Narmada News Times


*मध्यप्रदेश शासन कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने देवास शराब कांड मामले में कांग्रेस नेता पुत्र की संलिप्तता पर मीडिया को दी प्रतिक्रिया


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*-प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बिजली बिल से कर्मचारियों के वेतन तक, खर्चों के धन का स्रोत बताए कांग्रेस*

*-गंभीर मामलों में निष्पक्षता की बात करने वाली कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई करे*

*-आरोपों पर चुप्पी क्यों? जीतू पटवारी जनता को जवाब दें और कांग्रेस अपना पक्ष स्पष्ट करे*

* विश्वास कैलाश सारंग*

भोपाल । 29/10/2026 मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को देवास शराब कांड में कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के पुत्र अमन कासलीवाल की संलिप्तता पर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल करते हुए कहा कि पुलिस विवेचना में सामने आए तथ्यों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। गंभीर मामलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की बातें करने वाली कांग्रेस अपने नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर आरोप सामने आने पर चुप्पी क्यों साध लेती है? कांग्रेस को केवल दूसरों से सवाल पूछने के बजाय अपने लोगों से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। आनंद कासलीवाल और अमन कासलीवाल कांग्रेस के धरने-प्रदर्शनों में टेंट, लाइट और माइक की व्यवस्थाओं से लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बिजली बिल तथा कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्चों से जुड़े रहे हैं। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि इन व्यवस्थाओं के लिए धन कहां से आता था। क्या प्रदेश कांग्रेस कार्यालय और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों पर होने वाले खर्चों का वित्तीय पोषण इन्हीं लोगों के माध्यम से किया जाता था? यदि ऐसा था, तो इन खर्चों के लिए धन के स्रोत और संबंधित वित्तीय लेन-देन की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

*जीतू पटवारी चुप्पी साधने के बजाय जनता के सामने अपनी पार्टी का पक्ष रखें* 

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि  प्रदेश कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी के धरने-प्रदर्शनों और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के खर्चों का वित्तीय प्रबंधन किन लोगों के माध्यम से किया जाता रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को इसका जवाब देना चाहिए। आनंद कासलीवाल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  जीतू पटवारी का करीबी बताया जाता है। ऐसे में  पटवारी की जिम्मेदारी है कि वे इस मामले पर चुप्पी साधने के बजाय जनता के सामने अपनी पार्टी का पक्ष रखें। कांग्रेस को बताना चाहिए कि देवास शराब कांड में सामने आए तथ्यों के आधार पर वह क्या कदम उठाने जा रही है और जांच में सहयोग के लिए उसकी क्या भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। देवास शराब कांड की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कानून के अनुसार जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

*जीतू पटवारी जवाब दें, कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई कब करेगी?*

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि नकली शराब के कथित कारोबार से किसी भी प्रकार के वित्तीय संबंध की आशंका की जांच साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। पुलिस विवेचना में मुख्य आरोपी अज्जू राठौर और उसके साथी गोविंद के साथ अमन कासलीवाल की कथित संलिप्तता तथा थिनर के ड्रम की खरीदी से जुड़े तथ्यों की जांच की बात सामने आई है। इन तथ्यों के मद्देनजर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पार्टी इस प्रकरण में नाम सामने आने वाले लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करेगी।  सारंग जी ने कहा कि मामले के सार्वजनिक होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आनंद कासलीवाल और अमन कासलीवाल के विरुद्ध कांग्रेस की ओर से कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। कांग्रेस यदि वास्तव में गंभीर मामलों में निष्पक्षता और जवाबदेही की पक्षधर है, तो उसे अपने नेताओं और पदाधिकारियों से जुड़े मामलों में भी उसी कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। दूसरों से जवाबदेही मांगने वाली कांग्रेस अपने मामले में जवाब देने से बच नहीं सकती। जनता जानना चाहती है कि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों को लेकर क्या कदम उठाएगा।

*पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए कांग्रेस, राजनीति नहीं जवाबदेही तय करे*

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि शराब से जुड़ी ऐसी घटनाओं का समाज और परिवारों पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे संवेदनशील मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढकर पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है। देवास शराब कांड से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में सामने आए आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, जांच में सहयोग करना चाहिए और पार्टी से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के सवाल पर जनता को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उसके कार्यक्रमों और प्रदेश कार्यालय के खर्चों का वित्तीय पोषण किन स्रोतों से होता रहा है। कांग्रेस केवल राजनीतिक आरोप लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि अपने नेताओं से जुड़े सवालों पर भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे।

*(बृजगोपाल लोया)*

प्रदेश मीडिया प्रभारी


 

*‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ के संकल्प को लेकर विशाल पदयात्रा 30 अक्टूबर को इंदौर में*

*मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश प्रभारी सहित प्रदेश नेतृत्व होगा शामिल*

इंदौर/भोपाल, 29/10/2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खण्डेलवाल, केंद्रीय मंत्री  मनसुखभाई मांडविया, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, प्रदेश प्रभारी व सांसद  बिप्लब कुमार देब एवं प्रदेश नेतृत्व 30 अक्टूबर को इंदौर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प को लेकर आयोजित विशाल पदयात्रा में शामिल होंगे।

‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ विशाल पदयात्रा शुक्रवार को प्रातः 10 बजे इंदौर के सुभाष नगर चौराहा से पाटनीपुरा चौराहा तक निकाली जाएगी। पदयात्रा में कबीरपंथी गायक पद्मश्री भैरोंसिंह चौहान, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय,  तुलसीराम सिलावट, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष  रणवीर सिंह रावत, सांसद  शंकर लालवानी, इंदौर जिला अध्यक्ष  सुमित मिश्रा, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव सहित भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी, खेल संगठनों के प्रमुख व आमजन सहित करीब एक लाख लोग शामिल होंगे।

*(बृजगोपाल लोया)*

प्रदेश मीडिया प्रभारी

 भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बनी रणनीति


क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के प्रवास के दौरान शाखा की गतिविधियों की हुई समीक्षा

अनूपपुर। 26 अक्टूबर 2026

भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा में आज दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों का  प्रवास हुआ। इस अवसर पर शाखा की वर्तमान गतिविधियों, सामाजिक एवं सेवा कार्यों तथा संगठनात्मक विस्तार को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक के दौरान भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही शाखा की गतिविधियों को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनहितकारी बनाने तथा परिषद के सेवा कार्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के संबंध में महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की गई।

पदाधिकारियों ने संगठन की मजबूती, सदस्यों की सक्रिय भागीदारी, आपसी समन्वय तथा सेवा एवं संस्कार आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि भारत विकास परिषद के मूल उद्देश्यों और आदर्शों के अनुरूप अनूपपुर शाखा को एक सशक्त, सक्रिय एवं प्रेरणादाई शाखा के रूप में विकसित किया जाए।

क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के मार्गदर्शन से शाखा के सदस्यों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। सभी ने संगठन के पांच प्रमुख सूत्रों संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण को आत्मसात करते हुए समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने तथा भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।

यह प्रवास शाखा की भावी कार्ययोजना को दिशा देने, संगठनात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करने तथा समाज हित में परिषद की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।

 *स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर ने सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान दिया


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 पटियाला । सिद्दीकी भोपाल के दामाद भी है, उनकी पत्नी उजमा भोपाल मेमोरियल में जनसंपर्क अधिकारी रही हैं।

भारत और पंजाब दोनों के लिए गर्व की बात है कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी–एल्सेवियर की वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग 2026 में प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष शोधकर्ताओं में शामिल किया गया है। इस रैंकिंग में उन्हें विश्वभर के वैज्ञानिकों के शीर्ष 0.012 प्रतिशत में स्थान मिला है।

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा तैयार और एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित यह रैंकिंग वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रभाव और महत्त्व का आकलन करने के लिए मानकीकृत उद्धरण संकेतकों (Citation Indicators) का उपयोग करती है।

प्रोफेसर सिद्दीकी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (TIET), पटियाला में वरिष्ठ प्रोफेसर तथा डीन (सस्टेनेबिलिटी एंड इम्पैक्ट) हैं। नवीनतम रैंकिंग में उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली शोधकर्ताओं में मान्यता मिली है।

यह प्रतिष्ठित मूल्यांकन इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्राकृतिक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के कार्यों का आकलन करता है। इसमें अनुसंधान के प्रभाव को मापने के लिए कई संकेतकों का उपयोग किया जाता है। इनमें कुल उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखकों के योगदान के अनुसार समायोजित एचएम-इंडेक्स, लेखक की स्थिति के आधार पर उद्धरण और संयुक्त उद्धरण स्कोर (सी-स्कोर) शामिल हैं।

वर्ष 2026 की करियर रैंकिंग में प्रोफेसर सिद्दीकी ने 2,43,950 वैज्ञानिकों में विश्व स्तर पर 3,003वाँ स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ वे दुनिया के शीर्ष 0.012 प्रतिशत शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं में शामिल हो गए हैं।

भवन निर्माण और निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रोफेसर सिद्दीकी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारत में प्रथम और विश्व स्तर पर सातवाँ स्थान प्राप्त किया है।

वर्ष 2019 में स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग की शुरुआत से ही वे लगातार दुनिया के अग्रणी वैज्ञानिकों में शामिल रहे हैं। इस पूरी अवधि के दौरान वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.025 प्रतिशत वैज्ञानिकों में अपना स्थान बनाए रखने में सफल रहे हैं।

वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका प्रदर्शन वर्ष 2025 की तुलना में बेहतर हुआ है। वर्ष 2025 में वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.014 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल थे। यह सुधार उनके शोध योगदान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।

प्रोफेसर सिद्दीकी ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानी से अपनी पीएचडी पूरी की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के विस्कॉन्सिन-मिलवॉकी विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध किया।

शिक्षण, अनुसंधान, शैक्षणिक नेतृत्व और प्रशासन के क्षेत्र में 37 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ वे टिकाऊ निर्माण सामग्री और कंक्रीट प्रौद्योगिकी के एक अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में व्यापक रूप से जाने जाते हैं।

इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर सिद्दीकी ने कहा:

“इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है और मुझे खुशी है कि मेरे कार्य को यह सम्मान मिला है। इस पेशे के प्रति मेरी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि इस क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।”

उन्होंने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 250 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और 80 से अधिक कॉन्फ्रेंस पेपर प्रस्तुत किए हैं। उनके शोध कार्यों को Google Scholar पर 35,000 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं, जबकि उनका एच-इंडेक्स 97 है।

प्रोफेसर सिद्दीकी एल्सेवियर, टेलर एंड फ्रांसिस तथा अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स (ASCE) द्वारा प्रकाशित कई प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं के संपादकीय मंडलों में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

अपने करियर के दौरान वे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चीन, मलेशिया, थाईलैंड, मैक्सिको और कई अन्य देशों के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में विज़िटिंग और आमंत्रित प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुके हैं। साथ ही, उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में शोध संबंधी नियुक्तियाँ भी प्राप्त की हैं।

इस उपलब्धि का सार: प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी ने अपने 37 वर्षों से अधिक के शैक्षणिक और शोध अनुभव, 250 से अधिक शोध-पत्रों तथा 35,000 से अधिक उद्धरणों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका स्थान भारत, पंजाब और थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला के लिए गर्व का विषय है।

 राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रंजीत सिंह ने जीता स्वर्ण पदक


राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई, भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष का माहौल

अनूपपुर। मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिवपुरी में आयोजित 70वीं शालेय राज्य स्तरीय बालक-बालिका एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शहडोल संभाग के खिलाड़ी रंजीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर संभाग एवं अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष और उत्साह का माहौल है।

7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 9 अक्टूबर को हुए तवा फेंक (डिस्कस थ्रो) के फाइनल मुकाबले में रंजीत सिंह ने 28.55 मीटर की दूरी तक तवा फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने आगामी राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी अपना स्थान सुनिश्चित किया है। राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता का आयोजन 12 से 16 नवंबर 2026 तक शिवपुरी में प्रस्तावित है।

रंजीत सिंह, पिता  मोहन सिंह एवं माता श्रीमती गायत्री देवी, की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

विद्यालय परिवार ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस उल्लेखनीय सफलता पर भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर के प्राचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर, उपप्राचार्या सिस्टर जिस मारिया तथा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्य प्रदेश और विद्यालय का गौरव बढ़ाएँगे।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं को निखारने के अवसर प्रदान करना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। रंजीत सिंह की यह स्वर्णिम सफलता मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से लक्ष्य प्राप्त करने का प्रेरक उदाहरण है।

प्रशासनिक और खेल अधिकारियों ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस ऐतिहासिक स्वर्णिम विजय और राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने की खबर मिलते ही शहडोल संभाग के प्रशासनिक और खेल गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई। संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) शहडोल संभाग उमेश कुमार धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल अतुल चौधरी, उमरिया के जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र वर्कडे, अनूपपुर के जिला शिक्षा अधिकारी तुलाराम आर्मो तथा सहायक संचालक (खेल) रईस अहमद और सुदर्शन मिश्रा ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ी को बधाई दी।

इसके साथ ही जिला खेल अधिकारी (उमरिया) शेख सलीम, जिला खेल अधिकारी (शहडोल) रामरुद्र पटेल, जिला खेल अधिकारी (अनूपपुर) खलील कुरैशी तथा टीम के साथ मैदान पर मुस्तैद प्रमुख प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा, कोच अंकित कुशवाहा एवं श्रीमती संतोष कोल सहित वरिष्ठ अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों ने रंजीत सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि रंजीत आगामी नेशनल गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर मध्य प्रदेश का मान पूरे देश में बढ़ाएंगे।



 जिला न्यायालय में ‘उल्लास’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

50 बच्चों ने प्रस्तुत की अपनी प्रतिभा, नृत्य, गायन और रंगोली में बिखेरा हुनर

अनूपपुर । 10 अक्टूबर2026 जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘उल्लास  एक अभिनव प्रयोग’ नामक सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती माया विश्व लाल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में बच्चों ने फैंसी ड्रेस, गायन, नृत्य, रंगोली और कविता-पाठ सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहाँ वे अपनी रचनात्मक क्षमता, कलात्मक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को विकसित कर सकें।

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती माया विश्व लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  रवेंद्र कुमार सोनी जी, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में छिपी प्रतिभा निखरती है और उनके भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा आगे बढ़ने की प्रेरणा विकसित होती है।

कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, सभी प्रतिभागी बच्चों को उनकी सहभागिता और उत्साह के लिए उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों का उद्देश्य बच्चों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती शब्द अधारी, एनीमेटर/आयोजक द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया।

‘उल्लास  एक अभिनव प्रयोग’ के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और प्रतिभा संवर्धन को बढ़ावा देने के साथ जिला न्यायपालिका, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच आपसी सहयोग एवं सामुदायिक भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

 🌹 हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं🌹

लवली खनूजा भाई जी।।

असेंबली ऑफ एमपी जर्नलिस्ट्स


आदरणीय  लवली खनूजा जी को प्रांतीय संगठन सचिव के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय  राधावल्लभ शारदा जी द्वारा आपको यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा जाना आपके अनुभव, कार्यक्षमता एवं संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व, निष्ठा और सक्रिय भूमिका से संगठन को नई मजबूती मिलेगी तथा पत्रकारों के हितों की रक्षा एवं उनके सम्मान को बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य होंगे।

💐 आपके उज्ज्वल कार्यकाल एवं सफल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। 💐

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