भारत ज्योति विद्यालय में कैरियर मार्गदर्शन एवं किशोरावस्था जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिला आत्मविकास और करियर चयन का प्रेरक संदेश
अनूपपुर । 23 अगस्त 2025 को शहर के प्रतिष्ठित
भारत ज्योति विद्यालय में शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों के लिए कैरियर मार्गदर्शन और अभिभावकों-शिक्षकों के लिए किशोरावस्था जागरूकता सत्र का सफलता पूर्वक संचालन किया गया। दोनों सत्रों का नेतृत्व शिक्षाविद् व प्रशिक्षक श्रीमती त्रप्ति यादव ने किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को बदलते करियर विकल्पों के प्रति जागरूक करना और अभिभावकों को किशोरावस्था के मनोवैज्ञानिक व सामाजिक पक्षों की समझ देना था।
श्रीमती यादव ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की विशेषताओं, विशेषकर कैरियर अप्रेंटिसशिप, बहुविषयक शिक्षा प्रणाली और आधुनिक कौशलों की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आज के युवा को पारंपरिक नौकरियों से हटकर इंटर्नशिप, स्टार्टअप, रिसर्च और फ्रीलांसिंग जैसे वैकल्पिक क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने चाहिए। छात्रों को आत्मविश्लेषण, विफलताओं से सीखने और मार्गदर्शन लेने की प्रेरणा दी गई।
दूसरे सत्र में त्रप्ति यादव ने अभिभावकों व शिक्षकों को किशोरावस्था में आने वाले शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे मूड स्विंग्स, आत्म-सम्मान की चुनौतियां, तनाव, अवसाद, साथियों का दबाव और सोशल मीडिया का प्रभाव किशोरों को प्रभावित कर सकता है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने जनरेशन जेड और जनरेशन अल्फा के स्वभाव, सोच और तकनीकी जुड़ाव को समझाते हुए यह सुझाव दिया कि अभिभावकों को अब संवाद के नए तरीके अपनाने होंगे, ताकि वे बच्चों के साथ एक मजबूत, भरोसेमंद रिश्ता बना सकें।
श्रीमती यादव ने कहा, "आज की पीढ़ी को निर्देश नहीं, दिशा की ज़रूरत है। विश्वास, संवाद और समर्थन से ही हम उन्हें संतुलित और सफल भविष्य दे सकते हैं।"
विद्यालय के प्राचार्य फादर जी. एलेक्जेंडर ने इस अवसर पर कहा कि भारत ज्योति विद्यालय हमेशा से शिक्षा को जीवन मूल्यों, आत्मविकास और करियर मार्गदर्शन के साथ जोड़ने में विश्वास रखता है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की ओर से श्रीमती त्रप्ति यादव को उनके अमूल्य योगदान के लिए आभार ज्ञापित किया गया। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भी सत्र की सराहना करते हुए इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक और व्यवहारिक बताया।