*सभी भारतवासी हिंदू, समान पूर्वजों के वंशज तथा डीएनए अनुक्रम में समानता- केन्द्रीय जनजातीय विवि से पीएचडी में प्रमाणित हुआ 


अनूपपुर। ‘हिंदू' एक भू-सांस्कृतिक अवधारणा है तथा हिंदुत्व, हिंदू और हिंदू राष्ट्र मिलकर भारत की पहचान बनाते हैं, भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है तथा 'हिंदू' शब्द कोई संज्ञा नहीं बल्कि एक विशेषण है, जो गुण और स्वभाव को दर्शाता है। मत-पंथ अलग हैं, लेकिन सांस्कृतिक आधार एक ही है। सभी भारतीयों के डीएनए में एक विशेष समानता है, जिससे हम सभी एक मूल भूखंड के निवासी दिखते है, पीएचडी के मूल तथ्यों में पहला, कि "हिंदू" एक सभ्यतागत पहचान है, धार्मिक नहीं दूसरा कि सभी भारतीय हजरों वर्षों में फैले साझे डीएनए और पूर्वज साझा करते हैं; तीसरा, कि भारत पहले से ही जातिविहीन समावेशी समाज की अवधारणा की पुष्टि करता है, चौथा, कि अलग-अलग पूजा पद्धतियां वाले भारतवासियों के पूर्वज की दस्तावेज समान सांस्कृतिक छतरी को प्रकट करते है; और पांचवां, कि भारत में कोई गैर-हिंदू नहीं केवल हिंदू आत्म-जागरूकता की विभिन्न डिग्री उपलब्ध हैं जो हर कोई भारतीय संस्कृति का पालन करता है। सबकी अपनी-अपनी पूंजा-पद्धती बना है, मान्यताएं हैं. सबकी अपनी-अपनी भाषा है और विविधता में एकता वाले ये सभी लोग हिंदु ही है इसका पीएचडी रिसर्च में वैज्ञानिक प्रमाणन करके डॉक्टर ऑफ फिलॉस्फी की उपाधि प्रदान डॉ. चिन्मय पांडे को की गई है। डॉ. चिन्मय पांडे के शोध निदेशक आचार्य (डॉ) विकास सिंह, स्वदेशी शोध संस्थान के राष्ट्रीय सचिव है।

*पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बनना विकसित भारत 2047 के लिए आधारभूत अनिवार्यता- डॉ. चिन्मय पांडे*

शोध विद्वान डॉ. चिन्मय पांडे ने बताया की भारत में रहने वाले 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ अखंड भारत के लोग हिंदू ही है तथा उनके पूर्वजों की वंशावली में हिंदू होने की दस्तावेजी प्रमाणन है,  तथा डीएनए में एक समानता होने के कारण डीएनए भारत मूल के सभी लोग एक समान देखते हैं, समान पूर्वजों के वंशज होने की प्रमाणिकता के दस्तावेज गया, प्रयागराज, कोणार्क, हरिद्वार सहित जहां-जहां भारत के विभिन्न स्थानों पर पूर्वजों के पिंडदान की प्रक्रिया से जुड़े़ स्थानों पर वंशावली के दस्तावेज सुरक्षित है, ऐसे समस्त वंशावली लेखक को एवं पंडों के पास दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध है जिसका डिजिटलीकरण आवश्यक है और इसमें समाज, युवा, जनसंख्या गणना के 80 वर्ष के अभिलेख, गांव के प्रमुख वरिष्ठजन एवं पिंडदान के लिए भारत के 50 से अधिक धार्मिक स्थान पर उपलब्ध दस्तावेज और समाज के जुड़ाव से पिछले 25 से 40 पीढ़ी तक की जानकारी प्रत्येक परिवार को जानना चाहिए, पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बनने से लोग उत्सुकतावश और अपने कुटुंब जनों को जानने के लिए इसमें सम्मिलित होंगे और इससे सभी प्रकार की पूजा पद्धति वाले यह जान सकेंगे कि उनके पूर्वज हिंदू ही थे और आक्रांताओं के कालखंड में उनकी पूजा पद्धति बदल गई थी और आक्रांताओं के कालखंड में किस-किस प्रकार के अत्याचार उनके पूर्वजों पर हुए थे, इसे जानने का अधिकार उन्हें भी है, इसलिए पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम कानून का बनना बेहद आवश्यक है और यह कानून जातिविहीन समाज की संरचना के लिए और एकात्मकता मानववाद की जड़ को मजबूत करने के लिए इस कानून का संसद से पास होना बेहद आवश्यक है और इस प्रकार का पॉलिसी रिकमेंडेशन पीएचडी शोध में डॉक्टर चिन्मय पांडे ने किया है। टोटल फर्टिलिटी रेट और डेमोग्राफी संतुलन में टोटल फर्टिलिटी रेट हेतु आवश्यक पॉलिसी बनाने के लिए भी रिकमेंडेशन किया गया है।

*पीएचडी में पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम कानून का ड्राफ्ट भी पारित हुआ

पीएचडी के दौरान शोध विद्वान द्वारा बनाएं गए पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बिल के ड्राफ्ट को एक्सटर्नल एक्सपर्ट द्वारा अनुशंसा प्रदान की गई, ज्ञात हो की इस प्रकार की प्राइवेट बिल को संसद में रखने के लिए भारत के अनेक सांसद लोकसभा और राज्यसभा में इसे रखने के लिए अपनी सहमति भी दे चुके हैं, इस प्रकार के कानून से भारत में सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन के लिए एक अद्वितीय और असाधारण कार्य योजना आगे बढ़ सकेगी। भारत की एकता और अखंडता के लिए यह कानून का लागू किया जाना बेहद आवश्यक माना गया है। शोध विद्वान डॉक्टर चिन्मय पांडे ने बताया कि पूर्वजों को जानने का अधिकार अधिनियम बिल का ड्राफ्ट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संसदीय कार्य मंत्री को शीघ्र सौंपा जाएगा, ताकि यह बिल कानून का स्वरूप ले सके, इस हेतु स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल तथा सहसंगठन सतीश कुमार को भी बिल का ड्राफ्ट सौंपा जाएगा।

डॉ. चिन्मय पांडे ने शोध निदेशक प्रो विकास सिंह अधिष्ठाता तकनीकी विज्ञान संकाय, गुरु माता श्रीमती प्रियंका सिंह, गुरुबहन क्षितिजा सिंह, गुरुभाई प्रियव्रत सिंह को भी समय-समय पर सतत सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।

डॉ. चिन्मय पांडे ने शोध में वैचारिक सहयोग हेतु अवधूत सिद्ध महायोगी श्रीदादा गुरू, मृत्युंजय आश्रम अमरकंटक के हरिहरानंद , अनंत विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजेश्वर माऊली सरकार, वंदे महाराज, मुख्य पुजारी, नर्मदा मंदिर शक्तिपीठ सहित गया-हरिद्वार-प्रयागराज के पंडा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, अभा सह-संपर्क प्रमुख प्रदीप जोशी, अभा पर्यावरण प्रमुख राकेश जैन, अभा संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह जे. नंदकुमार, अभा वंशावली संरक्षण प्रमुख रामप्रसाद, अभा सह-बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते, राष्ट्रीय सह-महामंत्री भाजपा वी. सतीश, क्षेत्र प्रचारक, मध्य क्षेत्र स्वप्निल कुलकर्णी, अभा संगठक कश्मीरी लाल, अभा सह-संगठक सतीश कुमार, प्रवीण गुप्ता, प्रांत प्रचारक ब्रजकांत, विनोद कुमार, क्षेत्रीय संगठक केशव दुबोलिया, वनवासी कल्याण आश्रम क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुभाष बडोले, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रान्त संगठन मंत्री मनीष राय, मोरध्वज पैकरा, मानस जी, राकेश मौर्य, सौम्य मिश्रा, शिवम् मिश्रा सहित लोकसभा एवं राज्यसभा के अनेक सांसदों को आभार व्यक्त किया है।

डॉ. चिन्मय पांडे ने परिवारजनों श्रीमती माता अपर्णा पाण्डेय , पिता विजय पाण्डेय ,  पथ प्रदर्शक मामा चैतन्य मिश्र,मामी संध्या मिश्रा, मामा अजीत मिश्रा , सुजीत मिश्रा , मौसी अजीता मिश्रा ,अर्चना तिवारी, प्रशस्ति त्रिपाठी ,  अनुजा, अंशिका ज्योतिषाचार्य भरत राम पाण्डेय, मित्रगण रोहित श्रीवास, शशांक द्विवेदी, अनिरुद्ध सिंह, संदीप हिंडोरे, दुर्गेश पटेल, अमित सिंह, रवि मिश्रा, कृष्णा दुबे, ऋतुराज शोंधिया, बैद्यनाथ राम सहित पूर्वजों को स्मरण स्व. दादाजी चन्द्रकांत पाण्डेय ,दादीजी स्व. विमला देवी पाण्डेय ,नानाजी स्व. प्रभाकर मिश्रा , नानीजी स्व. श्यामा देवी , स्व. श्रीमती राम झारी देवी (गुरु-दादीजी) को भी आभार व्यक्त किया है।

 *पीएचडी उपाधि के बने साक्षी*          

 चिनमय पाण्डेय के पीएचडी उपाधि प्राप्ति के ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शहडोल संभाग प्रभारी राजेश शुक्ला, दैनिक मध्यप्रदेश जनसंदेश के जिला ब्यूरो डॉ. संतोष झा, संकल्प महाविद्यालय के संचालक अंकित शुक्ला तथा दैनिक सी टाइम्स के जिला रिपोर्टर विजय राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी गणमान्यजनों ने चिनमय पाण्डेय को इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।

 रेलवे स्टेशन अनूपपुर में पार्किंग ठेकेदार द्वारा अवैध बेरीकेडिंग और वसूली पर रोक लगाने की मांग



 

अनूपपुर । रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में अवैध रूप से बेरीकेडिंग लगाकर आम जनता को परेशान कर ठेकेदार के अपरिचित व्यक्तियों द्वारा की जा रही वसूली पर रोक लगाने की मांग पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष अनूपपुर जीवेन्द्र सिंह, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राम खेलावन राठौर एवं जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह ने एम.पी.शर्मा मुख्य स्टेशन अधीक्षक अनूपपुर को 

डी.आर. एम. बिलासपुर, SECR (द.पू.म.रेलवे) के नाम पर सौंप कर किया है।

 ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि  अनूपपुर रेलवे स्टेशन के पार्किंग ठेकेदार के अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दक्षिणी छोर पर अवैध रूप से वसूली किया जा रहा है, रेलवे द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थल के अलावा पूरे रेलवे परिक्षेत्र में बांस -बल्ली/बेरीकेट्स लगाकर अवरोध उत्पन्न किया गया है, दिव्यांग जनों के लिए बनाएं गए प्लेटफार्म नंबर 03 और 04 की ओर जाने वाले रास्ते को भी बांस -बल्ली /बेरीकेट्स लगाकर अवरोध पैदा किया गया है।

ठेकेदार द्वारा अनेकों अनजान व्यक्तियों को पार्किंग शुल्क वसूली हेतु लगाया गया है जिनके पास कोई भी वैद्य परिचय पत्र नहीं है और न ही पुलिस वेरिफिकेशन है।

इन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा झुंड बनाकर रेलवे कैंपस में आम जनमानस को अनावश्यक परेशान करके डरा - धमका कर पार्किंग शुल्क वसूली किया जा रहा है।

क्या ठेकेदार को रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में बेरीकेट्स लगाने का अधिकार है.....?  बेरीकेडिंग रेलवे स्टेशन अनूपपुर जंक्शन के दोनों ओर अर्थात दक्षिणी छोर एवं मुख्य द्वार उत्तरी छोर में किया गया है।

 केवल पार्किंग स्थल पर ही शुल्क वसूली करने हेतु आदेशित किया जाएं एवं वसूली करने वाले व्यक्तियों का पुलिस वेरिफिकेशन और परिचय- पत्र अनिवार्य किया जाएं।

अवांछित तत्वों को स्टेशन परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाएं एवं ठेकेदार द्वारा लगाएं गए बेरीकेडिंग को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएं।

इसकी प्रतिलिपि मुख्य सतर्कता अधिकारी( SDGM -

SECR) बिलासपुर को भी दिया गया है।

आम जनमानस की परेशानियों को देखते हुए ज्ञापन सौंपकर निराकरण की मांग किया है ताकि पार्किंग ठेकेदार की मनमानी पर अंकुश लगाया जाएं।

 *शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन हुआ


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अनूपपुर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में दो दिवसीय 27 एवं 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष की थीम "विज्ञान में महिलाएं विकसित भारत के लिए उत्प्रेरक" रहा। कार्यक्रम को म. प्र. काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल द्वारा प्रायोजित किया गया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक रसायन शास्त्र विभाग से सहायक प्राध्यापक डॉ. साधुचरण मलिक, भवभूति प्रसाद, एवं पर्यावरण विभाग से प्याली शिबू , राजेश नंदिनी राठौर, व्याख्याता तथा मानसि शर्मा प्रतिभागी के रूप मे उपस्थित रहे। सभी व्याख्याताओं ने विद्यार्थियों बालिकाओं को उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए प्रेरित किया। इस अवसर  पर व्याख्याताओं एवं अतिथिगणों  ने छात्र -छात्राओं द्वारा बनाये गए पोस्टर, रंगोली, मॉडल, प्रश्नोत्तरी निबंध प्रतियोगिताओं की अत्यधिक सराहना की एवं मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम की संरक्षक एवं मार्गदर्शक प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना सर ने बताया कि विकसित भारत के निर्माण हेतु बेटियों महिलाओ को वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं आत्मविश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ने कि जरूरत है। कार्यक्रम के संयोजक  ऋषिकेश चंद्रवंशी ने वैज्ञानिक अनुसंधान हेतु प्रेरित किये तथा वैज्ञानिकों की नाम फोटो सहित एवं उनके कार्यों से अवगत कराया। मंच संचालन डॉ. सूरज परवानी द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे उपस्थिति डॉ. जे के संत, डॉ. राधा सिंह, तथा डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने छात्र छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।  इस कार्यक्रम में डॉ ज्ञान प्रकाश पांडे, डॉ शाहबाज खान, डॉ विनोद कुमार कोल, डॉ अमित भूषण द्विवेदी, डॉ हीरा सिंह, डॉ पूनम पांडेय, डॉ प्रति वैश्य, डॉ मीना सिंह, डॉ अजय जयसवाल डॉ बृजेन्द्र सिंह, डॉ दुर्गेश द्विवेदी, डॉ नंदलाल गुप्ता, डॉ अमित कुमार साकेत, डॉ गंगेश कुमार, डॉ फरहा नाज, डॉ संजीव द्विवेदी,डॉ अंजलि कहार, डॉ. तरन्नुम सर्वत, डॉ ज्योति रौतेल एवं अन्य सदस्यों की महत्व पूर्ण भूमिका रही।


 *थाना कोतवाली अनूपपुर में शान्ति समिति बैठक का आयोजन, मिल जुलकर शान्ति पूर्वक आगामी त्यौहार मनाने लिए गया सर्वसम्मिति से निर्णय



अनूपपुर । जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अनूपपुर  हर्षल पंचोली एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में शनिवार को थाना कोतवाली अनूपपुर में आगामी होलिका दहन,  धुरेडी, रंगपंचमी, चेट्री चंड उत्सव (श्री झूलेलाल जयंती), गुड़ी पड़वा, ईद उल फितर, श्री रामनवमी एवं श्री हनुमान जन्मोत्सव को शान्ति पूर्व मनाये जाने हेतु शान्ति समिति की बैठक का आयोजन किया गया।

थाना कोतवाली अनूपपुर में आयोजित शान्ति समिति की बैठक में एसडीएम अनूपपुर  कमलेश पुरी, टी.आई. कोतवाली अनूपपुर अरविन्द जैन, यातायात थाना प्रभारी विनोद दुबे, नगर पालिका उप यंत्री बृजेश पाण्डेय, मनीष जोशी (उप यंत्री ) मध्यप्रदेश विद्युत मंडल,  पार्षदगण अनिल पटेल, प्रवीण सिंह, विनोद कुमार सोनी, जनप्रतिनिधि बृजेश चतुर्वेदी, शिवरतन वर्मा, कमलेश तिवारी पिंटू, सदर जामा मस्जिद लियाकत अली, पूर्व सदर मोहम्मद सलीम बाबा खान, तौहित खान, शेर अली, परसराम बागवानी, तेजूमल भोजवानी, संजय भोजवानी राकेश गौतम होलिका दहन कार्यक्रम के आयोजक गण, श्री हनुमान जन्म उत्सव कार्यक्रम के आयोजक गण, शिव मारूती युवा संगठन के राहुल अग्रहरि, बृजेश राठौर, इशांक केशरवानी सदस्य डी.जे. एवं साउण्ड सिस्टम संचालक गण, मीडिया बंधु नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य एवं कोटवार बंधु सहित करीब 100 गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिकों ने पर्वो के दौरान कार्यक्रम स्थल पर साफ सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था हेतु, पर्वो के दौरान सड़को पर नीचे झूले हुए बिजली तारों को ऊंचा कराये जाने हेतु, पर्वो के जुलुस में पुलिस की व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था हेतु पुलिस प्रशासन को सुझाव दिया गया। होली पर्व पर शराब पीकर हुड़दंग कर आम नागरिकों को परेशान किये जाने वालो पर कार्यवाही हेतु सुझाव दिया गया।

 “सृजन कार्यक्रम किशोर/किशोरियों में आत्मनिर्भरता की पहल


जैतहरी । मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल सामुदायिक पुलिस योजना अंतर्गत उप-पुलिस महा निरीक्षक  विनीत कपूर के दिशा-निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोति उर रहमान  के मार्गदर्शन में तथा  जगन्नाथ मरकाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा नोडल सृजन कार्यक्रम अनूपपुर के नेतृत्व में थाना जैतहरी अंतर्गत सरस्वती उ.मा.विद्यालय में विधिवत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर प्रारंभ किया गया |

अतिथियों के स्वागत पश्चात् सृजन कार्यक्रम में सहभागी संस्था हार्ड के  सुशील शर्मा द्वारा उद्देश्य बताते हुये कहा गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना है तथा ऐसे बच्चे चुनौतियों से निपटने हेतु सक्षम बन सके इस हेतु उन्हें आत्मरक्षा कौशल सिखाना है जिससे उनमें शारीरिक एवं मानसिक मजबूती प्राप्त हो सके |

साथ ही कानूनी साक्षरता अधिकारों एवं कानून के प्रति जागरूक करना है,  जगन्नाथ मरकाम जी ने रोचक ढंग से बच्चों को सृजन  अर्थात रचनात्मकता समझाते हुये कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य है और उन्हें इस कार्यक्रम के माध्यम से नई जानकारी तथा भविष्य निर्माण में सहायता प्राप्त होगी |

पुलिस विभाग द्वारा बच्चों को मोजर वियर सी.एस.आर.से प्राप्त ट्रेक शूट प्रदान किये गये जिसे बच्चे खुश हुये तथा प्रशिक्षण के दौरान एक ड्रेस में सब बच्चें प्रशिक्षण में भाग लेंगे |

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से बी.सी.एम. कोमल सिंह मार्को द्वारा बच्चों को पोषण जानकारी प्रदान की गई, सूबेदार  अम्बरीष साहू जी द्वारा कार्यक्रम समन्वय किया गया, सृजन मास्टर ट्रेनर  प्रभात मिश्रा उपस्थित थे जिन्होंने आगामी कार्यक्रम की रुपरेखा बताया |

सरस्वती विद्यालय परिवार से पुष्पेन्द्र नामदेव, डा. दीपक उरमलिया,  प्रदीप गुप्ता,  आशीष पाण्डेय, थाना जैतहरी से उ नि. अमरलाल यादव, प्रधान आरक्षक  श्याम शुक्ला उपस्थित रहे |

सृजन कार्यक्रम का सराहनीय संचालन नेशनल ट्रेनर वालीबाल  दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया |

 🎨*चुनावी गुलाल ने  उड़ा दी है- दीदी की नींद*


"व्यंग"

कहते हैं कि इस बार रंगों से पहले चुनावी गुलाल उड़ने वाला है। हमारी  सांसद महोदया पर भी कुछ ऐसा ही रंग चढ़ा है,नींद में ही भांग का ऐसा असर कि सपना भी सीधे 2027 के चुनावी मंच पर जाकर टूटेगा। तभी कहीं दूर से ढोल-नगाड़ों की आवाज आई, जैसे भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की चुनावी रैलियां एक साथ कान में घोषणा-पत्र पढ़ रही हों , “अब जागिए, वरना जनता जगा देगी!”

सांसद महोदया हड़बड़ा कर उठीं। बरसों की गहरी निद्रा टूटी तो याद आया ,अरे! नरवा-गढवा तो दूर, अपने क्षेत्र की नल-जल योजना में भी पानी का रास्ता पूंछ रहा होगा? विकास कार्य ऐसे गायब थे जैसे होली के अगले दिन गली से रंग।

तभी एक शुभचिंतक प्रकट हुए राजनीतिक ज्ञान के चलता-फिरता विश्वकोश। बोले, “महोदया! काम-धाम छोड़िए, कैमरा पकड़िए। जहां कोई मरे , वहां गंभीर मुद्रा में फोटो। जहां शादी-ब्याह हो, वहां मुस्कान के साथ फोटो। जन्मदिन, छठी, बरहों सब पर आशीर्वाद वाली फोटो। जनता को काम नहीं, कैमरा एंगल याद रहता है।”

बस फिर क्या था! महोदया ने अपनी “चलन खटोला” निकाली जो लग्जरी कार कम और चुनावी हमसफ़र ज्यादा लग रही थी फिर क्या  निकल पड़ीं। महल हो या झुग्गी, गली हो या चौपाल हर जगह वही स्थायी मुस्कान, जैसे होली का रंग अब चेहरे पर स्थायी टैटू बन गया हो।

मीडिया प्रभारी भी कम न थे। बरसों से जमी स्याही झाड़कर कलम ऐसी दौड़ाई मानो प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से सीधा “सक्रियता रत्न” मिलने वाला हो। प्रेस नोट की भाषा में विकास हरी झंडी ऐसे लहराने लगा  जैसे सूखे तालाब में अचानक मानसून उतर आया हो।

पत्रकारों की भी बांछे खिल उठे । जो अब तक “सांसद  सो रहीं हैं” की खबर लिख-लिख कर थक चुके थे, उन्हें लगा चलो, जागरण का लाइव टेलीकास्ट तो मिलेगा! बखानों की झड़ी लग गई , “जनता के बीच पहुंचीं”, “हर सुख-दुख में सहभागी”, “क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता”… मानो क्षेत्र नहीं, चुनावी प्रयोगशाला हो।

अब जनता भी देख रही है सोने वाली सांसद दीदी ज्यादा फायदेमंद थीं या जागने वाली ? क्योंकि होली का रंग तो दो दिन में उतर जाता है, पर वोट का रंग पांच साल तक चढ़ा रहता है।

तो भाइयों और बहनों चिंता छोड़, होली के रंग में रंग जाओ और  एक दूसरे को गले मिल मुंह मीठा कर होली का भरपूर आनंद लो,*" कल किसने देखा... है।"* 

*होली है… बुरा न मानिए, होली है!*

*छिछोरा टाइम्स*

*प्रधान संपादक*

*बीरेंद्र सिंह "ओजस्वी"*

*अनूपपुर मध्य प्रदेश*

 🎨*ठाकुर साहब ने दी  शाही दावत- होली में*


"व्यंग"

होली का दिन और ठाकुर साहब के बंगले पर शासन-प्रशासन की हाज़िरी न लगे  ऐसा कैसे हो सकता है! महीनों की “मस्कत” रंग लाई। बड़े जतन से अधिकारियों, नगर पालिका के महारथियों और कुछ खास मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया।

द्वार पर अबीर-गुलाल, अंदर गुजिया-नमकीन, और बीच में मुस्कुराहट ऐसी कि जैसे महीनो की मशक्कत  एक ही दिन में सफल हो जानी हो। गले मिलना भी ऐसा कि कैमरे का एंगल पहले तय, भावनाएं बाद में।

ठंडाई के गिलास टकराए। एक अधिकारी महोदय ने दो घूंट में ही प्रशंसा का पुल बांध दिया ,

“वाह ठाकुर साहब! ऐसी मस्त ठंडाई तो कभी नहीं पी!”

ठाकुर साहब मन ही मन मुस्कुराए और सोचे  “महीनों का पसीना आज सफल हुआ। नरवा-गढवा में जो कूद-फांद कर फोटो सेशन किया, जो वीडियो बनवाकर जनता को गंदे नालों की सच्चाई का  दर्शन कराया, उसकी असली परीक्षा आज है।”

कहानी का असली रंग तो ठंडाई में घुला था। जिस प्याले में बर्फ थी, वह भी उसी नाली के जल से पवित्र हुई थी, और जिस ठंडाई को घोटा गया था, उसमें भी वही “विशेष जल” मिला था , वही जो बरसों से आम जनता की पाइप-लाइन में प्रेम पूर्वक बहता आया है।

मेहमानों ने बड़े चाव से पिया, खाया, और स्वाद का गुणगान किया। कुछ तो ऐसे झूमे मानो पारदर्शिता का नशा चढ़ गया हो। ठाकुर साहब को अपार शांति मिली ।

“जनता को जो सालों से परोसा गया, आज वही स्वाद खास मेहमानों ने भी चखा। न्याय का रंग आखिर बराबरी से चढ़ा।”

कहते हैं, भ्रष्टाचार का पेट भी अजीब होता है , सड़ा-गला ही उसे सुहाता है। शायद इसलिए सबने बड़े आनंद से ग्रहण किया और धन्यवाद देते हुए, हल्की डगमग चाल में अपने-अपने आशियानों की ओर प्रस्थान किया।

ठाकुर साहब आंगन में खड़े संतोष से मुस्कुराए ,

“जनता की आंखों की पट्टी हटाने का असली तरीका भाषण नहीं, स्वाद होता है।”

बाकी तो भाई, रंगों का त्योहार है।

किसी को गुलाल चढ़ा, किसी को सच्चाई।

*होली है… बुरा न मानो, होली है!*

*छिछोरा टाइम्स* 

*प्रधान संपादक* 

*बीरेंद्र सिंह"ओजस्वी"*

*अनूपपुर मध्य प्रदेश*

 होली के रंग आजीविका के संग मेला 28 फरवरी से 1 मार्च तक


स्थानीय उद्यमियों व स्व सहायता समूहों के उत्पाद होंगे आकर्षण के केंद्र

अनूपपुर। 27 फरवरी 2026 शासन के वोकल फ़ॉर लोकल की अवधारणा के अनूपपुर स्थानीय उत्पादों के प्रचार प्रसार हेतु स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आजीविका होली मेला का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में अनूपपुर जिला मुख्यालय में आजीविका होली मेला का आयोजन  28 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक जिला मुख्यालय के सामतपुर तालाब परिसर में सुबह 11 बजे से रात 09 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न उत्पाद, जैसे-आजीविका अमरकंटक कोदो, कोदो कुकीज,कोदो नमकीन,आजीविका शहद, आजीविका सत्तू, हेडवॉश, डिसवॉश, क्लीनवॉश, साबुन, अगरवत्ती, कलात्मक सजावटी सामग्रीयां, कपडे, आचार, वडी, पापड, आंवला केंडी, बीजापुरी काष्ठशिल्प, गौडी पेंटिंग, लोहशिल्प आदि व होली उत्सव पर हर्बल गुलाल, रंग, पिचकारी, मुखौटा आदि सामग्री साथ अन्य विभागों के उदमियों द्वारा जिले में तैयार विभिन्न उत्पाद, कृषि विभाग अंतर्गत जैविक उत्पाद व फूड स्टाल व अमरकंटक हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा स्थानीय व्यंजन के स्टाल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। जिला प्रशासन ने उक्त आयोजन में समस्त जिलेवासियों से भाग लेकर स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार किये गये उत्पादों को खरीदकर प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है ताकि स्थानीय स्तर पर तैयार किये जा रहे उत्पादों को बाजार उपलब्ध हो तथा वोकल फ़ॉर लोकल ब्रांड को प्रोत्साहित किया जा सके।

 मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के द्वारा जिला प्रशासन को टेंट उखाड़ने के संबंध में धन्यवाद ज्ञापित कर फूलों की गुलदस्ता भेंट की गई




अनूपपुर। जिले में 12 फरवरी 2026 से जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल मंगलवार को उस समय उग्र हो गई जब प्रशासन द्वारा  टेंट उखाड़ फेंकने का कार्य किया गया।

कोतमा, अनूपपुर, जैतहरी एवं पुष्पराजगढ़ तहसीलों के पटवारियों द्वारा 10 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन अब प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गई है। मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा धरना प्रदर्शन स्थल पर लगाया गया टेंट हटाए जाने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया।

पटवारी संघ पहले ही सशर्त सामूहिक इस्तीफा तहसीलदार को सौंप चुका है। संघ का कहना है कि समस्याओं के समाधान के बजाय हड़ताल समाप्त कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। व्यक्तिगत नोटिस जारी करने, सेवा समाप्ति और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी से कर्मचारियों का मनोबल तोड़ा जा रहा है।

जिला अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, बल्कि शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहें कर्मचारियों का टेंट उखाड़कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक एवं सम्मानजनक निर्णय नहीं लिया गया तो बुधवार को जिले घेराव किया जाएगा। 

प्रशासन की निष्क्रियता को देखते हुए समस्त पटवारी एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी अनूपपुर पहुंचकर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर व्यापक धरना-प्रदर्शन किया एवं टेंट हटाने के संबंध में धन्यवाद ज्ञापित कर फूलों का गुलदस्ता सौंपा गया।

*हड़ताल से हुआ प्रभावित कार्य*

हड़ताल के चलते नमांतरण ,बंटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम, गिरदावरी, जाति प्रमाण पत्र, विभिन्न प्रकरणों की जांच प्रतिवेदन सहित अनेक राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 10 सूत्रीय मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर उग्र कदम भी उठाए जाएंगे।

 *असेंबली ऑफ एम पी जर्नलिस्ट्स का प्रांतीय सम्मेलन सम्पन्न


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*अग्रवाल बोले—पत्रकारों की समस्याएँ सेतू बनकर सीएम तक पहुँचाएँगे*

राधावल्लभ शारदा  पुनः निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित 

भोपाल। रविवार को तुलसीनगर स्थित नर्मदीय समाज भवन में असेंबली ऑफ एम पी जर्नलिस्ट्स का प्रांतीय सम्मेलन उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भगवानदास सबनानी जी, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल जी तथा वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा जी उपस्थित रहे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में संगठन के चुनाव की प्रक्रिया चुनाव अधिकारी माखन विजयवर्गीय की देखरेख में प्रारंभ की गई। नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभिन्न पदों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी की गई तथा उन्हें सुरक्षित रखा गया। प्रांतीय अध्यक्ष पद के लिए अधिकांश पत्रकारों ने पुनः राधावल्लभ शारदा जी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। साथ ही नई कार्यकारिणी के गठन का पूर्ण अधिकार भी उन्हें प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह के उपरांत प्रांतीय अध्यक्ष पद की औपचारिक घोषणा की गई। पदभार ग्रहण करते ही शारदा ने संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व से गठित सभी प्रकोष्ठों, संभागीय अध्यक्षों तथा संभागीय कार्यकारिणियो को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाया जा सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा जी ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है और उसे धर्म, समाज तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक पत्रकारिता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, तभी समाज में विश्वास कायम रहेगा।

मुख्य अतिथि विधायक भगवानदास सबनानी जी ने कहा कि पत्रकार चाहे छोटा हो या बड़ा, उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गांवों में छोटे अखबार भी चाय-पान की दुकानों तक पहुंचकर शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हैं और स्थानीय समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र की खबरों पर नजर रखते हैं और आवश्यकतानुसार अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश देते हैं।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आशीष अग्रवाल जी ने अंचल के पत्रकारों की समस्याओं और कठिनाइयों को गंभीर बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें जमीनी स्थिति का बेहतर अनुभव हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन की ओर से रखी गई सभी मांगों और चिंताओं को वे स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और पत्रकारों को संतोषजनक समाधान दिलाने का प्रयास करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया तथा पत्रकारों ने संगठन को मजबूत बनाने और पत्रकार हितों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। सम्मेलन शांतिपूर्ण और सफल वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन राखी बाला सिंगारे ने किया वहीं मंच पर अतिथियों का सम्मान रेणु नत्थानी, प्रियंका गौर ने किया। जबकि सहभोज की संपूर्ण व्यवस्था ललित शारदा  और व्यंकटेश शारदा ने संभाली, जबकि अन्य मंच कार्यों एवं स्वागत आदि के लिए पत्रकार संतोष साहू, नन्हे भैया और राकेश सक्सेना ने जवाबदारी निभाई। 

इस दौरान मप्र के रीवा, सतना, उमरिया, शहडोल, नरसिंहपुर, मंडला सहित 35 से अधिक जिलों के पदाधिकारी पत्रकार मौजूद रहें।

मां सरस्वती को नमन,

मंचासीन हमारे अथिति,

अथिति देवो भव,

सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों और आमंत्रित मित्रों को नमन,

परंपरा से हटकर मैं आपके सामने उपस्थित हूं अमूमन कार्यक्रम के अध्यक्ष अतिथिओं के उद्वोधन के बाद अपने विचार व्यक्त करते हैं।

परंतु यह कोई राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है यह कार्यक्रम उन लोगों का है जो सरकार और जनता के मध्य देवर्षि नारद की भूमिका निभाते हैं। जो जनता के दुःख दर्द को सरकार के सामने रखता है मैं उनकी समस्याओं को हल करने के लिए हमारे मेहमानों के सामने रख रहा हूं।

पूरे देश का श्रमिक आभारी हैं देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी का जिनकी सरकार ने श्रमिकों की कठिनाइयां को लेकर सजग प्रहरी की तरह श्रम कानूनों में संशोधन किए गए हैं।

सबसे महत्वपूर्ण संसोधन श्रमिक को नियुक्ति पत्र जारी किया जाना है। यह नियम लागू होता है पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों के लिए भी।

2 - पत्रकारों के मित्र कम और दुश्मन कई लोग होते हैं पत्रकार उनके कामों पर उंगली उठाते हैं मतलब समाचार पत्रों में प्रकाशित करते हैं।वस दुश्मनी का कारण उनकी कमी को उजागर करना है। अपनी कमी को छुपाने के लिए पत्रकार पर झूठे आरोप लगाकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा देता है बस यही से पत्रकार और उसका परिवार प्रताड़ित होता है इससे बचाव के लिए गृहविभाग के आदेश है परंतु उस पर अमल नहीं होता है। इसीलिए पिछले कुछ सालों से पत्रकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग हो रही है हमें उम्मीद है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री  मोहन यादव जी इस बात को प्राथमिकता पर पूरा करेंगे।

3 - अब मैं व्यक्तिगत रूप से खुद पर उंगली उठा रहा हूं, मुझे मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी आवास दिया है मैं तो नियमित रूप से किराया जमा कर रहा हूं परन्तु?

हमारी लम्बे समय से मांग है कि भाड़ा क्रय योजना के तहत सरकार आवास योजना बनायें और ये आवास टी टी नगर क्षेत्र में बने,टी टी नगर में आवासों के निर्माण में लागत कम होगी कारण सड़क, बिजली, पानी,सीवेज पर खर्च नहीं होने से लागत कम होगी जिससे पत्रकार आसानी से ले सकते हैं।

प्रत्येक जिले में शासकीय चिकित्सालय में पत्रकारों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए दो पत्रकार प्राइवेट वार्ड सर्व सुविधा युक्त बनें जिसका किराया नहीं लिया जायें।

6 - जिला स्तर पर पत्रकारों के बैठने के लिए एक 400 व्यक्तियों के बैठने हेतु अथवा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कम्युनिटी हाल बने जो जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के अधीन हो और प्रेस क्लब के नाम पर जमीन और सांसद अथवा विधायक निधि से राशि नहीं दी जाय,कई उदाहरण हैं कि प्रेस क्लब भवन विवाद की जड़ है उसका प्रत्यक्ष उदाहरण भोपाल का पत्रकार भवन है।

7 - छोटे समाचार पत्रों को सरकार द्वारा प्रति माह कम से कम रुपए 20 हजार का विज्ञापन जारी करें जिसकी प्रसार संख्या 2000 हजार हो।उस समाचार पत्र के मालिक को समाचार लिखना आना चाहिए। मिनिमम क्वालिफिकेशन ग्रेजुएट होना चाहिए।

9 - राज्य सरकार द्वारा बीमा योजना जारी है इसमें ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को भी रखा जाना चाहिए जिनके पास संस्थान का नियुक्ति पत्र एवं वेतन दिया जाता है।

कहने और करने के लिए बहुत कुछ है।

एक संगठन का अध्यक्ष होने के नाते मेरा पहला लक्ष्य ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को नियुक्ति पत्र एवं वेतन का है।

और इस कार्य के लिए मेरा भ्रमण शीघ्र ही शुरू होगा और इसमें मुझे जिला जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक श्रम अधिकारी के साथ की आवश्यकता है।

सरकार मुझे इस कार्य के लिए जनसंपर्क विभाग के द्वारा सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश करें।

 पी आर टी महाविद्यालय में भव्य लैम्प लाइटिंग सेरेमनी एवं वार्षिकोत्सव सम्पन्न





“लैम्प लाइटिंग सेरेमनी सेवा और समर्पण का भाव जागृत करती है” – डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी

अनूपपुर । नगर स्थित पीआर टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा लैम्प लाइटिंग सेरेमनी एवं वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में सम्पन्न हुआ। प्रथम सत्र लैम्प लाइटिंग सेरेमनी तथा द्वितीय सत्र वार्षिकोत्सव के रूप में आयोजित किया गया।

प्रथम सत्र : रैम्प लाइटिंग सेरेमनी

प्रातः 11 बजे प्रारंभ हुए इस सत्र को नर्सिंग की जनक एवं प्रणेता फ्लोरेंस नाइटिंगेल को समर्पित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर वंदेमातरम् गीत के साथ हुआ।

इस अवसर पर नर्सिंग के विद्यार्थियों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के आदर्शों का अनुसरण करते हुए बिना किसी भेदभाव के रोगियों एवं उनके परिजनों की सेवा करने की शपथ ली।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री उत्कृष्ट शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सक्सेना रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी डॉ. आर.पी. सोनी, शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय अनूपपुर की प्राचार्य श्रीमती रेणु सिंह, श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कीर्ति क्रांति के संपादक मनोज कुमार द्विवेदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पीआर टी महाविद्यालय के संचालक, भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला अनूपपुर के सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी ने की।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि रैम्प लाइटिंग सेरेमनी नर्सिंग विद्यार्थियों में सेवा, त्याग एवं समर्पण का भाव जागृत करती है। कार्यक्रम में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

द्वितीय सत्र : वार्षिकोत्सव

          अपराह्न 2 बजे से आयोजित द्वितीय सत्र वार्षिकोत्सव के रूप में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. शिवकुमार मिश्र एवं डॉ. संदीप खरे सहित विभिन्न गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संचालक राजेन्द्र प्रसाद तिवारी द्वारा की गई।

अतिथियों के स्वागत उपरांत संस्था के संचालक डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी ने स्वागत भाषण एवं महाविद्यालय का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं प्रतिभा संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं। नशामुक्ति एवं वीर शहीदों पर आधारित लघु नाटिकाएँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। वर्ष भर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अतिथियों को शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

कार्यक्रम की रूपरेखा निर्माण एवं सफल संचालन में विद्यार्थियों सौरभ गुप्ता, आयुष मिश्रा, निशि पनाडिया, कीर्ति सिंह सहित समस्त विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्राध्यापक रणविजय साही, श्वेता सिन्हा, श्रेयपाल, आकांक्षा द्विवेदी, अशोक मिश्रा, रवि त्रिपाठी, अंजना साहू एवं दीपिका श्रीवास्तव ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन पीआर टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के मैनेजर विजय तिवारी के द्वारा किया गया ।


 *शादी का झांसा देकर नवयुवती का शारीरिक शोषण का आरोपी कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी.  नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 19 वर्षीय नवयुवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के अपराध में आरोपी शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है।

थाना कोतवाली अनूपपुर क्षेत्रांतर्गत निवासी 19 वर्षीय नवयुवती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला जिला शहडोल ने मित्रता की और शादी करने का विश्वास दिलाकर पिछले एक साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। जो उक्त रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 105/26 धारा 69 बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद , आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी शिवम महरा पिता विजय महरा उम्र 21 साल निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है।

 धुम्मा गोडरी नदी में रेत का अवैध खनन प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल


अनूपपुर। जिले के भालूमाड़ा थाना तथा फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत धुम्मा गोडरी नदी में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार एक-एक दिन छोड़कर लगातार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रेत माफिया सक्रिय रहते हैं और ट्रैक्टरों के माध्यम से नदी का दोहन किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रात भर ट्रैक्टर नदी से रेत निकालकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते हैं। आरोप है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं खनिज विभाग की शिथिल कार्यप्रणाली के कारण रेत चोरों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो नदी का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि रेत माफिया प्रशासन से एक कदम आगे रहते हुए रणनीति के तहत काम करते हैं। नदी से मुख्य सड़क तक आने वाले तिराहों और रास्तों पर उनके लोग निगरानी में तैनात रहते हैं। किसी भी प्रकार की आशंका होते ही वे ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

 डॉ. शरद मिश्र : काव्यमहारथी सम्मान, डॉ. नीरज श्रीवास्तव : कबीर अलंकरण सम्मान से नवाजे गये, श्रीमती अमिधा शर्मा, भिलाई एवं श्रीमती संगीता शुक्ला, शहडोल को प्राप्त हुआ हिन्दी साहित्य रत्न सम्मान



 

बालाघाट । संस्कृति व साहित्य शोध समिति मध्यप्रदेश के चतुर्थ साहित्य अधिवेशन का भव्य समारोह ‘सृजन महोत्सव 2026 ‘ का आयोजन विगत दिनों बालाघाट में 8 फरवरी को सम्पन्न हुआ । वरिष्ठ साहित्यकार ,सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं शताधिक कृतियों के सर्जक डॉ. शरद मिश्र को उनके साहित्यिक योगदान के लिये ‘काव्य महारथी सम्मान 2026‘ प्रदान किया गया । 

 डॉ. नीरज श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष हिन्दी, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर की प्रबंधात्मक कृति ‘नर्मदा के मेघ‘ महाकाव्य को ‘कबीर अलंकरण 2026‘ से सम्मानित किया गया । मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा चयनित, नौ सर्गो में निबद्ध महाकाव्य में मॉ नर्मदा के पौराणिक एवं धार्मिक आख्यान,उनका प्राकट्य, अमरकंटक का प्राकृतिक सौन्दर्य, हरे-भरे तटों, अमूल्य वनौषधियॉ, एवं नैसर्गिक मेघमय सुषमा के अप्रतिम सौन्दर्य का कवि ने अत्यंत मनोहारी चित्रण किया है ।

श्रीमती अमिधा शर्मा, भिलाई को उनके उपन्यास लेखन के लिये और कवियित्री श्रीमती संगीता शुक्ला, शहडोल को ‘हिन्दी साहित्य रत्न सम्मान‘ प्रदान किया गया है  

‘सृजन महोत्सव 2026 ‘ छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री गोविन्दपाल, प्रयागराज से आदित्य अभिनव श्रीवास्तव, बालाघाट के डॉ. एल. सी. जैन,  अशोक कुमार सिहांसने, श्री प्रेम प्रकाश त्रिपाठी,  अजय कुमार जैन, श्रीमती प्रमिला बिजेवार, श्री सुरेश भाई टांक,  लक्ष्मी जैन,  शलुगांधी सहित देश के विभिन्न अंचलों से आये साहित्यकारों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही ।


पटवारी का वेतन रोके जाने एवं अनावश्यक कार्यवाही से प्रताड़ित जिले के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर


अनूपपुर । अनूपपुर जिले के मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के द्वारा दिनांक 04.02.2026 को दिए ज्ञापन के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किए जाने पर  दिनांक 12.02.2026 से जिले के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल  एवं धरना प्रदर्शन कर रहे हैं l

बोर्ड परीक्षा में पटवारी की ड्यूटी कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में लगाई गई थी उसको भी करने से किया इनकार पटवारी की मुख्य मांग है जनवरी माह का वेतन जो जिला प्रशासन द्वारा पूरे माह कार्य  कराएं जाने के बाद माह के अंतिम तारीख को रोक दी जाती है यह आदेश पिछले 5 महीना से लगातार किया जा रहा है ।

पटवारी संघ जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश अनुसार सभी कार्य हम करते आ रहे हैं यहां तक की दिनभर काम करो, टारगेट पूरा करो और शाम को 10:00 तक मीटिंग में उपस्थित होना उसके बावजूद भी पटवारियों के ऊपर अर्थ दंड एवं निलंबित करने का प्रक्रिया लगातार करना जिससे हम सभी पटवारी प्रताड़ित हैं दुखी है इन सभी बातों को लेकर हमने कलेक्टर महोदय को ज्ञापन भी दिया था जिस पर किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं किया गया ना तो समस्या का समाधान किया गया जिससे जिले के हम समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे एवं धरना प्रदर्शन करते रहेंगे ।

 माँ नर्मदा की भव्य मूर्ति की हुई स्थापना


अनूपपुर ।11 फरवरी 2026मध्यप्रदेश की जीवनरेखा, पुण्य सलिला माँ नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में 9 से 11 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय महा अनुष्ठान के पश्चात माँ नर्मदा की नवीन भव्य प्रतिमा की विधिवत स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन ने अमरकंटक सहित आसपास के क्षेत्रों को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से आलोकित कर दिया।

यह भव्य अनुष्ठान परम तपस्वी बाबा श्री कल्याण दास जी महाराज जी की प्रेरणा एवं कल्याण आश्रम के प्रबंधक स्वामी श्री हिमाद्री मुनि जी के मार्गदर्शन में माँ नर्मदा की नवीन प्रतिमा विशेष रूप से जयपुर से काले ग्रेनाइट पत्थर में उत्कृष्ट शिल्पकला के साथ निर्मित कर मंगाई गई थी। प्रतिमा का शांत, सौम्य और दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। तीन दिनों तक चले वैदिक अनुष्ठानों में मंदिर परिसर की शुद्धि, मंडप स्थापना, कलश स्थापना एवं गणेश-अंबिका पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात जलाधिवास, धान्याधिवास एवं घृताधिवास जैसी पारंपरिक विधियां सम्पन्न की गईं, जिनके माध्यम से प्रतिमा के दिव्यीकरण की प्रक्रिया पूर्ण हुई। 

कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन एवं पंचामृत अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर तथा पवित्र नदियों के जल से माँ नर्मदा का अभिषेक हुआ। शंखनाद, घंटाध्वनि और “जय माँ नर्मदा” के जयकारों से उद्गम कुंड परिसर गूंज उठा और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया।

माँ नर्मदा की प्रतिमा 11 फरवरी को शुभ मुहूर्त में स्थापित की गई। अनुष्ठान का सबसे अलौकिक क्षण नेत्रोन्मीलन रहा, जब स्वर्ण शलाका से माँ की प्रतिमा की आंखों का उद्घाटन किया गया और दर्पण दर्शन कराया गया। वैदिक आचार्यों द्वारा प्राण प्रतिष्ठा मंत्रों के उच्चारण के साथ प्रतिमा में दिव्य चेतना का संचार किया गया। षोडशोपचार पूजन, वस्त्राभूषण अर्पण एवं भव्य महाआरती के साथ अनुष्ठान पूर्ण हुआ।

इस आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में कलेक्टर  हर्षल पंचोली सपत्नीक उपस्थित रहे, उन्होंने विधि-विधान से हवन, पूजन एवं अर्चन कर प्रदेश, राष्ट्र तथा समस्त मानवता के कल्याण की कामना की। कार्यक्रम का संचालन आचार्य पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया गया। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत परंपरानुसार कन्या पूजन कर मातृशक्ति का सम्मान किया गया। कन्याओं को माँ नर्मदा का स्वरूप मानकर उनके चरण पूजें गए और प्रसाद व उपहार अर्पित किए गए। समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम के स्वयंसेवकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने अत्यंत सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की। 

कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़  वसीम अहमद भट्ट, स्वामी नर्मदानंद जी महाराज, स्वामी राघवानंद जी महाराज, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक  उमेश पाण्डेय,  उमाशंकर पांडे सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पत्रकारगण,समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहें।

 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन


अनूपपुर ।प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में “जैव विविधता की स्थिति एवं संरक्षण नीतियों में नवीन रुझान” विषय पर 6 फरवरी - 7 फरवरी 2026  को,दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ ।  संगीत साधक  ऋषिराज सिंह के संगीत संयोजन में स्वागत गीत की प्रस्तुति की गई । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का सफल संचालन डॉ. नीरज श्रीवास्तव विभाग अध्यक्ष हिंदी द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अनिल कुमार सक्सेना ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों स्वागत करते इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त किया कि भारतवर्ष के विभिन्न प्रांतों से  आधिकारिक संख्या में पधार कर,  इस दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी को सफल बनाया । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की संयोजक डॉ राधा सिंह विभाग अध्यक्ष वनस्पति शास्त्र में सभी अतिथियों का विस्तार पूर्वक परिचय कराया। सेमिनार का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, तथा संरक्षण नीतियों में हो रहे नवीन परिवर्तनों एवं शोध-आधारित दृष्टिकोणों पर गंभीर विमर्श करना था।

सेमिनार में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए विषय-विशेषज्ञों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पं. शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रो. रामशंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैव विविधता का संरक्षण मानव जीवन और भविष्य की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। संरक्षण नीतियों में नवीन रुझानों, तकनीकी नवाचारों तथा शोध आधारित समाधानों को अपनाकर ही पर्यावरणीय संकट का समाधान संभव है। विशिष्ट वक्ताओं में रमाकांत पाण्डेय (प्रो. बीआईटी पटना), डॉ. नेतराम कौरव( सहा. प्रा. शासकीय होल्कर साइंस महाविद्यालय), डॉ. देवेन्द्र कुमार पटेल(प्रो. गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर), डॉ अवधेश कुमार श्रीवास्तव (प्रो. शा.डीटीपीजी कॉलेज दुर्ग), आदित्य अभिनव डॉक्टर क श्रीवास्तव  (विभाग अध्यक्ष हिंदी, भवंस, मेहता महाविद्यालय कोशांबी, उत्तर प्रदेश) ने जैव विविधता के वर्तमान संकट, जलवायु परिवर्तन, मानव गतिविधियों के प्रभाव, तथा संरक्षण रणनीतियों की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें जैव विविधता के घटते स्तर, जनजातीय क्षेत्रों की जैव विविधता, सतत विकास एवं नीति-निर्माण जैसे विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। 

समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. आशीष तिवारी की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामई उपस्थिति रही। कुलसचिव महोदय ने सेमिनार के सफल आयोजन की सराहना करते हुए आयोजक समिति को शुभकामनाएँ दीं तथा ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। समापन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि  दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार अत्यंत सार्थक एवं ज्ञानवर्धक रहा, इस सेमिनार के माध्यम से देश के विभिन्न भागों से आए विद्वानों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण के विविध आयामों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्राप्त हुआ।

समापन सत्र में सेमिनार की रिपोर्ट आयोजन सचिव डॉ. राधा सिंह, सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र द्वारा प्रस्तुत की गई तथा विशिष्ठ अतिथिओं के द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। महाविद्यालय प्रशासन ने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों तथा समस्त सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यह संकल्प भी लिया गया कि जैव विविधता संरक्षण हेतु जागरूकता एवं शोध कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।

 जमुना कालरी वार्ड-3 बस स्टैंड में भगवान शिव की भव्य प्राण प्रतिष्ठा, तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का समापन



अनूपपुर। एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के जमुना कालरी वार्ड क्रमांक 3 बस स्टैंड में भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठा के तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का 8 फरवरी 2026 को समापन हुआ। 9 फरवरी को विशाल भंडारा आयोजित होगा।कार्यक्रम 6 फरवरी (शुक्रवार) को कलश यात्रा एवं मंडप पूजा से प्रारंभ हुआ। 7 फरवरी (शनिवार) को वास, विवाह एवं प्रतिष्ठा कर्म संपन्न हुए। 8 फरवरी (रविवार) को पूर्णाहुति, अखंड कीर्तन, रुद्राभिषेक एवं हवन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। नगर के शास्त्री कमलेश महाराज एवं उनके सहयोगी आचार्यों ने विधि-विधान से शिवजी की प्राण प्रतिष्ठा कराई।

शिव बरात ने बांधा समां

वार्ड नंबर 3 बस स्टैंड से भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात ढोल-ढमाकों के साथ निकली। यह बरात कोऑपरेटिव शिव मंदिर होते हुए नगर भ्रमण कर वापस लौटी, जहां आरती उतारी गई। बरात में नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष राम अवध सिंह, भाजपा मंडल पसान अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह मिंटू, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह, वार्ड-3 पार्षद सविता रूपेश सिंह, वार्ड-4 पार्षद विकास जायसवाल, रूपेश सिंह, पूर्व मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष सचिन जायसवाल सहित भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।रुद्राभिषेक के बाद हवन

प्राण प्रतिष्ठा के बाद रुद्राभिषेक किया गया, उसके पश्चात हवन पूजन संपन्न हुआ। वार्ड की माताएं-बहनें भजन-कीर्तन में डूबकर भगवान की आराधना में सम्मिलित हुईं।

9 फरवरी को विशाल भंडारा

आयोजन समिति ने 9 फरवरी (सोमवार) को विशाल भंडारे का आयोजन किया है, जिसमें नगर के सभी भक्तों को प्रसाद ग्रहण के लिए आमंत्रित किया गया है।

सफलता में योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह, पार्षद सविता रूपेश सिंह, राकेश गौतम, रूपेश सिंह, संतोष पनिका, रत्नेश सिंह, राजेश सिंह, महीप द्विवेदी, पुष्पा सिंह, रूबी विश्वास, विभा दुबे, परमानंद, विकास सिंह, चुनचुन सिंह, रूबी विश्वास, जया सिंह, वीरू सिंह आशुतोष विश्वकर्मा, जानकी प्रदीप सिंह, मालती वर्मा, सुरेश गुप्ता, अजय राजवाड़े, हीरालाल विश्वकर्मा, जयराम सिंह, अनुज पटेल, रामलाल नानू एवं वार्डवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

 विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा केंद्रीय बजट: प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह


अनूपपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला अनूपपुर के द्वारा 7 फरवरी शनिवार को  जिला भाजपा कार्यालय में केंद्रीय बजट को लेकर पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया ।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह  ने भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम के उपस्थिति में केंद्रीय बजट 2026-27 के विषय में पत्रकार वार्ता को संबोधित  किया ।

पत्रकार वार्ता  संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह  ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज़ है। गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग और उद्यमियों के कल्याण व सशक्तिकरण के प्रावधान बजट में किए गए हैं। यह सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की भावना को दर्शाता है, जो मध्यप्रदेश सहित देश को 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। केंद्रीय बजट को राजनीति के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नजर से देखना आवश्यक है। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ा कर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है। यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में होगा उल्लेखनीय सुधार

स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी शून्य कर दी गई है। एक लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स की नियुक्ति, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिला अस्पतालों का उन्नयन कर उनमें ट्रामा सेंटर स्थापित करने संबंधी प्रावधान स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार लाएंगे। महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल, डेढ़ लाख केयर वर्कर्स और पेंशनर्स को सुविधाएं देने का भी प्रावधान है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

यह बजट भारत को आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, और बजट 2026 उसी भरोसे और दूरदृष्टि का प्रमाण है। यह केंद्रीय बजट देश के आर्थिक विकास के साथ “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की रफ्तार को भी दिखा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत केंद्रीय बजट तात्कालिक प्रभाव से अधिक अगले 10-20 वर्षों में भारत की दिशा तय करने वाला है। यह बजट सशक्त भारत की नींव को और मजबूती प्रदान करेगा। 

युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका

श्रीमती सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट में 15 हजार माध्यमिक शालाओं में कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना, आईआईएम के सहयोग से 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार करने और ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से खेलों को प्रोत्साहन देने की घोषणाएं की गई हैं। क्रिएटर लैब युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों का बजट सिर्फ लोक लुभावन रहता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का यह बजट दूरदर्शी और विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने वाला है।

 पत्रकारों के द्वारा अनूपपुर जिले के स्थानीय विकास एवं मुद्दों को लेकर चर्चा हुआ  श्रीमती सिंह जी ने पत्रकारों के सवालों का भी बखूबी जवाब दिया है। 

पत्रकार वार्ता कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय बजट 2026-27 के जिला संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र भट्ट , जिला महामंत्री सिद्धार्थ शिव सिंह, श्यामनारायण शुक्ला, जिला मीडिया सह प्रभारी श्रीराम केवट एवं इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार साथी उपस्थित रहें ।

 मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर  विभिन्न समस्याओं  के संबंध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन




दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो  09 फरवरी से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर सामूहिक अवकाश व होगी अनिश्चित कालीन हड़ताल 

अनूपपुर । मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर में कलेक्टर को अवगत कराया कि जिला-अनूपपुर में पदस्थ पटवारी अपनी सेवा का निर्वहन पूरी निष्ठा से लगातार कर रहे है परन्तु उनके कार्य के दौरान आने वाली कुछ न्यायोचित समस्याएं है जिनका निराकरण किया जाना अतिआवश्यक है ।

 अनूपपुर जिले की समस्त तहसीलों में विगत 100 दिवस से अधिक समय से एवं रविवार व अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में भी शाम 6:00 बजे से रात 9 या 10:00 तक बैठक का आयोजन किया जा रहा है जो नियम विरुद्ध होकर पटवारी को प्रताड़ित करने की योजना बन चुका है ऐसी योजना का हम विरोध करते हैं और असमय बैठक करने से पटवारी के सामान्य जीवन एवं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और उसकी कार्य क्षमता घट चुकी है विभिन्न पारिवारिक आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं केवल एक शाम की बैठक में न जाने पर तीन दिवस का वेतन मन माने ढंग से काटा जा रहा है इस प्रकार प्रशासन ‌द्वारा बर्बरता पूर्वक मनमानी ढंग से पटवारी के पीठ के साथ-साथ पेट पर भी मारी जा रही है जो अधिकारियों को शोभा नहीं देता है इस प्रकार अपने छोटे कर्मचारियों पर नियमों को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसा लगता है सभी नैतिक एवं सामाजिक मूल्य मृत हो चुके हैं और केवल बदले की भावना से कार्य करना ही उद्देश्य रह गया है अब परिस्थितियां अत्यंत भयावह हो चुकी हैं हम ऐसी स्थिति का पुरजोर विरोध करते हैं।

जियो टैग गिरदावरी शासन द्वारा लगभग 3 वर्षों से सर्वेयर ‌द्वारा गिरदावरी करवायी जा रही है, परन्तु

सर्वेयर को मानदेय भुगतान ना होने के कारण वे कार्य नहीं कर रहे हैं जिस कारण से गिरदावरी अंततः पटवारी को करनी पड़ रही है जहां एक सर्वेयर द्वारा आपेकतम 1000 खसरे की गिरदावरी का प्रावधान है परन्तु उनके द्वारा कार्य ना किये जाने के कारण पटवारी को अपने सारे हल्कों के सारे गांवों में स्वयं गिरदावरी करनी पड़ रही है जहां खसरों की संख्या लगभग 5 से 10 हजार है और ऐसी स्थिति में खसरा आधारित जिओटैग गिरदावरी किया जाना संभव नहीं है अतः आपसे निवेदन है कि पटवारी की आईडी से खसरे आधारित जिओटैग हटाई जाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी करवाये जाने का प्रावधान किया जाए।

फार्मर आई डी- फार्मर आई पटवारी के साथ-साथ सी एस सी सेंटर, एमपी ऑनलाईन से बनवाई जा रही है

जिनका उन्हें भुगतान भी किया जा रहा हैं, पर शासन द्वारा पटवारी को इस संबंध में दबाव दिया जा रहा है जो अनुचित है, साथ ही इसमें अनेक विसंगतियां है जैसे कई खातेदार व सहखातेदारों का अन्यत्र निवास करना, पोर्टल पर उपलब्ध डाटा त्रुटिपूर्ण होना, आई डी बन जाने के बाद भी पेंडिंग सुची में खसरे पेंडिंग दिखाई देना, कई खसरे आई डी बनाने हेतु पोर्टल पर उपलब्ध ना होना, किसान के आधार से उसका मोबाइल नंबर लिंक ना होना और किसान द्वारा ओटीपी ना देना आदि। इन सारी समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द किया जाये और इस कार्य हेतु अनावश्यक दबाव बनाकर एवं कार्यवाही करके पटवारी साथियों को प्रताड़ित ना किया जाए।

नवोदित पटवारियों को 100 प्रतिशत सैलरी नवनियुक्त पटवारी साथियों को नियुक्ति पत्र वितरण के समय

तात्कालीन मुख्यमंत्री महोदय ‌द्वारा यह घोषणा की गई थी कि नवनियुक्त पटवारियों को नियुक्ति दिनांक से ही २०० प्रतिशत सैलरी दी जायेगी परन्तु शासन द्वारा यह आदेश आज दिनांक तक लम्बित है परन्तु वर्तमान "में माननीय हाईकोर्ट जबलपुर से म.प्र. के शासकीय कर्मचारियों के हित में ये आदेश पारित किया गया है कि जो पटवारी साथी 70, 80, 90 प्रतिशत सैलरी के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें 100 प्रतिशत सैलरी दी जाए और शेष राशि का एरियर जल्द दिया जाये। अतः इस आदेश के परिपालन में भ.प्र. में पदस्थ सभी नवोदित पटवारी

जिला प्रशासन के द्वारा पटवारी को स्पष्ट तौर पर निशाने में लिया जा रहा है पटवारी की गलती है या नहीं इसकी जांच किए बिना उनके ऊपर अत्यधिक मात्रा में मनमाने अर्थदंड अध्यारोपित करने के आदेश प्रसारित किया जा रहा हैं, बिना कार्य करने का अवसर दिए ही समीक्षा की जाती है जिससे अपेक्षित प्रगति स्वाभाविक रूप से कम होती है फिर सीधे निलंबन कर दिया जाता है जांच किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है ऐसी समस्त नियम विरुद्ध कार्रवाई वापस लिया जाए ।

 वर्तमान समय में जिले व राज्य में फार्मर रजिस्ट्री एवं उसकी बकेटिंग का कार्य किया जा रहा है राज्य शासन द्वारा उपरोक्त कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए तथा गांव-गांव टोले- टोले मजरे -मजरे पर कैंप आयोजित करने के लिए राशि का प्रबंध किया गया है किंतु फार्मर रजिस्ट्री कार्य के लिए कैंप आयोजन के संबंध में जिला अनूपपुर में ऐसा कोई आदेश प्रसारित नहीं किया गया है ताकि पटवारी के गांव पर कैंप के माध्यम से किसानों की फॉर्म रजिस्ट्री और उसके बकेटिंग का कार्य किया जाए आखिर यह बजट कहां पर रखा हुआ है और भविष्य में इसकी क्या उपयोगिता होगी क्या यह स्वामित्व योजना की तरह जिले को प्राप्त प्रत्येक गांव 7500 की तरह लैंप्स हो जाएगा जिसका संपूर्ण काम पटवारी द्वारा अपनी जेब से कराया गया था किंतु आज तक उसका भुगतान पटवारी को लंबित है प्रदेश के अन्य जिलों में उपरोक्त भुगतान पटवारी को किया जा चुके हैं।

लघु सिंचाई एवं कृषि संगना का कार्य पूर्व में जिले में किया जा चुका है किंतु उसका भुगतान आज तक लंबित है ऐसा क्यों है की सारी योजनाओं पर जिले अनूपपुर में पटवारी द्वारा कार्य किया जाता है किंतु उसका भुगतान अंतिम समय तक नहीं किया जाता है आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या उस पर जिला प्रशासन कोई अर्थ दंड कार्यवाही प्रस्तावित करेगा यह एक प्रश्न है या केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खाना पूर्ति कर दी जावेगी ।

पटवारी के वेतन के संबंध में समस्त प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञात होना चाहिए की पटवारी दौड़-दौड़कर 14 घंटे कार्य करता है जब उसके वेतन देने की बारी आती है तो विगत पांच माह से चौथी बार महीने के अंतिम तारीख को माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा जिले के समस्त पटवारी का वेतन रोकने जाने का आदेश प्रसारित किया जाता है विचार करने योग्य बात यह है कि क्या पटवारी द्वारा प्रतिदिन 14-14 घंटे कार्य करने के पश्चात भी क्या जिले में एक पटवारी भी ऐसा नहीं है जो जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप अपेक्षित प्रगति को प्राप्त कर लिया है यदि सच में ऐसा नहीं है तो यह अपने आप में जिला प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह है उन्हें स्वयं भी अपना वेतन प्राप्त करने का अधिकार नहीं है ।

 वेतन कटौती/निलंबन वर्तमान में कार्य की अधिकता, आकस्मिक व अवकाश के दिनों भी मीटिंग के चक्कर में मानसिक दबाव के चलते मानवीय त्रुटि हो जाती हैं। उस पर उदार पूर्ण रवैया बरतते हुये की गई कार्यवाहियों को तत्काल अपास्त कर विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखे जाने के निर्देश दिये जाने चाहिये।

उपरोक्त दिए गए बिंदु पर जिला प्रशासन को अब विचार करने की आवश्यकता छोड़ कार्रवाई करने की आवश्यकता है यदि उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल चरणबद्ध आंदोलन करने हेतु बाध्य होगा ।

उक्त के संबंध में कलेक्टर अनूपपुर को अवगत कराना है कि जिले अनूपपुर के ज्ञापन में शामिल बिंदुओं का दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो दिनांक 09/02/2026 सोमवार से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार का सामूहिक अवकाश व् उसके पश्चात अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने हेतु विवश होंगे इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ।

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