*शादी का झांसा देकर नवयुवती का शारीरिक शोषण का आरोपी कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी.  नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 19 वर्षीय नवयुवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के अपराध में आरोपी शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है।

थाना कोतवाली अनूपपुर क्षेत्रांतर्गत निवासी 19 वर्षीय नवयुवती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला जिला शहडोल ने मित्रता की और शादी करने का विश्वास दिलाकर पिछले एक साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। जो उक्त रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 105/26 धारा 69 बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद , आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी शिवम महरा पिता विजय महरा उम्र 21 साल निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है।

 धुम्मा गोडरी नदी में रेत का अवैध खनन प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल


अनूपपुर। जिले के भालूमाड़ा थाना तथा फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत धुम्मा गोडरी नदी में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार एक-एक दिन छोड़कर लगातार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रेत माफिया सक्रिय रहते हैं और ट्रैक्टरों के माध्यम से नदी का दोहन किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रात भर ट्रैक्टर नदी से रेत निकालकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते हैं। आरोप है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं खनिज विभाग की शिथिल कार्यप्रणाली के कारण रेत चोरों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो नदी का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि रेत माफिया प्रशासन से एक कदम आगे रहते हुए रणनीति के तहत काम करते हैं। नदी से मुख्य सड़क तक आने वाले तिराहों और रास्तों पर उनके लोग निगरानी में तैनात रहते हैं। किसी भी प्रकार की आशंका होते ही वे ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

 डॉ. शरद मिश्र : काव्यमहारथी सम्मान, डॉ. नीरज श्रीवास्तव : कबीर अलंकरण सम्मान से नवाजे गये, श्रीमती अमिधा शर्मा, भिलाई एवं श्रीमती संगीता शुक्ला, शहडोल को प्राप्त हुआ हिन्दी साहित्य रत्न सम्मान



 

बालाघाट । संस्कृति व साहित्य शोध समिति मध्यप्रदेश के चतुर्थ साहित्य अधिवेशन का भव्य समारोह ‘सृजन महोत्सव 2026 ‘ का आयोजन विगत दिनों बालाघाट में 8 फरवरी को सम्पन्न हुआ । वरिष्ठ साहित्यकार ,सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं शताधिक कृतियों के सर्जक डॉ. शरद मिश्र को उनके साहित्यिक योगदान के लिये ‘काव्य महारथी सम्मान 2026‘ प्रदान किया गया । 

 डॉ. नीरज श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष हिन्दी, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर की प्रबंधात्मक कृति ‘नर्मदा के मेघ‘ महाकाव्य को ‘कबीर अलंकरण 2026‘ से सम्मानित किया गया । मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा चयनित, नौ सर्गो में निबद्ध महाकाव्य में मॉ नर्मदा के पौराणिक एवं धार्मिक आख्यान,उनका प्राकट्य, अमरकंटक का प्राकृतिक सौन्दर्य, हरे-भरे तटों, अमूल्य वनौषधियॉ, एवं नैसर्गिक मेघमय सुषमा के अप्रतिम सौन्दर्य का कवि ने अत्यंत मनोहारी चित्रण किया है ।

श्रीमती अमिधा शर्मा, भिलाई को उनके उपन्यास लेखन के लिये और कवियित्री श्रीमती संगीता शुक्ला, शहडोल को ‘हिन्दी साहित्य रत्न सम्मान‘ प्रदान किया गया है  

‘सृजन महोत्सव 2026 ‘ छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री गोविन्दपाल, प्रयागराज से आदित्य अभिनव श्रीवास्तव, बालाघाट के डॉ. एल. सी. जैन,  अशोक कुमार सिहांसने, श्री प्रेम प्रकाश त्रिपाठी,  अजय कुमार जैन, श्रीमती प्रमिला बिजेवार, श्री सुरेश भाई टांक,  लक्ष्मी जैन,  शलुगांधी सहित देश के विभिन्न अंचलों से आये साहित्यकारों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही ।


पटवारी का वेतन रोके जाने एवं अनावश्यक कार्यवाही से प्रताड़ित जिले के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर


अनूपपुर । अनूपपुर जिले के मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के द्वारा दिनांक 04.02.2026 को दिए ज्ञापन के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किए जाने पर  दिनांक 12.02.2026 से जिले के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल  एवं धरना प्रदर्शन कर रहे हैं l

बोर्ड परीक्षा में पटवारी की ड्यूटी कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में लगाई गई थी उसको भी करने से किया इनकार पटवारी की मुख्य मांग है जनवरी माह का वेतन जो जिला प्रशासन द्वारा पूरे माह कार्य  कराएं जाने के बाद माह के अंतिम तारीख को रोक दी जाती है यह आदेश पिछले 5 महीना से लगातार किया जा रहा है ।

पटवारी संघ जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश अनुसार सभी कार्य हम करते आ रहे हैं यहां तक की दिनभर काम करो, टारगेट पूरा करो और शाम को 10:00 तक मीटिंग में उपस्थित होना उसके बावजूद भी पटवारियों के ऊपर अर्थ दंड एवं निलंबित करने का प्रक्रिया लगातार करना जिससे हम सभी पटवारी प्रताड़ित हैं दुखी है इन सभी बातों को लेकर हमने कलेक्टर महोदय को ज्ञापन भी दिया था जिस पर किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं किया गया ना तो समस्या का समाधान किया गया जिससे जिले के हम समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे एवं धरना प्रदर्शन करते रहेंगे ।

 माँ नर्मदा की भव्य मूर्ति की हुई स्थापना


अनूपपुर ।11 फरवरी 2026मध्यप्रदेश की जीवनरेखा, पुण्य सलिला माँ नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में 9 से 11 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय महा अनुष्ठान के पश्चात माँ नर्मदा की नवीन भव्य प्रतिमा की विधिवत स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन ने अमरकंटक सहित आसपास के क्षेत्रों को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से आलोकित कर दिया।

यह भव्य अनुष्ठान परम तपस्वी बाबा श्री कल्याण दास जी महाराज जी की प्रेरणा एवं कल्याण आश्रम के प्रबंधक स्वामी श्री हिमाद्री मुनि जी के मार्गदर्शन में माँ नर्मदा की नवीन प्रतिमा विशेष रूप से जयपुर से काले ग्रेनाइट पत्थर में उत्कृष्ट शिल्पकला के साथ निर्मित कर मंगाई गई थी। प्रतिमा का शांत, सौम्य और दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। तीन दिनों तक चले वैदिक अनुष्ठानों में मंदिर परिसर की शुद्धि, मंडप स्थापना, कलश स्थापना एवं गणेश-अंबिका पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात जलाधिवास, धान्याधिवास एवं घृताधिवास जैसी पारंपरिक विधियां सम्पन्न की गईं, जिनके माध्यम से प्रतिमा के दिव्यीकरण की प्रक्रिया पूर्ण हुई। 

कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन एवं पंचामृत अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर तथा पवित्र नदियों के जल से माँ नर्मदा का अभिषेक हुआ। शंखनाद, घंटाध्वनि और “जय माँ नर्मदा” के जयकारों से उद्गम कुंड परिसर गूंज उठा और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया।

माँ नर्मदा की प्रतिमा 11 फरवरी को शुभ मुहूर्त में स्थापित की गई। अनुष्ठान का सबसे अलौकिक क्षण नेत्रोन्मीलन रहा, जब स्वर्ण शलाका से माँ की प्रतिमा की आंखों का उद्घाटन किया गया और दर्पण दर्शन कराया गया। वैदिक आचार्यों द्वारा प्राण प्रतिष्ठा मंत्रों के उच्चारण के साथ प्रतिमा में दिव्य चेतना का संचार किया गया। षोडशोपचार पूजन, वस्त्राभूषण अर्पण एवं भव्य महाआरती के साथ अनुष्ठान पूर्ण हुआ।

इस आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में कलेक्टर  हर्षल पंचोली सपत्नीक उपस्थित रहे, उन्होंने विधि-विधान से हवन, पूजन एवं अर्चन कर प्रदेश, राष्ट्र तथा समस्त मानवता के कल्याण की कामना की। कार्यक्रम का संचालन आचार्य पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया गया। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत परंपरानुसार कन्या पूजन कर मातृशक्ति का सम्मान किया गया। कन्याओं को माँ नर्मदा का स्वरूप मानकर उनके चरण पूजें गए और प्रसाद व उपहार अर्पित किए गए। समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम के स्वयंसेवकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने अत्यंत सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की। 

कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़  वसीम अहमद भट्ट, स्वामी नर्मदानंद जी महाराज, स्वामी राघवानंद जी महाराज, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक  उमेश पाण्डेय,  उमाशंकर पांडे सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पत्रकारगण,समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहें।

 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन


अनूपपुर ।प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में “जैव विविधता की स्थिति एवं संरक्षण नीतियों में नवीन रुझान” विषय पर 6 फरवरी - 7 फरवरी 2026  को,दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ ।  संगीत साधक  ऋषिराज सिंह के संगीत संयोजन में स्वागत गीत की प्रस्तुति की गई । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का सफल संचालन डॉ. नीरज श्रीवास्तव विभाग अध्यक्ष हिंदी द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अनिल कुमार सक्सेना ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों स्वागत करते इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त किया कि भारतवर्ष के विभिन्न प्रांतों से  आधिकारिक संख्या में पधार कर,  इस दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी को सफल बनाया । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की संयोजक डॉ राधा सिंह विभाग अध्यक्ष वनस्पति शास्त्र में सभी अतिथियों का विस्तार पूर्वक परिचय कराया। सेमिनार का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, तथा संरक्षण नीतियों में हो रहे नवीन परिवर्तनों एवं शोध-आधारित दृष्टिकोणों पर गंभीर विमर्श करना था।

सेमिनार में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए विषय-विशेषज्ञों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पं. शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रो. रामशंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैव विविधता का संरक्षण मानव जीवन और भविष्य की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। संरक्षण नीतियों में नवीन रुझानों, तकनीकी नवाचारों तथा शोध आधारित समाधानों को अपनाकर ही पर्यावरणीय संकट का समाधान संभव है। विशिष्ट वक्ताओं में रमाकांत पाण्डेय (प्रो. बीआईटी पटना), डॉ. नेतराम कौरव( सहा. प्रा. शासकीय होल्कर साइंस महाविद्यालय), डॉ. देवेन्द्र कुमार पटेल(प्रो. गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर), डॉ अवधेश कुमार श्रीवास्तव (प्रो. शा.डीटीपीजी कॉलेज दुर्ग), आदित्य अभिनव डॉक्टर क श्रीवास्तव  (विभाग अध्यक्ष हिंदी, भवंस, मेहता महाविद्यालय कोशांबी, उत्तर प्रदेश) ने जैव विविधता के वर्तमान संकट, जलवायु परिवर्तन, मानव गतिविधियों के प्रभाव, तथा संरक्षण रणनीतियों की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें जैव विविधता के घटते स्तर, जनजातीय क्षेत्रों की जैव विविधता, सतत विकास एवं नीति-निर्माण जैसे विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। 

समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. आशीष तिवारी की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामई उपस्थिति रही। कुलसचिव महोदय ने सेमिनार के सफल आयोजन की सराहना करते हुए आयोजक समिति को शुभकामनाएँ दीं तथा ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। समापन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि  दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार अत्यंत सार्थक एवं ज्ञानवर्धक रहा, इस सेमिनार के माध्यम से देश के विभिन्न भागों से आए विद्वानों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण के विविध आयामों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्राप्त हुआ।

समापन सत्र में सेमिनार की रिपोर्ट आयोजन सचिव डॉ. राधा सिंह, सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र द्वारा प्रस्तुत की गई तथा विशिष्ठ अतिथिओं के द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। महाविद्यालय प्रशासन ने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों तथा समस्त सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यह संकल्प भी लिया गया कि जैव विविधता संरक्षण हेतु जागरूकता एवं शोध कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।

 जमुना कालरी वार्ड-3 बस स्टैंड में भगवान शिव की भव्य प्राण प्रतिष्ठा, तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का समापन



अनूपपुर। एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के जमुना कालरी वार्ड क्रमांक 3 बस स्टैंड में भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठा के तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का 8 फरवरी 2026 को समापन हुआ। 9 फरवरी को विशाल भंडारा आयोजित होगा।कार्यक्रम 6 फरवरी (शुक्रवार) को कलश यात्रा एवं मंडप पूजा से प्रारंभ हुआ। 7 फरवरी (शनिवार) को वास, विवाह एवं प्रतिष्ठा कर्म संपन्न हुए। 8 फरवरी (रविवार) को पूर्णाहुति, अखंड कीर्तन, रुद्राभिषेक एवं हवन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। नगर के शास्त्री कमलेश महाराज एवं उनके सहयोगी आचार्यों ने विधि-विधान से शिवजी की प्राण प्रतिष्ठा कराई।

शिव बरात ने बांधा समां

वार्ड नंबर 3 बस स्टैंड से भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात ढोल-ढमाकों के साथ निकली। यह बरात कोऑपरेटिव शिव मंदिर होते हुए नगर भ्रमण कर वापस लौटी, जहां आरती उतारी गई। बरात में नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष राम अवध सिंह, भाजपा मंडल पसान अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह मिंटू, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह, वार्ड-3 पार्षद सविता रूपेश सिंह, वार्ड-4 पार्षद विकास जायसवाल, रूपेश सिंह, पूर्व मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष सचिन जायसवाल सहित भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।रुद्राभिषेक के बाद हवन

प्राण प्रतिष्ठा के बाद रुद्राभिषेक किया गया, उसके पश्चात हवन पूजन संपन्न हुआ। वार्ड की माताएं-बहनें भजन-कीर्तन में डूबकर भगवान की आराधना में सम्मिलित हुईं।

9 फरवरी को विशाल भंडारा

आयोजन समिति ने 9 फरवरी (सोमवार) को विशाल भंडारे का आयोजन किया है, जिसमें नगर के सभी भक्तों को प्रसाद ग्रहण के लिए आमंत्रित किया गया है।

सफलता में योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह, पार्षद सविता रूपेश सिंह, राकेश गौतम, रूपेश सिंह, संतोष पनिका, रत्नेश सिंह, राजेश सिंह, महीप द्विवेदी, पुष्पा सिंह, रूबी विश्वास, विभा दुबे, परमानंद, विकास सिंह, चुनचुन सिंह, रूबी विश्वास, जया सिंह, वीरू सिंह आशुतोष विश्वकर्मा, जानकी प्रदीप सिंह, मालती वर्मा, सुरेश गुप्ता, अजय राजवाड़े, हीरालाल विश्वकर्मा, जयराम सिंह, अनुज पटेल, रामलाल नानू एवं वार्डवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

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