Narmada News Times

 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन


अनूपपुर ।प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में “जैव विविधता की स्थिति एवं संरक्षण नीतियों में नवीन रुझान” विषय पर 6 फरवरी - 7 फरवरी 2026  को,दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ ।  संगीत साधक  ऋषिराज सिंह के संगीत संयोजन में स्वागत गीत की प्रस्तुति की गई । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का सफल संचालन डॉ. नीरज श्रीवास्तव विभाग अध्यक्ष हिंदी द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अनिल कुमार सक्सेना ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों स्वागत करते इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त किया कि भारतवर्ष के विभिन्न प्रांतों से  आधिकारिक संख्या में पधार कर,  इस दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी को सफल बनाया । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की संयोजक डॉ राधा सिंह विभाग अध्यक्ष वनस्पति शास्त्र में सभी अतिथियों का विस्तार पूर्वक परिचय कराया। सेमिनार का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, तथा संरक्षण नीतियों में हो रहे नवीन परिवर्तनों एवं शोध-आधारित दृष्टिकोणों पर गंभीर विमर्श करना था।

सेमिनार में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए विषय-विशेषज्ञों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पं. शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रो. रामशंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैव विविधता का संरक्षण मानव जीवन और भविष्य की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। संरक्षण नीतियों में नवीन रुझानों, तकनीकी नवाचारों तथा शोध आधारित समाधानों को अपनाकर ही पर्यावरणीय संकट का समाधान संभव है। विशिष्ट वक्ताओं में रमाकांत पाण्डेय (प्रो. बीआईटी पटना), डॉ. नेतराम कौरव( सहा. प्रा. शासकीय होल्कर साइंस महाविद्यालय), डॉ. देवेन्द्र कुमार पटेल(प्रो. गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर), डॉ अवधेश कुमार श्रीवास्तव (प्रो. शा.डीटीपीजी कॉलेज दुर्ग), आदित्य अभिनव डॉक्टर क श्रीवास्तव  (विभाग अध्यक्ष हिंदी, भवंस, मेहता महाविद्यालय कोशांबी, उत्तर प्रदेश) ने जैव विविधता के वर्तमान संकट, जलवायु परिवर्तन, मानव गतिविधियों के प्रभाव, तथा संरक्षण रणनीतियों की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें जैव विविधता के घटते स्तर, जनजातीय क्षेत्रों की जैव विविधता, सतत विकास एवं नीति-निर्माण जैसे विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। 

समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. आशीष तिवारी की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामई उपस्थिति रही। कुलसचिव महोदय ने सेमिनार के सफल आयोजन की सराहना करते हुए आयोजक समिति को शुभकामनाएँ दीं तथा ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। समापन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि  दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार अत्यंत सार्थक एवं ज्ञानवर्धक रहा, इस सेमिनार के माध्यम से देश के विभिन्न भागों से आए विद्वानों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण के विविध आयामों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्राप्त हुआ।

समापन सत्र में सेमिनार की रिपोर्ट आयोजन सचिव डॉ. राधा सिंह, सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र द्वारा प्रस्तुत की गई तथा विशिष्ठ अतिथिओं के द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। महाविद्यालय प्रशासन ने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों तथा समस्त सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यह संकल्प भी लिया गया कि जैव विविधता संरक्षण हेतु जागरूकता एवं शोध कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।

 जमुना कालरी वार्ड-3 बस स्टैंड में भगवान शिव की भव्य प्राण प्रतिष्ठा, तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का समापन



अनूपपुर। एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के जमुना कालरी वार्ड क्रमांक 3 बस स्टैंड में भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठा के तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का 8 फरवरी 2026 को समापन हुआ। 9 फरवरी को विशाल भंडारा आयोजित होगा।कार्यक्रम 6 फरवरी (शुक्रवार) को कलश यात्रा एवं मंडप पूजा से प्रारंभ हुआ। 7 फरवरी (शनिवार) को वास, विवाह एवं प्रतिष्ठा कर्म संपन्न हुए। 8 फरवरी (रविवार) को पूर्णाहुति, अखंड कीर्तन, रुद्राभिषेक एवं हवन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। नगर के शास्त्री कमलेश महाराज एवं उनके सहयोगी आचार्यों ने विधि-विधान से शिवजी की प्राण प्रतिष्ठा कराई।

शिव बरात ने बांधा समां

वार्ड नंबर 3 बस स्टैंड से भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात ढोल-ढमाकों के साथ निकली। यह बरात कोऑपरेटिव शिव मंदिर होते हुए नगर भ्रमण कर वापस लौटी, जहां आरती उतारी गई। बरात में नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष राम अवध सिंह, भाजपा मंडल पसान अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह मिंटू, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह, वार्ड-3 पार्षद सविता रूपेश सिंह, वार्ड-4 पार्षद विकास जायसवाल, रूपेश सिंह, पूर्व मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष सचिन जायसवाल सहित भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।रुद्राभिषेक के बाद हवन

प्राण प्रतिष्ठा के बाद रुद्राभिषेक किया गया, उसके पश्चात हवन पूजन संपन्न हुआ। वार्ड की माताएं-बहनें भजन-कीर्तन में डूबकर भगवान की आराधना में सम्मिलित हुईं।

9 फरवरी को विशाल भंडारा

आयोजन समिति ने 9 फरवरी (सोमवार) को विशाल भंडारे का आयोजन किया है, जिसमें नगर के सभी भक्तों को प्रसाद ग्रहण के लिए आमंत्रित किया गया है।

सफलता में योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह, पार्षद सविता रूपेश सिंह, राकेश गौतम, रूपेश सिंह, संतोष पनिका, रत्नेश सिंह, राजेश सिंह, महीप द्विवेदी, पुष्पा सिंह, रूबी विश्वास, विभा दुबे, परमानंद, विकास सिंह, चुनचुन सिंह, रूबी विश्वास, जया सिंह, वीरू सिंह आशुतोष विश्वकर्मा, जानकी प्रदीप सिंह, मालती वर्मा, सुरेश गुप्ता, अजय राजवाड़े, हीरालाल विश्वकर्मा, जयराम सिंह, अनुज पटेल, रामलाल नानू एवं वार्डवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

 विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा केंद्रीय बजट: प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह


अनूपपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला अनूपपुर के द्वारा 7 फरवरी शनिवार को  जिला भाजपा कार्यालय में केंद्रीय बजट को लेकर पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया ।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह  ने भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम के उपस्थिति में केंद्रीय बजट 2026-27 के विषय में पत्रकार वार्ता को संबोधित  किया ।

पत्रकार वार्ता  संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह  ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज़ है। गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग और उद्यमियों के कल्याण व सशक्तिकरण के प्रावधान बजट में किए गए हैं। यह सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की भावना को दर्शाता है, जो मध्यप्रदेश सहित देश को 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। केंद्रीय बजट को राजनीति के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नजर से देखना आवश्यक है। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ा कर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है। यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में होगा उल्लेखनीय सुधार

स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी शून्य कर दी गई है। एक लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स की नियुक्ति, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिला अस्पतालों का उन्नयन कर उनमें ट्रामा सेंटर स्थापित करने संबंधी प्रावधान स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार लाएंगे। महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल, डेढ़ लाख केयर वर्कर्स और पेंशनर्स को सुविधाएं देने का भी प्रावधान है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

यह बजट भारत को आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, और बजट 2026 उसी भरोसे और दूरदृष्टि का प्रमाण है। यह केंद्रीय बजट देश के आर्थिक विकास के साथ “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की रफ्तार को भी दिखा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत केंद्रीय बजट तात्कालिक प्रभाव से अधिक अगले 10-20 वर्षों में भारत की दिशा तय करने वाला है। यह बजट सशक्त भारत की नींव को और मजबूती प्रदान करेगा। 

युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका

श्रीमती सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट में 15 हजार माध्यमिक शालाओं में कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना, आईआईएम के सहयोग से 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार करने और ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से खेलों को प्रोत्साहन देने की घोषणाएं की गई हैं। क्रिएटर लैब युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों का बजट सिर्फ लोक लुभावन रहता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का यह बजट दूरदर्शी और विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने वाला है।

 पत्रकारों के द्वारा अनूपपुर जिले के स्थानीय विकास एवं मुद्दों को लेकर चर्चा हुआ  श्रीमती सिंह जी ने पत्रकारों के सवालों का भी बखूबी जवाब दिया है। 

पत्रकार वार्ता कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय बजट 2026-27 के जिला संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र भट्ट , जिला महामंत्री सिद्धार्थ शिव सिंह, श्यामनारायण शुक्ला, जिला मीडिया सह प्रभारी श्रीराम केवट एवं इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार साथी उपस्थित रहें ।

 मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर  विभिन्न समस्याओं  के संबंध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन




दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो  09 फरवरी से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर सामूहिक अवकाश व होगी अनिश्चित कालीन हड़ताल 

अनूपपुर । मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर में कलेक्टर को अवगत कराया कि जिला-अनूपपुर में पदस्थ पटवारी अपनी सेवा का निर्वहन पूरी निष्ठा से लगातार कर रहे है परन्तु उनके कार्य के दौरान आने वाली कुछ न्यायोचित समस्याएं है जिनका निराकरण किया जाना अतिआवश्यक है ।

 अनूपपुर जिले की समस्त तहसीलों में विगत 100 दिवस से अधिक समय से एवं रविवार व अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में भी शाम 6:00 बजे से रात 9 या 10:00 तक बैठक का आयोजन किया जा रहा है जो नियम विरुद्ध होकर पटवारी को प्रताड़ित करने की योजना बन चुका है ऐसी योजना का हम विरोध करते हैं और असमय बैठक करने से पटवारी के सामान्य जीवन एवं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और उसकी कार्य क्षमता घट चुकी है विभिन्न पारिवारिक आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं केवल एक शाम की बैठक में न जाने पर तीन दिवस का वेतन मन माने ढंग से काटा जा रहा है इस प्रकार प्रशासन ‌द्वारा बर्बरता पूर्वक मनमानी ढंग से पटवारी के पीठ के साथ-साथ पेट पर भी मारी जा रही है जो अधिकारियों को शोभा नहीं देता है इस प्रकार अपने छोटे कर्मचारियों पर नियमों को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसा लगता है सभी नैतिक एवं सामाजिक मूल्य मृत हो चुके हैं और केवल बदले की भावना से कार्य करना ही उद्देश्य रह गया है अब परिस्थितियां अत्यंत भयावह हो चुकी हैं हम ऐसी स्थिति का पुरजोर विरोध करते हैं।

जियो टैग गिरदावरी शासन द्वारा लगभग 3 वर्षों से सर्वेयर ‌द्वारा गिरदावरी करवायी जा रही है, परन्तु

सर्वेयर को मानदेय भुगतान ना होने के कारण वे कार्य नहीं कर रहे हैं जिस कारण से गिरदावरी अंततः पटवारी को करनी पड़ रही है जहां एक सर्वेयर द्वारा आपेकतम 1000 खसरे की गिरदावरी का प्रावधान है परन्तु उनके द्वारा कार्य ना किये जाने के कारण पटवारी को अपने सारे हल्कों के सारे गांवों में स्वयं गिरदावरी करनी पड़ रही है जहां खसरों की संख्या लगभग 5 से 10 हजार है और ऐसी स्थिति में खसरा आधारित जिओटैग गिरदावरी किया जाना संभव नहीं है अतः आपसे निवेदन है कि पटवारी की आईडी से खसरे आधारित जिओटैग हटाई जाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी करवाये जाने का प्रावधान किया जाए।

फार्मर आई डी- फार्मर आई पटवारी के साथ-साथ सी एस सी सेंटर, एमपी ऑनलाईन से बनवाई जा रही है

जिनका उन्हें भुगतान भी किया जा रहा हैं, पर शासन द्वारा पटवारी को इस संबंध में दबाव दिया जा रहा है जो अनुचित है, साथ ही इसमें अनेक विसंगतियां है जैसे कई खातेदार व सहखातेदारों का अन्यत्र निवास करना, पोर्टल पर उपलब्ध डाटा त्रुटिपूर्ण होना, आई डी बन जाने के बाद भी पेंडिंग सुची में खसरे पेंडिंग दिखाई देना, कई खसरे आई डी बनाने हेतु पोर्टल पर उपलब्ध ना होना, किसान के आधार से उसका मोबाइल नंबर लिंक ना होना और किसान द्वारा ओटीपी ना देना आदि। इन सारी समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द किया जाये और इस कार्य हेतु अनावश्यक दबाव बनाकर एवं कार्यवाही करके पटवारी साथियों को प्रताड़ित ना किया जाए।

नवोदित पटवारियों को 100 प्रतिशत सैलरी नवनियुक्त पटवारी साथियों को नियुक्ति पत्र वितरण के समय

तात्कालीन मुख्यमंत्री महोदय ‌द्वारा यह घोषणा की गई थी कि नवनियुक्त पटवारियों को नियुक्ति दिनांक से ही २०० प्रतिशत सैलरी दी जायेगी परन्तु शासन द्वारा यह आदेश आज दिनांक तक लम्बित है परन्तु वर्तमान "में माननीय हाईकोर्ट जबलपुर से म.प्र. के शासकीय कर्मचारियों के हित में ये आदेश पारित किया गया है कि जो पटवारी साथी 70, 80, 90 प्रतिशत सैलरी के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें 100 प्रतिशत सैलरी दी जाए और शेष राशि का एरियर जल्द दिया जाये। अतः इस आदेश के परिपालन में भ.प्र. में पदस्थ सभी नवोदित पटवारी

जिला प्रशासन के द्वारा पटवारी को स्पष्ट तौर पर निशाने में लिया जा रहा है पटवारी की गलती है या नहीं इसकी जांच किए बिना उनके ऊपर अत्यधिक मात्रा में मनमाने अर्थदंड अध्यारोपित करने के आदेश प्रसारित किया जा रहा हैं, बिना कार्य करने का अवसर दिए ही समीक्षा की जाती है जिससे अपेक्षित प्रगति स्वाभाविक रूप से कम होती है फिर सीधे निलंबन कर दिया जाता है जांच किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है ऐसी समस्त नियम विरुद्ध कार्रवाई वापस लिया जाए ।

 वर्तमान समय में जिले व राज्य में फार्मर रजिस्ट्री एवं उसकी बकेटिंग का कार्य किया जा रहा है राज्य शासन द्वारा उपरोक्त कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए तथा गांव-गांव टोले- टोले मजरे -मजरे पर कैंप आयोजित करने के लिए राशि का प्रबंध किया गया है किंतु फार्मर रजिस्ट्री कार्य के लिए कैंप आयोजन के संबंध में जिला अनूपपुर में ऐसा कोई आदेश प्रसारित नहीं किया गया है ताकि पटवारी के गांव पर कैंप के माध्यम से किसानों की फॉर्म रजिस्ट्री और उसके बकेटिंग का कार्य किया जाए आखिर यह बजट कहां पर रखा हुआ है और भविष्य में इसकी क्या उपयोगिता होगी क्या यह स्वामित्व योजना की तरह जिले को प्राप्त प्रत्येक गांव 7500 की तरह लैंप्स हो जाएगा जिसका संपूर्ण काम पटवारी द्वारा अपनी जेब से कराया गया था किंतु आज तक उसका भुगतान पटवारी को लंबित है प्रदेश के अन्य जिलों में उपरोक्त भुगतान पटवारी को किया जा चुके हैं।

लघु सिंचाई एवं कृषि संगना का कार्य पूर्व में जिले में किया जा चुका है किंतु उसका भुगतान आज तक लंबित है ऐसा क्यों है की सारी योजनाओं पर जिले अनूपपुर में पटवारी द्वारा कार्य किया जाता है किंतु उसका भुगतान अंतिम समय तक नहीं किया जाता है आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या उस पर जिला प्रशासन कोई अर्थ दंड कार्यवाही प्रस्तावित करेगा यह एक प्रश्न है या केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खाना पूर्ति कर दी जावेगी ।

पटवारी के वेतन के संबंध में समस्त प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञात होना चाहिए की पटवारी दौड़-दौड़कर 14 घंटे कार्य करता है जब उसके वेतन देने की बारी आती है तो विगत पांच माह से चौथी बार महीने के अंतिम तारीख को माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा जिले के समस्त पटवारी का वेतन रोकने जाने का आदेश प्रसारित किया जाता है विचार करने योग्य बात यह है कि क्या पटवारी द्वारा प्रतिदिन 14-14 घंटे कार्य करने के पश्चात भी क्या जिले में एक पटवारी भी ऐसा नहीं है जो जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप अपेक्षित प्रगति को प्राप्त कर लिया है यदि सच में ऐसा नहीं है तो यह अपने आप में जिला प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह है उन्हें स्वयं भी अपना वेतन प्राप्त करने का अधिकार नहीं है ।

 वेतन कटौती/निलंबन वर्तमान में कार्य की अधिकता, आकस्मिक व अवकाश के दिनों भी मीटिंग के चक्कर में मानसिक दबाव के चलते मानवीय त्रुटि हो जाती हैं। उस पर उदार पूर्ण रवैया बरतते हुये की गई कार्यवाहियों को तत्काल अपास्त कर विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखे जाने के निर्देश दिये जाने चाहिये।

उपरोक्त दिए गए बिंदु पर जिला प्रशासन को अब विचार करने की आवश्यकता छोड़ कार्रवाई करने की आवश्यकता है यदि उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल चरणबद्ध आंदोलन करने हेतु बाध्य होगा ।

उक्त के संबंध में कलेक्टर अनूपपुर को अवगत कराना है कि जिले अनूपपुर के ज्ञापन में शामिल बिंदुओं का दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो दिनांक 09/02/2026 सोमवार से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार का सामूहिक अवकाश व् उसके पश्चात अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने हेतु विवश होंगे इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ।


 *कोतवाली अनूपपुर पुलिस के तत्परता पूर्वक सोशल मीडिया में किये गये प्रयासों से मानसिक रूप से अस्वस्थ भटकती मिली नवयुवती को छत्तीसगढ निवासी परिजनो को सौंपा


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी. अनूपपुर  सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा तत्परता पूर्वक सोशल मीडिया में किये गये प्रयासों से मानसिक रूप से अस्वस्थ भटकती मिली नवयुवती को छत्तीसगढ निवासी परिजनों से मिलवाया गया है।

गुरूवार दिनांक 05.02.2026 की रात्रि करीब 09.00 बजे डायल 112 सर्विस के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि अनूपपुर में अमरकंटक रोड पर जेल बिल्डिंग के पास एक 20 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ नवयुवती भटक रही है जो अपना नाम पता नहीं बता पा रही है। उक्त सूचना पर तत्काल पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर उक्त नवयुवती को सुरक्षित महिला डेस्क कोतवाली लाया जाकर भोजन  - पानी एवं रुकने की व्यवस्था की गई।

टी.आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन, महिला उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, महिला आरक्षक कविता विकल एवं आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा उक्त नवयुवती की फोटो सोशल मीडिया में जारी किये गये जो छत्तीसगढ़ के मरवाही (जिला जी.पी.एम.) के अंतर्गत ग्राम उसाड़ निवासी माता पिता तक सोशल मीडिया से बच्ची की जानकारी पहुंची जिनके आज सुबह थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचने पर कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा मानसिक रूप से अस्वस्थ नवयुवती को सकुशल माता पिता को सौंपा गया। नवयुवती के पिता   शिवकुमार पाव ने बताया कि उनकी बेटी कुमारी रामकली पांव जन्म से ही मानसिक रूप से स्वस्थ है एवं बोल समझ नहीं पाती है जो दिनांक 26.01.2026 को उक्त नवयुवती मानसिक संतुलन ठीक ना होने से बिना बताये घर से चली गई थी और जिसका कोई पता नहीं चल रहा था। नवयुवती के माता-पिता  ने कोतवाली अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया है।

 अनूपपुर भाजपा जिला कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक 7 फरवरी को


 

अनूपपुर । भारतीय जनता पार्टी जिला अनूपपुर  द्वारा विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट (VB-G RAM G) कार्यशाला सुनिश्चित की गई है, जिसमें शहडोल सम्भाग प्रभारी गौरव सिरोठिया एवं जिला प्रभारी भाजपा  मिथलेश पयासी तथा अनूपपुर भाजपा जिला अध्यक्ष  हीरा सिंह श्याम  का मार्गदर्शन प्राप्त होगा ।

भारतीय जनता पार्टी जिला उपाध्यक्ष एवं VB-G RAM G   जिला संयोजक जितेंद्र सोनी ने सभी अपेक्षित सांसद विधायक एवं मंत्री, प्रदेश का समिति सदस्य जिला पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी मंडल महामंत्री, नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष  ,सभी मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं महामंत्री , (VB-G RAM G) मण्डल संयोजक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्य , जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य , पूर्व मंडी अध्यक्ष एवं सदस्य , पूर्व सहकारी समिति अध्यक्ष एवं सदस्य , जलाशय समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्यों से 7 फरवरी दोपहर 1 बजे भाजपा कार्यालय में उपस्थित होने के लिए अपील की है ।

 अमरकंटक तक रेल विस्तार और औद्योगिक विस्तार से खुलेगा विकास का नया गलियारा


वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की रिपोर्टिंग और ‘कक्का की चौपाल’ में उठे सवालों पर बजट की मुहर

तीर्थ, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, IGNTU अमरकंटक सहित पूरे अंचल को होगा बहुआयामी लाभ

अनूपपुर

 जिले के वरिष्ठ वकील अनूपपुर विकास मंच के सक्रिय पदाधिकारी वासुदेव चटर्जी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि विकास की दिशा अक्सर सत्ता के गलियारों से नहीं, बल्कि ज़मीन से उठे सवालों से तय होती है। अनूपपुर–शहडोल अंचल में वर्षों से रेल कनेक्टिविटी को लेकर उठती आवाज़, वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय की निरंतर न्यूज़ रिपोर्टिंग और उनके स्थायी जन पक्षीय कॉलम ‘कक्का की चौपाल’ में बार-बार रखे गए मुद्दों का ही परिणाम है कि अमरकंटक तक रेल विस्तार का लगभग 17 वर्ष पुराना सपना अब साकार होता दिख रहा है। रेल बजट 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) द्वारा शामिल किए गए नए रेल सर्वे प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि जब मुद्दे ईमानदारी से उठाए जाते हैं, तो सरकारें उन्हें सुनती भी हैं और सार्वजनिक हित में स्वीकार भी करती हैं।

रेल बजट में शामिल प्रस्तावों ने न केवल अमरकंटक बल्कि पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल के विकास को नई दिशा देने की उम्मीद जगा दी है। यह फैसला वर्षों से कक्का की चौपाल, अख़बारों के कॉलम, जनसंवाद और जनप्रतिनिधियों की बैठकों में उठते उस बुनियादी सवाल का जवाब है कि खनिज, जंगल, तीर्थ और श्रम देने वाला यह क्षेत्र क्या हमेशा रेल नक्शे के हाशिये पर ही रहेगा।

धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्वविख्यात नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक अब तक रेल सुविधा से वंचित रहा है, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रेल बजट दस्तावेज़ में पेंड्रा–अमरकंटक–डिंडोरी–मंडला–घंसौर लगभग 200 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के लिए रिकॉनिसेंस इंजीनियरिंग कम ट्रैफिक सर्वे को स्वीकृति दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 0.50 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके साथ ही जबलपुर–पेंड्रा वाया डिंडोरी (240 किमी) नई रेल लाइन के सर्वे को भी शामिल किया गया है, जिससे महाकोशल, आदिवासी अंचल और उत्तरी छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने की संभावना बनी है।

शहडोल जिले के लिए जयसिंहनगर–शहडोल (50 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे प्रस्ताव उस क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां कोयला, बॉक्साइट ,पत्थर, रेत, प्राकृतिक गैस, पॉवर प्लांट, जंगल और श्रम संसाधन तो हैं, लेकिन परिवहन कनेक्टिविटी वर्षों से सीमित रही है। वहीं अनूपपुर को इस बजट में केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि रणनीतिक जंक्शन के रूप में देखा गया है। अंबिकापुर–गढ़वा (170 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे, अनूपपुर फ्लाईओवर पसला बाई पास रोड से हार्री रेलवे फाटक तक और पेंड्रा रोड–शहडोल मल्टी ट्रैकिंग जैसे प्रस्ताव यह संकेत देते हैं कि अनूपपुर भविष्य में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेल केंद्र बन सकता है।

इसके साथ ही झारसुगुड़ा–चांपा–बिलासपुर सेक्शन में फ्लाईओवर, ग्रेड सेपरेटर और मल्टी ट्रैकिंग को प्राथमिकता देकर मालगाड़ी और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को गति देने की रणनीति भी सामने आई है, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ पूरे अनूपपुर–शहडोल अंचल को मिलेगा।

इस पूरी रेल योजना के पीछे वर्षों की निरंतर पहल जुड़ी रही है। 2009 में वरिष्ठ पत्रकार कैलाश पाण्डेय ने अपने लेखों के माध्यम से पेंड्रा से अमरकंटक तक रेल विस्तार का दूरदर्शी विचार सार्वजनिक विमर्श में रखा था। बाद में तत्कालीन सांसद स्वर्गीय राजेश नंदिनी सिंह ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस मांग को मजबूती दी, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने प्रारंभिक सर्वे प्रक्रिया शुरू की। समय के साथ परियोजना की गति भले धीमी पड़ी, लेकिन मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इसे पुनर्जीवित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अमरकंटक से मंडला, डिंडोरी और नरसिंहपुर तक रेल विस्तार की मांग दोहराई। इसके परिणामस्वरूप 17 जनवरी 2025 को रेल मंत्रालय द्वारा संबंधित निदेशालय को विस्तृत जांच और सर्वे के निर्देश जारी किए गए थे, जिसे इस दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।

रेल और अधोसंरचना विस्तार का प्रभाव केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। अनूपपुर जिले में प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार के साथ मिलकर यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक ढांचे को नई मजबूती देगी। इसका सीधा और दूरगामी लाभ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक को भी मिलेगा, जहां देश के अनेक राज्यों से हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। बेहतर रेल, सड़क, परिवहन, बिजली और आवासीय सुविधाओं से छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

औद्योगिक विकास और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से विश्वविद्यालय और उद्योगों के बीच अकादमिक–औद्योगिक समन्वय की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे इंटर्नशिप, शोध, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से जनजातीय, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह विकास आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। साथ ही अमरकंटक जैसे संवेदनशील सांस्कृतिक और पर्यावरणीय क्षेत्र में संतुलित विकास से पर्यटन, शोध और सांस्कृतिक अध्ययन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

कक्का की चौपाल में वर्षों से यह कहा जाता रहा है कि

“बजट में नाम आना ही पहली जीत है, पटरी बाद में बिछती है।”

रेल बजट 2025-26 ने इसी भरोसे को लौटाने का काम किया है। भले ही अभी यह सर्वे की शुरुआत हो, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, शहडोल और अंबिकापुर अब रेल और विकास की मुख्यधारा में जगह बनाने लगे हैं। यह सिर्फ रेल परियोजनाओं की कहानी नहीं, बल्कि उस जनहितकारी पत्रकारिता और भरोसे की वापसी है, जिसकी प्रतीक्षा यह पूरा अंचल लंबे समय से कर रहा था।

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget