*जंगल का विकास या शहर का वनवास?

बीरेंद्र सिंह (अनूपपुर)


कभी गांव और शहर के लोग जंगल घूमने जाते थे, आज जंगल के निवासी गांव और शहर का भ्रमण करने निकल पड़े हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इंसान पिकनिक मनाने जाता है और हाथी-बंदर "राशन-पानी" की तलाश में।

आज गांव हो या शहर, हर तरफ एक ही चर्चा है—"हाथी आ गए...", "बंदरों ने हमला कर दिया...", "फसल चौपट हो गई...", "छत पर रखे फल गायब हो गए..."। वन विभाग की गाड़ियां दौड़ती हैं, प्रशासन बैठकें करता है, मुआवजे की फाइलें खुलती हैं और अखबारों में सुर्खियां बनती हैं। कुछ दिन बाद सब कुछ सामान्य हो जाता है, फिर वही हाथी, वही बंदर और वही परेशान जनता।

ऐसा लगता है कि हाथियों और बंदरों ने भी अब अपना स्थायी पता बदल लिया है। जंगल में उनका आधार कार्ड शायद निष्क्रिय हो गया है और गांव-शहर उनका नया निवास बन चुका है।

सरकार हर साल करोड़ों रुपये मुआवजे के रूप में खर्च करती है। किसी की फसल नष्ट हुई, किसी का मकान टूटा, किसी की दुकान उजड़ी, किसी की जान चली गई। मुआवजे की घोषणा होती है, कागज बनते हैं, जांच होती है और महीनों बाद कुछ राशि मिलती है। लेकिन किसी ने यह नहीं पूछा कि आखिर हाथी और बंदर जंगल छोड़कर बाहर क्यों आ रहे हैं?

जंगल के जानवरों ने शायद अपनी भाषा में वन विभाग को आवेदन लिखा होगा—"मान्यवर, जंगल में खाने को कुछ नहीं बचा। फलदार पेड़ कट गए, प्राकृतिक भोजन समाप्त हो गया। इसलिए मजबूरी में गांव की ओर आना पड़ रहा है। कृपया हमें अपराधी न समझें, हम केवल भूखे हैं।"

यदि यह आवेदन सचमुच लिखा जाता, तो शायद फाइल किसी अलमारी में धूल खा रही होती।

विडंबना देखिए, जंगल में पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन ऐसे जिनसे न हाथी का पेट भरता है, न बंदर का। फलदार वृक्षों की जगह सजावटी पौधों की संख्या बढ़ती जाती है। फिर आश्चर्य व्यक्त किया जाता है कि जानवर गांव क्यों आ रहे हैं!

लगता है योजना बनाने वालों ने यह मान लिया है कि हाथी भी अब बिस्कुट खाएगा और बंदर ऑनलाइन फल मंगवाएगा।

वन विभाग की पूरी ताकत हाथियों को गांव से भगाने में लग जाती है, लेकिन उन्हें जंगल में रोकने की स्थायी व्यवस्था पर कम ध्यान दिखाई देता है। यह वैसा ही है जैसे घर में भोजन न बनाकर रोज़ भूखे बच्चें को पड़ोसी के घर जाने से रोका जाए।

अगर जंगल में आम, जामुन, कटहल, बेल, बरगद, पीपल, गूलर, महुआ और अन्य फलदार वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाए, तो हाथियों और बंदरों को भोजन के लिए गांव-शहर की ओर भटकना ही क्यों पड़े?

सवाल यह नहीं कि हाथी गांव में क्यों आया। असली सवाल यह है कि जंगल में ऐसा क्या नहीं बचा, जिसने उसे गांव आने पर मजबूर कर दिया।

आज आवश्यकता केवल मुआवजा बांटने की नहीं, बल्कि जंगल को फिर से समृद्ध बनाने की है। जब जंगल में भोजन होगा, पानी होगा और प्राकृतिक आवास सुरक्षित होगा, तब हाथी भी वहीं रहेगा, बंदर भी वहीं रहेगा और गांव-शहर के लोग भी चैन की सांस लेंगे।

अन्यथा आने वाले समय में स्थिति ऐसी भी हो सकती है कि जंगल के प्रवेश द्वार पर बोर्ड लगा हो—"यहां कभी हाथी और बंदर रहते थे। वर्तमान पता—निकटतम गांव एवं शहर।"

व्यंग्य अपनी जगह है, लेकिन सच्चाई यही है कि यदि जंगल बचेंगे, तभी जंगल के जीव बचेंगे और तभी गांव-शहर भी सुरक्षित रहेंगे। समाधान जानवरों को दोषी ठहराने में नहीं, बल्कि उनके प्राकृतिक घर को फिर से समृद्ध बनाने में है।


 *रामपुर बटुरा कोयला खदान के जय अम्बे कम्पनी के आफिस में देशी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास का मुख्य आरोपी कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  विक्रान्त मुराब (भारतीय पुलिस सेवा) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी अनूपपुर  नवीन तिवारी के मार्ग दर्शन में थाना कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा एस.ई.सी.एल की रामपुर बटुरा ओपन कोल माइन्स के जय अम्बे प्रायवेट लिमिटेड के ग्राम खांडा स्थित कार्यालय में दिनांक 07.06.2026 को दोपहर करीब 03 बजे पहुंचकर देशी कट्टा से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी  राम विश्वकर्मा निवासी ग्राम रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है।

उल्लेखनीय है कि दिनांक 07.06.2026 को जय अम्बे इंडस्ट्रीज प्रायवेट लिमिटेड में काम करने वाले टाईम कीपर अमन सिंह क्षत्रीय पिता लल्लू सिंह सोलंकी उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम लमकना थाना बडवारा जिला कटनी के द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई की दिनांक 07.06.2026 को दोपहर करीब 03 बजे ग्राम खांडा में कंपनी के कार्यालय में सहकर्मचारी रोहित तिवारी, मनमोहन केवट, जीतेन्द्र प्रसाद, प्रभात कुशवाहा, कृष्णकांत पाण्डेय, पारस एवं अन्य के साथ आफिस का काम कर रहे थे तभी श्रीराम विश्वकर्मा अपने दो साथियों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश विश्वकर्मा के साथ कार्यालय में घुस आया और बोलने लगा की तुम लोग हमारे 8-10 लोगों को काम पर नहीं रखते हों और इसी बात पर विवाद करते हुये मां बहन की गंदी गंदी गाली देते हुये श्रीराम विश्वकर्मा ने कमर के पास से देशी कट्टा निकाल कर जान से मारने के लिये फायर कर दिया तभी गार्ड पारस के द्वारा धक्का दिये जाने से गोली आफिस के फर्श की टाईल्स में जा धसी और तीनों व्यक्ति जान से मारने की धमकी देते हुये चले गये उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्र. 324/2026 धारा 109 (1), 296 (बी), 351(2), 331(7),333,3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट पंजीबद्ध किया गया। उक्त प्रकरण की विवेचना में दिनांक 10.06.2026 को आरोपी पप्पू विश्वकर्मा पिता गोविन्द प्रसाद विश्वकर्मा उम्र करीब 40 वर्ष निवासी रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल एवं दिनांक 11.06.2026 को आरोपी मिथलेश चर्मकार पिता रामनरेश चर्मकार उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल को गिरफ्तार किया जाने पर माननीय न्यायालय द्वारा जेल भेजा गया है। उक्त प्रकरण का मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा घटना बारदात के तुरन्त बाद फरार हो गया था जो कोतवाली पुलिस द्वारा लगातार पतासाजी की गई।

टी.आई कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जयपुश लकडा, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार (सायबर सेल), आरक्षक अमित यादव, आरक्षक पंकज मिश्रा (सायबर सेल) की टीम के द्वारा मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा पिता गोविन्द प्रसाद विश्वकर्मा उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया जाकर आरोपी से बारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा जप्त किया गया है । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  विक्रान्त मुराब द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर की उक्त टीम को देशी कट्टा से फायर कर हत्या के प्रयास मुख्य आरोपी को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने के लिये पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है।


 *भाविप विवेकानंद शाखा ने बांटी अध्ययन सामग्री*मनाया सेवा पखवाड़ा
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शहडोल । भारत विकास परिषद स्वामी विवेकानंद शाखा ने पुराने बस स्टैंड के पीछे की सेवा बस्ती में रहने वाले विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री का वितरण किया ।   परिषद अपने संस्थापक डॉ. सूरज प्रकाश जी के जन्मदिन 27 जून से स्थापना दिवस 10 जुलाई तक सेवा पखवाड़ा का आयोजन कर रहा है। जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के सेवा के कार्य किये जा रहे हैं। पखवाड़ा  के शुरुआत में परिषद के सदस्यों के द्वारा अध्ययन सामग्री का वितरण किया गया है , जो बच्चों को पढ़ाई में मदद करेगा।  कार्यक्रम की शुरुआत में परिषद की महिला सदस्यों ने बस्ती की उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर उनकी  आवश्यकताओं को जाना तथा उन्हें शिक्षा का महत्व बताया। सेवा पखवाड़ा में आने वाले दिनों में स्वास्थ्य शिविर, वृहद वृक्षारोपण,  रक्तदान शिविर आदि का आयोजन भी किया जाएगा । 

आज के आयोजन में परिषद के रीजनल संयोजक (संपर्क) एसएस जौहरी, अध्यक्ष मनीष गुप्ता, सचिव नीति सिंघल, कोषाध्यक्ष  अशोक मोर, संरक्षक रवि नेमा, डॉ दीपक कुशवाहा, प्रमोद सोनी, श्रीजा गुप्ता, 

डॉ ओपी चौधरी, भारती गुप्ता, ममता नेमा, श्रीलेखा जौहरी, हिमांशु सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहें।

 तुलसी महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प


अनूपपुर । 25 जून 2026 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशा न करने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने कहा कि युवा वर्ग राष्ट्र की शक्ति है और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर अपने व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य संरक्षण एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशा मुक्ति का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। 

इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जे.के. संत सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

 भारत विकास परिषद शाखा छतरपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारी संख्या में योग कराया


 योग स्वस्थ जीवन का आधार - कमल अग्रवाल  

छतरपुर । भारत विकास परिषद शाखा छतरपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर छतरपुर शाखा द्वारा सदस्यों ने भारी संख्या में विंध्य प्रांत के उपाध्यक्ष योगी कमल अग्रवाल द्वारा योग कराया गया । योग करते समय उन्होंने कहा स्वस्थ जीवन का आधार योग है । स्वस्थ रहने के लिए बच्चों से बुजुर्ग तक प्रतिदिन योग करना चाहिए जिससे सभी स्वस्थ रह सके। तथा साथ में शाकाहारी भोजन फल दूध ले, मांस मछली अंडा शराब बीड़ी सिगरेट ना पिए , तथा गुटखा ना खाएं  तभी योग सफल होगा एवं सभी स्वस्थ रहेंगे इस योग दिवस  पर विंध्य प्रांत के महामंत्री आलोक टिकरया ,शाखा अध्यक्ष अनुपम टिकरया, सचिव उमेश लालवानी, कोषाध्यक्ष पूरन लाल गुप्ता ,लल्ला जगत सिंह, डॉक्टर एस के चौरसिया, एम डी, राजेंद्र अग्रवाल, सुरेंद्र अग्रवाल , रघुनाथ शर्मा, दीपक खरे, प्रकाश जैन,  विनोद गुप्ता, स्वतंत्र शर्मा, राजीव रसिया ,अशोक रसिया ,जगदीश टिकरया सहित शाखा के अनेक सदस्य मातृशक्ति बच्चों सहित उपस्थित रहें कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


















 प्रांतीय कार्यशाला ‘उद्दीपन’ 2026-27 का भव्य एवं सफल आयोजन सम्पन्न

रीवा। भारत विकास परिषद, विंध्य प्रांत की प्रांतीय कार्यशाला ‘उद्दीपन’ 2026-27 का सफल एवं गरिमामय आयोजन रीवा शाखा के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में विंध्य प्रांत की 12 शाखाओं से 112 दायित्व धारी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रांतीय पदाधिकारियों का दायित्व ग्रहण एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के लोकप्रिय जननायक, विकास पुरुष, स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री माननीय  राजेन्द्र शुक्ल जी ने नव-निर्वाचित प्रांतीय पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। अपने प्रेरणादाई उद्बोधन में उन्होंने भारत विकास परिषद को एक संस्कारित, स्वस्थ, समृद्ध एवं समाजोपयोगी संस्था बताते हुए कहा कि परिषद सेवा, संस्कार, सहयोग, समर्पण एवं संस्कृति के पांच प्रमुख प्रकल्पों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने हेतु सभी सदस्यों से सहयोग का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां भारती तथा युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा। रीजन से पधारे पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ, तिलक एवं सम्मान पट्टिका भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में रीजनल अध्यक्ष  सुनील कोठारी जी, रीजनल महासचिव  सुधीर अग्रवाल जी, रीजनल ऑडिटर सीए सत्यम केसरवानी एवं रीजनल संपर्क संयोजक  शक्ति सुमन जौहरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान विंध्य प्रांत के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा। पहली बार एक ही दिन में रीवा शाखा के सचिव  राजेन्द्र ताम्रकार जी को ‘विकास रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया, वहीं 12 सदस्यों को ‘विकास मित्र’ घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व विंध्य प्रांत में केवल एक ही विकास मित्र थे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रां. संरक्षक राकेश अग्रवाल जी, प्रां. सलाहकार रमेश कुमार अग्रवाल जी, प्रांत अध्यक्ष  योगेश जैन जी, प्रांत महासचिव  आलोक ठिकरिया जी, प्रांत कोषाध्यक्ष  नवीन केशरी जी, प्रांतीय उपाध्यक्ष ओ पी राय जी, प्रांतीय उपाध्यक्ष कमल अग्रवाल जी,प्रांतीय महिला गतिविधि संयोजक श्रीमती अनुराधा श्रीवास्तव, प्रांतीय सेवा संयोजक  अतुल जैन जी, प्रांतीय संयोजक संपर्क   प्रदीप जैन जी, प्रांतीय संयोजक -संस्कार शिवम भारती ,प्रांतीय पर्यावरण प्रमुख  संजय गुप्ता जी, प्रांतीय भारत को जानो श्रीमती अनमोल केसरवानी, प्रांतीय गुरु वंदन छात्र अभिनंदन सुरेश विश्नोई जी, प्रांतीय संस्कृति सप्ताह प्रमुख श्रीमती श्वेता जैन, प्रांतीय प्रचार प्रसार प्रमुख बीरेंद्र सिंह जी,  प्रांतीय संयोजक की स्थापना दिवस रविंद्र गुप्ता जी, प्रांतीय संयोजक जयंती एवं त्यौहार प्रकाश 

 शर्मा जी,शाखा अध्यक्ष  कमल सूरी जी, शाखा सचिव  राजेन्द्र ताम्रकार जी एवं कोषाध्यक्ष  दलवीर द्विवेदी जी ने सभी शाखाओं, पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह कार्यशाला संगठनात्मक सुदृढ़ ता, सेवा भावना एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करने वाली सिद्ध हुई।

 *विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम हेतु जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न


अनूपपुर । 12 जून 2026 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में आयुक्त उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त निर्देशों के पालन में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के समाधान एवं आत्महत्या की रोकथाम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए माननीय कलेक्टर अनूपपुर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय निगरानी समिति (District Level Monitoring Committee - DLMC) की बैठक दिनांक 12 जून 2026 को महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनूपपुर की एसडीएम सुश्री प्राक्षी अग्रवाल ने की।

बैठक में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार सक्सेना ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके उपरांत राष्ट्रीय टास्क फोर्स (NTF) के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की गई।

बैठक में विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति की रोकथाम हेतु अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। इनमें प्रमुख रूप से एम.एस.डब्ल्यू. (MSW) के छात्र-छात्राओं को प्रोजेक्ट कार्य के अंतर्गत मेंटर एवं काउंसलर के रूप में जोड़ने, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से मेंटर/काउंसलर की नियुक्ति करने, मनोचिकित्सकों एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित कराने, विद्यार्थियों को ‘उमंग’ प्लेटफॉर्म से जोड़कर परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु हेल्प सेंटर स्थापित करने जैसे सुझाव शामिल रहे।

बैठक में  रामनाथ कोरी, श्रीमती प्रभा सिंह,  अशोक त्रिपाठी,  विनोद कुमार सोनी,  प्रेमचंद गुप्ता,  बाल्मीकि राठौर, महाविद्यालय के लेफ्टिनेंट अजय राज सिंह राठौर (एनसीसी अधिकारी) तथा जिला नोडल एनटीएफ डॉ. विनोद कुमार कोल सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने, परामर्श सेवाओं को प्रभावी बनाने तथा शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने हेतु सामूहिक प्रयासों पर बल दिया गया।

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