मिलेट्स: स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम — कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शनnarmadanewstimes. in
मिलेट्स: स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम — कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
अनूपपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में “मिशन लाइफ: पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम” के अंतर्गत “मिलेट्स एवं इसके उत्पाद” विषय पर एक विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं स्थानीय समुदाय को मिलेट्स (श्री अन्न) के पोषणात्मक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती जी की पूजन अर्चन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ । आमंत्रित अतिथियों का बैच और पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य, डॉक्टर अनिल कुमार सक्सेना,
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक मोडनवाल, जिला प्रबंधक, आजीविका परियोजना अनूपपुर , विशिष्ट वक्ता दशरथ झरिया जिला प्रबंधक, आजीविका परियोजना रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर जे.के. संत विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र की और कार्यक्रम की संयोजक डॉक्टर प्रीति सागर मलैया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष हिंदी ने किया । मुख्य वक्ता श्री दीपक मोडनवॉल, जिला प्रबंधक आजीविका परियोजना ने अपने प्रभावी प्रस्तुतीकरण में मिलेट्स के विभिन्न प्रकार, उनके पोषक तत्वों एवं आधुनिक जीवनशैली में उनकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिलेट्स न केवल स्वास्थ्यवर्धक हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी सहायक हैं, क्योंकि इनकी खेती कम पानी एवं कम संसाधनों में संभव है।
विशिष्ट वक्ता दशरथ झरिया, जिला प्रबंधक, आजीविका परियोजना ने मिलेट्स आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर मिलेट्स प्रसंस्करण एवं विपणन के महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण दोनों की दृष्टि से मिलेट्स का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मिलेट्स को अपने दैनिक आहार में शामिल कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. प्रीति सागर मलैया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन कर रहे डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने अपनी सशक्त अभिव्यक्ति से कार्यक्रम को रोचक एवं जीवंत बनाए रखा।
कार्यशाला में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली तथा अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। सभी ने ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे समाज में स्वास्थ्य, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।































