*“अब दुर्घटना में नहीं रुकेगा इलाज — PM राहत स्कीम से 7 दिन तक फ्री उपचार, 9 नागरिक पा चुके जीवनरक्षक लाभ


”*

*पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  निर्देश पर समस्त थानों में पीएम राहत योजना की मॉनिटरिंग जारी*

अनूपपुर । जिला अनूपपुर में PM राहत स्कीम के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए कैशलेस उपचार की प्रभावी व्यवस्था लागू है। अब किसी भी घायल को इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी होगी *उपचार का पूरा खर्च शासन उठाएगा।* 

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक  *मोती उर रहमान (IPS)* के निर्देश पर इस योजना की मॉनिटरिंग प्रत्येक थाना स्तर पर की जा रही है ताकि इस योजना लाभ आमजन तक तत्काल पहुंच सके। 

 *योजना की मुख्य विशेषताएं*

*7 दिन तक या अधिकतम ₹1.5 लाख तक पूरी तरह निःशुल्क इलाज*

*अस्पताल में भर्ती के समय कोई अग्रिम राशि नहीं*

*इलाज का भुगतान सीधे शासन द्वारा अस्पताल को*

 *अब तक 9 नागरिक इस योजना से लाभान्वित, समय पर उपचार से मिली नई जिंदगी*


 *यहां मिलेगा कैशलेस उपचार*

*जिले के सभी शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ इन 8 निजी अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध*

* आशीर्वाद हॉस्पिटल, अनूपपुर

* आर.डी.एस. हॉस्पिटल, कोतमा

* संजीवनी हॉस्पिटल, अनूपपुर

* गुरुकृपा हॉस्पिटल, अनूपपुर

* न्यू लाइफ हॉस्पिटल, अनूपपुर

* संगीता नर्सिंग होम, बिजुरी 

* वी केयर हॉस्पिटल, अनूपपुर

* खेड़िया नेत्र चिकित्सालय, बिजुरी  

* *दुर्घटना के समय क्या करें*

 घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं अस्पताल में

  *“रोड एक्सीडेंट केस”*

 के रूप में दर्ज कराया जाता है

 बाकी सभी प्रक्रिया अस्पताल एवं प्रशासन द्वारा पूरी की जाती है

 *क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण*

✔ इलाज में नहीं होगी देरी

✔ आर्थिक बोझ से राहत

✔ समय पर उपचार से जीवन बचने की संभावना अधिक

 *अनूपपुर पुलिस की अपील*

“हर सेकंड कीमती है। आपकी तत्परता किसी की जिंदगी बचा सकती है।

 *PM राहत स्कीम के तहत इलाज की जिम्मेदारी शासन की है*—आप बस मदद के लिए आगे बढ़ें।”

 *यातायात पुलिस अनूपपुर*

 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में

डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर गरिमामय कार्यक्रम आयोजित


अनूपपुर । महाविद्यालय के सेमिनार हाल में आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. अनिल सक्सेना ने अपने उद्बोधन में अंबेडकर जी के जीवन, संघर्ष एवं उनके द्वारा रचित संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी ने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जे. के. संत ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अंबेडकर जी के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरज श्रीवास्तव (विभागाध्यक्ष, हिंदी) ने अंबेडकर जी के विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताते हुए सामाजिक समरसता पर बल दिया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा भाषण, कविता एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें अंबेडकर जी के जीवन और उनके योगदान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस के स्वयंसेवक  सतीश सोनी ने किया । इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉक्टर ऋषिकेश चंद्रवंशी, डॉ ज्ञान प्रकाश पांडे,  विनोद कोल, डॉक्टर तरन्नुम शरबत, डॉक्टर दुर्गेश द्विवेदी, डॉ नंद लाल गुप्ता,  देवेंद्र बागड़ी,  संतोष सोलंकी सहित काफी संख्या में महाविद्यालय के स्टाफ, एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही । अंत में आभार प्रदर्शन  ज्ञान प्रकाश पांडे ने किया ।

 प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय अनूपपुर में नारी शक्ति वंदन पखवाड़े का आयोजन हुआ संपन्न




 

 अनूपपुर । प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में नारी शक्ति वंदन पखवाड़े का आयोजन 13 अप्रैल 2026 को किया गया .यह पखवाड़ा 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा. महाविद्यालय के  प्राचार्य डॉक्टर अनिल कुमार सक्सेना जी के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह और जिला पंचायत उपाध्यक्ष पार्वती राठौड़ जी की गरिमामई उपास्थिती  में सरस्वती पूजन करते हुए इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई .श्रीमती प्रीति रमेश ने अपने व्याख्यान में नारी शक्ति का आगाज करते हुए कहा की नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि सृजन, संवेदना, शक्ति और प्रेरणा का अद्भुत संगम है। वह माँ है, जो जीवन देती है; वह बहन है, जो स्नेह देती है; वह पत्नी है, जो साथ निभाती है; और वह बेटी है, जो भविष्य को संवारती है।

हमारे इतिहास और संस्कृति में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमन्ते तंत्र देवता:” अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। फिर भी, यह एक विडंबना है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में नारी को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ता है। आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का लोहा मनवा रही है ,चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, राजनीति हो, या खेल का मैदान। उसने यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर मिलने पर वह किसी से कम नहीं है। इसके बाद पार्वती राठौर जी ने नारी को महिमा मंडित करते हुए कहा की नारी सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से इतना सक्षम बनाना कि वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें। यह केवल महिलाओं के अधिकारों की बात नहीं है, बल्कि एक समतामूलक और प्रगतिशील समाज की नींव है।

कहा जाता है -“अगर आप एक पुरुष को शिक्षित करते हैं, तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है; लेकिन अगर आप एक महिला को शिक्षित करते हैं, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।”

यह कथन नारी की शक्ति और उसके महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही है—चाहे वह विज्ञान हो, खेल हो, सेना हो या राजनीति। उसने यह सिद्ध कर दिया है कि वह किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। लेकिन इसके बावजूद, समाज के कई हिस्सों में आज भी महिलाओं को भेदभाव, असमानता और हिंसा का सामना करना पड़ता है।

इसलिए नारी सशक्तिकरण की आवश्यकता आज भी उतनी ही है जितनी पहले थी। इसके लिए सबसे पहला कदम है—शिक्षा। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागृत करता है। डॉ नीरज श्रीवास्तव ने विचार व्यक्त करते हुए कहा भारतीय संस्कृति सदियों से नारियों का सम्मान करता रहा, हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा में नारियों को उच्च दर्जा प्राप्त  है । हर युगों में नारियां समाज और देश को अपने योगदान से मजबूती प्रदान करती रही हैं । नारियों की सुरक्षा और सम्मान हमारा दायित्व है ।

महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉक्टर जे के संत जी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर  महाविद्यालय के समस्त महिला प्राध्यापकों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में डॉ नीरज श्रीवास्तव, प्रोफेसर विनोद कोल, डॉक्टर तरन्नुम सरवत, सहित महाविद्यालय के समस्त अधिकारी ,कर्मचारी एव छत्रों की गरिमामयी उपस्थिति रही ।

इस अवसर पर सूर्य समृद्धि आशा भोंसले को भावभीनी श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।

 भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी के निवास पर मुलाकात कर  सुपुत्री स्व. सुरभि खंडेलवाल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त किए - राधावल्लभ शारदा जी


 बैतूल। असेंबली आफ एम .पी .जर्नलिस्ट्स  के  प्रदेश 

अध्यक्ष एवं म.प्र.श्रम सलाहकार परिषद के मनोनीत सदस्य राधावल्लभ शारदा जी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल  से बैतूल स्थित उनके निवास में अपनी टीम के साथ मुलाकात  कर शोक संवेदना व्यक्त की ।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  खंडेलवाल जी ने  शारदा जी से  उनके स्वास्थ्य  की जानकारी ली ।

  शारदा जी की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल  से  संक्षिप्त वार्ता में  पत्रकार कानून और श्रम  संबंधित विषय पर  चर्चा हुई ।

गौरतलब रहें की  खंडेलवाल जी की सुपुत्री  स्व. सुरभि खंडेलवाल के निधन के दौरान राधावल्लभ शारदा जी की तबियत खराब होने की वजह  शोक संवेदना व्यक्त करने नहीं आ पाए थें ।

इस  दौरान असेंबली आफ एम. पी. जर्नलिस्ट्स के प्रदेश उपाध्यक्ष नन्हें चंद्रवंशी, जिलाध्यक्ष गजेंद्र सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष  कृष्णा साहू, नागेंद्र निगम, दीन दयाल गुर्जर, कैलाश पाटिल, शंकर साहू, सुनील गोंड़ाने, जीत आम्र वंशी,  विनय रॉय, मुकेश बाबू सिंह, सहित अन्य पत्रकार मौजूद थें ।

 *ऑपरेशन मुस्कान में कोतवाली अनूपपुर पुलिस को बड़ी सफलता* :  *अपहृत 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को कर्नाटक से दस्तयाब कर नाबालिग को बहला फुसलाकर साथ भगाकर दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी.  नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को कर्नाटक राज्य के बीदर जिले से दस्तयाब कर नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर साथ भगाकर दुष्कर्म के आरोपी मोहम्मद दाऊद निवासी हसन नगर, हैदराबाद को गिरफ्तार किया गया है। 

दिनांक 09.03.2026 को 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के अचानक बिना बताये घर से कहीं चले जाने एवं ना मिलने की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 145/26 धारा 137(2) बी. एन. एस. पंजीबद्ध किया गया। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी  द्वारा उक्त नाबालिक बालिका की दस्तयाबी और सूचना पर 2000 रुपए नगद इनाम का उद्घोषणा आदेश जारी किया गया ।टी आई. कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक कमलेश तिवारी , प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह राठौर , आरक्षक दीपक बुंदेला , महिला आरक्षक अंकिता सोनी एवं सायबर सेल अनूपपुर से प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार एवं आरक्षक पंकज मिश्रा की संयुक्त टीम के द्वारा उक्त नाबालिग बालिका की लगातार प्रयास कर पता साजी की गई एवं उक्त नाबालिग बालिका को कर्नाटक राज्य के बीदर जिले के घोड़ावाड़ी से आरोपी मोहम्मद दाऊद पिता मोहम्मद सलीम उम्र कारी 32 साल निवासी हसन नगर थाना राजेंद्र नगर हैदराबाद तेलंगाना के कब्जे से दस्तयाब कर नाबालिक बालिका को सुरक्षित  परिजनों को सुपुर्द गया। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी पुलिस टीम को पुरुस्कृत किया गया है 

 *इन्स्टाग्राम पर अनजान से दोस्ती और विश्वास करना पड़ा भारी* 

नाबालिग बालिका से महिला पुलिस अधिकारी द्वारा की गई पूछताछ पर विवेचना में पाया गया कि 15 वर्षीय नाबालिग बालिका का स्मार्ट फोन से इन्स्टाग्राम सोशल मीडिया के द्वारा आरोपी मोहम्मद दाऊद निवासी हैदराबाद  से कुछ महीने पूर्व पहचान और दोस्ती हुई थी। जो आरोपी द्वारा नाबालिग बालिका को इन्स्टाग्राम के जरिये लगातार सम्पर्क कर बहला फुसलाया और दिनांक 09.03.2026 को आरोपी ट्रेन से अनूपपुर रेल्वे स्टेशन पहुंचा जहां नाबालिग बालिका  रेल्वे स्टेशन अनूपपुर पहुंच गई जहां से आरोपी ने बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाकर हैदराबाद एवं कर्नाटक में अपने साथ रखकर शारीरिक दुष्कर्म किया। 

 *पुलिस अधीक्षक अनूपपुर महोदय की अपील*  

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती और रहमान  जी द्वारा जिले के समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि माता,  पिता, परिवारजन अपने नाबालिग बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सतत निगरानी जरूर रखें तथा इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अनजान व्यक्तियों से संपर्क से बचने के लिए जागरूक करें, जिससे इस प्रकार के अपराधों से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।

 #DRM_बिलासपुर_जोन_रेलवे_के_नाम_खुला_पत्र


 

श्रीमान डी .आर. एम. महोदय 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 

बिलासपुर जोन 

विषय -  रेलवे गेट थाना तिराहा अनूपपुर से रेलवे द्वारा बनाई गई  सीमेंटेड सड़क से पूर्व पश्चिम केबिन तक चार पहिया वाहन में बैठकर निरीक्षण करने हेतु।

संदर्भ -  रेलवे लाइन के उत्तर में 01 किलोमीटर की सड़क पर 14स्पीड ब्रेकर निर्माण और दक्षिणी भाग 1.5किलोमीटर की सड़क पर एक भी स्पीड ब्रेकर नही.

मान्यवर,

उपरोक्त विषयांतर्गत अनुरोध है कि अनूपपुर रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता कार्य रोहित कुमार द्वारा थाना तिराहा अनूपपुर मुख्य द्वार से स्टेशन होते हुए पूर्व पश्चिम केबिन तक कुल 14 स्पीड ब्रेकर निर्माण कराएं गए हैं जो कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के विरुद्ध है साथ ही सभी स्पीड ब्रेकर ICR के निर्धारित मापदंडों के विपरीत हैं।

रेलवे अनूपपुर में ही रेलवे लाईन के दक्षिणी हिस्से में भी सड़क निर्माण कार्य आर ई कालोनी से RPF बैरक होते हुए पुराने रेलवे फाटक तक बनाया गया है परन्तु इस 1.5किलोमीटर सड़क पर एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं बनाया गया है आखिर क्यों.....?

रेलवे अधिकारियों द्वारा दोहरा मापदंड क्यों अपनाया गया है। इससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता कार्य के अपने नियम और क़ानून है रेलवे लाईन के उत्तर में 14 स्पीड ब्रेकर है और दक्षिण में 01भी स्पीड ब्रेकर नही है।

अस्तु श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि फोर व्हीलर गाड़ी में बैठकर बनाएं गए सीमेंटेड रोड़ पर स्पीड ब्रेकर का निरीक्षण करने का कष्ट करें। रेलवे का कार्य उच्च मापदंडों पर आधारित होता है लेकिन अब भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को लांघा जा रहा है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आप अपने कीमती समय में से कुछ समय निकाल कर अवश्य भ्रमण कर अवलोकन करने का कष्ट करेंगे। शिवम रेलवे कालोनी में अलग मापदंडों के ब्रेकर बना हुआ है तो आइ ओ डब्ल्यू आफिस के आस-पास के स्पीड ब्रेकर की डिजाइन अलग है तो पश्चिमी दिशा केबिन सड़क पर ब्रेकर का मापदंड बिल्कुल अलग-अलग है।

श्रीमान जी निरीक्षण कर बिना मापदंडों के बनाएं गए स्पीड ब्रेकर को तत्काल प्रभाव से तोड़वाने का कष्ट करें ताकि आम जनता के हाथ पैर टूटने से बच सकें।

भवदीय 

जीवेन्द्र सिंह पूर्व उपाध्यक्ष नगरपालिका परिषद अनूपपुर

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#iowanuppur 

#anuppur_railway

 भारतीय जन नाट्य संघ का तीन दिवसीय दसवां राज्य सम्मेलन सम्पन्न, सदाचार के तावीज से परसाई के गूंजे बोल


*अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने जनकवि धूमिल की कविता "पटकथा" का एकल का सफल मंचन*

अनूपपुर । वैचारिक रूप से जनप्रतिबद्ध कला और जन संस्कृति का संरक्षक और संवाहक भारतीय जन नाट्य संघ का मध्य प्रदेश का दसवां राज्य सम्मेलन छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट स्थित अनूपपुर के बलराज साहनी सभागृह में संपन्न हुआ। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आये कलाकारों ने, देश-दुनिया के मौजूदा हालात पर गंभीरता से चिंतन-मनन किया और नाट्य विधा की विभिन्न प्रस्तुतियाँ पेश कीं। आयोजन में इप्टा इंदौर इकाई द्वारा हरिशंकर परसाई की कहानी पर आधारित "सदाचार का तावीज़" की नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को ठहाके लगाने के साथ-साथ सोचने पर विवश कर दिया। यही परसाईजी की लेखनी की विशेषता भी थी। 

सम्मेलन में अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने जनकवि धूमिल की कविता "पटकथा" का एकल मंचन किया। प्रयागराज (इलाहाबाद) की समानांतर संस्था ने "असमंजस बाबू", इप्टा लखनऊ के कलाकारों ने स्वतंत्रता संग्राम के 100 वर्षों की अवधि को समेटे हुए क्रांतिकारी अशफाक उल्ला की "दास्तान-ए-अशफाक" को किस्सागोई से तथा विवेचना इप्टा जबलपुर ने "72 मील" नाटक के माध्यम से हमारे समाज की विसंगतियों पर चोट की और दर्शकों का मन मोह लिया।

राज्य सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी और इप्टा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश वेदा (लखनऊ) ने कहा कि वर्तमान समय विश्व के लिए उलझन भरा है। लेखक, रंगकर्मी, पेंटर अपने-अपने माध्यमों से इसे अभिव्यक्त कर रहे हैं। 

प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य सचिव सत्यम पांडे (भोपाल) ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद यह सम्मेलन एक उपलब्धि है। धर्म के नाम पर राजनीति विस्तारित हो रही है। खगोल विज्ञानी अमिताभ पांडे के अनुसार संस्कृति, प्रकृति और समाज के संबंधों को निर्धारित करती है। मनुष्य ब्रह्मांड में अपनी औंक़ात नहीं समझ पा रहा है, यह उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है। सम्मेलन में प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न प्रस्ताव रखे गए, जिन्हें सर्वानुमति से पारित किया गया। सम्मेलन के संगठन सत्र में महासचिव शिवेंद्र शुक्ला ने अपने कार्यकाल की रिपोर्ट पेश की। उस रिपोर्ट पर विभिन्न इकाइयों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। 

आगामी वर्षों के लिए कार्यकारिणी का सर्वानुमति से गठन किया गया। संरक्षक मंडल में हिमांशु राय, डॉक्टर विद्या प्रकाश, विजय नामदेव, अध्यक्ष मंडल में विनीत तिवारी, अनिल दुबे, सीमा राजोरिया, हरनाम सिंह, पंकज दीक्षित, विजेंद्र सोनी, अध्यक्ष हरिओम राजोरिया, महासचिव शिवेंद्र शुक्ला, कोषाध्यक्ष नीरज खरे, सचिव मंडल में अभिषेक अंशु, सारिका श्रीवास्तव, हूरबानो सैफी, गुलरेज़ खान, आयुष सोनी, कार्यकारिणी में रामदुलारी शर्मा, पल्लविका पटेल, आदित्य रुसिया, अफरोज़ ख़ान, प्रमोद बागड़ी, मुकेश बिजौले, अशोक दुबे, सचिन वर्मा, बद्रीश पांडे, योगेश कुशवाहा को निर्वाचित घोषित किया गया। सम्मेलन में कलाकारों ने विभिन्न अवसरों पर जनगीतों की प्रस्तुति दी।  कार्टून और पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। 

सम्मेलन के प्रारंभ में आयोजन समिति की अध्यक्ष पल्लविका पटेल, महासचिव लक्ष्मी खेड़िया ने अतिथियों का स्वागत किया। श्रम संगठन एटक के एस.एस. मौर्य के शुभकामना संदेशों का वाचन कोषाध्यक्ष श्रद्धा सोनी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजेंद्र सोनी, गिरीश पटेल, आयुष सोनी, बेथल हायर सेकेंडरी विद्यालय के संचालक नोवेल की सहभागिता विशेष रूप से रही।


*💥 “अब ‘फट-फट’ नहीं, सीधे एक्शन!” — मॉडिफाइड साइलेंसर पर अनूपपुर पुलिस की सख्त कार्यवाही मौके पर साइलेंसर की जब्ती 🚫*


*🔊 “तेज आवाज पर सख्त प्रहार” — अनूपपुर पुलिस का मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान शुरू*

✍️अनूपपुर-जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण एवं यातायात नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक अनूपपुर * मोती उर रहमान (IPS)* के द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर के विरुद्ध *साप्ताहिक विशेष अभियान* प्रारंभ किया गया है।

👉अभियान के पहले ही दिन यातायात पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए *3 मॉडिफाइड साइलेंसर लगे बुलेट वाहनों से साइलेंसर जब्त* किया तथा संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही की गई।

👉पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध एवं तेज ध्वनि उत्पन्न करने वाले साइलेंसर का उपयोग करने वालों के *विरुद्ध सख्त कार्यवाही* की जाए। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले के विभिन्न स्थानों पर नियमित जांच की जाएगी।

📢अनूपपुर पुलिस आमजन से *अपील* करती है कि वे अपने वाहनों में केवल मानक (स्टैंडर्ड) साइलेंसर का ही उपयोग करें एवं यातायात नियमों का पालन करें, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

📍*यातायात पुलिस अनूपपुर*

 *लोहे की रॉड लेकर माता-पिता को मारने रात्रि में घर में घुसा पूर्व जिला बदर बदमाश कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार*


 अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जगन्नाथ मरकाम एवं प्रभारी एस.डी.ओ.पी. अनूपपुर  नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस द्वारा मंगलवार की देर रात्रि पूर्व जिला बदर एवं सूचीबद्ध निगरानी बदमाश प्रकाश बासिल निवासी अनूपपुर को अपने माता-पिता पर हमला करने के लिए रोड लेकर घर में घुसने के रिपोर्ट पर  गिरफ्तार किया गया है। 

 दिनांक 07.04.2026 दिन मंगलवार को बसंत वासिल पिता सुखमंता वासिल उम्र 52 साल निवासी पटोराटोला,  अनूपपुर द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में अपनी पत्नी के साथ पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसका बेटा प्रकाश वासिल आदतन अपराधी है,  जिसके विरुद्ध करीब एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले हैं और पूर्व में जिला बदर भी रह चुका है और चार दिन पूर्व ही एक मामले में जेल से  छूटा है। मंगलवार की रात करीब 10:00 बजे प्रकाश वासिल लोहे की राड लेकर घर में माता-पिता के साथ मारपीट करने के लिए घुसा है, जो किसी तरह माता-पिता ने कमरे के अंदर अपने आप को बंद करके अपने आप को बचाया है।  उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 204 /26 धारा 331( 6) 296 (B),  351 (2)  बी एन एस पंजीबद्ध किया जाकर  टी आई कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक  गोविंद पनिका,  प्रधान आरक्षक  शेख रशीद एवं आरक्षक दिलीप सिंह  टीम के द्वारा तत्काल आरोपी प्रकाश वासिल पिता बसंत वासिल उम्र करीब 31 साल  निवासी पटोराटोला, अनूपपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी द्वारा आरोपी प्रकाश वासिल के विरुद्ध मारपीट,  अवैध उगाही,  चोरी, नकबजनी,  आर्म्स एक्ट एवं गृह भेदने के करीब एक दर्जन आपराधिक प्रकरण होने से जिला बदर कार्रवाई कराए जाने हेतु कोतवाली थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है।


मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ संबद्ध (भारतीय मजदूर संघ)की ऊर्जा मंत्री के साथ आंदोलन के मांगपत्र  पर बैठक संपन्न


चचाई । मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ की दिनांक 07अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री माननीय प्रद्युमन सिंह तोमर जी के साथ आंदोलन के  मांगो में 11 बिंदुओं जिसमें संविदा कर्मियों को नियमित,पूर्व क्षेत्र में अनुकंपा नियुक्ति संविदा कार्यालय सहायकों को नियमित बाय स्त्रोत कर्मियों ,सेवानिवृत्ति पेंशनरों एवं सहकारी समिति के कार्मिकों की बिंदु बार समस्याओं एवं विसंगतियों पर चर्चा की गई जिसमें  ऊर्जा मंत्री जी द्वारा तत्काल विशेष कर्तव्य अधिकारी को निर्देशित किया गया की बिजली कर्मचारी महासंघ की शीघ्र बैठक माननीय ऊर्जा मंत्री जी की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई साहब से 16.04.2026 के पूर्व करवाई जाए एवं इन सभी बिंदुओं का निराकरण किस प्रकार से हो सकता है इस पर बैठकर दोनों पक्ष सकारात्मक चर्चा कर लेवे। इसके बाद न्याय उचित मांगों पर उचित निर्णय लिया जाएगा। 

प्रतिनिधि मंडल में  भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं सह प्रभारी विद्युत क्षेत्र मा.अरविंद मिश्रा जी ,भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री मा. कुलदीप सिंह गुर्जर जी ,मध्य प्रदेश बिजली क्षेत्र के प्रभारी एवं भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री मा.आशीष सिंह जी, मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री मा. सुशील कुमार पांडे जी, मध्य प्रदेश की पांचो कंपनियों के महामंत्री  मणिराज विश्वकर्मा  जी पूर्व क्षेत्र,  संदीप त्रिपाठी जी मध्य क्षेत्र , राजेश जैन ट्रांसमिशन,  भगवान स्वरूप श्रीवास्तव जी पश्चिम क्षेत्र, पंकज पवार जी उत्पादन  के साथ  देवेंद्र नेवले, अमित कुर्मी ,दीपक गुप्ता,  सुदीप मिश्रा,  अखिलेश वासुरे (संविदा प्रतिनिधि )मध्य क्षेत्र, प्रवीण तिवारी(अनुकंपा नियुक्ति संविदा ) पूर्व क्षेत्र ,  सी.बी.विश्वकर्मा (विद्युत सहकारी समिति सोसाइटी)पूर्व क्षेत्र बंडा की उपस्थिति रही ।

प्रदेश महामंत्री बिजली कर्मचारी महासंघ मा. सुशील कुमार पांडे जी द्वारा मांग पत्र के सभी बिंदुओं का विस्तार से वाचन किया गया।जिन्हें माननीय ऊर्जा मंत्री जी ने गंभीरता पूर्वक सुना।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा के साथ बृहद बैठक में इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे। उल्लेखनीय है कि म प्र बिजली कर्मचारी महासंघ का प्रदेश व्यापी आंदोलन के चतुर्थ चरण दिनांक 16 अप्रैल 26 को गोविंद पूरा ,भोपाल में पूरे प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन यथावत 

 रहेगा ।

          प्रेषक: सतेन्द्र कुमार पाटकर 

मध्यप्रदेश विद्युत् उत्पादन कर्मचारी संघ चचाई

 *विप्र समाज द्वारा अक्षय तृतीया पर भव्य जिला स्तरीय आयोजन जैतहरी में


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अनूपपुर। विप्र समाज अनूपपुर द्वारा इस वर्ष अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित रूप से मनाने की तैयारी जोरों पर है। इस संबंध में विप्र समाज के संयोजक पंडित रामनारायण द्विवेदी जी ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 20 अप्रैल को जैतहरी स्थित भगवान परशुराम चौराहा में जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव को विशेष रूप से मनाया जाएगा, जिसमें सामूहिक पूजन, धार्मिक अनुष्ठान एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी सुदृढ़ किया जा सके।

इस भव्य आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं जिम्मेदारियों का दायित्व विप्र समाज जैतहरी के अध्यक्ष विजय शुक्ला को सौंपा गया है। विजय शुक्ला पूर्व में भी सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के कुशल संचालन के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह आयोजन सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं प्रभावशाली ढंग से संपन्न होने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्हें प्रभारी बनाएं जाने से आयोजन को एक सशक्त दिशा मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

विप्र समाज ने सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस जिला स्तरीय धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं।

उल्लेखनीय है कि विप्र समाज द्वारा प्रत्येक वर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो समाज में एकता, परंपरा एवं आस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 “एक हादसा… कई जिंदगियों का अधूरा अंत


भाग- 2

कैलाश पाण्डेय 

घटना घट चुकी है… धूल बैठ रही है… पर सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं…

लोग आते हैं… मलबा देखते हैं… दुख जताते हैं… और लौट जाते हैं…

लेकिन उस गड्ढे में अब भी सिर्फ मिट्टी नहीं… कई जिंदगियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों की  चीख दबी है…

जहां कभी इमारत थी… अब मौत का गड्ढा है… और उसके चारों ओर खड़ी है बेबस भीड़…में  चौरंगी लाल कहता है गरीब मजदूरों के जीवन का सफर अधूरा रह गया और जीवन पूरा खत्म हो गया 

कक्का चौपाल में कहते हैं “हादसे अचानक नहीं होते… बनाएं जाते हैं…”

घसीटा पूछता है “कक्का… अब सब दोषियों को पकड़ेंगे न?”

चौरंगी लाल हंसता है “अब शुरू होगा बचाने का खेल…”

कागज बनेंगे… बयान बदलेंगे… और जिम्मेदारी इधर-उधर घूमेगी…

नगर पालिका कोतमा और श्रम विभाग सवालों में है…

क्या मजदूरों की सुरक्षा देखने वाला कोई था भी…?

उधर कोतमा में गांधी जी की प्रतिमा के सामने मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई…

कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं…

भीड़ में आक्रोश है… पर जवाब अब भी गायब हैं…

कक्का कहते हैं “जांच अगर सच्ची हो… तो सच छुप नहीं सकता…”

“पर अगर नीयत ही कमजोर हो… तो हर फाइल अधूरी रह जाती है…”

घसीटा की आवाज कांपती है“तो क्या ये भी बस कागजों में खत्म हो जाएगा?”

कक्का गहरी सांस लेते हैं “ये कोतमा है ”

“या तो ये हादसा सबक बनेगा… या सिर्फ एक खबर बनकर रह जाएगा…”

मलबे के पास खड़ी भीड़ अब जवाब चाहती है…

और चौपाल आखिरी सवाल छोड़ जाती है—“क्या इस बार सच बचेगा… या फिर से दब जाएगा…?”

 कक्का की चौपाल — कोतमा बस स्टैंड, अग्रवाल लॉज हादसा स्थल से चलती सांसों की तलाश


कोतमा बस स्टैंड के पास अग्रवाल लॉज के मलबे पर शाम ढल चुकी है… लेकिन अंधेरा सिर्फ आसमान में नहीं, लोगों के चेहरों पर भी उतर आया है…

धूल अब भी हवा में तैर रही है… टूटी दीवारें, मुड़े हुए सरिए और बिखरे पत्थरों के बीच जेसीबी मशीनें लगातार चल रही हैं जैसे हर वार के साथ किसी की सांस तलाश रही हों…

एनडीआरएफ और एसडीआर एफ की टीमें दिन-रात जुटी हैं… हर पत्थर हटने पर भीड़ की सांस थम जाती है

“शायद कोई जिंदा हो…”

एक तरफ मशीनों की कर्कश आवाज… दूसरी तरफ परिजनों की सिसकियां… और इनके बीच खड़ी एक उम्मीद—जो टूटते-टूटते भी जिंदा है…

पास ही अफसरों की हलचल है… निर्देश दिए जा रहे हैं… लेकिन भीड़ की नजरें सिर्फ मलबे पर टिकी हैं—अंदर कोई सांस बाकी है या नहीं…

इसी अफरा-तफरी, डर और उम्मीद के बीच… भीड़ के एक किनारे खड़ी है कक्का की चौपाल…

कक्का चारों तरफ देखते हैं… आंखों में धूल भी है और दर्द भी…

“अरे भइया… ये सब यूं ही नहीं गिरता… पहले नींव कमजोर होती है… फिर एक दिन पूरा ढांचा बैठ जाता है…”

घसीटा बेचैन है… आवाज में गुस्सा और घबराहट दोनों

“कक्का! 30-40 फीट खुदाई हो रही थी… इतना बड़ा गड्ढा… किसी ने रोका क्यों नहीं? किसी को दिखा नहीं क्या?”

चौरंगी लाल हल्की हंसी के साथ कड़वा सच फेंकता है

“घसीटा… यहां देखने वाले सब देखते हैं… पर कागजों में सब ‘ठीक’ कर दिया जाता है… और फिर एक दिन… सच ऐसे ही ढह जाता है…”

भीड़ से अचानक आवाज आती है

“जल्दी करो… अभी भी लोग अंदर हैं…!”

कुछ लोग मलबे की तरफ दौड़ते हैं… कुछ पीछे हटते हैं… डर और उम्मीद आमने-सामने खड़े हो जाते हैं…

कक्का गहरी सांस लेकर बोलते हैं

“बात सीधी है बेटा… न सुरक्षा थी… न निगरानी… और न ही जिम्मेदारी… तभी तो ये हाल हुआ…”

घसीटा अब और तीखा हो जाता है

“तो कक्का… जिम्मेदार कौन? कौन लेगा इन मौतों का हिसाब?”

कक्का धीमे लेकिन धारदार शब्दों में जवाब देते हैं

“पूरा तंत्र…

नगर पालिका—जो रोक नहीं पाई…

इंजीनियर—जिसने खतरा नहीं देखा…

नगर पालिका का राजस्व विभाग जिसने निर्माण कार्य की सच्चाई को दबा कर रखा…

CMO—जिसने निगरानी नहीं की…

अध्यक्ष—जो जवाबदेह था… पर खामोश रहा…

और जिसने खुदाई करवाई… वो तो सीधा दोषी है ही…”

चौरंगी लाल भीड़ की तरफ देखते हुए तंज कसता है

“और अब देखना… जांच होगी… मुआवजा मिलेगा… फोटो खिंचेंगे… और फाइल बंद…”

तभी पास से जेसीबी रुकती है… हलचल होती है… एक युवक मलबे के बीच खड़ा दिखता है… धूल से सना चेहरा… लेकिन हाथ अब भी काम में लगे…

घसीटा इशारा करता है

“कक्का… देखो उसे… शाम से लगा है… रुका ही नहीं…”

कक्का की नजर उस पर टिक जाती है… आवाज भारी हो जाती है

“जानते हो कौन है वो…? हेमराज… गोविंदा गांव का… तीन घंटे तक मलबा हटाता रहा… उसे नहीं पता था… जिस मलबे को वो हटा रहा है… उसी के नीचे उसका अपना परिवार दबा है…”

भीड़ एकदम शांत हो जाती है…

कक्का आगे कहते हैं

“फिर मलबे से निकली लाश… उसके बाप की थी… और मामा… अब भी कहीं अंदर दबा है…”

घसीटा की आवाज कांप जाती है

“फिर… वो रुक गया होगा?”

कक्का सिर हिलाते हैं

“नहीं बेटा… वो फिर उसी मलबे में उतर गया… दूसरों को बचाने… और अपने को खोजने…”

चौरंगी लाल धीमे स्वर में बोलता है

“यही फर्क है… कुछ लोग कैमरे में दिख रहे हैं… और कुछ लोग दर्द में भी इंसानियत निभा रहे हैं…”

इसी बीच पास खड़े कुछ लोग आपस में फुस फुसाते हैं—

“पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है…”

घसीटा तुरंत कक्का की ओर देखता है

“कक्का! कुछ तो कार्रवाई हुई क्या?”

कक्का गंभीर स्वर में कहते हैं

“हाँ बेटा… पुलिस अधीक्षक  मोति उर् रहमान ने मीडिया को बताया है कि अग्रवाल लॉज के मालिक और जमीन स्वामी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है… बीएनएस की धारा 106 के तहत… अब मामला कोतमा थाने में विवेचना में है…”

चौरंगी लाल फिर कटाक्ष करता है

“देखते हैं… ये केस भी सच्चाई तक पहुंचता है… या कागजों में ही दम तोड़ देता है…”

कक्का आगे जोड़ते हैं

“सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 9 लाख और घायलों को 2.50 लाख की सहायता देने की घोषणा की है…”

घसीटा की आंखें फिर मलबे की ओर चली जाती हैं

“कक्का… पैसा तो मिल जाएगा… पर जो चला गया… वो कैसे लौटेगा?”

कक्का की आवाज भर्रा जाती है

“बेटा… मुआवजा दर्द कम कर सकता है… खत्म नहीं…”

तभी जेसीबी दोबारा चलती है… भीड़ फिर चुप हो जाती है… हर आंख उसी जगह टिक जाती है…

अचानक आवाज गूंजती है

“धीरे… यहां कुछ हो सकता है…”

पूरा माहौल थम जाता है… सांसें रुक जाती हैं…

कक्का धीरे से कहते हैं

“डर ये नहीं है कि कौन दबा है… डर ये है… कहीं सच भी मलबे में ही दब न जाए…”

और फिर चौपाल में सन्नाटा छा जाता है…

कुछ पल बाद कक्का भीड़ की ओर देखते हुए आखिरी सवाल छोड़ते हैं

“बताओ भइया… क्या इस मलबे से सिर्फ लोग निकलेंगे… या उन गलतियों का सच भी बाहर आएगा… जिनकी वजह से ये सब हुआ?”

जेसीबी फिर चलती है… धूल फिर उड़ती है…

और कोतमा बस स्टैंड का यह हादसा…

अभी भी खत्म नहीं हुआ…

 *पीढ़ियों के बीच संवाद ही सशक्त समाज की आधारशिला : प्रो. सक्सेना




अनूपपुर। 06 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में इंटरजेनेरेशनल बॉन्डिंग विषय पर एक संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के समाज कार्य विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में अमरकंटक विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय फुकन, डॉ. रमेश बी. तथा योग विभाग के प्राध्यापक डॉ. श्यामसुंदर पाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं विद्यार्थी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को कम करना अत्यंत आवश्यक है। इंटरजेनेरेशन बॉन्डिंग के माध्यम से हम पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों को पुनर्स्थापित कर सकते हैं। युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद एवं अनुभवों का आदान-प्रदान ही सशक्त समाज की आधारशिला है।

इस अवसर पर डॉ. दिग्विजय फुकन ने अपने वक्तव्य में कहा कि समाज की सतत प्रगति के लिए आवश्यक है कि विभिन्न पीढ़ियाँ एक-दूसरे के अनुभवों और दृष्टिकोणों को समझें। वृद्धों के जीवनानुभव और युवाओं की ऊर्जा का समन्वय समाज को नई दिशा प्रदान करता है।

डॉ. रमेश बी. ने सामाजिक संरचना में परिवार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पीढ़ियों के बीच सतत संवाद समाज की स्थिरता के लिए आवश्यक है।

योग विभाग के प्राध्यापक डॉ. श्यामसुंदर पाल ने योग एवं भारतीय जीवन पद्धति के माध्यम से पीढ़ियों के मध्य समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।

वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जे. के. संत ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक तकनीकी युग में मानवीय संबंधों में बढ़ती दूरी को कम करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, जो सामाजिक मूल्यों को पुनर्जीवित करते हैं।

इस अवसर पर डॉ. राधा सिंह एवं अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का आयोजन शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर के समाजशास्त्र विभाग तथा अमरकंटक विश्वविद्यालय के समाजकार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. नीरज श्रीवास्तव, प्रो. विनोद कुमार कोल, प्रो. शाहबाज खान, डॉ. नंदलाल गुप्ता, डॉ. तरन्नुम सरवत सहित अन्य प्राध्यापकों का विशेष सहयोग रहा।

 अग्रवाल लाज के हादसे पर भाजपा नेताओं ने व्यक्त की शोक संवेदना


अनूपपुर। शनिवार शाम कोतमा नगर के हृदय स्थल बस स्टैंड के पास अग्रवाल लाज की चार मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। घटनास्थल पर सनसनी फैल गई।

मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं कोतमा विधायक दिलीप जायसवाल तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री व अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार तथा भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति पर नजर बनाएं रखी। शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने अनूपपुर कलेक्टर से फोन पर बात कर पूरी जानकारी ली।

मलबा हटाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जिला प्रशासन व राहत-बचाव टीम रातभर कार्यरत रही। दोनों मंत्री शनिवार रात से रविवार तक मौके पर डटे रहे।

मंत्री दिलीप जायसवाल व दिलीप अहिरवार ने कहा, यह अत्यंत दुखद घटना है। जांच चल रही है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मृतक परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख, संबल योजना से 4-4 लाख तथा रेडक्रॉस से 1-1 लाख की सहायता दी जाएगी। घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख व रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपये मिलेंगे। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, अनूपपुर विधायक बिसाहू लाल सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रामलाल रौतेल, जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास पुरी, आधा राम वैश्य, नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ, राम अवध सिंह, श्रीमती साहिबा पनिका, नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. सुनील चौरसिया, यशवंत सिंह, जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह सहित भाजपा नेताओं ने दिवंगत आत्माओं की शांति व घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

 *मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के 11 सूत्रीय मांग पत्र के समर्थन में प्रांतव्यापी धरना प्रदर्शन के आव्हान पर थर्मल पावर प्लांट चचाई के द्वार पर सैकड़ों कर्मियों ने दिया धरना*


 *भामसं के अखिल भारतीय मंत्री व विद्युत प्रभारी  आर एस जायसवाल जी और अखिल भारतीय विद्युत् सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  अरुण देवांगन जी भी  हुए शामिल* 

चचाई । संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण,कर्मचारियों की वेतन विसंगति समाप्त करने,पुरानी पेंशन बहाली, आउटसोर्स कर्मियों को ठेकेदारों के शोषण से मुक्त करने हेतु हरियाणा उत्तर प्रदेश मॉडल पर स्वतंत्र निगम बनाकर उसके माध्यम से वेतन देने, ग्रेच्युटी राशि को केंद्र के अनुरूप 25 लाख करने सहित 11 मांगो के समर्थन में 11 बजे से धरना प्रारंभ हुआ । 

धरना रत सैकड़ों कर्मियों को सम्बोधित करते हुए भामस के विद्युत प्रभारी  आर एस जायसवाल जी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 नए कानून लाए गए है जिसमें दो कानूनों का समर्थन भामसं ने किया गया है तथा दो कानूनों के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए इसे संशोधित करने की मांग केंद्रीय श्रम मंत्री से की गई है सरकार ने आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही इस पर विचार कर निर्णय लिए जाएंगे, नए श्रम कानूनों में ठेका श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित करने, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उपायों के तहत पूरे देश के सभी कामगारों को न्यूनतम वेतन निर्धारित करने, नियुक्ति पत्र प्रदान करने, स्वास्थ्य सुरक्षा देने, काम के निर्धारित समय बाद काम लेने पर ओवर टाइम देने, जैसे अनेक उपाय किए गए है। 

विद्युत सेवानिवृत्त महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  अरुण देवांगन जी ने कहा कि मध्यप्रदेश पावर कम्पनी में ग्रेच्युटी राशि केंद्र के अनुरूप 25 लाख अब तक प्रदान न करने, उच्च पद पर नियुक्ति होने पर पूर्व प्राप्त वेतन संरक्षण प्रदान न करने, वरिष्ठ और कनिष्ठ  कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में भारी विसंगति होने, पावर कम्पनी में लगातार कुशल नियमित  कर्मचारियों की कमी होने के लिए प्रशासन की नीति को जिम्मेदार ठहराते हुए इसके निराकरण की मांग की गई ।

भामसं मध्यप्रदेश के प्रदेश कार्य समिती सदस्य एवं भारतीय ठेका मजदूर संघ शहडोल संभाग के संभागीय महामंत्री  ताराचंद यादव जी ने ठेका श्रमिकों के शोषण के विरुद्ध संघर्ष का आव्हान किया । 

कृषि एवं वनवासी ग्रामीण महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  कृष्ण कुमार बैगा जी और कोयला उद्योग के  महेंद्र पाल जी ने भी अपने संबोधन में बिजली कर्मचारी महासंघ की मांगो से सहमति जताते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया ।

अखिल भारतीय विद्युत् मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय मंत्री  सतेन्द्र पाटकर जी ने अपने संबोधन में कहा कि यदि आज के प्रांत व्यापी आंदोलन के दूसरे चरण को प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी 16 अप्रैल को तीसरे चरण के आंदोलन में हजारों बिजली कर्मचारी भोपाल कूच कर विशाल रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे जिसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार होगा ।  पाटकर जी ने शाम 5.30 बजे धरना समापन की घोषणा करते हुए सहयोग के लिए सभी साथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया ।

 पैतृक भूमि विवाद का सुखद अंत: टोरेंट पावर की पहल से जुड़े बिखरे रिश्ते, दिव्यांग रामदीन को मिली नई उड़ान


अनूपपुर । रक्सा कोलमी ग्राम महुदा के निवासी रामदीन राठौर के परिवार में वर्षों से सुलग रहा पैतृक भूमि विवाद आखिरकार शांत हो गया। रक्सा-कोलमी की उस जमीन ने, जिसने कभी रिश्तों में दूरियां पैदा कर दी थीं, अब फिर से अपनापन लौटा दिया है। चार परिवारों के बीच चला आ रहा यह लंबा मतभेद अब Torrent Power के संवेदनशील हस्तक्षेप से समाप्त हो गया है। इस पहल को ग्रामीणों ने केवल समाधान नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को जोड़ने वाली एक मानवीय मिसाल बताया है।

*विवाद की पृष्ठभूमि*

जानकारी के अनुसार, पैतृक भूमि के मुआवजे को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। एक परिवार द्वारा कंपनी से मुआवजा प्राप्त कर लिया गया, जबकि शेष भूमि पर तीन अन्य परिवार वर्षों से खेती करते रहे। समय बीतता गया और जमीन का यह बंटवारा दिलों में भी दरार बनता चला गया। जहां कभी एक ही आंगन में हंसी गूंजती थी, वहां अब खामोशी और दूरी ने जगह ले ली थी।

कंपनी की पहल से सुलझा मामला

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कंपनी के अधिकारियों ने इसे केवल एक विवाद नहीं, बल्कि एक बिखरते परिवार की पीड़ा के रूप में देखा।  एस. के ,मिश्रा  महाप्रबंधक

ओ. पी. नैनीवाल – सहायक महाप्रबंधक

धीरज सिंह  (AGM)

सुधाकर पाण्डेय  (Consultant) ने सभी चारों परिवारों को एक साथ बैठाकर संवाद का रास्ता चुना।

कभी भावनाएं उमड़ीं, तो कभी चुप्पी ने शब्दों का स्थान लिया, लेकिन अंततः समझ और सहमति की जीत हुई। दशकों से चला आ रहा यह विवाद आपसी सहमति से समाप्त हुआ और वर्षों बाद चारों परिवारों के चेहरे पर एक साथ सुकून नजर आया।

दिव्यांग रामदीन को मिला सहारा

इस घटनाक्रम के बीच एक और भावुक पहल सामने आई। रामदीन राठौर, जिनके दोनों पैर उनका साथ नहीं देते, अब तक हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर थे। उनके जीवन की यह मजबूरी जैसे एक अनकहा दर्द बन चुकी थी।

कंपनी ने इस दर्द को महसूस किया और उन्हें तीन पहिया स्कूटर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की। यह सहायता केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान को लौटाने की एक कोशिश थी।

जीवन में आया नया उजाला

स्कूटर मिलने के बाद रामदीन की जिंदगी जैसे बदल गई। अब वे खुद अपने कामों के लिए निकलते हैं, गांव की गलियों में आत्मविश्वास के साथ चलते हैं। उनकी आंखों में चमक और चेहरे पर संतोष यह बताने के लिए काफी है कि यह बदलाव उनके लिए कितना बड़ा है।

भावुक होकर रामदीन कहते हैं,

“जिंदगी का बड़ा हिस्सा दूसरों के सहारे बीता… लेकिन अब लगता है कि मैं भी अपने पैरों पर खड़ा हूं। यह सिर्फ स्कूटर नहीं, मेरी आजादी है।”

ग्रामीणों ने की सराहना

गांव के लोगों ने इस पहल को दिल से सराहा है। उनका कहना है कि यह केवल जमीन के विवाद का अंत नहीं, बल्कि रिश्तों में आई दूरियों को खत्म करने की शुरुआत है। चारों परिवारों के बीच बनी सहमति और रामदीन को मिली सहायता ने पूरे गांव में एक संदेश दिया है।

सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण

टोरेंट पावर कंपनी का यह प्रयास यह दर्शाता है कि जब उद्योग केवल विकास नहीं, बल्कि इंसानियत को भी प्राथमिकता देते हैं, तो बदलाव गहरा और स्थायी होता है।

यह घटना बताती है कि

जहां संवेदनशीलता होती है, वहां समाधान अपने आप जन्म लेता है…

और जहां सहयोग होता है, वहां हर संघर्ष एक नई शुरुआत बन जाता है।


समाज कार्य विभाग, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय द्वारा टीबी जागरूकता अभियान आयोजित


अमरकंटक । इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के मास्टर ऑफ सोशल वर्क (प्रथम सेमेस्टर) के विद्यार्थियों द्वारा विश्वविद्यालय के निकट के ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी (क्षय रोग) के रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। यह कार्यक्रम विश्व टीबी दिवस (24 मार्च) के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके लक्षण, उपचार एवं रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का समन्वयन विभाग की शोधार्थी सुश्री जे. जिनिमोल द्वारा किया गया। इस अभियान को विभाग के संकाय सदस्यों एवं अन्य शोधार्थियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने निकटवर्ती गांवों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान (डोर-टू-डोर विजिट) चलाया। उन्होंने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच एवं उपचार की आवश्यकता, तथा सरकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के सदस्यों के साथ भी संवाद स्थापित किया तथा सामुदायिक स्तर पर टीबी उन्मूलन के लिए सहयोग और भागीदारी का आग्रह किया।

यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के टीबी उन्मूलन के आह्वान के अनुरूप संचालित किया गया, जिसमें वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से संदेश प्रसारित किया और लोगों को टीबी के प्रति भ्रांतियों से बाहर आने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने “Yes, We Can End TB” (हाँ, हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं) का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया, जिससे समुदाय में सकारात्मक दृष्टिकोण और सहभागिता की भावना विकसित हो। समाज कार्य विभाग के संकाय सदस्यों ने अनुसार इस प्रकार के फील्ड-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी बढ़ाते हैं।

 खेलों की चमक के पीछे गहराता साया: सेपक टेकरा सहित आयोजनों में लाखों की गड़बड़ी, सुर्खियों में क्रीड़ा विभाग


अनूपपुर । जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष कर जनजातीय क्षेत्रों में खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों के तहत अनूपपुर जिले में भी व्यापक स्तर पर खेल गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिससे कई प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई यह निस्संदेह गर्व का विषय है।

जिला क्रीड़ा विभाग के माध्यम से पुष्पराजगढ़, कोतमा, जैतहरी और अनूपपुर विकासखंड के विद्यालयों में खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, सेपक टेकरा और क्रिकेट जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 26 छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर जिले का नाम रोशन किया।

प्रशासनिक मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में कलेक्टर, सहायक आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। शासन की मंशा के अनुरूप खेलों को बढ़ावा देने के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन इन उपलब्धियों के पीछे एक चिंता जनक सच्चाई भी उभरकर सामने आ रही है।

*उपलब्धियों के पीछे विवादों का साया*

जहां एक ओर विभाग उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार खेल आयोजनों में पारदर्शिता की कमी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। लाखों रुपये की कथित गड़बड़ी अब अखबारों की सुर्खियां बन चुकी है।

बताया जाता है कि इन आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था और राजधानी से चार सदस्यीय जांच दल भी पहुंचा, लेकिन आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इससे विभाग की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

सूचना के अधिकार की अनदेखी

विभाग पर सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारियों को समय पर उपलब्ध न कराने के आरोप भी लग रहे हैं। यदि यह सही है, तो यह पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।

*पदस्थापना और जिम्मेदारियों पर सवाल*

क्रीड़ा विभाग में पदस्थापना को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चर्चा है कि नियमों के विपरीत तरीके से वरिष्ठ पदों की जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं, जबकि योग्य अधिकारी मौजूद हैं। इससे विभागीय व्यवस्था की निष्पक्षता संदिग्ध होती जा रही है।

*जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से नाराजगी*

खेल आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी भी विवाद का कारण बन रही है। वर्षों से खेलों को बढ़ावा देने वाले सामाजिक व्यक्तित्वों को अपेक्षित सम्मान न मिलना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे खेल संस्कृति को भी नुकसान पहुंच सकता है।

*चयन प्रक्रिया में पक्षपात के आरोप*

युवा खिलाड़ियों के चयन को लेकर भी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि चयन प्रक्रिया में “सिफारिश” और “पहचान” हावी हो रही है, जिससे वास्तविक प्रतिभाएं पीछे छूट रही हैं।

*सेपक टेकरा में भी गड़बड़ी के आरोप*

तेजी से लोकप्रिय हो रहे सेपक टेकरा खेल में भी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। सवाल यह उठता है कि जब पहले ही गड़बड़ियों की जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?अपनी ढपली, अपना राग’

कहावत है चोर की दाढ़ी में तिनका” और तो और खुद ही अपनी प्रशंसा करते दिख रहा है जैसे“अपनी ढपली, अपना राग।”

विभाग के कुछ जिम्मेदार लोग, जिनमें शेख खलील कुरैशी का नाम चर्चा में है, कथित तौर पर लाखों की गड़बड़ी के बाद अब अपनी छवि सुधारने में जुटे हैं। खबर यह भी है कि अपनी प्रशंसा के पुल खुद ही तैयार कराकर अखबारों में छपवाए जा रहे हैं।यह स्थिति उस कहावत को चरितार्थ करती है

“जितना बड़ा घोटाला, उतनी बड़ी सफाई।

लेकिन सवाल यह है कि क्या शब्दों की चमक सच्चाई को ढक सकती है? क्या आत्म-प्रशंसा से जवाबदेही खत्म हो जाती है?

संपत्ति जांच की मांग

स्थानीय स्तर पर यह मांग भी जोर पकड़ रही है कि संबंधित अधिकारियों की संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कहीं पद का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।

*भविष्य की योजनाएं, लेकिन भरोसे का संकट*

आगामी सत्र में खेल गतिविधियों को और विस्तार देने की योजना हैनए प्रशिक्षण शिविर, प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। लेकिन मौजूदा विवादों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है

क्या इन योजनाओं का लाभ वास्तव में योग्य खिलाड़ियों तक निष्पक्ष रूप से पहुंचेगा?

अनूपपुर में खेल प्रतिभाओं का उभरना निश्चित रूप से गर्व की बात है। लेकिन इसके साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

यदि समय रहते इन आरोपों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो खेलों को बढ़ावा देने की मंशा पर ही प्रश्नचिह्न लग जाएगा।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है सुधार का या सिर्फ प्रचार का।

 *राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, संस्कार और नेतृत्व का सशक्त मंच : प्रो. अनिल कुमार सक्सेना


अनूपपुर । दिनांक 26 मार्च 2026

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ ग्राम पंचायत बर्री में अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुआ। यह शिविर दिनांक 26 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें महाविद्यालय के स्वयंसेवक ग्राम के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न रचनात्मक एवं जन- जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करेंगे।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं के व्यक्तित्व विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो उन्हें समाज के साथ जोड़ते हुए सेवा, अनुशासन एवं नेतृत्व की भावना विकसित करती है। उन्होंने कहा कि विशेष शिविर के माध्यम से विद्यार्थी ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं को समझते हैं तथा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में अपनी सार्थक भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पूरे अनुशासन, समर्पण एवं सकारात्मक सोच के साथ शिविर की गतिविधियों में भाग लें तथा ग्राम पंचायत बर्री को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि रासेयो के माध्यम से युवा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. जे. के. संत ने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के भीतर सामाजिक संवेदनशीलता एवं कर्तव्य बोध को जागृत करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज के प्रति उत्तरदायित्व को समझना और उसका निर्वहन करना है, जिसे रासेयो के माध्यम से साकार किया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने  अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को पूर्ण करने के लिए, हमें गांव की ओर लौटना होगा । भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास का आधार स्तंभ ग्रामीण अंचल ही हैं, जहां लोक जीवन, लोक संस्कृति और मानवीय संवेदनाएं मूर्त रूप लेकर राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति के माध्यम से विकास का मार्ग  प्रशस्त करती है, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आदतों को विकसित करने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।

शिविर के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, साक्षरता अभियान, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल साक्षरता एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरूकता जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त श्रमदान, रैली, जनसंवाद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामवासियों को जागरूक किया जाएगा।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. अमित भूषण द्विवेदी, श्री विनोद कुमार कोल, श्री शाहबाज खान, डॉ. आकांक्षा राठौर, डॉ. तरन्नुम सरवत एवं डॉ. दीपक गुप्ता की गरिमामई उपस्थिति रही, जिन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पूनम धांडे द्वारा आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, ग्रामवासियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए शिविर के सफल संचालन हेतु सभी से सहयोग की अपेक्षा की।

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