Narmada News Times

 “पीआर टी महाविद्यालय में गूंजा गुरु सम्मान का गौरव, धूमधाम से मनाया शिक्षक दिवस


 “शिक्षक वह शिल्पकार है, जो विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देकर राष्ट्र के निर्माण की नींव रखता है”—डॉ. अनिल सक्सेना

अनूपपुर । 5 सितंबर शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला

 व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के जीवन को दिशा देने वाला वह मार्गदर्शक है, जो साधारण प्रतिभा को असाधारण व्यक्तित्व में बदलने का कार्य करता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए पीआर टी महाविद्यालय, अनूपपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरुओं के सम्मान में भव्य एवं गरिमामई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शासकीय प्रधानमंत्री एक्सीलेंस, तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर के प्राचार्य डॉ. अनिल सक्सेना रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीआर टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार तिवारी ने की।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक बृजभूषण शुक्ला एवं हरिशंकर वर्मा, शासकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजयराज सिंह, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य एस.के. मिश्रा तथा पीआर टी महाविद्यालय के फाउंडर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय जिला संघचालक एवं वरिष्ठ शिक्षक राजेन्द्र प्रसाद तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

*गुरुओं का  सम्मान बना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण*

पीआर टी ग्रुप के संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा उपस्थित सभी शिक्षकों एवं अतिथियों का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम में भावनात्मक एवं आत्मीय वातावरण निर्मित कर दिया।

मुख्य अतिथि डॉ. अनिल सक्सेना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय का ज्ञान नहीं देता, बल्कि उनके संस्कार, सोच, चरित्र और भविष्य को गढ़ता है। जीवन में सफलता के लिए निरंतर सीखने, अनुशासन और अच्छे संस्कारों को अपनाना आवश्यक है।” उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने तथा अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन को जीवन की पूंजी बनाने की सीख दी।

अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मेहनत, अनुशासन, संस्कार, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता का आधार बताया।

*केक काटकर मनाया शिक्षक दिवस, प्रस्तुतियों ने बांधा समां*

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अतिथियों एवं शिक्षकों के साथ केक कटवाकर शिक्षक दिवस सेलिब्रेट किया। इस दौरान विद्यार्थियों में ख़ासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार- चांद लगा दिए।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने शिक्षक-शिष्य परंपरा की गरिमा को बनाए रखने तथा शिक्षा को संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संकल्प लिया।

सम्मान एक दिन का नहीं, संस्कार पूरी जिंदगी का”

कार्यक्रम को सफल बनाने में पीआर टी महाविद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि गुरु का सम्मान केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवनभर कृतज्ञता और संस्कार की पहचान है।

कार्यक्रम सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ।

 भारत ज्योति विद्यालय में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस


विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, गीत, नाटक एवं भाषण के माध्यम से शिक्षकों के प्रति व्यक्त किया आभार

अनूपपुर। भारत ज्योति विद्यालय में शिक्षक दिवस का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति प्रेम, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों तक ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने जीता दिल*

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, गीत, नाटक एवं भाषण के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। छोटे बच्चों ने अपने भाषणों के माध्यम से बताया कि शिक्षक हमारे जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन से जीवन में आगे बढ़ने, सफलता प्राप्त करने एवं निरंतर प्रगति करने का संदेश दिया।

वहीं बड़े विद्यार्थियों ने गीत, संगीत, नृत्य एवं नाटक के माध्यम से शिक्षकों के समर्पण एवं योगदान को प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।

*शिक्षा के साथ खेल एवं प्रतिभाओं को भी मिल रहा प्रोत्साहन*

भारत ज्योति विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी विद्यालय के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। यह सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय है, जहां कक्षा बारहवीं तक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा, कला, चित्रकला, रचनात्मकता एवं अन्य प्रतिभाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

विद्यालय के विद्यार्थी कैरम, शतरंज, थ्रो बॉल, डिस्कस थ्रो सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने संभागीय, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विद्यालय एवं अनूपपुर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।

विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन

विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाज, पर्यावरण, करियर एवं मानवीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

विद्यालय में कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य में अपने रुचि एवं क्षमता के अनुसार सही करियर का चुनाव करने की जानकारी मिलती है।

इसके साथ ही विद्यालय द्वारा चैरिटी कार्यक्रम एवं सेवा गतिविधियों का भी आयोजन किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो।

*पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी पहल*

पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न गणमान्य अतिथियों एवं विशेषज्ञों का आगमन हुआ, जिन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के महत्व के बारे में जानकारी दी।

विद्यालय में समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट अतिथियों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इससे बच्चों को कक्षा के बाहर की दुनिया को समझने और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

प्रतिभा सम्मान योजना एवं *प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन*

विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रतिभा सम्मान योजना पीएसवाए परीक्षा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। शिक्षा के साथ-साथ शोध, कला एवं चित्रकला के क्षेत्र में भी विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अपनी पहचान बनाई है और विभिन्न स्तरों पर चयनित एवं सम्मानित हुए हैं।

*प्रधानाचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर एवं उप-प्रधानाचार्य सिस्टर जिस मारिया के मार्गदर्शन में सर्वांगीण विकास*

विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर एवं उप-प्रधानाचार्य सिस्टर जिस मारिया के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में विद्यार्थियों की शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

विद्यालय में विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। अंग्रेजी भाषा में संवाद करने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनके भाषा कौशल एवं आत्मविश्वास में निरंतर वृद्धि हो रही है।

*पूर्व छात्रा श्रेया गुप्ता ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया विद्यालय का मान*

भारत ज्योति विद्यालय की पूर्व छात्रा श्रेया गुप्ता ने भी खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त कर विद्यालय का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। श्रेया गुप्ता टेबल टेनिस की प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और कई बार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

वर्तमान में भी वे राष्ट्रीय चैंपियनशिप एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले रही हैं। वर्ष 2025 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ खेल उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सांसद विश्वास कैलाश सारंग एवं डॉ. अशोक ध्यानचंद, महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के पुत्र, के हाथों प्राप्त हुआ।

श्रेया गुप्ता को भारत ज्योति विद्यालय में सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी पुरस्कार एवं सर्वश्रेष्ठ खेल छात्रा पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी उपलब्धियां विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

शिक्षा, संस्कार, खेल एवं सेवा का संगम

भारत ज्योति विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा एवं करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियों को विशेष महत्व दिया जाता है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संस्कारी, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम इसी भावना को प्रदर्शित करते हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों से विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं और विद्यालय, अपने परिवार एवं अनूपपुर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

भारत ज्योति विद्यालय का यह निरंतर प्रयास विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 डीवीएम पब्लिक स्कूल अनूपपुर में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस


अनूपपुर। डीवीएम पब्लिक स्कूल, अनूपपुर में 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक डॉ. वाचस्पति कुलवंत द्वारा भारत के महान शिक्षक, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं चंदन-वंदन कर किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों द्वारा भाषण, कविता, संस्कृत कार्यक्रम सहित अनेक रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक डॉ. वाचस्पति कुलवंत ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से देश के जिम्मेदार एवं महान नागरिक बनने का आह्वान किया।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुशीला कुलवंत ने कहा कि शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि वह मार्गदर्शक होता है, जो विद्यार्थियों को जीवन जीने की सही कला, अच्छे संस्कार और सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षकों के प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षक दिवस भारत के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन विद्यार्थी अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा और समाज के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह, सम्मान और उमंग से भरा रहा। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए शिक्षक दिवस को यादगार बनाया।



 फसल बचाने के नाम पर पशुओं को खेल मैदान में बंद करने का आरोप, तीन दिनों से चारा-पानी के लिए तरस रहे मवेशी

राजेंद्रग्राम/पुष्पराजगढ़। जिला अनूपपुर के तहसील पुष्पराजगढ़ अंतर्गत राजेंद्रग्राम क्षेत्र में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले मवेशियों को पकड़कर खेल मैदान के अंदर बंद किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पशुओं को मैदान के अंदर कर गेट पर ताला लगा दिया गया है, लेकिन उनके लिए चारा और पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मैदान में बंद गाय-बछड़े सहित अन्य पशु पिछले करीब तीन दिनों से भूखे-प्यासे हैं। पशुओं के लगातार चिल्लाने से आसपास के लोगों में भी चिंता और नाराजगी देखी जा रही है।

बताया गया है कि कुछ जागरूक नागरिकों ने मामले की शिकायत 181 एवं 112 पर भी की है। शिकायत किए जाने के बावजूद अभी तक पशुओं को बाहर निकालने अथवा उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था किए जाने की कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि किसानों की फसलों को मवेशियों से बचाने की समस्या का समाधान आवश्यक है, लेकिन इसके लिए पशुओं को इस प्रकार बंद करके उन्हें भूखा-प्यासा रखना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था कराई जाए तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की उचित व्यवस्था की जाए।

अब देखना यह है कि शिकायतों के बाद प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और भूखे-प्यासे पशुओं को राहत कब मिलती है।

 *तुलसी कॉलेज में IIT नई दिल्ली के सहयोग से AI एवं Fintech प्रशिक्षण, 8 सितंबर को प्रवेश परीक्षा*


 

अनूपपुर । 05 सितंबर 2026  प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी एवं रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना, उच्च शिक्षा भोपाल के अंतर्गत IIT नई दिल्ली के सहयोग से AI एवं Fintech सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए 8 सितंबर 2026 को दोपहर 12 से 1 बजे तक प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।

प्रवेश परीक्षा में स्नातक तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे। परीक्षा में सामान्य अभिक्षमता, गणितीय अभिक्षमता, तकनीकी अभिक्षमता, उभरती तकनीक, रचनात्मकता एवं नवाचार तथा संचार एवं सहयोग से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रवेश परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को AI एवं Fintech सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

कोर्स सफलता पूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को IIT नई दिल्ली द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में आवश्यक कौशल एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन में संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक ने पात्र विद्यार्थियों से प्रवेश परीक्षा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाने की अपील  की  है।

 भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की गरिमा एवं भक्तिपूर्ण आयोजन श्रद्धा और उल्लास पूर्वक शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में सम्पन्न हुई




 

अनूपपुर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना के निर्देशन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन भक्ति-भाव, श्रद्धा और उल्लास पूर्वक सम्पन्न हुई ।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे अन्तर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन] अनूपपुर के पूज्यपाद स्वामी पवित्र कृष्ण चंद्र प्रभु जी विशिष्ट अतिथि गीता प्रतिष्ठानम्  जिला प्रमुख  दीपक त्रिपाठी जी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ जे.के.सन्त विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र ने किया । कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीकृष्ण जी एवं मां सरस्वती जी के प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ ।  दीपक त्रिपाठी जी ने स्वास्ति वाचन कर विश्वकल्याण हेतु प्रार्थना की  इस्कॉन अनूपपुर से पधारे पूज्यपाद् स्वामी पवित्र कृष्ण चंद्र प्रभु जी , सच्चिदानंद जी,  प्रशांत पाण्डेय जी,  गौरांग जी एवं  अक्षत जी के द्वारा प्रस्तुत श्री हरिनाम कीर्तन से समूचा सदन श्रीकृष्ण भक्तिमय हो गया । अपने उद्बोधन में पूज्यपाद् स्वामी पवित्र कृष्ण चंद्र प्रभु जी भगवान श्रीकृष्ण जी की महिमा वर्णन, श्रीमद्भागवत की प्रासंगिकता और उन्हें समस्त सृष्टि के नियामक और संचालक के रुप रुप में उनकी भक्ति को मोक्ष प्राप्ति का सुगम मार्ग बताया ।  प्रशांत पाण्डेय जी और  दीपक त्रिपाठी जी ने अपने विद्वतापूर्ण उद्बोधन में श्रीकृष्ण संकीर्तन की महिमा और उनके 64 कलाओं और 14 विद्या के सम्यक व्याख्या प्रस्तुत की । अखिल भारतीय साहित्य परिषद की कवियित्री श्रीमती आकांक्षा शुक्ला ने अपने सुमधुर गीतों की प्रस्तुति कर सबका मन मोह लिया । डॉ. जे.के.सन्त, विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र ने श्रीमद्भगवद्गीता पर प्रकाश डालते हुए उसकी प्रासंगिकता और महत्व को प्रतिपादित किया । कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए डॉ. नीरज श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष हिन्दी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति मार्ग का अनुसरण करते हुए हम जन्म एवं मृत्यु से मुक्ति पाकर मोक्ष की प्राप्ति कर अपना मानव जीवन कृतार्थ कर सकते हैं । कार्यक्रम के अन्त में डॉ- ज्ञान प्रकाश पाण्डेय- जिला संगठक एन.एस.जी ने आभार प्रदर्षन कर धन्यवाद ज्ञापित किया । इस अवसर पर डॉ- प्रीति सागर मलैया, डॉ ब्रजेन्द्र सिंह, डॉ तरन्नुम शरबत, डॉ श्रद्धा चौरसिया, डॉ राकेश सिंह, डॉ. राजेश्वरी तिवारी, डॉ तुलसी रानी पटेल, डॉ विद्या पुसाम,  अंजली कहार सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही ।

 उमर गोहान मिडिल स्कूल में बच्चों के अनुकूल विधिक साक्षरता शिविर आयोजित



अनूपपुर । 31 अगस्त 2026 मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर श्रीमती माया विश्व लाल के मार्गदर्शन में ग्राम उमर गोहान स्थित मिडिल स्कूल में विद्यार्थियों के लिए मैत्रीपूर्ण एवं जागरूकता आधारित विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा बच्चों से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर  रावेन्द्र कुमार सोनी जी ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, शिक्षा का अधिकार, बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम, बच्चों की सुरक्षा तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या, शोषण अथवा अन्याय की स्थिति में बच्चें उचित माध्यम से विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

 सोनी जी ने विद्यार्थियों को संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता एवं शिक्षा सहित विभिन्न मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही संविधान, राष्ट्रध्वज एवं राष्ट्रगान का सम्मान करना, पर्यावरण की रक्षा करना, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना तथा देश की एकता एवं अखंडता बनाएं रखना प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अन्य बच्चों को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

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