भारत ज्योति विद्यालय के सामाजिक सेवा कार्य: दिव्यांग छात्रावास, ममता बालगृह और वृद्धाश्रम में समय बिताकर मानवीय संवेदनाओं का विकासnarmadanewstimes. in

 भारत ज्योति विद्यालय के सामाजिक सेवा कार्य: दिव्यांग छात्रावास, ममता बालगृह और वृद्धाश्रम में समय बिताकर मानवीय संवेदनाओं का विकास


































अनूपपुर । भारत ज्योति विद्यालय के कक्षा 3 और 4 के छात्रों ने एक विशेष सामाजिक सेवा कार्य के तहत दिव्यांग छात्रावास में समय बिताया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के साथ खेल खेले, गाने गाए और उनके साथ दोस्ती की। इस दौरान, कक्षा 6 और 8 के छात्रों ने वृद्धाश्रम का दौरा किया, जहां उन्होंने वृद्धजनों के साथ समय बिताया और उनके अनुभवों को सुना। इस कार्य के माध्यम से बच्चों ने समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति अपनी संवेदनाओं और समझ को गहरा किया। बच्चों ने वृद्धजनों से उनके जीवन के अनुभव सीखे और अपनी बातें भी साझा की। इस अनुभव ने बच्चों में सहानुभूति, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराया।

यह कार्यक्रम बच्चों को यह सिखाने का एक प्रयास था कि समाज के हर वर्ग के प्रति समान सम्मान और प्यार होना चाहिए, चाहे वह दिव्यांग हो या वृद्ध। यह कार्य बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

 *कक्षा 5 के छात्रों ने अनूपपुर जिले में  शैक्षिक यात्रा का अनुभव लिया*

 बच्चों ने  विभिन्न सरकारी विभागों का दौरा किया और समाज सेवा, कानून व्यवस्था और बाल कल्याण के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की। यात्रा की शुरुआत  कोतवाली अनूपपुर से हुई, जहां कोतवाली प्रभारी  अरविंद जैन जी ने छात्रों को कोतवाली की कार्यप्रणाली और पुलिस के कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। छात्रों को कोतवाली में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, जैसे हथियार और सुरक्षा जैकेट, के बारे में भी बताया गया।  जैन जी ने छात्रों को उनकी पढ़ाई पर ध्यान देने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी।

इसके बाद, छात्रों ने ममता बाल गृह का दौरा किया, जहां उन्हें यह समझाया गया कि घर छोड़ने के खतरों से बचने के लिए परिवार का समर्थन कितना महत्वपूर्ण है। इसके पश्चात, छात्रों ने आदिवासी कल्याण विभाग का दौरा किया और वहां विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में जाना, जो विशेष रूप से बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनाएं गए हैं।

यात्रा के अगले पड़ाव में, छात्रों ने एसपी कार्यालय में अतिरिक्त एसपी  जगन्नाथ मरकाम जी और डीएसपी  एन. एस. ठाकुर,एस आई मोहन राठौर से मुलाकात की।  मरकाम ने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए छात्रों को यह बताया कि कड़ी मेहनत और शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। डीएसपी  ठाकुर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्हें समाज में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की सलाह दी।इसके बाद छात्रों ने जनजातीय कल्याण विभाग का दौरा किया, जहां उन्होंने एसी श्रीमती सरिता नायक और एओ  बाजपेयी जी से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों को अनूपपुर जिले में बच्चों के कल्याण के लिए उपलब्ध सरकारी सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिले में शिक्षा और बच्चों के भविष्य को सुधारने के लिए चलाएं जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों को अपने भविष्य के लिए अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

यात्रा का अंतिम पड़ाव था बाल समिति, जहां छात्रों को बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विशेष रूप से, उन्हें "अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श" जैसे सुरक्षा उपायों के बारे में समझाया गया।

*निष्कर्ष*

 यह शैक्षिक यात्रा छात्रों के लिए एक मूल्यवान अनुभव रही, जिसमें उन्होंने समाज सेवा, कानून व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारियों को समझा। इस यात्रा ने बच्चों को न केवल उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी, बल्कि उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया।

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