अमरकंटक तक रेल विस्तार और औद्योगिक विस्तार से खुलेगा विकास का नया गलियारा


वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की रिपोर्टिंग और ‘कक्का की चौपाल’ में उठे सवालों पर बजट की मुहर

तीर्थ, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, IGNTU अमरकंटक सहित पूरे अंचल को होगा बहुआयामी लाभ

अनूपपुर

 जिले के वरिष्ठ वकील अनूपपुर विकास मंच के सक्रिय पदाधिकारी वासुदेव चटर्जी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि विकास की दिशा अक्सर सत्ता के गलियारों से नहीं, बल्कि ज़मीन से उठे सवालों से तय होती है। अनूपपुर–शहडोल अंचल में वर्षों से रेल कनेक्टिविटी को लेकर उठती आवाज़, वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की निरंतर न्यूज़ रिपोर्टिंग और उनके स्थायी जन पक्षीय कॉलम ‘कक्का की चौपाल’ में बार-बार रखे गए मुद्दों का ही परिणाम है कि अमरकंटक तक रेल विस्तार का लगभग 17 वर्ष पुराना सपना अब साकार होता दिख रहा है। रेल बजट 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) द्वारा शामिल किए गए नए रेल सर्वे प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि जब मुद्दे ईमानदारी से उठाए जाते हैं, तो सरकारें उन्हें सुनती भी हैं और सार्वजनिक हित में स्वीकार भी करती हैं।

रेल बजट में शामिल प्रस्तावों ने न केवल अमरकंटक बल्कि पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल के विकास को नई दिशा देने की उम्मीद जगा दी है। यह फैसला वर्षों से कक्का की चौपाल, अख़बारों के कॉलम, जनसंवाद और जनप्रतिनिधियों की बैठकों में उठते उस बुनियादी सवाल का जवाब है कि खनिज, जंगल, तीर्थ और श्रम देने वाला यह क्षेत्र क्या हमेशा रेल नक्शे के हाशिये पर ही रहेगा।

धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्वविख्यात नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक अब तक रेल सुविधा से वंचित रहा है, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रेल बजट दस्तावेज़ में पेंड्रा–अमरकंटक–डिंडोरी–मंडला–घंसौर लगभग 200 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के लिए रिकॉनिसेंस इंजीनियरिंग कम ट्रैफिक सर्वे को स्वीकृति दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 0.50 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके साथ ही जबलपुर–पेंड्रा वाया डिंडोरी (240 किमी) नई रेल लाइन के सर्वे को भी शामिल किया गया है, जिससे महाकोशल, आदिवासी अंचल और उत्तरी छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने की संभावना बनी है।

शहडोल जिले के लिए जयसिंहनगर–शहडोल (50 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे प्रस्ताव उस क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां कोयला, बॉक्साइट ,पत्थर, रेत, प्राकृतिक गैस, पॉवर प्लांट, जंगल और श्रम संसाधन तो हैं, लेकिन परिवहन कनेक्टिविटी वर्षों से सीमित रही है। वहीं अनूपपुर को इस बजट में केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि रणनीतिक जंक्शन के रूप में देखा गया है। अंबिकापुर–गढ़वा (170 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे, अनूपपुर फ्लाईओवर पसला बाई पास रोड से हार्री रेलवे फाटक तक और पेंड्रा रोड–शहडोल मल्टी ट्रैकिंग जैसे प्रस्ताव यह संकेत देते हैं कि अनूपपुर भविष्य में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेल केंद्र बन सकता है।

इसके साथ ही झारसुगुड़ा–चांपा–बिलासपुर सेक्शन में फ्लाईओवर, ग्रेड सेपरेटर और मल्टी ट्रैकिंग को प्राथमिकता देकर मालगाड़ी और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को गति देने की रणनीति भी सामने आई है, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल को मिलेगा।

इस पूरी रेल योजना के पीछे वर्षों की निरंतर पहल जुड़ी रही है। 2009 में वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय ने अपने लेखों के माध्यम से पेंड्रा से अमरकंटक तक रेल विस्तार का दूरदर्शी विचार सार्वजनिक विमर्श में रखा था। बाद में तत्कालीन सांसद स्वर्गीय राजेश नंदिनी सिंह ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस मांग को मजबूती दी, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने प्रारंभिक सर्वे प्रक्रिया शुरू की। समय के साथ परियोजना की गति भले धीमी पड़ी, लेकिन मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इसे पुनर्जीवित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अमरकंटक से मंडला, डिंडोरी और नरसिंहपुर तक रेल विस्तार की मांग दोहराई। इसके परिणामस्वरूप 17 जनवरी 2025 को रेल मंत्रालय द्वारा संबंधित निदेशालय को विस्तृत जांच और सर्वे के निर्देश जारी किए गए थे, जिसे इस दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।

रेल और अधोसंरचना विस्तार का प्रभाव केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। अनूपपुर जिले में प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार के साथ मिलकर यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक ढांचे को नई मजबूती देगी। इसका सीधा और दूरगामी लाभ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक को भी मिलेगा, जहां देश के अनेक राज्यों से हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। बेहतर रेल, सड़क, परिवहन, बिजली और आवासीय सुविधाओं से छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

औद्योगिक विकास और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से विश्वविद्यालय और उद्योगों के बीच अकादमिक–औद्योगिक समन्वय की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे इंटर्नशिप, शोध, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से जनजातीय, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह विकास आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। साथ ही अमरकंटक जैसे संवेदनशील सांस्कृतिक और पर्यावरणीय क्षेत्र में संतुलित विकास से पर्यटन, शोध और सांस्कृतिक अध्ययन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

कक्का की चौपाल में वर्षों से यह कहा जाता रहा है कि

“बजट में नाम आना ही पहली जीत है, पटरी बाद में बिछती है।”

रेल बजट 2025-26 ने इसी भरोसे को लौटाने का काम किया है। भले ही अभी यह सर्वे की शुरुआत हो, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, शहडोल और अंबिकापुर अब रेल और विकास की मुख्यधारा में जगह बनाने लगे हैं। यह सिर्फ रेल परियोजनाओं की कहानी नहीं, बल्कि उस जनहितकारी पत्रकारिता और भरोसे की वापसी है, जिसकी प्रतीक्षा यह पूरा अंचल लंबे समय से कर रहा था।

 मंहगाई बढ़ाने वाला जनविरोधी बजट -जीवेन्द्र सिंह


 

अनूपपुर । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संत रविदास जयंती के दिन रविवार को बजट पेश किया गया है जबकि संत रविदास जयंती के दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित है, इससे देश की बहुसंख्यक आबादी को ठेस पहुंची है।

बजट में मध्यप्रदेश की अनदेखी हुई है एक नया पैसा भी नहीं दिया गया है जबकि मध्यप्रदेश की जनता ने भाजपा को सभी 29 सीट पर जिताया है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र की जमकर उपेक्षा की गई है सासंद महोदया बजट की एक भी उपलब्धि जनता को चाह कर भी नहीं बता सकती हैं।

केंद्रीय विश्वविद्यालय आई जी एन टी यू में मेडिकल कालेज, अभियांत्रिकी कालेज, कृषि विश्वविद्यालय हेतु बजट में प्रावधान नहीं है।

कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक भी पैसे का प्रावधान नहीं है।

जनजातीय जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा भी झूठा साबित हुआ। रेललाइन से कोयला परिवहन हेतु बिलासपुर- कटनी रेलखंड में चौथी रेल लाइन विस्तार किया जाना अति आवश्यक है परन्तु बजट में कोई उल्लेख नहीं है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र से मुंबई तक ट्रेन के लिए बजट में प्रावधान किया जाना अति आवश्यक था।

हितग्राही मूलक योजनाओं में कटौती किया गया है, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार चुप्पी साध रखी है। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में रियायत नहीं दिया गया है। महंगाई बढ़ाने वाला जनविरोधी बजट है इस बजट से छात्र, नौजवान और किसान पलायन कर मजदूरी करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।

 *अनूपपुर में आकर्षक ट्रैफिक पार्क का लोकार्पण, सड़क सुरक्षा जागरूकता को मिलेगा नया  आयाम










अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  *मोती उर रहमान (IPS)* द्वारा जिले में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बनाया गया ।

*नवनिर्मित ट्रैफिक पार्क का लोकार्पण*  

अनूपपुर के *प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार जी, जिला कलेक्ट  हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक  मोती उर रहमान एवं जनप्रतिनिधि  हीरा सिंह श्याम* द्वारा किया गया। इस दौरान अति पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी अनूपपुर, थाना प्रभारी कोतवाली,थाना प्रभारी यातायात एवं जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित रहें। 

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान  अनूपपुर प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि *सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए* यातायात नियमों की जानकारी और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। *ट्रैफिक पार्क बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक अवस्था से ही सुरक्षित सड़क व्यवहार सिखाने का प्रभावी मंच बनेगा।*

🚦ट्रैफिक पार्क में *ट्रैफिक सिग्नल, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, रोड साइन, लेन सिस्टम, राउंड अबाउट एवं अन्य यातायात संकेतों की वास्तविक संरचनाएं* विकसित की गई हैं, जिससे बच्चें और नागरिक व्यावहारिक रूप से यातायात नियमों को समझ सकें।

*ट्रैफिक पार्क में आकर्षण का केंद्र बनी आकृतियां*

  *टायरों से बने तितली और चींटी*

  *नशे की हालत में दुर्घटनाग्रस्त वाहन*

 *ब्लैक स्पॉट का चित्रण*

  *रोटरी आदि*

अनूपपुर ट्रैफिक पार्क के माध्यम से *नागरिकों एवं विद्यार्थियों* को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। एवं ड्राइविंग लाइसेंस के समय होने वाले टेस्ट में भी ट्रैफिक पार्क लाभकारी होगा।

*यातायात पुलिस अनूपपुर*

 भारत ज्योति विद्यालय में गणतंत्र दिवस एवं अलंकरण समारोह हर्षोल्लास से संपन्ना




 

अनूपपुर । 26 जनवरी 2026भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर के शाला प्रांगण में 77 वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत गौरव, देशभक्ति एवं अनुशासन पूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में मुख्य अतिथि श्रीमती अलका तिवारी (सीआरपीएफ, भारत) की उपस्थिति से विशेष सम्मान प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ। इसके पश्चात पूरे प्रांगण में राष्ट्रीय गान की गूंज सुनाई दी, जिससे वातावरण देशभक्ति और गर्व से ओत-प्रोत हो गया।

ध्वजारोहण के उपरान्त विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति नृत्य, गीत और माइम अनेकता में एकता की नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

छात्र-छात्राओं ने अपने नृत्य, गीत एवं अभिनय के माध्यम से भारत की एकता, विविधता, बलिदान और राष्ट्रीय प्रतीकों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा अंग्रेजी एवं हिंदी भाषण भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें गणतंत्र दिवस का महत्व, संविधान की गरिमा और नागरिक कर्तव्य पर प्रकाश डाला गया।

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर विद्यालय में अलंकरण समारोह भी गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

विद्यालय के नव-नियुक्त छात्र परिषद के पदाधिकारी को बैज और सैश पहनाकर सम्मानित किया गया।

सभी पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया और विद्यालय की गरिमा बनाएं रखने, अनुशासन बनाएं रखने और नेतृत्व की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रतिज्ञा ली।

मुख्य अतिथि श्रीमती अलका तिवारी का विद्यालय परिवार द्वारा हार्दिक स्वागत और अभिनन्दन किया गया।

इस अवसर को यादगार बनाने हेतु एक छात्र द्वारा मुख्य अतिथि को पौधा भेंट किया गया, जो सम्मान, कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक माना गया।

मुख्य अतिथि श्रीमती अलका तिवारी ने विद्यार्थियों को अनुशासन, साहस, राष्ट्र सेवा और जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना गर्व की बात है, और युवाओं को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की गरिमा बनाएं रखना चाहिए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जी .अलेक्जेंडर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करें, अपने जीवन में अनुशासन और जिम्मेदारी को बनाएं रखें।

उन्होंने सभी बच्चों को याद दिलाया कि वे राष्ट्र के भविष्य हैं, और देश की स्वतंत्रता और गरिमा बनाएं रखने के लिए अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाना आवश्यक है।

प्रधानाचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर ने बच्चों को देश का गौरव बढ़ाने की और रक्षा करने की शपथ दिलाई और उन्हें इस अवसर पर उत्साह पूर्वक भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों में मिठाई वितरित की गई, जिससे उत्साह और खुशी का माहौल और भी बढ़ गया।

कार्यक्रम का समापन हेड गर्ल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि, शिक्षकों और सभी विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

भारत ज्योति विद्यालय में आयोजित यह गणतंत्र दिवस एवं अलंकरण समारोह विद्यार्थियों में देशभक्ति, नेतृत्व, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने में पूरी तरह सफल रहा।

यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायक, यादगार और मनोहर साबित हुआ।

 शासकीय कन्या महाविद्यालय अनूपपुर के छात्राओं ने किया “औद्यौगिक भ्रमण


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   अनूपपुर ।  स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के द्वारा प्रायोजित एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, शास. कन्या महाविद्यालय, अनूपपुर के द्वारा आज दिनांक 28/01/2026 को रोजगार मुखी औद्यौगिक भ्रमण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. अनिल कुमार सक्सेना, प्राचार्य शासकीय तुलसी (अग्रणी) महाविद्यालय अनूपपुर के मार्गदर्शन में एवं कन्या महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो अजयराज सिंह राठौर के नेतृत्व में सुबह 11 बजे 35 विद्यार्थियों के दल को औद्योगिक भ्रमण के लिये हरी झंडी दिखा कर वाहन को ओरिएंट पेपर मिल, अमलाई जिला शहडोल के लिये रवाना किया गया। 

  छात्राएं ओरिएंट पेपर मिल, अमलाई पॅहुच कर मिल के प्रशासकीय भवन के सेमिनार हाॅल में ओरिएंट पेपर मिल के उप-प्रंबधक  अजय मिश्रा जी के द्वारा सभी विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त कर कंपनी के द्वारा तैयार होने वाले विभिन्न प्रकारों के कागज़ों के उत्पादनों की प्रक्रिया के साथ-साथ प्रबंधकीय कार्याें के बारे में अवगत कराया गया। और साथ ही मिल के आईआर  सतीश शर्मा जी के द्वारा वाॅटर सप्लाई मैनेजमेंट एवं बिजली जेनेरेशन के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया गया।

        कंपनी के सुरक्षा अधिकारी  प्रशांत सिंह के द्वारा विद्यार्थियों को अपनाई जाने वाली सुरक्षा एवं उपकरणों के बारें में प्रशिक्षण दिये, इसके बाद ड्रांइग कम प्रोजेक्ट आफिसर  संजय चतुर्वेदी जी के द्वारा निमार्ण सेक्सन के टिशू 01 एवं टिशू 02 के पेपर प्रोसेसिंग यूनिट ले जाया गया वहाॅ पर कार्यशाला में तकनीकी अधिकारियों के द्वारा पेपर तैयार करने में उपयोग में आने वाला कच्चा पदार्थ पल्प बनाने कि विधि और विभिन्न प्रकारों की रासायनिक प्रक्रियाओं के द्वारा पेपर बनाने की तकनीकी के बारे में विस्तार से समझाया गया और पेपर तैयार की जाने वाली मशीनों एवं पेपर पैकिंग मशीन को दिखाया गया। इसके बाद विद्यार्थियों के ए 4 पेपर बनने वाली कर्म साला में ले जाकर के ए 4 कागज बनाने की प्रक्रिया को दिखाया गया और बताया गया कि हमारी कंपनी में ड्रांइग शीट, राइटिंग पेपर, टिशू पेपर रंगयुक्त कागजों को तैयार किया जाता है। और बताया गया कि कागज तैयार करने में जो कच्चे पदार्थ का उपयोग में लेते है वह कच्चा पदार्थ हमें लिपटिस, बाॅस आदि पेडों से प्राप्त होता है। और उनके द्वारा बताया गया कि ज्यादातर कच्चा पदार्थ के लिये कंपनी स्थानीय स्तर पर किसानों कि सहायता से प्लांटेशन करा कर प्राप्त किया जाता है। वहाॅ कार्यरत अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने अपने -अपने कार्य क्षेत्रों की बारीकियों को भ्रमण दल के साथ सांझा कियें जिसे  विद्यार्थियों ने सुनकर और देखकर बहोत उत्साहित हुये एवं कार्यशाला में महिला कर्मियों के तकनीकी एवं कौशल और भूमिकाओं से विद्यार्थी प्रभावित हुयें और तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर एवं जिज्ञासाओं का भी समाधान कियें।

      स्वामी विवेकानंद कैरियर के मार्गदर्शन प्रभारी डाॅ. राकेश सिंह के द्वारा भ्रमण दल को बताया गया  कि स्थानीय स्तर पर अपनी भूमियों में पेपर बनाने में कच्चे पदार्थ के रूप में उपयोग में आने वाले पेडों को तैयार कर सीधे कंपनी को विक्रय कर अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही कंपनी से जुड कर वहां से विभिन्न प्रकारों के पेपरों को रियायती दरो में प्राप्त कर स्वयं का ब्रांड बनाकर के अपना प्रोडेक्ट बजारो में बिक्री कर स्वारोजगार से जुड सकतें हैं। इस संपूर्ण स्वरोजगार मुखी औद्योगिक भ्रमण में महाविद्यालय की शिक्षिका डाॅ. राजेश्वरी तिवारी के द्वारा भ्रमण की अनुज्ञा प्राप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही तथा साथ में डाॅ. श्रद्धा चौरासिया एवं डाॅ. श्रद्धा गर्ग के द्वारा भ्रमण दल का मार्गदर्शन किया गया ।

 बोर्ड परीक्षा के पूर्व विगत वर्षों के प्रश्न पत्र अनिवार्यता से कराएं हल- कलेक्टर


    

अनूपपुर। 28 जनवरी 2026 कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने आज विकासखंड जैतहरी अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पसला एवं फुनगा का निरीक्षण कर बोर्ड परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे संवाद कर परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों से बोर्ड परीक्षा की तैयारी के संबंध में जानकारी ली तथा रिमेडियल कक्षाओं की स्थिति और हल कराएं जा रहे प्रश्नपत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने प्री-बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से गणित और अंग्रेजी विषयों में विद्यार्थियों की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर  पंचोली ने विद्यालय पसला में कक्षा दसवीं के विद्यार्थी संदीप यादव और उर्मिला बैगा से अपने समक्ष गणित एवं अंग्रेजी विषय के कुछ प्रश्न हल कराएं और स्वयं उनके उत्तरों की जांच भी की। इसी प्रकार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फुनगा में छात्र विवेक सिंह और कुलदीप पटेल से अभ्यास हेतु दिए जा रहे प्रश्नपत्रों में से गणित और अंग्रेजी के प्रश्न हल कराएं गए तथा उनके उत्तरों का मूल्यांकन किया गया। कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को किन विषयों और किन प्रश्नों में कठिनाई आ रही है, इसका विस्तृत विश्लेषण कर रिमेडियल कक्षाओं में उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। 

कलेक्टर  पंचोली जी ने कहा कि परीक्षा के अंतिम 10 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इस अवधि में विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं पर विशेष फोकस रखते हुए सकारात्मक परीक्षा परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षा से पूर्व विगत वर्षों के प्रश्नपत्र अनिवार्य रूप से विद्यार्थियों से हल कराएं जाएं। शिक्षकों से अपेक्षा की गई कि परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करें, कमजोर विद्यार्थियों की अलग से पहचान कर उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन दिया जाए तथा प्रतिदिन अतिरिक्त कक्षाएं संचालित कर सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए पूर्ण रूप से तैयार किया जाए।

कलेक्टर  पंचोली जी ने शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी नियमित रूप से रिमेडियल कक्षाओं में भाग लें और विगत वर्षों के प्रश्नपत्र अनिवार्य रूप से हल करें, ताकि परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति को अच्छी तरह समझ सकें। उन्होंने टाइम मैनेजमेंट, अनुशासन और परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र हल करने की सही रणनीति पर विशेष जोर दिया। विद्यार्थियों को वन लाइनर प्रश्नों की निरंतर प्रैक्टिस कराने, अंग्रेजी विषय में पैसेज सॉल्व करने की तकनीक, ग्रामर की मजबूत तैयारी तथा महत्वपूर्ण टॉपिक्स का रिवीजन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों की विषयवार कमजोरियों की पहचान कर उन्हें लक्षित अभ्यास कराएं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ें और वे बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। 

इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी  तुलाराम आर्मों सहित विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित थें।

 डी वी एम पब्लिक स्कूल अनूपपुर में 77 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया



अनूपपुर । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट  संतोष अग्रवाल जी विशिष्ट अतिथि श्रीमती कुमकुम सिंह सबसे पहले ध्वजारोहण किया गया। तिरंगे की सलामी और राष्ट्रगान का गायन हुआ। इसके बाद भारत माता की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि , एवं विद्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती  सुशीला कुलवंत द्वारा किया गया।

इसके बाद संगीत शिक्षक ऋषि राज सिंह द्वारा बच्चों से स्वागत गीत का गायन कराया गया। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों पर अपने नृत्य की प्रस्तुतियां दीं।

मुख्य अतिथि महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि डीवीएम पब्लिक स्कूल अनूपपुर में एक ऐसा  सीबीएसई स्कूल है जहां की पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार दिए जाते हैं चाहे भोजन मंत्र हो, या शांति पाठ और यहां तक की प्रार्थना में संस्कृत से शुभारंभ होता है। यहां पर अंग्रेजी का अच्छा माहौल रहता है।

इस कार्यक्रम में सभी शिक्षक - शिक्षिकाओं का पूर्ण सहयोग रहा कार्यक्रम सराहनीय रहा। 

अंत में प्राचार्या सुशीला कुलवंत ने सभी अभिभावकों को धन्यवाद ज्ञापित की।  भविष्य में विद्यालय की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा अमूल्य समय देकर के विद्यालय में उपस्थित हुए इसी तरह के जब भी विद्यालय में कोई कार्यक्रम हो आप लोग अधिक से अधिक संख्या में पधार कर बच्चों का उत्साह वर्धन कीजिए।

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