कर में मानसिक दबाव के चलते मानवीय त्रुटि हो जाती हैं। उस पर उदार पूर्ण रवैया बरतते हुये की गई कार्यवाहियों को तत्काल अपास्त कर विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखे जाने के निर्देश दिये जाने चाहिये।

उपरोक्त दिए गए बिंदु पर जिला प्रशासन को अब विचार करने की आवश्यकता छोड़ कार्रवाई करने की आवश्यकता है यदि उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल चरणबद्ध आंदोलन करने हेतु बाध्य होगा ।

उक्त के संबंध में कलेक्टर अनूपपुर को अवगत कराना है कि जिले अनूपपुर के ज्ञापन में शामिल बिंदुओं का दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो दिनांक 09/02/2026 सोमवार से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार का सामूहिक अवकाश व् उसके पश्चात अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने हेतु विवश होंगे इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ।


 *कोतवाली अनूपपुर पुलिस के तत्परता पूर्वक सोशल मीडिया में किये गये प्रयासों से मानसिक रूप से अस्वस्थ भटकती मिली नवयुवती को छत्तीसगढ निवासी परिजनो को सौंपा


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी. अनूपपुर  सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा तत्परता पूर्वक सोशल मीडिया में किये गये प्रयासों से मानसिक रूप से अस्वस्थ भटकती मिली नवयुवती को छत्तीसगढ निवासी परिजनों से मिलवाया गया है।

गुरूवार दिनांक 05.02.2026 की रात्रि करीब 09.00 बजे डायल 112 सर्विस के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि अनूपपुर में अमरकंटक रोड पर जेल बिल्डिंग के पास एक 20 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ नवयुवती भटक रही है जो अपना नाम पता नहीं बता पा रही है। उक्त सूचना पर तत्काल पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर उक्त नवयुवती को सुरक्षित महिला डेस्क कोतवाली लाया जाकर भोजन  - पानी एवं रुकने की व्यवस्था की गई।

टी.आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन, महिला उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, महिला आरक्षक कविता विकल एवं आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा उक्त नवयुवती की फोटो सोशल मीडिया में जारी किये गये जो छत्तीसगढ़ के मरवाही (जिला जी.पी.एम.) के अंतर्गत ग्राम उसाड़ निवासी माता पिता तक सोशल मीडिया से बच्ची की जानकारी पहुंची जिनके आज सुबह थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचने पर कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा मानसिक रूप से अस्वस्थ नवयुवती को सकुशल माता पिता को सौंपा गया। नवयुवती के पिता   शिवकुमार पाव ने बताया कि उनकी बेटी कुमारी रामकली पांव जन्म से ही मानसिक रूप से स्वस्थ है एवं बोल समझ नहीं पाती है जो दिनांक 26.01.2026 को उक्त नवयुवती मानसिक संतुलन ठीक ना होने से बिना बताये घर से चली गई थी और जिसका कोई पता नहीं चल रहा था। नवयुवती के माता-पिता  ने कोतवाली अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया है।

 अनूपपुर भाजपा जिला कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक 7 फरवरी को


 

अनूपपुर । भारतीय जनता पार्टी जिला अनूपपुर  द्वारा विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट (VB-G RAM G) कार्यशाला सुनिश्चित की गई है, जिसमें शहडोल सम्भाग प्रभारी गौरव सिरोठिया एवं जिला प्रभारी भाजपा  मिथलेश पयासी तथा अनूपपुर भाजपा जिला अध्यक्ष  हीरा सिंह श्याम  का मार्गदर्शन प्राप्त होगा ।

भारतीय जनता पार्टी जिला उपाध्यक्ष एवं VB-G RAM G   जिला संयोजक जितेंद्र सोनी ने सभी अपेक्षित सांसद विधायक एवं मंत्री, प्रदेश का समिति सदस्य जिला पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी मंडल महामंत्री, नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष  ,सभी मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं महामंत्री , (VB-G RAM G) मण्डल संयोजक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्य , जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य , पूर्व मंडी अध्यक्ष एवं सदस्य , पूर्व सहकारी समिति अध्यक्ष एवं सदस्य , जलाशय समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्यों से 7 फरवरी दोपहर 1 बजे भाजपा कार्यालय में उपस्थित होने के लिए अपील की है ।

 अमरकंटक तक रेल विस्तार और औद्योगिक विस्तार से खुलेगा विकास का नया गलियारा


वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की रिपोर्टिंग और ‘कक्का की चौपाल’ में उठे सवालों पर बजट की मुहर

तीर्थ, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, IGNTU अमरकंटक सहित पूरे अंचल को होगा बहुआयामी लाभ

अनूपपुर

 जिले के वरिष्ठ वकील अनूपपुर विकास मंच के सक्रिय पदाधिकारी वासुदेव चटर्जी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि विकास की दिशा अक्सर सत्ता के गलियारों से नहीं, बल्कि ज़मीन से उठे सवालों से तय होती है। अनूपपुर–शहडोल अंचल में वर्षों से रेल कनेक्टिविटी को लेकर उठती आवाज़, वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की निरंतर न्यूज़ रिपोर्टिंग और उनके स्थायी जन पक्षीय कॉलम ‘कक्का की चौपाल’ में बार-बार रखे गए मुद्दों का ही परिणाम है कि अमरकंटक तक रेल विस्तार का लगभग 17 वर्ष पुराना सपना अब साकार होता दिख रहा है। रेल बजट 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) द्वारा शामिल किए गए नए रेल सर्वे प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि जब मुद्दे ईमानदारी से उठाए जाते हैं, तो सरकारें उन्हें सुनती भी हैं और सार्वजनिक हित में स्वीकार भी करती हैं।

रेल बजट में शामिल प्रस्तावों ने न केवल अमरकंटक बल्कि पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल के विकास को नई दिशा देने की उम्मीद जगा दी है। यह फैसला वर्षों से कक्का की चौपाल, अख़बारों के कॉलम, जनसंवाद और जनप्रतिनिधियों की बैठकों में उठते उस बुनियादी सवाल का जवाब है कि खनिज, जंगल, तीर्थ और श्रम देने वाला यह क्षेत्र क्या हमेशा रेल नक्शे के हाशिये पर ही रहेगा।

धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्वविख्यात नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक अब तक रेल सुविधा से वंचित रहा है, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रेल बजट दस्तावेज़ में पेंड्रा–अमरकंटक–डिंडोरी–मंडला–घंसौर लगभग 200 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के लिए रिकॉनिसेंस इंजीनियरिंग कम ट्रैफिक सर्वे को स्वीकृति दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 0.50 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके साथ ही जबलपुर–पेंड्रा वाया डिंडोरी (240 किमी) नई रेल लाइन के सर्वे को भी शामिल किया गया है, जिससे महाकोशल, आदिवासी अंचल और उत्तरी छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने की संभावना बनी है।

शहडोल जिले के लिए जयसिंहनगर–शहडोल (50 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे प्रस्ताव उस क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां कोयला, बॉक्साइट ,पत्थर, रेत, प्राकृतिक गैस, पॉवर प्लांट, जंगल और श्रम संसाधन तो हैं, लेकिन परिवहन कनेक्टिविटी वर्षों से सीमित रही है। वहीं अनूपपुर को इस बजट में केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि रणनीतिक जंक्शन के रूप में देखा गया है। अंबिकापुर–गढ़वा (170 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे, अनूपपुर फ्लाईओवर पसला बाई पास रोड से हार्री रेलवे फाटक तक और पेंड्रा रोड–शहडोल मल्टी ट्रैकिंग जैसे प्रस्ताव यह संकेत देते हैं कि अनूपपुर भविष्य में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेल केंद्र बन सकता है।

इसके साथ ही झारसुगुड़ा–चांपा–बिलासपुर सेक्शन में फ्लाईओवर, ग्रेड सेपरेटर और मल्टी ट्रैकिंग को प्राथमिकता देकर मालगाड़ी और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को गति देने की रणनीति भी सामने आई है, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल को मिलेगा।

इस पूरी रेल योजना के पीछे वर्षों की निरंतर पहल जुड़ी रही है। 2009 में वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय ने अपने लेखों के माध्यम से पेंड्रा से अमरकंटक तक रेल विस्तार का दूरदर्शी विचार सार्वजनिक विमर्श में रखा था। बाद में तत्कालीन सांसद स्वर्गीय राजेश नंदिनी सिंह ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस मांग को मजबूती दी, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने प्रारंभिक सर्वे प्रक्रिया शुरू की। समय के साथ परियोजना की गति भले धीमी पड़ी, लेकिन मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इसे पुनर्जीवित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अमरकंटक से मंडला, डिंडोरी और नरसिंहपुर तक रेल विस्तार की मांग दोहराई। इसके परिणामस्वरूप 17 जनवरी 2025 को रेल मंत्रालय द्वारा संबंधित निदेशालय को विस्तृत जांच और सर्वे के निर्देश जारी किए गए थे, जिसे इस दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।

रेल और अधोसंरचना विस्तार का प्रभाव केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। अनूपपुर जिले में प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार के साथ मिलकर यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक ढांचे को नई मजबूती देगी। इसका सीधा और दूरगामी लाभ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक को भी मिलेगा, जहां देश के अनेक राज्यों से हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। बेहतर रेल, सड़क, परिवहन, बिजली और आवासीय सुविधाओं से छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

औद्योगिक विकास और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से विश्वविद्यालय और उद्योगों के बीच अकादमिक–औद्योगिक समन्वय की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे इंटर्नशिप, शोध, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से जनजातीय, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह विकास आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। साथ ही अमरकंटक जैसे संवेदनशील सांस्कृतिक और पर्यावरणीय क्षेत्र में संतुलित विकास से पर्यटन, शोध और सांस्कृतिक अध्ययन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

कक्का की चौपाल में वर्षों से यह कहा जाता रहा है कि

“बजट में नाम आना ही पहली जीत है, पटरी बाद में बिछती है।”

रेल बजट 2025-26 ने इसी भरोसे को लौटाने का काम किया है। भले ही अभी यह सर्वे की शुरुआत हो, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, शहडोल और अंबिकापुर अब रेल और विकास की मुख्यधारा में जगह बनाने लगे हैं। यह सिर्फ रेल परियोजनाओं की कहानी नहीं, बल्कि उस जनहितकारी पत्रकारिता और भरोसे की वापसी है, जिसकी प्रतीक्षा यह पूरा अंचल लंबे समय से कर रहा था।

 मंहगाई बढ़ाने वाला जनविरोधी बजट -जीवेन्द्र सिंह


 

अनूपपुर । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संत रविदास जयंती के दिन रविवार को बजट पेश किया गया है जबकि संत रविदास जयंती के दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित है, इससे देश की बहुसंख्यक आबादी को ठेस पहुंची है।

बजट में मध्यप्रदेश की अनदेखी हुई है एक नया पैसा भी नहीं दिया गया है जबकि मध्यप्रदेश की जनता ने भाजपा को सभी 29 सीट पर जिताया है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र की जमकर उपेक्षा की गई है सासंद महोदया बजट की एक भी उपलब्धि जनता को चाह कर भी नहीं बता सकती हैं।

केंद्रीय विश्वविद्यालय आई जी एन टी यू में मेडिकल कालेज, अभियांत्रिकी कालेज, कृषि विश्वविद्यालय हेतु बजट में प्रावधान नहीं है।

कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक भी पैसे का प्रावधान नहीं है।

जनजातीय जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा भी झूठा साबित हुआ। रेललाइन से कोयला परिवहन हेतु बिलासपुर- कटनी रेलखंड में चौथी रेल लाइन विस्तार किया जाना अति आवश्यक है परन्तु बजट में कोई उल्लेख नहीं है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र से मुंबई तक ट्रेन के लिए बजट में प्रावधान किया जाना अति आवश्यक था।

हितग्राही मूलक योजनाओं में कटौती किया गया है, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार चुप्पी साध रखी है। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में रियायत नहीं दिया गया है। महंगाई बढ़ाने वाला जनविरोधी बजट है इस बजट से छात्र, नौजवान और किसान पलायन कर मजदूरी करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।

 *अनूपपुर में आकर्षक ट्रैफिक पार्क का लोकार्पण, सड़क सुरक्षा जागरूकता को मिलेगा नया  आयाम










अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  *मोती उर रहमान (IPS)* द्वारा जिले में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बनाया गया ।

*नवनिर्मित ट्रैफिक पार्क का लोकार्पण*  

अनूपपुर के *प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार जी, जिला कलेक्ट  हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक  मोती उर रहमान एवं जनप्रतिनिधि  हीरा सिंह श्याम* द्वारा किया गया। इस दौरान अति पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी अनूपपुर, थाना प्रभारी कोतवाली,थाना प्रभारी यातायात एवं जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित रहें। 

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान  अनूपपुर प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि *सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए* यातायात नियमों की जानकारी और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। *ट्रैफिक पार्क बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक अवस्था से ही सुरक्षित सड़क व्यवहार सिखाने का प्रभावी मंच बनेगा।*

🚦ट्रैफिक पार्क में *ट्रैफिक सिग्नल, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, रोड साइन, लेन सिस्टम, राउंड अबाउट एवं अन्य यातायात संकेतों की वास्तविक संरचनाएं* विकसित की गई हैं, जिससे बच्चें और नागरिक व्यावहारिक रूप से यातायात नियमों को समझ सकें।

*ट्रैफिक पार्क में आकर्षण का केंद्र बनी आकृतियां*

  *टायरों से बने तितली और चींटी*

  *नशे की हालत में दुर्घटनाग्रस्त वाहन*

 *ब्लैक स्पॉट का चित्रण*

  *रोटरी आदि*

अनूपपुर ट्रैफिक पार्क के माध्यम से *नागरिकों एवं विद्यार्थियों* को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। एवं ड्राइविंग लाइसेंस के समय होने वाले टेस्ट में भी ट्रैफिक पार्क लाभकारी होगा।

*यातायात पुलिस अनूपपुर*

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget