कड़ाई से होगा आदर्श आचार संहिता का पालन - कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
निर्वाचन के दौरान पुख्ता रहेगी कानून व्यवस्था- पुलिस अधीक्षक
प्रेसवार्ता में दी गई लोकसभा निर्वाचन 2024 की जानकारी
अनुपपुर । 16 मार्च 2024 लोकसभा निर्वाचन 2024 की घोषणा के पश्चात् प्रभावशील आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने एवं निर्वाचन तैयारियों के सम्बंध में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष वशिष्ठ द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवारों, राजनैतिक पार्टियों, मीडिया जनों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे विविध साधनों, माध्यमों तथा खर्च आदि के लिए निर्धारित सीमाओं, अनुमतियों एवं व्यय आदि के लिए आदर्श आचार संहिता एवं अन्य अधिनियमों में वर्णित प्रावधानों तथा उनके उल्लंघन पर की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।
इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार रक्षा क्षेत्र जैसे जल सेना, थल सेना, वायु सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ आदि से सम्बंधित किसी भी प्रकार की सामग्री एवं फोटोग्राफ्स का उपयोग आचार संहिता प्रभावशील होने के समय राजनैतिक प्रचार के लिए नही किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आचार संहिता के प्रभावशील होते ही 24 घंटे के अंदर शासकीय भवनों, 48 घंटे के भीतर सभी सार्वजनिक स्थानों से एवं 72 घंटे के अंदर निजी सम्पत्ति से सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष वशिष्ठ ने मीडिया जनों, राजनैतिक दलों तथा चुनाव प्रचार से जुड़ी संस्थाओं से आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सी विजिलेंस एप्प, सुविधा पोर्टल, सुगम्य एप की जानकारी दी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने एवं दिव्यांग जनों को मतदान करने में आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराकर भारत निर्वाचन आयोग की मंशानुसार निर्वाचन को सुगम्य बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग वर्जित रहेगा तथा सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक उपयोग के लिए संबंधित एसडीएम व सहायक रिटर्निंग आफीसर से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति उपयोग किए जा रहे ध्वनि विस्तारक यंत्रों को जब्त किया जाएगा।
निर्वाचन कार्यक्रम
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष वशिष्ठ ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी घोषणा के अनुसार मध्यप्रदेश अंतर्गत 29 लोकसभा क्षेत्रों में चार चरण में चुनाव होगा। जारी घोषणानुसार संसदीय क्षेत्र-12 शहडोल में लोकसभा निर्वाचन 2024 का निर्वाचन प्रथम चरण में सम्पन्न होगा। निर्वाचन के लिए 20 मार्च 2024 को अधिसूचना जारी की जायेगी। 27 मार्च 2024 को नाम निर्देशन दाखिल करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। नाम निर्देशन की संवीक्षा 28 मार्च 2024 तक की जाएगी तथा नाम निर्देशन पत्र वापस लिए जाने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2024 निर्धारित की गई है। मतदान 19 अप्रैल 2024 को होगा तथा मतगणना की तिथि 04 जून 2024 निर्धारित की गई है। संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया 06 जून 2024 के पहले पूर्ण कर ली जाएंगी।
निर्वाचन संबंधी जानकारियां
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तथा रिटर्निंग अधिकारी संसदीय क्षेत्र-12 शहडोल आशीष वशिष्ठ ने बताया कि संसदीय क्षेत्र-12 शहडोल में कुल 1774484 मतदाता हैं। 899911 पुरुष, 874553 महिला एवं अन्य 20 मतदाता हैं। संसदीय क्षेत्र- 12 शहडोल अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र -86 कोतमा में 76363 पुरुष, 75045 महिला एवं अन्य 4 मतदाता, विधानसभा क्षेत्र -87 अनूपपुर में 91283 पुरुष, 88824 महिला एवं अन्य 3 मतदाता तथा विधानसभा क्षेत्र -88 पुष्पराजगढ़ में 101252 पुरुष, 101463 महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि शहडोल संसदीय क्षेत्र में कुल 2199 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। शहडोल संसदीय क्षेत्र अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 86-कोतमा में 202, विधानसभा क्षेत्र 87-अनूपपुर में 224 मतदान केंद्र तथा विधानसभा क्षेत्र 88-पुष्पराजगढ़ में 273 मतदान केन्द्र बनाए गए है।
आदर्श आचार संहिता का पालन
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा के तत्काल पश्चात आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थलों से चुनाव प्रचार संबंधी गतिविधियां वर्जित रहेगी। शासकीय एवं अशासकीय शालाओं के परिसर में चुनाव सभाएं नहीं होगी ।
संपत्ति विरूपण की रोकथाम
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष वशिष्ठ ने बताया कि संपत्ति विरूपण अधिनियम 1994 के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस अधिनियम के तहत संपत्ति की स्वामी की लिखित अनुमति के बिना सार्वजनिक दृष्टि से आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित कर उसके स्वरूप को नष्ट करने पर जुर्माने से दण्डनीय किया जाएगा। यदि किसी राजनैतिक दलों या अन्य व्यक्तियों द्वारा शासकीय एवं अशासकीय भवनों पर बैनर लगाए जाते हैं तथा विद्युत टेलीफोन के पोल पर झण्डे लगाए जाते हैं, तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्रकाशकों एवं मुद्रकों के लिए निर्देश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष वशिष्ठ ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127(क) के अंतर्गत किसी भी प्रकार की सामग्री आदि के प्रकाशन पर प्रकाशन का नाम, मुद्रण का नाम तथा पता मुख्य पृष्ठ पर अंकित होना चाहिए। साथ ही पोस्टर, पेम्पलेट प्रकाशन में संख्या आदि का भी उल्लेख हो।
विज्ञापन के लिए अनुमति
राजनैतिक दलों अथवा संस्थाओं द्वारा टीवी चैनल एवं केबल नेटवर्क पर चुनाव प्रचार संबंधी विज्ञापनों के प्रसारण के लिए जिला एम सीएमसी समिति से सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य होगा। विज्ञापन के लिए आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन के साथ विज्ञापन का कंटेंट आदि भी प्रस्तुत करना होगा।
प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह पवार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह जनसंपर्क अधिकारी अमित श्रीवास्तव सहित अनूपपुर जिले के प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह पवार ने निर्वाचन के दौरान पुलिस बल तथा सशस्त्र बल व मोबाइल पार्टी के संबंध में जानकारी दी उन्होंने कहा कि निर्वाचन को निष्पक्ष निर्भीक व स्वतंत्र संपन्न कराने के लिए कानून व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे उन्होंने सभी से लोकतंत्र के त्यौहार में मतदान दिवस पर मतदान अवश्य करने की अपील की !

