Narmada News Times

 मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर  विभिन्न समस्याओं  के संबंध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन




दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो  09 फरवरी से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर सामूहिक अवकाश व होगी अनिश्चित कालीन हड़ताल 

अनूपपुर । मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर में कलेक्टर को अवगत कराया कि जिला-अनूपपुर में पदस्थ पटवारी अपनी सेवा का निर्वहन पूरी निष्ठा से लगातार कर रहे है परन्तु उनके कार्य के दौरान आने वाली कुछ न्यायोचित समस्याएं है जिनका निराकरण किया जाना अतिआवश्यक है ।

 अनूपपुर जिले की समस्त तहसीलों में विगत 100 दिवस से अधिक समय से एवं रविवार व अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में भी शाम 6:00 बजे से रात 9 या 10:00 तक बैठक का आयोजन किया जा रहा है जो नियम विरुद्ध होकर पटवारी को प्रताड़ित करने की योजना बन चुका है ऐसी योजना का हम विरोध करते हैं और असमय बैठक करने से पटवारी के सामान्य जीवन एवं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और उसकी कार्य क्षमता घट चुकी है विभिन्न पारिवारिक आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं केवल एक शाम की बैठक में न जाने पर तीन दिवस का वेतन मन माने ढंग से काटा जा रहा है इस प्रकार प्रशासन ‌द्वारा बर्बरता पूर्वक मनमानी ढंग से पटवारी के पीठ के साथ-साथ पेट पर भी मारी जा रही है जो अधिकारियों को शोभा नहीं देता है इस प्रकार अपने छोटे कर्मचारियों पर नियमों को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसा लगता है सभी नैतिक एवं सामाजिक मूल्य मृत हो चुके हैं और केवल बदले की भावना से कार्य करना ही उद्देश्य रह गया है अब परिस्थितियां अत्यंत भयावह हो चुकी हैं हम ऐसी स्थिति का पुरजोर विरोध करते हैं।

जियो टैग गिरदावरी शासन द्वारा लगभग 3 वर्षों से सर्वेयर ‌द्वारा गिरदावरी करवायी जा रही है, परन्तु

सर्वेयर को मानदेय भुगतान ना होने के कारण वे कार्य नहीं कर रहे हैं जिस कारण से गिरदावरी अंततः पटवारी को करनी पड़ रही है जहां एक सर्वेयर द्वारा आपेकतम 1000 खसरे की गिरदावरी का प्रावधान है परन्तु उनके द्वारा कार्य ना किये जाने के कारण पटवारी को अपने सारे हल्कों के सारे गांवों में स्वयं गिरदावरी करनी पड़ रही है जहां खसरों की संख्या लगभग 5 से 10 हजार है और ऐसी स्थिति में खसरा आधारित जिओटैग गिरदावरी किया जाना संभव नहीं है अतः आपसे निवेदन है कि पटवारी की आईडी से खसरे आधारित जिओटैग हटाई जाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी करवाये जाने का प्रावधान किया जाए।

फार्मर आई डी- फार्मर आई पटवारी के साथ-साथ सी एस सी सेंटर, एमपी ऑनलाईन से बनवाई जा रही है

जिनका उन्हें भुगतान भी किया जा रहा हैं, पर शासन द्वारा पटवारी को इस संबंध में दबाव दिया जा रहा है जो अनुचित है, साथ ही इसमें अनेक विसंगतियां है जैसे कई खातेदार व सहखातेदारों का अन्यत्र निवास करना, पोर्टल पर उपलब्ध डाटा त्रुटिपूर्ण होना, आई डी बन जाने के बाद भी पेंडिंग सुची में खसरे पेंडिंग दिखाई देना, कई खसरे आई डी बनाने हेतु पोर्टल पर उपलब्ध ना होना, किसान के आधार से उसका मोबाइल नंबर लिंक ना होना और किसान द्वारा ओटीपी ना देना आदि। इन सारी समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द किया जाये और इस कार्य हेतु अनावश्यक दबाव बनाकर एवं कार्यवाही करके पटवारी साथियों को प्रताड़ित ना किया जाए।

नवोदित पटवारियों को 100 प्रतिशत सैलरी नवनियुक्त पटवारी साथियों को नियुक्ति पत्र वितरण के समय

तात्कालीन मुख्यमंत्री महोदय ‌द्वारा यह घोषणा की गई थी कि नवनियुक्त पटवारियों को नियुक्ति दिनांक से ही २०० प्रतिशत सैलरी दी जायेगी परन्तु शासन द्वारा यह आदेश आज दिनांक तक लम्बित है परन्तु वर्तमान "में माननीय हाईकोर्ट जबलपुर से म.प्र. के शासकीय कर्मचारियों के हित में ये आदेश पारित किया गया है कि जो पटवारी साथी 70, 80, 90 प्रतिशत सैलरी के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें 100 प्रतिशत सैलरी दी जाए और शेष राशि का एरियर जल्द दिया जाये। अतः इस आदेश के परिपालन में भ.प्र. में पदस्थ सभी नवोदित पटवारी

जिला प्रशासन के द्वारा पटवारी को स्पष्ट तौर पर निशाने में लिया जा रहा है पटवारी की गलती है या नहीं इसकी जांच किए बिना उनके ऊपर अत्यधिक मात्रा में मनमाने अर्थदंड अध्यारोपित करने के आदेश प्रसारित किया जा रहा हैं, बिना कार्य करने का अवसर दिए ही समीक्षा की जाती है जिससे अपेक्षित प्रगति स्वाभाविक रूप से कम होती है फिर सीधे निलंबन कर दिया जाता है जांच किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है ऐसी समस्त नियम विरुद्ध कार्रवाई वापस लिया जाए ।

 वर्तमान समय में जिले व राज्य में फार्मर रजिस्ट्री एवं उसकी बकेटिंग का कार्य किया जा रहा है राज्य शासन द्वारा उपरोक्त कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए तथा गांव-गांव टोले- टोले मजरे -मजरे पर कैंप आयोजित करने के लिए राशि का प्रबंध किया गया है किंतु फार्मर रजिस्ट्री कार्य के लिए कैंप आयोजन के संबंध में जिला अनूपपुर में ऐसा कोई आदेश प्रसारित नहीं किया गया है ताकि पटवारी के गांव पर कैंप के माध्यम से किसानों की फॉर्म रजिस्ट्री और उसके बकेटिंग का कार्य किया जाए आखिर यह बजट कहां पर रखा हुआ है और भविष्य में इसकी क्या उपयोगिता होगी क्या यह स्वामित्व योजना की तरह जिले को प्राप्त प्रत्येक गांव 7500 की तरह लैंप्स हो जाएगा जिसका संपूर्ण काम पटवारी द्वारा अपनी जेब से कराया गया था किंतु आज तक उसका भुगतान पटवारी को लंबित है प्रदेश के अन्य जिलों में उपरोक्त भुगतान पटवारी को किया जा चुके हैं।

लघु सिंचाई एवं कृषि संगना का कार्य पूर्व में जिले में किया जा चुका है किंतु उसका भुगतान आज तक लंबित है ऐसा क्यों है की सारी योजनाओं पर जिले अनूपपुर में पटवारी द्वारा कार्य किया जाता है किंतु उसका भुगतान अंतिम समय तक नहीं किया जाता है आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या उस पर जिला प्रशासन कोई अर्थ दंड कार्यवाही प्रस्तावित करेगा यह एक प्रश्न है या केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खाना पूर्ति कर दी जावेगी ।

पटवारी के वेतन के संबंध में समस्त प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञात होना चाहिए की पटवारी दौड़-दौड़कर 14 घंटे कार्य करता है जब उसके वेतन देने की बारी आती है तो विगत पांच माह से चौथी बार महीने के अंतिम तारीख को माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा जिले के समस्त पटवारी का वेतन रोकने जाने का आदेश प्रसारित किया जाता है विचार करने योग्य बात यह है कि क्या पटवारी द्वारा प्रतिदिन 14-14 घंटे कार्य करने के पश्चात भी क्या जिले में एक पटवारी भी ऐसा नहीं है जो जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप अपेक्षित प्रगति को प्राप्त कर लिया है यदि सच में ऐसा नहीं है तो यह अपने आप में जिला प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह है उन्हें स्वयं भी अपना वेतन प्राप्त करने का अधिकार नहीं है ।

 वेतन कटौती/निलंबन वर्तमान में कार्य की अधिकता, आकस्मिक व अवकाश के दिनों भी मीटिंग के चक्कर में मानसिक दबाव के चलते मानवीय त्रुटि हो जाती हैं। उस पर उदार पूर्ण रवैया बरतते हुये की गई कार्यवाहियों को तत्काल अपास्त कर विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखे जाने के निर्देश दिये जाने चाहिये।

उपरोक्त दिए गए बिंदु पर जिला प्रशासन को अब विचार करने की आवश्यकता छोड़ कार्रवाई करने की आवश्यकता है यदि उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल चरणबद्ध आंदोलन करने हेतु बाध्य होगा ।

उक्त के संबंध में कलेक्टर अनूपपुर को अवगत कराना है कि जिले अनूपपुर के ज्ञापन में शामिल बिंदुओं का दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो दिनांक 09/02/2026 सोमवार से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार का सामूहिक अवकाश व् उसके पश्चात अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने हेतु विवश होंगे इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ।


 *कोतवाली अनूपपुर पुलिस के तत्परता पूर्वक सोशल मीडिया में किये गये प्रयासों से मानसिक रूप से अस्वस्थ भटकती मिली नवयुवती को छत्तीसगढ निवासी परिजनो को सौंपा


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी. अनूपपुर  सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा तत्परता पूर्वक सोशल मीडिया में किये गये प्रयासों से मानसिक रूप से अस्वस्थ भटकती मिली नवयुवती को छत्तीसगढ निवासी परिजनों से मिलवाया गया है।

गुरूवार दिनांक 05.02.2026 की रात्रि करीब 09.00 बजे डायल 112 सर्विस के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि अनूपपुर में अमरकंटक रोड पर जेल बिल्डिंग के पास एक 20 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ नवयुवती भटक रही है जो अपना नाम पता नहीं बता पा रही है। उक्त सूचना पर तत्काल पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर उक्त नवयुवती को सुरक्षित महिला डेस्क कोतवाली लाया जाकर भोजन  - पानी एवं रुकने की व्यवस्था की गई।

टी.आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन, महिला उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, महिला आरक्षक कविता विकल एवं आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा उक्त नवयुवती की फोटो सोशल मीडिया में जारी किये गये जो छत्तीसगढ़ के मरवाही (जिला जी.पी.एम.) के अंतर्गत ग्राम उसाड़ निवासी माता पिता तक सोशल मीडिया से बच्ची की जानकारी पहुंची जिनके आज सुबह थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचने पर कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा मानसिक रूप से अस्वस्थ नवयुवती को सकुशल माता पिता को सौंपा गया। नवयुवती के पिता   शिवकुमार पाव ने बताया कि उनकी बेटी कुमारी रामकली पांव जन्म से ही मानसिक रूप से स्वस्थ है एवं बोल समझ नहीं पाती है जो दिनांक 26.01.2026 को उक्त नवयुवती मानसिक संतुलन ठीक ना होने से बिना बताये घर से चली गई थी और जिसका कोई पता नहीं चल रहा था। नवयुवती के माता-पिता  ने कोतवाली अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया है।

 अनूपपुर भाजपा जिला कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक 7 फरवरी को


 

अनूपपुर । भारतीय जनता पार्टी जिला अनूपपुर  द्वारा विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट (VB-G RAM G) कार्यशाला सुनिश्चित की गई है, जिसमें शहडोल सम्भाग प्रभारी गौरव सिरोठिया एवं जिला प्रभारी भाजपा  मिथलेश पयासी तथा अनूपपुर भाजपा जिला अध्यक्ष  हीरा सिंह श्याम  का मार्गदर्शन प्राप्त होगा ।

भारतीय जनता पार्टी जिला उपाध्यक्ष एवं VB-G RAM G   जिला संयोजक जितेंद्र सोनी ने सभी अपेक्षित सांसद विधायक एवं मंत्री, प्रदेश का समिति सदस्य जिला पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी मंडल महामंत्री, नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष  ,सभी मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं महामंत्री , (VB-G RAM G) मण्डल संयोजक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्य , जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य , पूर्व मंडी अध्यक्ष एवं सदस्य , पूर्व सहकारी समिति अध्यक्ष एवं सदस्य , जलाशय समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्यों से 7 फरवरी दोपहर 1 बजे भाजपा कार्यालय में उपस्थित होने के लिए अपील की है ।

 अमरकंटक तक रेल विस्तार और औद्योगिक विस्तार से खुलेगा विकास का नया गलियारा


वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की रिपोर्टिंग और ‘कक्का की चौपाल’ में उठे सवालों पर बजट की मुहर

तीर्थ, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, IGNTU अमरकंटक सहित पूरे अंचल को होगा बहुआयामी लाभ

अनूपपुर

 जिले के वरिष्ठ वकील अनूपपुर विकास मंच के सक्रिय पदाधिकारी वासुदेव चटर्जी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि विकास की दिशा अक्सर सत्ता के गलियारों से नहीं, बल्कि ज़मीन से उठे सवालों से तय होती है। अनूपपुर–शहडोल अंचल में वर्षों से रेल कनेक्टिविटी को लेकर उठती आवाज़, वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की निरंतर न्यूज़ रिपोर्टिंग और उनके स्थायी जन पक्षीय कॉलम ‘कक्का की चौपाल’ में बार-बार रखे गए मुद्दों का ही परिणाम है कि अमरकंटक तक रेल विस्तार का लगभग 17 वर्ष पुराना सपना अब साकार होता दिख रहा है। रेल बजट 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) द्वारा शामिल किए गए नए रेल सर्वे प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि जब मुद्दे ईमानदारी से उठाए जाते हैं, तो सरकारें उन्हें सुनती भी हैं और सार्वजनिक हित में स्वीकार भी करती हैं।

रेल बजट में शामिल प्रस्तावों ने न केवल अमरकंटक बल्कि पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल के विकास को नई दिशा देने की उम्मीद जगा दी है। यह फैसला वर्षों से कक्का की चौपाल, अख़बारों के कॉलम, जनसंवाद और जनप्रतिनिधियों की बैठकों में उठते उस बुनियादी सवाल का जवाब है कि खनिज, जंगल, तीर्थ और श्रम देने वाला यह क्षेत्र क्या हमेशा रेल नक्शे के हाशिये पर ही रहेगा।

धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्वविख्यात नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक अब तक रेल सुविधा से वंचित रहा है, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रेल बजट दस्तावेज़ में पेंड्रा–अमरकंटक–डिंडोरी–मंडला–घंसौर लगभग 200 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के लिए रिकॉनिसेंस इंजीनियरिंग कम ट्रैफिक सर्वे को स्वीकृति दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 0.50 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके साथ ही जबलपुर–पेंड्रा वाया डिंडोरी (240 किमी) नई रेल लाइन के सर्वे को भी शामिल किया गया है, जिससे महाकोशल, आदिवासी अंचल और उत्तरी छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने की संभावना बनी है।

शहडोल जिले के लिए जयसिंहनगर–शहडोल (50 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे प्रस्ताव उस क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां कोयला, बॉक्साइट ,पत्थर, रेत, प्राकृतिक गैस, पॉवर प्लांट, जंगल और श्रम संसाधन तो हैं, लेकिन परिवहन कनेक्टिविटी वर्षों से सीमित रही है। वहीं अनूपपुर को इस बजट में केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि रणनीतिक जंक्शन के रूप में देखा गया है। अंबिकापुर–गढ़वा (170 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे, अनूपपुर फ्लाईओवर पसला बाई पास रोड से हार्री रेलवे फाटक तक और पेंड्रा रोड–शहडोल मल्टी ट्रैकिंग जैसे प्रस्ताव यह संकेत देते हैं कि अनूपपुर भविष्य में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेल केंद्र बन सकता है।

इसके साथ ही झारसुगुड़ा–चांपा–बिलासपुर सेक्शन में फ्लाईओवर, ग्रेड सेपरेटर और मल्टी ट्रैकिंग को प्राथमिकता देकर मालगाड़ी और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को गति देने की रणनीति भी सामने आई है, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल को मिलेगा।

इस पूरी रेल योजना के पीछे वर्षों की निरंतर पहल जुड़ी रही है। 2009 में वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय ने अपने लेखों के माध्यम से पेंड्रा से अमरकंटक तक रेल विस्तार का दूरदर्शी विचार सार्वजनिक विमर्श में रखा था। बाद में तत्कालीन सांसद स्वर्गीय राजेश नंदिनी सिंह ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस मांग को मजबूती दी, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने प्रारंभिक सर्वे प्रक्रिया शुरू की। समय के साथ परियोजना की गति भले धीमी पड़ी, लेकिन मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इसे पुनर्जीवित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अमरकंटक से मंडला, डिंडोरी और नरसिंहपुर तक रेल विस्तार की मांग दोहराई। इसके परिणामस्वरूप 17 जनवरी 2025 को रेल मंत्रालय द्वारा संबंधित निदेशालय को विस्तृत जांच और सर्वे के निर्देश जारी किए गए थे, जिसे इस दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।

रेल और अधोसंरचना विस्तार का प्रभाव केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। अनूपपुर जिले में प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार के साथ मिलकर यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक ढांचे को नई मजबूती देगी। इसका सीधा और दूरगामी लाभ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक को भी मिलेगा, जहां देश के अनेक राज्यों से हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। बेहतर रेल, सड़क, परिवहन, बिजली और आवासीय सुविधाओं से छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

औद्योगिक विकास और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से विश्वविद्यालय और उद्योगों के बीच अकादमिक–औद्योगिक समन्वय की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे इंटर्नशिप, शोध, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से जनजातीय, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह विकास आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। साथ ही अमरकंटक जैसे संवेदनशील सांस्कृतिक और पर्यावरणीय क्षेत्र में संतुलित विकास से पर्यटन, शोध और सांस्कृतिक अध्ययन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

कक्का की चौपाल में वर्षों से यह कहा जाता रहा है कि

“बजट में नाम आना ही पहली जीत है, पटरी बाद में बिछती है।”

रेल बजट 2025-26 ने इसी भरोसे को लौटाने का काम किया है। भले ही अभी यह सर्वे की शुरुआत हो, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, शहडोल और अंबिकापुर अब रेल और विकास की मुख्यधारा में जगह बनाने लगे हैं। यह सिर्फ रेल परियोजनाओं की कहानी नहीं, बल्कि उस जनहितकारी पत्रकारिता और भरोसे की वापसी है, जिसकी प्रतीक्षा यह पूरा अंचल लंबे समय से कर रहा था।

 मंहगाई बढ़ाने वाला जनविरोधी बजट -जीवेन्द्र सिंह


 

अनूपपुर । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संत रविदास जयंती के दिन रविवार को बजट पेश किया गया है जबकि संत रविदास जयंती के दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित है, इससे देश की बहुसंख्यक आबादी को ठेस पहुंची है।

बजट में मध्यप्रदेश की अनदेखी हुई है एक नया पैसा भी नहीं दिया गया है जबकि मध्यप्रदेश की जनता ने भाजपा को सभी 29 सीट पर जिताया है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र की जमकर उपेक्षा की गई है सासंद महोदया बजट की एक भी उपलब्धि जनता को चाह कर भी नहीं बता सकती हैं।

केंद्रीय विश्वविद्यालय आई जी एन टी यू में मेडिकल कालेज, अभियांत्रिकी कालेज, कृषि विश्वविद्यालय हेतु बजट में प्रावधान नहीं है।

कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक भी पैसे का प्रावधान नहीं है।

जनजातीय जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा भी झूठा साबित हुआ। रेललाइन से कोयला परिवहन हेतु बिलासपुर- कटनी रेलखंड में चौथी रेल लाइन विस्तार किया जाना अति आवश्यक है परन्तु बजट में कोई उल्लेख नहीं है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र से मुंबई तक ट्रेन के लिए बजट में प्रावधान किया जाना अति आवश्यक था।

हितग्राही मूलक योजनाओं में कटौती किया गया है, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार चुप्पी साध रखी है। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में रियायत नहीं दिया गया है। महंगाई बढ़ाने वाला जनविरोधी बजट है इस बजट से छात्र, नौजवान और किसान पलायन कर मजदूरी करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।

 *अनूपपुर में आकर्षक ट्रैफिक पार्क का लोकार्पण, सड़क सुरक्षा जागरूकता को मिलेगा नया  आयाम










अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  *मोती उर रहमान (IPS)* द्वारा जिले में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बनाया गया ।

*नवनिर्मित ट्रैफिक पार्क का लोकार्पण*  

अनूपपुर के *प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार जी, जिला कलेक्ट  हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक  मोती उर रहमान एवं जनप्रतिनिधि  हीरा सिंह श्याम* द्वारा किया गया। इस दौरान अति पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी अनूपपुर, थाना प्रभारी कोतवाली,थाना प्रभारी यातायात एवं जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित रहें। 

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान  अनूपपुर प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि *सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए* यातायात नियमों की जानकारी और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। *ट्रैफिक पार्क बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक अवस्था से ही सुरक्षित सड़क व्यवहार सिखाने का प्रभावी मंच बनेगा।*

🚦ट्रैफिक पार्क में *ट्रैफिक सिग्नल, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, रोड साइन, लेन सिस्टम, राउंड अबाउट एवं अन्य यातायात संकेतों की वास्तविक संरचनाएं* विकसित की गई हैं, जिससे बच्चें और नागरिक व्यावहारिक रूप से यातायात नियमों को समझ सकें।

*ट्रैफिक पार्क में आकर्षण का केंद्र बनी आकृतियां*

  *टायरों से बने तितली और चींटी*

  *नशे की हालत में दुर्घटनाग्रस्त वाहन*

 *ब्लैक स्पॉट का चित्रण*

  *रोटरी आदि*

अनूपपुर ट्रैफिक पार्क के माध्यम से *नागरिकों एवं विद्यार्थियों* को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। एवं ड्राइविंग लाइसेंस के समय होने वाले टेस्ट में भी ट्रैफिक पार्क लाभकारी होगा।

*यातायात पुलिस अनूपपुर*

 भारत ज्योति विद्यालय में गणतंत्र दिवस एवं अलंकरण समारोह हर्षोल्लास से संपन्ना




 

अनूपपुर । 26 जनवरी 2026भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर के शाला प्रांगण में 77 वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत गौरव, देशभक्ति एवं अनुशासन पूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में मुख्य अतिथि श्रीमती अलका तिवारी (सीआरपीएफ, भारत) की उपस्थिति से विशेष सम्मान प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ। इसके पश्चात पूरे प्रांगण में राष्ट्रीय गान की गूंज सुनाई दी, जिससे वातावरण देशभक्ति और गर्व से ओत-प्रोत हो गया।

ध्वजारोहण के उपरान्त विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति नृत्य, गीत और माइम अनेकता में एकता की नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

छात्र-छात्राओं ने अपने नृत्य, गीत एवं अभिनय के माध्यम से भारत की एकता, विविधता, बलिदान और राष्ट्रीय प्रतीकों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा अंग्रेजी एवं हिंदी भाषण भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें गणतंत्र दिवस का महत्व, संविधान की गरिमा और नागरिक कर्तव्य पर प्रकाश डाला गया।

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर विद्यालय में अलंकरण समारोह भी गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

विद्यालय के नव-नियुक्त छात्र परिषद के पदाधिकारी को बैज और सैश पहनाकर सम्मानित किया गया।

सभी पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया और विद्यालय की गरिमा बनाएं रखने, अनुशासन बनाएं रखने और नेतृत्व की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रतिज्ञा ली।

मुख्य अतिथि श्रीमती अलका तिवारी का विद्यालय परिवार द्वारा हार्दिक स्वागत और अभिनन्दन किया गया।

इस अवसर को यादगार बनाने हेतु एक छात्र द्वारा मुख्य अतिथि को पौधा भेंट किया गया, जो सम्मान, कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक माना गया।

मुख्य अतिथि श्रीमती अलका तिवारी ने विद्यार्थियों को अनुशासन, साहस, राष्ट्र सेवा और जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना गर्व की बात है, और युवाओं को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की गरिमा बनाएं रखना चाहिए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जी .अलेक्जेंडर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करें, अपने जीवन में अनुशासन और जिम्मेदारी को बनाएं रखें।

उन्होंने सभी बच्चों को याद दिलाया कि वे राष्ट्र के भविष्य हैं, और देश की स्वतंत्रता और गरिमा बनाएं रखने के लिए अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाना आवश्यक है।

प्रधानाचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर ने बच्चों को देश का गौरव बढ़ाने की और रक्षा करने की शपथ दिलाई और उन्हें इस अवसर पर उत्साह पूर्वक भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों में मिठाई वितरित की गई, जिससे उत्साह और खुशी का माहौल और भी बढ़ गया।

कार्यक्रम का समापन हेड गर्ल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि, शिक्षकों और सभी विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

भारत ज्योति विद्यालय में आयोजित यह गणतंत्र दिवस एवं अलंकरण समारोह विद्यार्थियों में देशभक्ति, नेतृत्व, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने में पूरी तरह सफल रहा।

यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायक, यादगार और मनोहर साबित हुआ।

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