Narmada News Times

 राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रंजीत सिंह ने जीता स्वर्ण पदक


राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई, भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष का माहौल

अनूपपुर। मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिवपुरी में आयोजित 70वीं शालेय राज्य स्तरीय बालक-बालिका एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शहडोल संभाग के खिलाड़ी रंजीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर संभाग एवं अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष और उत्साह का माहौल है।

7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 9 अक्टूबर को हुए तवा फेंक (डिस्कस थ्रो) के फाइनल मुकाबले में रंजीत सिंह ने 28.55 मीटर की दूरी तक तवा फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने आगामी राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी अपना स्थान सुनिश्चित किया है। राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता का आयोजन 12 से 16 नवंबर 2026 तक शिवपुरी में प्रस्तावित है।

रंजीत सिंह, पिता  मोहन सिंह एवं माता श्रीमती गायत्री देवी, की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

विद्यालय परिवार ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस उल्लेखनीय सफलता पर भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर के प्राचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर, उपप्राचार्या सिस्टर जिस मारिया तथा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्य प्रदेश और विद्यालय का गौरव बढ़ाएँगे।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं को निखारने के अवसर प्रदान करना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। रंजीत सिंह की यह स्वर्णिम सफलता मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से लक्ष्य प्राप्त करने का प्रेरक उदाहरण है।

प्रशासनिक और खेल अधिकारियों ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस ऐतिहासिक स्वर्णिम विजय और राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने की खबर मिलते ही शहडोल संभाग के प्रशासनिक और खेल गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई। संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) शहडोल संभाग उमेश कुमार धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल अतुल चौधरी, उमरिया के जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र वर्कडे, अनूपपुर के जिला शिक्षा अधिकारी तुलाराम आर्मो तथा सहायक संचालक (खेल) रईस अहमद और सुदर्शन मिश्रा ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ी को बधाई दी।

इसके साथ ही जिला खेल अधिकारी (उमरिया) शेख सलीम, जिला खेल अधिकारी (शहडोल) रामरुद्र पटेल, जिला खेल अधिकारी (अनूपपुर) खलील कुरैशी तथा टीम के साथ मैदान पर मुस्तैद प्रमुख प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा, कोच अंकित कुशवाहा एवं श्रीमती संतोष कोल सहित वरिष्ठ अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों ने रंजीत सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि रंजीत आगामी नेशनल गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर मध्य प्रदेश का मान पूरे देश में बढ़ाएंगे।



 जिला न्यायालय में ‘उल्लास’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

50 बच्चों ने प्रस्तुत की अपनी प्रतिभा, नृत्य, गायन और रंगोली में बिखेरा हुनर

अनूपपुर । 10 अक्टूबर2026 जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘उल्लास  एक अभिनव प्रयोग’ नामक सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती माया विश्व लाल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में बच्चों ने फैंसी ड्रेस, गायन, नृत्य, रंगोली और कविता-पाठ सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहाँ वे अपनी रचनात्मक क्षमता, कलात्मक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को विकसित कर सकें।

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती माया विश्व लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  रवेंद्र कुमार सोनी जी, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में छिपी प्रतिभा निखरती है और उनके भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा आगे बढ़ने की प्रेरणा विकसित होती है।

कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, सभी प्रतिभागी बच्चों को उनकी सहभागिता और उत्साह के लिए उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों का उद्देश्य बच्चों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती शब्द अधारी, एनीमेटर/आयोजक द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया।

‘उल्लास  एक अभिनव प्रयोग’ के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और प्रतिभा संवर्धन को बढ़ावा देने के साथ जिला न्यायपालिका, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच आपसी सहयोग एवं सामुदायिक भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

 🌹 हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं🌹

लवली खनूजा भाई जी।।

असेंबली ऑफ एमपी जर्नलिस्ट्स


आदरणीय  लवली खनूजा जी को प्रांतीय संगठन सचिव के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय  राधावल्लभ शारदा जी द्वारा आपको यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा जाना आपके अनुभव, कार्यक्षमता एवं संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व, निष्ठा और सक्रिय भूमिका से संगठन को नई मजबूती मिलेगी तथा पत्रकारों के हितों की रक्षा एवं उनके सम्मान को बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य होंगे।

💐 आपके उज्ज्वल कार्यकाल एवं सफल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। 💐

 भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में मोबाइल डी-एडिक्शन कार्यशाला आयोजित




“रील लाइफ से निकलकर रियल लाइफ में आएं और उज्ज्वल भविष्य का आधार मजबूत बनाएं” — डॉ. देवेंद्र तिवारी

अनूपपुर। दिनांक 08 सितंबर 2026 भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला अनूपपुर द्वारा सेवा संस्कार अभियान के अंतर्गत कलेक्टर  रत्नाकर झा के निर्देशानुसार एवं सभापति डॉ. आर.पी. सोनी के मार्गदर्शन में पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में मोबाइल डी-एडिक्शन (मोबाइल की लत से मुक्ति) विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की मुख्य वक्ता इस्कॉन अनूपपुर की सुश्री गौरांगी भारद्वाज रहीं।

कार्यशाला में विद्यार्थियों के बीच बढ़ते मोबाइल उपयोग और उसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। सुश्री गौरांगी भारद्वाज ने अत्यंत सरल, रोचक एवं प्रेरक शैली में विद्यार्थियों को समझाया कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग एकाग्रता में कमी, मानसिक थकान, आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव तथा व्यवहार एवं दिनचर्या में असंतुलन जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल के प्रति अपनी निर्भरता कम करने, समय का सदुपयोग करने, अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने तथा वास्तविक जीवन के रिश्तों और गतिविधियों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। इनके साथ सुश्री विशाखा ने भी विद्यार्थियों के समक्ष प्रेरक उद्बोधन दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों का स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य वक्ता सुश्री गौरांगी भारद्वाज ने अपने प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल संतुलन एवं सकारात्मक जीवन शैली का महत्व समझाया। लगभग दो घंटे चले इस सत्र में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं गंभीरता के साथ सहभागिता की और मोबाइल की लत से बचने के व्यावहारिक उपायों को समझा।

इस अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी से  अशोक शर्मा कोषाध्यक्ष, अनिल तिवारी, रामप्रकाश द्विवेदी तथा पीआर टी महाविद्यालय के संचालक एवं रेडक्रॉस सोसायटी अनूपपुर के सचिव डॉ. देवेंद्र तिवारी सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

डॉ. देवेंद्र तिवारी ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन उसका विवेक पूर्ण और सीमित उपयोग ही सफलता का आधार है। विद्यार्थियों को रील लाइफ की आभासी दुनिया में उलझने के बजाय रियल लाइफ के लक्ष्यों, शिक्षा, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। “रील लाइफ से निकलकर रियल लाइफ में आएं और अपने उज्ज्वल भविष्य का आधार मजबूत बनाएं” का संदेश देते हुए उन्होंने डिजिटल संतुलन, समय के सदुपयोग एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य वक्ता सुश्री गौरांगी भारद्वाज को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय परिवार एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से उनके प्रेरणादायी उद्बोधन तथा विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए आभार व्यक्त किया गया।

यह कार्यशाला विद्यार्थियों में मोबाइल के विवेकपूर्ण उपयोग, आत्म-अनुशासन और स्वस्थ डिजिटल आदतों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।

 तुलसी महाविद्यालय में 'अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026' के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रम का आयोजन




अनूपपुर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 की थीम NEP: शिक्षा से विकसित भारत के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कला कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ प्राध्यापक  डॉ जे के संत, डॉ राधा सिंह एवं सुधा साहू, डॉ नीरज श्रीवास्तव की गरिमा में उपस्थिति रही। 

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियां दी गई जिनमें छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य एवं घूमर नृत्य प्रमुख आकर्षण रहे साथ ही रंगोली के माध्यम से NEP 2020, 2047 में शिक्षा की परिकल्पना, ज्ञान से विकास जैसे संदेश अपने रंगोली के माध्यम से दर्शाए गए। 

इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि NEP -2020 का उद्देश्य शिक्षा को ज्ञान के साथ-साथ कौशल, रचनात्मक, संस्कृति एवं व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। डॉ. सरिता सिंह परिहार के द्वारा मंच संचालन, कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. फरहा नाज़, डॉ. तरन्नुम शरबत, अंजलि कहार, श्रीमती वंदना प्रजापति के द्वारा रहा इस अवसर पर अनुपमा सिंह धुर्वे, डॉ शैली अग्रवाल, डॉ शोभा तिवारी,  ज्योति रौतेल, शिवानी पटेल आकांक्षा एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. मीना सिंह ने प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। शिक्षा से विकसित भारत की भावना को साकार करते हुए कार्यक्रम उत्साह एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

 AI और Gen-Z की रोजगार क्षमता पर शोध करेंगे आईजीएनटीयू के शोधार्थी जीयाराम


ICSSR की फुल-टाइम डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए शोध प्रस्ताव स्वीकृत, डॉ. विनोद सेन के निर्देशन में होगा शोध

अमरकंटक। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू), अमरकंटक के अर्थशास्त्र विभाग के शोधार्थी जीयाराम के शोध प्रस्ताव को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा जारी फुल-टाइम डॉक्टोरल फेलोशिप के अंतर्गत स्वीकृति मिली है। जीयाराम के शोध का विषय “AI and Employability Among Gen-Z” है।

जीयाराम का शोध कार्य अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. विनोद सेन के निर्देशन जारी हैं। उनका शोध वर्तमान समय में तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और Gen-Z युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) के बीच संबंधों का अध्ययन करेगा।

तकनीकी बदलावों के दौर में रोजगार के स्वरूप और कार्यक्षेत्र की आवश्यकताएं तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में AI के बढ़ते प्रभाव के बीच Gen-Z युवाओं के कौशल, रोजगार के अवसरों, आवश्यक दक्षताओं तथा बदलते श्रम बाजार के अनुरूप उनकी तैयारी का अध्ययन महत्वपूर्ण है। जीयाराम का शोध इसी संदर्भ में AI और Gen-Z की employability के विभिन्न आयामों को समझने का प्रयास करेगा।

ICSSR की प्रतिष्ठित फुल-टाइम डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए शोध प्रस्ताव का चयन जीयाराम की महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह फेलोशिप उत्कृष्ट शोध प्रस्ताव के संदर्भ में दी जाती है, इससे शोध कार्य को नई दिशा मिलती है। जीयाराम का शोध राष्ट्र की उन्नति और प्रगति में सकारात्मक सहयोग करेगा।उनके शोध प्रस्ताव के स्वीकृत होने पर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. रक्षा सिंह, विभाग के अन्य शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके सफल शोध कार्य की कामना की।


 *मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ*

 *34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल*

 *शुभारंभ अवसर पर राज्य में ₹1,100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को मिलेगा अंतिम रूप; सीहोर में ₹848.40 करोड़ का होगा मेगा निवेश समझौता*

 *वर्ष 2025 में 57% की ऐतिहासिक वृद्धि के साथ प्रदेश में 21.05 करोड़ पर्यटकों का अभूतपूर्व आगमन दर्ज*

 *चार दिवसीय आयोजन में होंगी 10 हजार से अधिक बी2बी बैठकें; 12 रणनीतिक एमओयू*

*बहुभाषी वेबसाइट संस्करण और डिजिटल हैंडबुक का होगा लोकार्पण*

अनूपपुर । 06 अक्टूबर 2026

मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थापत्य, जैव-विविधता और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' (MPTM 2026) के सातवें संस्करण का आयोजन 07 से 10 अक्टूबर 2026 तक भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर, बुधवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी करेंगे।

राज्य मंत्री  लोधी जी ने बताया कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के सर्वांगीण आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश को देश का शीर्ष साहसिक पर्यटन स्थल बनाने की सुविचारित कार्ययोजना पर अग्रसर है। इसके साथ ही, प्रदेश को "भारत की वन्यजीव राजधानी" (Wildlife Capital of India) के रूप में ब्रांडिंग करते हुए संरक्षण-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण होमस्टे के जरिए स्थानीय समुदायों का सशक्तीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व बहुभाषी डिजिटल तकनीकों के जरिए पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट की रूपरेखा, तैयारियों और रणनीतिक लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन की सुदृढ़ और प्रगतिशील पर्यटन नीतियों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन ने अप्रत्याशित वृद्धि हासिल की है। वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है।

MPTM 2026 के इस संस्करण में विश्व के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको; एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका; तथा पश्चिम एशिया व अफ्रीका से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स व ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी देश के 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा तथा जम्मू और कश्मीर के 180 से अधिक प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स भाग ले रहे हैं।

इस चार दिवसीय आयोजन की सबसे बड़ी व्यापारिक विशेषता 10 हजार से अधिक पूर्व-निर्धारित B2B बैठकें होंगी। इन व्यापारिक बैठकों के सुचारु संचालन के लिए एक अत्याधुनिक ऑनलाइन शेड्यूलिंग प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से देश-विदेश के प्रतिष्ठित खरीदारों (Buyers), राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, होटल समूहों, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों का राज्य के 355 स्थानीय हितधारकों (होटलियर्स, रिसॉर्ट संचालकों, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, होमस्टे स्वामियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालकों) से सीधा संवाद स्थापित होगा। प्रत्यक्ष और वर्चुअल दोनों माध्यमों से होने वाली ये बैठकें राज्य के स्थानीय पर्यटन उत्पादों, लोक-संस्कृति, हस्तशिल्प और अद्वितीय यात्रा पैकेजों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मध्यप्रदेश में निजी पूंजी निवेश और विश्वस्तरीय अधोसंरचना को गति देने की दृष्टि से MPTM 2026 एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा। आयोजन के दौरान लगभग ₹1,100 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म इकाइयों की स्थापना के लिए 14 प्रमुख परियोजनाओं हेतु निजी निवेशकों को ₹252 करोड़ के 'लेटर ऑफ अवार्ड' (LOA) औपचारिक रूप से सौंपे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों की सड़क यात्रा को सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए राज्य के 3 प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर अत्याधुनिक 'मार्ग सुविधा केंद्रों' (Way-side Amenities) के विकास हेतु भी LOA प्रदान किए जा रहे हैं।

इस निवेश अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में होने वाला ₹848.40 करोड़ का मेगा पर्यटन निवेश समझौता है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मेसर्स ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य संपन्न होने वाले इस ऐतिहासिक अनुबंध के अंतर्गत रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। यह विशाल परियोजना न केवल विंध्य और मालवा क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र को वैश्विक पहचान देगी, बल्कि इससे क्षेत्र में लगभग 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगारों का सृजन होगा।

प्रदेश के पर्यटन तंत्र को भविष्योन्मुखी बनाने के उद्देश्य से MPTM 2026 में 12 विशिष्ट रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौतों पर विधिवत हस्ताक्षर किए जाएंगे। इन समझौतों में कौशल विकास के तहत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर के साथ साझेदारी शामिल है, जिसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, शिष्टाचार और ग्राहक सेवा का RPL प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन के डिजिटलीकरण के लिए 'ग्राम स्टे' के साथ समझौता किया जा रहा है, जिससे सुदूर ग्रामीण होमस्टे को वैश्विक बुकिंग प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जा सके। साहसिक और जल पर्यटन के विस्तार हेतु 'रॉयल एनफील्ड' के साथ नए बाइक राइडिंग रूट्स के चिन्हांकन, 'एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (ATOAI) के साथ सुरक्षा मानकों के निर्धारण तथा पीथमपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक 'नैट्रैक्स' (NATRAX) के साथ मोटरस्पोर्ट्स पर्यटन के विकास हेतु एमओयू किए जा रहे हैं।

फिल्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आर्टमिसिया कॉलेज ऑफ आर्ट एंड डिजाइन (ACAD), इंदौर के साथ विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण व डिजिटल एसेट लाइब्रेरी निर्माण का गैर-वित्तीय समझौता हो रहा है, जबकि प्रसिद्ध डिजिटल मीडिया समूह 'द वायरल फीवर' (TVF) एवं क्रार्क फैमिली ऑफिस के सहयोग से फिल्म पर्यटन, AVGC क्षेत्र में कौशल विकास और 'म्यूजियम ऑफ स्टोरीटेलिंग' की स्थापना की जाएगी। स्मार्ट टूरिज्म के तहत 'एक्सप्लर्जर' (Explurger) के सहयोग से राज्य के 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 एआई-सक्षम क्यूआर कोड बोर्ड्स लगाए जाएंगे। धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली तथा 'द्रोणाह' (DRONAH) के साथ ओरछा के ऐतिहासिक समूह (Historic Ensemble of Orchha) के यूनेस्को नामांकन हेतु एकीकृत प्रबंधन व लैंडस्केप संरक्षण योजना तैयार की जाएगी। साथ ही, टेकनपुर (ग्वालियर) स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन अधोसंरचना व बीएसएफ म्यूजियम के आधुनिकीकरण हेतु त्रिपक्षीय अनुबंध संपन्न होगा।

एमपी ट्रैवल मार्ट के पहले दिन 07 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव जी द्वारा आमंत्रित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों, निवेशकों व कॉरपोरेट प्रतिनिधियों के साथ विशेष 'वन-ऑन-वन' बैठकें की जाएंगी, जिसमें प्रदेश में भावी निवेश की रूपरेखा पर विमर्श होगा। 08 अक्टूबर को मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल जी और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव  भुवनेश कुमार जी द्वारा बी2बी मार्ट और प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इसी दिन 'भारत की वन्यजीव राजधानी के रूप में मध्यप्रदेश' विषय पर एक उच्चस्तरीय पैनल चर्चा होगी, जिसमें देश के जाने-माने पर्यावरणविद, वन अधिकारी और वन्यजीव विशेषज्ञ भाग लेंगे। साथ ही, साहसिक पर्यटन और MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एंड एग्जिबिशन) उद्योग पर रणनीतिक राउंडटेबल कार्यशालाएं आयोजित होंगी। 09 अक्टूबर को सतत व्यापारिक बैठकों के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टॉल्स और नवाचारों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा। 10 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक प्रदर्शनी को स्कूल, कॉलेज, पर्यटन अध्ययन संस्थानों के विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए निःशुल्क खोला जाएगा, जिससे जनसामान्य में पर्यटन के प्रति चेतना और गौरव का भाव जागृत हो सके।

वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) का बहुभाषी संस्करण भी लॉन्च किया जा रहा है। अब हिंदी और अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं में भी संपूर्ण जानकारी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, 'टेलमी डिजीइन्फोटेक' के सहयोग से विकसित अत्याधुनिक 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' (डायनेमिक डिजिटल कॉफी टेबल बुक) का लोकार्पण किया जा रहा है, जिसमें 360-डिग्री विहंगम दृश्य, इंटरैक्टिव मैप्स, एआई-आधारित स्टोरीटेलिंग, वर्चुअल रियलिटी लिंक्स और द्विभाषी ऑडियो नरेशन की सुविधा उपलब्ध है। प्रदर्शनी परिसर में आगंतुकों के लिए वीआर तकनीक के माध्यम से प्रदेश के ज्योतिर्लिंगों के लाइव वर्चुअल दर्शन और वन्यजीव सफारी का जीवंत अनुभव कराने वाले विशेष केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

अतिथियों को मध्यप्रदेश के अनूठे खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट प्रोत्साहन मिशन से जोड़ने के लिए 'माँ की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर स्थापित किया गया है। इसमें कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजी चटनियों जैसे विशुद्ध पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

विदेशी और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को प्रदेश की जमीनी पर्यटन संपदा का साक्षात्कार कराने के लिए आयोजन के उपरांत 16 विशेष फैमिलियराइजेशन टूर्स (FAM Trips) आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 200 से अधिक विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये दल हेरिटेज सर्किट (खजुराहो, ओरछा, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर, सांची, भीमबेटका), वाइल्डलाइफ सर्किट (कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और कूनो चीता अभयारण्य), आध्यात्मिक सर्किट (उज्जैन महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर एकात्म धाम, चित्रकूट, अमरकंटक) तथा साहसिक जल पर्यटन सर्किट (पचमढ़ी, चंदेरी, तवा, गांधी सागर) का सघन दौरा करेंगे। साथ ही, भोपाल में प्रवास के दौरान प्रतिनिधियों को हेरिटेज वॉक, वन विहार बर्ड वॉक, बड़े तालाब पर शिकारा राइड तथा स्वास्थ्य-वर्धक योग सत्रों का विशेष अनुभव कराया जा रहा है।

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 केवल एक व्यापारिक समागम नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक उत्थान, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और स्थानीय समुदायों की समृद्धि का एक समन्वित महाअभियान है, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन के शीर्ष केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

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