Narmada News Times

 *सभी भारतवासी हिंदू, समान पूर्वजों के वंशज तथा डीएनए अनुक्रम में समानता- केन्द्रीय जनजातीय विवि से पीएचडी में प्रमाणित हुआ 


अनूपपुर। ‘हिंदू' एक भू-सांस्कृतिक अवधारणा है तथा हिंदुत्व, हिंदू और हिंदू राष्ट्र मिलकर भारत की पहचान बनाते हैं, भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है तथा 'हिंदू' शब्द कोई संज्ञा नहीं बल्कि एक विशेषण है, जो गुण और स्वभाव को दर्शाता है। मत-पंथ अलग हैं, लेकिन सांस्कृतिक आधार एक ही है। सभी भारतीयों के डीएनए में एक विशेष समानता है, जिससे हम सभी एक मूल भूखंड के निवासी दिखते है, पीएचडी के मूल तथ्यों में पहला, कि "हिंदू" एक सभ्यतागत पहचान है, धार्मिक नहीं दूसरा कि सभी भारतीय हजरों वर्षों में फैले साझे डीएनए और पूर्वज साझा करते हैं; तीसरा, कि भारत पहले से ही जातिविहीन समावेशी समाज की अवधारणा की पुष्टि करता है, चौथा, कि अलग-अलग पूजा पद्धतियां वाले भारतवासियों के पूर्वज की दस्तावेज समान सांस्कृतिक छतरी को प्रकट करते है; और पांचवां, कि भारत में कोई गैर-हिंदू नहीं केवल हिंदू आत्म-जागरूकता की विभिन्न डिग्री उपलब्ध हैं जो हर कोई भारतीय संस्कृति का पालन करता है। सबकी अपनी-अपनी पूंजा-पद्धती बना है, मान्यताएं हैं. सबकी अपनी-अपनी भाषा है और विविधता में एकता वाले ये सभी लोग हिंदु ही है इसका पीएचडी रिसर्च में वैज्ञानिक प्रमाणन करके डॉक्टर ऑफ फिलॉस्फी की उपाधि प्रदान डॉ. चिन्मय पांडे को की गई है। डॉ. चिन्मय पांडे के शोध निदेशक आचार्य (डॉ) विकास सिंह, स्वदेशी शोध संस्थान के राष्ट्रीय सचिव है।

*पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बनना विकसित भारत 2047 के लिए आधारभूत अनिवार्यता- डॉ. चिन्मय पांडे*

शोध विद्वान डॉ. चिन्मय पांडे ने बताया की भारत में रहने वाले 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ अखंड भारत के लोग हिंदू ही है तथा उनके पूर्वजों की वंशावली में हिंदू होने की दस्तावेजी प्रमाणन है,  तथा डीएनए में एक समानता होने के कारण डीएनए भारत मूल के सभी लोग एक समान देखते हैं, समान पूर्वजों के वंशज होने की प्रमाणिकता के दस्तावेज गया, प्रयागराज, कोणार्क, हरिद्वार सहित जहां-जहां भारत के विभिन्न स्थानों पर पूर्वजों के पिंडदान की प्रक्रिया से जुड़े़ स्थानों पर वंशावली के दस्तावेज सुरक्षित है, ऐसे समस्त वंशावली लेखक को एवं पंडों के पास दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध है जिसका डिजिटलीकरण आवश्यक है और इसमें समाज, युवा, जनसंख्या गणना के 80 वर्ष के अभिलेख, गांव के प्रमुख वरिष्ठजन एवं पिंडदान के लिए भारत के 50 से अधिक धार्मिक स्थान पर उपलब्ध दस्तावेज और समाज के जुड़ाव से पिछले 25 से 40 पीढ़ी तक की जानकारी प्रत्येक परिवार को जानना चाहिए, पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बनने से लोग उत्सुकतावश और अपने कुटुंब जनों को जानने के लिए इसमें सम्मिलित होंगे और इससे सभी प्रकार की पूजा पद्धति वाले यह जान सकेंगे कि उनके पूर्वज हिंदू ही थे और आक्रांताओं के कालखंड में उनकी पूजा पद्धति बदल गई थी और आक्रांताओं के कालखंड में किस-किस प्रकार के अत्याचार उनके पूर्वजों पर हुए थे, इसे जानने का अधिकार उन्हें भी है, इसलिए पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम कानून का बनना बेहद आवश्यक है और यह कानून जातिविहीन समाज की संरचना के लिए और एकात्मकता मानववाद की जड़ को मजबूत करने के लिए इस कानून का संसद से पास होना बेहद आवश्यक है और इस प्रकार का पॉलिसी रिकमेंडेशन पीएचडी शोध में डॉक्टर चिन्मय पांडे ने किया है। टोटल फर्टिलिटी रेट और डेमोग्राफी संतुलन में टोटल फर्टिलिटी रेट हेतु आवश्यक पॉलिसी बनाने के लिए भी रिकमेंडेशन किया गया है।

*पीएचडी में पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम कानून का ड्राफ्ट भी पारित हुआ

पीएचडी के दौरान शोध विद्वान द्वारा बनाएं गए पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बिल के ड्राफ्ट को एक्सटर्नल एक्सपर्ट द्वारा अनुशंसा प्रदान की गई, ज्ञात हो की इस प्रकार की प्राइवेट बिल को संसद में रखने के लिए भारत के अनेक सांसद लोकसभा और राज्यसभा में इसे रखने के लिए अपनी सहमति भी दे चुके हैं, इस प्रकार के कानून से भारत में सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन के लिए एक अद्वितीय और असाधारण कार्य योजना आगे बढ़ सकेगी। भारत की एकता और अखंडता के लिए यह कानून का लागू किया जाना बेहद आवश्यक माना गया है। शोध विद्वान डॉक्टर चिन्मय पांडे ने बताया कि पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बिल का ड्राफ्ट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संसदीय कार्य मंत्री को शीघ्र सौंपा जाएगा, ताकि यह बिल कानून का स्वरूप ले सके, इस हेतु स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल तथा सहसंगठन सतीश कुमार को भी बिल का ड्राफ्ट सौंपा जाएगा।

डॉ. चिन्मय पांडे ने शोध निदेशक प्रो विकास सिंह अधिष्ठाता तकनीकी विज्ञान संकाय, गुरु माता श्रीमती प्रियंका सिंह, गुरुबहन क्षितिजा सिंह, गुरुभाई प्रियव्रत सिंह को भी समय-समय पर सतत सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।

डॉ. चिन्मय पांडे ने शोध में वैचारिक सहयोग हेतु अवधूत सिद्ध महायोगी श्रीदादा गुरू, मृत्युंजय आश्रम अमरकंटक के हरिहरानंद , अनंत विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजेश्वर माऊली सरकार, वंदे महाराज, मुख्य पुजारी, नर्मदा मंदिर शक्तिपीठ सहित गया-हरिद्वार-प्रयागराज के पंडा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, अभा सह-संपर्क प्रमुख प्रदीप जोशी, अभा पर्यावरण प्रमुख राकेश जैन, अभा संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह जे. नंदकुमार, अभा वंशावली संरक्षण प्रमुख रामप्रसाद, अभा सह-बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते, राष्ट्रीय सह-महामंत्री भाजपा वी. सतीश, क्षेत्र प्रचारक, मध्य क्षेत्र स्वप्निल कुलकर्णी, अभा संगठक कश्मीरी लाल, अभा सह-संगठक सतीश कुमार, प्रवीण गुप्ता, प्रांत प्रचारक ब्रजकांत, विनोद कुमार, क्षेत्रीय संगठक केशव दुबोलिया, वनवासी कल्याण आश्रम क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुभाष बडोले, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रान्त संगठन मंत्री मनीष राय, मोरध्वज पैकरा, मानस जी, राकेश मौर्य, सौम्य मिश्रा, शिवम् मिश्रा सहित लोकसभा एवं राज्यसभा के अनेक सांसदों को आभार व्यक्त किया है।

डॉ. चिन्मय पांडे ने परिवारजनों श्रीमती माता अपर्णा पाण्डेय , पिता विजय पाण्डेय ,  पथ प्रदर्शक मामा चैतन्य मिश्र,मामी संध्या मिश्रा, मामा अजीत मिश्रा , सुजीत मिश्रा , मौसी अजीता मिश्रा ,अर्चना तिवारी, प्रशस्ति त्रिपाठी ,  अनुजा, अंशिका ज्योतिषाचार्य भरत राम पाण्डेय, मित्रगण रोहित श्रीवास, शशांक द्विवेदी, अनिरुद्ध सिंह, संदीप हिंडोरे, दुर्गेश पटेल, अमित सिंह, रवि मिश्रा, कृष्णा दुबे, ऋतुराज शोंधिया, बैद्यनाथ राम सहित पूर्वजों को स्मरण स्व. दादाजी चन्द्रकांत पाण्डेय ,दादीजी स्व. विमला देवी पाण्डेय ,नानाजी स्व. प्रभाकर मिश्रा , नानीजी स्व. श्यामा देवी , स्व. श्रीमती राम झारी देवी (गुरु-दादीजी) को भी आभार व्यक्त किया है।

 *पीएचडी उपाधि के बने साक्षी*          

 चिनमय पाण्डेय के पीएचडी उपाधि प्राप्ति के ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शहडोल संभाग प्रभारी राजेश शुक्ला, दैनिक मध्यप्रदेश जनसंदेश के जिला ब्यूरो डॉ. संतोष झा, संकल्प महाविद्यालय के संचालक अंकित शुक्ला तथा दैनिक सी टाइम्स के जिला रिपोर्टर विजय राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी गणमान्यजनों ने चिनमय पाण्डेय को इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।

 रेलवे स्टेशन अनूपपुर में पार्किंग ठेकेदार द्वारा अवैध बेरीकेडिंग और वसूली पर रोक लगाने की मांग



 

अनूपपुर । रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में अवैध रूप से बेरीकेडिंग लगाकर आम जनता को परेशान कर ठेकेदार के अपरिचित व्यक्तियों द्वारा की जा रही वसूली पर रोक लगाने की मांग पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष अनूपपुर जीवेन्द्र सिंह, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राम खेलावन राठौर एवं जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह ने एम.पी.शर्मा मुख्य स्टेशन अधीक्षक अनूपपुर को 

डी.आर. एम. बिलासपुर, SECR (द.पू.म.रेलवे) के नाम पर सौंप कर किया है।

 ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि  अनूपपुर रेलवे स्टेशन के पार्किंग ठेकेदार के अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दक्षिणी छोर पर अवैध रूप से वसूली किया जा रहा है, रेलवे द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थल के अलावा पूरे रेलवे परिक्षेत्र में बांस -बल्ली/बेरीकेट्स लगाकर अवरोध उत्पन्न किया गया है, दिव्यांग जनों के लिए बनाएं गए प्लेटफार्म नंबर 03 और 04 की ओर जाने वाले रास्ते को भी बांस -बल्ली /बेरीकेट्स लगाकर अवरोध पैदा किया गया है।

ठेकेदार द्वारा अनेकों अनजान व्यक्तियों को पार्किंग शुल्क वसूली हेतु लगाया गया है जिनके पास कोई भी वैद्य परिचय पत्र नहीं है और न ही पुलिस वेरिफिकेशन है।

इन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा झुंड बनाकर रेलवे कैंपस में आम जनमानस को अनावश्यक परेशान करके डरा - धमका कर पार्किंग शुल्क वसूली किया जा रहा है।

क्या ठेकेदार को रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में बेरीकेट्स लगाने का अधिकार है.....?  बेरीकेडिंग रेलवे स्टेशन अनूपपुर जंक्शन के दोनों ओर अर्थात दक्षिणी छोर एवं मुख्य द्वार उत्तरी छोर में किया गया है।

 केवल पार्किंग स्थल पर ही शुल्क वसूली करने हेतु आदेशित किया जाएं एवं वसूली करने वाले व्यक्तियों का पुलिस वेरिफिकेशन और परिचय- पत्र अनिवार्य किया जाएं।

अवांछित तत्वों को स्टेशन परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाएं एवं ठेकेदार द्वारा लगाएं गए बेरीकेडिंग को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएं।

इसकी प्रतिलिपि मुख्य सतर्कता अधिकारी( SDGM -

SECR) बिलासपुर को भी दिया गया है।

आम जनमानस की परेशानियों को देखते हुए ज्ञापन सौंपकर निराकरण की मांग किया है ताकि पार्किंग ठेकेदार की मनमानी पर अंकुश लगाया जाएं।

 जिला चिकित्सालय अनूपपुर में पार्किंग शुल्क समाप्त 




अनूपपुर । जिला चिकित्सालय में पार्किंग शुल्क लगाकर वसूली चालू किया गया था जिससे आमजनों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ने पर जनपद पंचायत अध्यक्ष जैतहरी राजीव सिंह, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राम खेलावन राठौर पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष जीवेन्द्र सिंह ने जिला चिकित्सालय जाकर कलेक्टर अनूपपुर से चर्चा कर ज्ञापन सौंपा,इस दौरान सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

तत्काल प्रभाव से सिविल सर्जन डॉ एस.आर.परस्ते ने पार्किंग शुल्क समाप्त करने की घोषणा किया और वसूली कर्ताओं को पार्किंग स्थल छोड़नें का मौके पर मौखिक निर्देश दिया।

पार्किंग स्थल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगरपालिका अनूपपुर के पूर्व उपाध्यक्ष जीवेन्द्र सिंह ने कहा कि अस्पताल में मरीज और उनके परिवार जन ईलाज के लिए आते हैं और रोगी कल्याण समिति को 10 रुपए देकर पर्ची कटाते हैं इसके अतिरिक्त शुल्क देना गरीब मरीजों के लिए आर्थिक बोझ है।

जिला चिकित्सालय परिसर में ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र है जिसमें जेनरिक दवाइयां बहुत सस्ते दामों पर उपलब्ध है जिन्हें 5रुपये की दवा लेना है उन्हें भी 20रुपया पार्किंग शुल्क देना पड़ेगा जो कि सरासर जन औषधि केंद्र की मंशा के विपरीत है।

जनहित की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए कलेक्टर महोदय ने पार्किंग शुल्क समाप्त करने के निर्देश दिए जिस पर सिविल सर्जन द्वारा तत्काल प्रभाव से पार्किंग शुल्क लेने पर रोक लगा दिया।

आदिवासी अंचल के लोगों के लिए बहुत राहत भरी खबर है जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राम खेलावन राठौर ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

 *शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन हुआ


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अनूपपुर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में दो दिवसीय 27 एवं 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष की थीम "विज्ञान में महिलाएं विकसित भारत के लिए उत्प्रेरक" रहा। कार्यक्रम को म. प्र. काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल द्वारा प्रायोजित किया गया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक रसायन शास्त्र विभाग से सहायक प्राध्यापक डॉ. साधुचरण मलिक, भवभूति प्रसाद, एवं पर्यावरण विभाग से प्याली शिबू , राजेश नंदिनी राठौर, व्याख्याता तथा मानसि शर्मा प्रतिभागी के रूप मे उपस्थित रहे। सभी व्याख्याताओं ने विद्यार्थियों बालिकाओं को उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए प्रेरित किया। इस अवसर  पर व्याख्याताओं एवं अतिथिगणों  ने छात्र -छात्राओं द्वारा बनाये गए पोस्टर, रंगोली, मॉडल, प्रश्नोत्तरी निबंध प्रतियोगिताओं की अत्यधिक सराहना की एवं मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम की संरक्षक एवं मार्गदर्शक प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना सर ने बताया कि विकसित भारत के निर्माण हेतु बेटियों महिलाओ को वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं आत्मविश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ने कि जरूरत है। कार्यक्रम के संयोजक  ऋषिकेश चंद्रवंशी ने वैज्ञानिक अनुसंधान हेतु प्रेरित किये तथा वैज्ञानिकों की नाम फोटो सहित एवं उनके कार्यों से अवगत कराया। मंच संचालन डॉ. सूरज परवानी द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे उपस्थिति डॉ. जे के संत, डॉ. राधा सिंह, तथा डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने छात्र छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।  इस कार्यक्रम में डॉ ज्ञान प्रकाश पांडे, डॉ शाहबाज खान, डॉ विनोद कुमार कोल, डॉ अमित भूषण द्विवेदी, डॉ हीरा सिंह, डॉ पूनम पांडेय, डॉ प्रति वैश्य, डॉ मीना सिंह, डॉ अजय जयसवाल डॉ बृजेन्द्र सिंह, डॉ दुर्गेश द्विवेदी, डॉ नंदलाल गुप्ता, डॉ अमित कुमार साकेत, डॉ गंगेश कुमार, डॉ फरहा नाज, डॉ संजीव द्विवेदी,डॉ अंजलि कहार, डॉ. तरन्नुम सर्वत, डॉ ज्योति रौतेल एवं अन्य सदस्यों की महत्व पूर्ण भूमिका रही।


 *थाना कोतवाली अनूपपुर में शान्ति समिति बैठक का आयोजन, मिल जुलकर शान्ति पूर्वक आगामी त्यौहार मनाने लिए गया सर्वसम्मिति से निर्णय



अनूपपुर । जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अनूपपुर  हर्षल पंचोली एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में शनिवार को थाना कोतवाली अनूपपुर में आगामी होलिका दहन,  धुरेडी, रंगपंचमी, चेट्री चंड उत्सव (श्री झूलेलाल जयंती), गुड़ी पड़वा, ईद उल फितर, श्री रामनवमी एवं श्री हनुमान जन्मोत्सव को शान्ति पूर्व मनाये जाने हेतु शान्ति समिति की बैठक का आयोजन किया गया।

थाना कोतवाली अनूपपुर में आयोजित शान्ति समिति की बैठक में एसडीएम अनूपपुर  कमलेश पुरी, टी.आई. कोतवाली अनूपपुर अरविन्द जैन, यातायात थाना प्रभारी विनोद दुबे, नगर पालिका उप यंत्री बृजेश पाण्डेय, मनीष जोशी (उप यंत्री ) मध्यप्रदेश विद्युत मंडल,  पार्षदगण अनिल पटेल, प्रवीण सिंह, विनोद कुमार सोनी, जनप्रतिनिधि बृजेश चतुर्वेदी, शिवरतन वर्मा, कमलेश तिवारी पिंटू, सदर जामा मस्जिद लियाकत अली, पूर्व सदर मोहम्मद सलीम बाबा खान, तौहित खान, शेर अली, परसराम बागवानी, तेजूमल भोजवानी, संजय भोजवानी राकेश गौतम होलिका दहन कार्यक्रम के आयोजक गण, श्री हनुमान जन्म उत्सव कार्यक्रम के आयोजक गण, शिव मारूती युवा संगठन के राहुल अग्रहरि, बृजेश राठौर, इशांक केशरवानी सदस्य डी.जे. एवं साउण्ड सिस्टम संचालक गण, मीडिया बंधु नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य एवं कोटवार बंधु सहित करीब 100 गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिकों ने पर्वो के दौरान कार्यक्रम स्थल पर साफ सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था हेतु, पर्वो के दौरान सड़को पर नीचे झूले हुए बिजली तारों को ऊंचा कराये जाने हेतु, पर्वो के जुलुस में पुलिस की व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था हेतु पुलिस प्रशासन को सुझाव दिया गया। होली पर्व पर शराब पीकर हुड़दंग कर आम नागरिकों को परेशान किये जाने वालो पर कार्यवाही हेतु सुझाव दिया गया।

 “सृजन कार्यक्रम किशोर/किशोरियों में आत्मनिर्भरता की पहल


जैतहरी । मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल सामुदायिक पुलिस योजना अंतर्गत उप-पुलिस महा निरीक्षक  विनीत कपूर के दिशा-निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोति उर रहमान  के मार्गदर्शन में तथा  जगन्नाथ मरकाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा नोडल सृजन कार्यक्रम अनूपपुर के नेतृत्व में थाना जैतहरी अंतर्गत सरस्वती उ.मा.विद्यालय में विधिवत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर प्रारंभ किया गया |

अतिथियों के स्वागत पश्चात् सृजन कार्यक्रम में सहभागी संस्था हार्ड के  सुशील शर्मा द्वारा उद्देश्य बताते हुये कहा गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना है तथा ऐसे बच्चे चुनौतियों से निपटने हेतु सक्षम बन सके इस हेतु उन्हें आत्मरक्षा कौशल सिखाना है जिससे उनमें शारीरिक एवं मानसिक मजबूती प्राप्त हो सके |

साथ ही कानूनी साक्षरता अधिकारों एवं कानून के प्रति जागरूक करना है,  जगन्नाथ मरकाम जी ने रोचक ढंग से बच्चों को सृजन  अर्थात रचनात्मकता समझाते हुये कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य है और उन्हें इस कार्यक्रम के माध्यम से नई जानकारी तथा भविष्य निर्माण में सहायता प्राप्त होगी |

पुलिस विभाग द्वारा बच्चों को मोजर वियर सी.एस.आर.से प्राप्त ट्रेक शूट प्रदान किये गये जिसे बच्चे खुश हुये तथा प्रशिक्षण के दौरान एक ड्रेस में सब बच्चें प्रशिक्षण में भाग लेंगे |

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से बी.सी.एम. कोमल सिंह मार्को द्वारा बच्चों को पोषण जानकारी प्रदान की गई, सूबेदार  अम्बरीष साहू जी द्वारा कार्यक्रम समन्वय किया गया, सृजन मास्टर ट्रेनर  प्रभात मिश्रा उपस्थित थे जिन्होंने आगामी कार्यक्रम की रुपरेखा बताया |

सरस्वती विद्यालय परिवार से पुष्पेन्द्र नामदेव, डा. दीपक उरमलिया,  प्रदीप गुप्ता,  आशीष पाण्डेय, थाना जैतहरी से उ नि. अमरलाल यादव, प्रधान आरक्षक  श्याम शुक्ला उपस्थित रहे |

सृजन कार्यक्रम का सराहनीय संचालन नेशनल ट्रेनर वालीबाल  दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया |

 🎨*चुनावी गुलाल ने  उड़ा दी है- दीदी की नींद*


"व्यंग"

कहते हैं कि इस बार रंगों से पहले चुनावी गुलाल उड़ने वाला है। हमारी  सांसद महोदया पर भी कुछ ऐसा ही रंग चढ़ा है,नींद में ही भांग का ऐसा असर कि सपना भी सीधे 2027 के चुनावी मंच पर जाकर टूटेगा। तभी कहीं दूर से ढोल-नगाड़ों की आवाज आई, जैसे भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की चुनावी रैलियां एक साथ कान में घोषणा-पत्र पढ़ रही हों , “अब जागिए, वरना जनता जगा देगी!”

सांसद महोदया हड़बड़ा कर उठीं। बरसों की गहरी निद्रा टूटी तो याद आया ,अरे! नरवा-गढवा तो दूर, अपने क्षेत्र की नल-जल योजना में भी पानी का रास्ता पूंछ रहा होगा? विकास कार्य ऐसे गायब थे जैसे होली के अगले दिन गली से रंग।

तभी एक शुभचिंतक प्रकट हुए राजनीतिक ज्ञान के चलता-फिरता विश्वकोश। बोले, “महोदया! काम-धाम छोड़िए, कैमरा पकड़िए। जहां कोई मरे , वहां गंभीर मुद्रा में फोटो। जहां शादी-ब्याह हो, वहां मुस्कान के साथ फोटो। जन्मदिन, छठी, बरहों सब पर आशीर्वाद वाली फोटो। जनता को काम नहीं, कैमरा एंगल याद रहता है।”

बस फिर क्या था! महोदया ने अपनी “चलन खटोला” निकाली जो लग्जरी कार कम और चुनावी हमसफ़र ज्यादा लग रही थी फिर क्या  निकल पड़ीं। महल हो या झुग्गी, गली हो या चौपाल हर जगह वही स्थायी मुस्कान, जैसे होली का रंग अब चेहरे पर स्थायी टैटू बन गया हो।

मीडिया प्रभारी भी कम न थे। बरसों से जमी स्याही झाड़कर कलम ऐसी दौड़ाई मानो प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से सीधा “सक्रियता रत्न” मिलने वाला हो। प्रेस नोट की भाषा में विकास हरी झंडी ऐसे लहराने लगा  जैसे सूखे तालाब में अचानक मानसून उतर आया हो।

पत्रकारों की भी बांछे खिल उठे । जो अब तक “सांसद  सो रहीं हैं” की खबर लिख-लिख कर थक चुके थे, उन्हें लगा चलो, जागरण का लाइव टेलीकास्ट तो मिलेगा! बखानों की झड़ी लग गई , “जनता के बीच पहुंचीं”, “हर सुख-दुख में सहभागी”, “क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता”… मानो क्षेत्र नहीं, चुनावी प्रयोगशाला हो।

अब जनता भी देख रही है सोने वाली सांसद दीदी ज्यादा फायदेमंद थीं या जागने वाली ? क्योंकि होली का रंग तो दो दिन में उतर जाता है, पर वोट का रंग पांच साल तक चढ़ा रहता है।

तो भाइयों और बहनों चिंता छोड़, होली के रंग में रंग जाओ और  एक दूसरे को गले मिल मुंह मीठा कर होली का भरपूर आनंद लो,*" कल किसने देखा... है।"* 

*होली है… बुरा न मानिए, होली है!*

*छिछोरा टाइम्स*

*प्रधान संपादक*

*बीरेंद्र सिंह "ओजस्वी"*

*अनूपपुर मध्य प्रदेश*

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