*नवयुवती का पीछा कर परेशान करने एवं रात्रि में घर में घुसने की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल*


 

   अनूपपुर । शनिवार को रेल्वे विभाग अनूपपुर में कार्यरत 27 वर्षीय नवयुवती के द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि विगत कुछ दिनों से सुरेन्द्र शिवहरे निवासी अनूपपुर डियुटी से आते जाते वक्त बुरी नियत से पीछा करता है और दिनांक 17 एवं 18 अक्टूबर 2024 की दरम्यानी रात करीब 03.00 बजे जब नवयुवती अपने घर में सो रही थी तो अचानक दरवाजा खटखटाने की आवाजें आने पर खिड़की से देखी तो सुरेन्द्र शिवहरे घर का गेट कूदकर प्रथम मंजिल में आकर दरवाजा खटखटा रहा था जो हल्ला करने पर आस -पास के लोग जाग गये और सुरेन्द्र शिवहरे मौके पर से भाग गया एवं घर के दरवाजे पर एक लेडिस छोटे पर्स में टाफियां एवं आपत्तिजनक पत्र रखकर चला गया।

         पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन द्वारा तत्काल नवयुवती की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 457/24 धारा 78,331(4) बी.एन.एस. दर्ज किया जाकर सहायक उपनिरीक्षक आशीष सिंह, प्रधान आरक्षक महेन्द्र राठौर, शेख रसीद, राजेश कंवर द्वारा आरोपी सुरेन्द्र कुमार शिवहरे पिता स्व. गया प्रसाद शिवहरे उम्र 42 वर्ष निवासी खेडिया पेट्रोल पंप सामने अनूपपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश करने पर जेल भेज दिया गया है।

 *पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा जारी की गई एडवाइजरी* 

           पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है कि किसी भी पुरूष द्वारा बार- बार किसी महिला का पीछा किये जाने या स्पर्श करने का प्रयत्न करने एवं किसी पुरूष द्वारा किसी महिला के इंटरनेट, ईमेल या किसी अन्य प्रकार की इलेक्ट्रानिक संसू चना का प्रयोग किये जाने को मानीटर करना (स्टार्टिंग) नये कानून भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस) की धारा 78 के तहत कानूनी अपराध है। किसी महिला की लज्जा का अनादर करने के लिए कोई शब्द कमेन्ट आदि करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 के तहत अपराध है। किसी पुरूष द्वारा महिला को लगातार घूरना आदि (वोयेरिज्म) धारा 77 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध है। जो किसी भी व्यक्ति द्वारा उक्त कृत्य किये जाने पर तत्काल पुलिस को सूचना देकर ऐसे अपराधियों पर कार्यवाही कराई जाये। सही समय पर पुलिस को सूचना न दिये जाने अथवा बदमाशों की हरकतों की रिपोर्ट पुलिस में न किये जाने से अपराधियों  का हौंसला बढ़ता है,  जिससे वह आगे भी कोई अपराध कर सकते है। अतएव तत्काल ऐसे अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए पुलिस को सूचना अवश्य दें, जिससे महिला संबंधी अपराधियों के विरूद्ध तत्काल सख्त कार्यवाही की जा सकें। 

 *कैसे करें रिपोर्ट* 

पीड़ित महिला को चाहिए कि वह समीपवर्ती पुलिस थाने में जाकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराये । थाना पहुंचने में समस्या होने पर अपने मोबाईल फोन से टोल फ्री डायल 100 एवं महिला हेल्पलाइन नम्बर 1090 पर अपनी शिकायत को तत्काल दर्ज करा सकतें हैं।

 *सामतपुर तालाब अनूपपुर में लगे फुब्बारा का केबिल तार चोर रंगे हाथ गिरफ्तार*


 

 अनूपपुर । शनिवार की दोपहर वार्ड न. 02 अनूपपुर के पार्षद संजय चौधरी एवं संजू राठौर के द्वारा सामतपुर तालाब में नगर पालिका अनूपपुर के द्वारा  सौंदर्य सौंदर्यीकरण हेतु लगाये गये फुब्बारा के केबिल तार को कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा काटकर निकालते देखा गया जो प्रभारी सी.एम.ओ. डी.एन. मिश्रा के द्वारा सूचना टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन को दी जिस पर प्रधान आरक्षक रीतेश सिंह, आरक्षक अमित यादव, दीपक बुन्देला के द्वारा सामतपुर तालाब पहुंचकर फुब्बारा के केबिल तार चोरी करने वाले आरोपी राजेश कुशवाहा पिता जगदीश कुशवाहा उम्र करीब 28 साल निवासी भूरा पेट्रोल पम्प के सामने,  अमलाई,  जिला शहडोल को चोरी किये गये केबिल तार कीमती 50000 रूपये के साथ रंगे हाथों पकड़ा जाकर थाना लाया गया एवं आरोपी के विरूद्ध थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 459/24 धारा 303(2) बी.एन.एस. में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गये आरोपी का पुलिस रिमांड लिया जाकर जिले में हुई अन्य चोरियों एवं चोरी का माल खरीदने वालों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

 जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में युवा संगम कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निशुल्क पंजीयन


अमरकंटक । शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम का पांचवां चरण इं.गां.रा.ज.जा.वि.वि., अमरकंटक में होगा। यह आईजीएनटीयू अमरकंटक एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालय, हरियाणा का संयुक्त एजुकेशन एक्सचेंज प्रोग्राम है। यह नवम्बर, दिसंबर, 2024 में होना प्रस्तावित है। कार्यक्रम में छात्रों को पर्यटन, परम्परा, तकनीकि के साथ लोगों से मेल मिलाप और विकास के माध्यम से मध्य प्रदेश और हरियाणा में प्राकृतिक सौन्दर्य, विभिन्न परम्पराओं और सांस्कृतिक पहलुओं के  विषय में जानकारी दी जायेगी। इस हेतु म.प्र. का कोई भी युवा उच्च शिक्षा का विद्यार्थी जिसकी आयु 18 से 30 वर्ष की होगी युवा संगम पोर्टल पर 21 अक्टूबर, 2024 तक पंजीयन कराकर कार्यक्रम में निः शुल्क भाग ले सकता हैं। इसके लिए इस पंजीयन लिंक का उपयोग किया जा सकता है - https://ebsb.aicet-india.org


 *22 वर्षीय गुमशुदा नवयुवती को कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा गोवा से दस्तयाब कर परिजनों के किया सुपुर्द


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 अनूपपुर  ।  दिनांक 05.09.2024 को थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 22 वर्षीय पुत्री दिनांक 05.09.2024 को  तुलसी कॉलेज  का जाने कहकर घर से निकली थी और लापता हो गई है,  जो रिपोर्ट पर गुम इंसान क्रमांक 117/2024 पंजीबद्ध किया जाकर तलाश पता साजी की गई।

          पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में थाना कोतवाली अनूपपुर से सहायक उपनिरीक्षक महिपाल नामदेव, आरक्षक गिरीश चौहान एवं महिला आरक्षक ज्योति धार्वे के द्वारा जांच के दौरान रेल्वे स्टेशन अनूपपुर के सी.सी.टी.वी. फुटेज एवं मोबाईल के काल डिटेल के आधार पर गुमशुदा नवयुवती को गोवा के पुलिस थाना वेर्णा अंतर्गत नवयुवती के मित्र के साथ दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की है। पूछताछ पर नवयुवती द्वारा बताया गया कि विगत तीन सालो से वह राहुल महरा पिता संतोष महरा उम्र करीब 23 साल निवासी ग्राम बटुरा थाना अमलाई जिला शहडोल से मित्रता एवं प्रेम संबंध में थी, जो गोवा में इण्डिगो कंपनी में प्रायवेट नौकरी करता है। अंतर्जातीय संबंध होने से परिवार जन को यह रिश्ता मंजूर नहीं था इसलिए नवयुवती द्वारा घर से भागकर गोवा पहुंचकर विवाह कर लिया गया है। पुलिस द्वारा नवयुवती को परिजनों को सौंपा गया है।


 मध्य-प्रदेश के भैंसान टोला में दस साल से मुफ्त बिजली आपूर्ति

ट्रांसफॉर्मर से गांव तक बिजली खभों से गायब है केबल

अनूपपुर । यदि आपको लगता है कि केवल सरकार ही मुफ्त बिजली की घोषणा कर सकती है तो आप फिर से विचार कर लें। क्योंकि अनूपपुर जिले में विद्युत विभाग और ठेकेदार की मिली भगत से एक गांव की आधी आबादी को पिछले दस साल से मुफ्त बिजली मिल रही है। इस गांव के चंद लोगों ने विधिवत कनेक्शन ले रखा है और वो बिजली का बिल पटाते हैं । लेकिन बाकी लोगों ने विभाग की मिली भगत से स्वयं से तार खींच कर ( कटिया लगाकर ) घरों को रोशन कर रखा है।

      सुविज्ञ सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अन्तर्गत पुष्पराजगढ के ग्राम करपा के सरईपतेरा एक वार्ड भैंसानटोला में ट्रांसफॉर्मर से लेकर आबादी तक  बिजली के खंभे तो लगे हैं लेकिन 10 साल से आज तक इनमें बिजली का तार नहीं लगाया गया है। इसके कारण यहां के सभी घरों में व्यक्तिगत तार खींच कर ( कटिया लगाकर  ) लोगों द्वारा बिजली का उपयोग किया जा रहा है। इस गांव के कुछ जागरूक ग्रामीणों की शिकायत है कि कई बार खंभों में तार लगवाने की मांग की गयी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बतलाया गया है कि ठेकेदार खंभे तो लगा दिये लेकिन बिना केबल खींचे ही  चला गया। हो सकता है कि कार्य पूर्णता दर्शा कर अंतिम भुगतान भी कर दिया गया हो। यह तो जांच उपरांत ही पता चलेगा। आरोप है कि स्थानीय विद्युत कर्मचारी हर महीने अवैध वसूली कर रहे हैं। यहां दुर्घटना की हमेशा  आशंका बनी रहती है।

  16 अक्टूबर को जैतहरी के लहसुना में आयोजित संभागीय शिविर में कमिश्नर  श्रीमन शुक्ला, कलेक्टर  हर्षल पंचोली ,विधायक  फुंदेलाल मार्को के साथ विद्युत विभाग का स्टाल भी लगाया गया था। वहां इसकी सूचना देने की कोशिश की गयी। वहां उपस्थित विभाग के अधिकारियों ने यह कहते हुए सूचना स्वीकार नहीं की कि यह पुष्पराजगढ़ या करपा का शिविर नहीं है। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से कलेक्टर और डीई एमपीईबी को इसकी पूरी जानकारी प्रदान की गयी है।


 *जब जंगल ही नहीं रहेंगे तो लोग अमरकंटक क्यों आएं ( म प्र )*

मनोज द्विवेदी 

अमरकंटक ।    नर्मदा की उद्गम नगरी अमरकंटक का धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यावरणीय और पर्यटन की दृष्टि से बड़ा महत्व है। प्रतिवर्ष यहां महाराष्ट्र, छग, प बंगाल ,मप्र , उप्र,राजस्थान सहित दक्षिण भारत के अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। प्राकृतिक रुप से यह पर्वत मालाओं से घिरी हरी - भरी वादियों के कारण लोगों को आकर्षित करता है। नर्मदा ,सोन, जोहिला के साथ बहुत सी अन्य नदियों का उद्गम होने से यह ऋषि  - मुनियों , नर्मदा परिक्रमा वासियों , नर्मदा भक्तों की आस्था का मुख्य केन्द्र है। 

    वर्तमान में यहां के लोग विकास के नाम पर तेजी से कटते जंगलों और पक्के निर्माणों से डरे हुए हैं। यहां से साधू ,संतों और ग्रामीणों ने समय - समय पर चिंता जाहिर करते हुए प्रशासन को आगाह किया है।

*जबलपुर - अमरकंटक मार्ग निर्माण --*

इन दिनों जबलपुर - अमरकंटक मार्ग का निर्माण बहुत तेजी से चल रहा है। फोर लेन सड़क के लिये सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में छोटे - बड़े पेड़ काटे जा रहे हैं। मिट्टी और मुरुम के लिये टीले, छोटी पहाडियों, सरकारी भूमि को खोदा जा रहा है। यह बहुत चिंता जनक है । लोग यह समझते हैं कि बढते ट्रैफिक के हिसाब से सड़कों की चौड़ाई बढना चाहिये । सुगम ,  सुरक्षित यात्रा के लिये यह सभी की आवश्यकता है। सड़कें चौड़ी होंगी तो यात्रा में लगने वाले समय , धन, शक्ति की भी बचत होगी।

*करंजिया से कबीर तक कटेंगे हजारों वृक्ष --*

  पर्यावरणीय दृष्टि से इसका दूसरा पक्ष अधिक डरावना और ज्यादा चिंताजनक है। 

डिण्डोरी जिले के करंजिया से कबीर तक लगभग 22 किमी सड़क के दोनों ओर फोर लेन के लिये जंगल के अंदर 300 फिट तक हजारों वृक्षों को काटने के लिये चिन्हांकन किये जाने की पुष्ट सूचना है। अब कबीर से करंजिया के बीच 22 किमी सड़क को चौड़ा करने के लिये उन हजारों वन वृक्षों को काटा जाएगा जो सैकड़ों वर्ष पुराने हैं।

इससे यहां का वन रकबा सिकुडेगा। जिसके कारण यहां के जीव जन्तुओं , वानस्पतिक प्रजातियों के नष्ट होने की प्रबल आशंका है।

*साल बोरर के कारण कटे वृक्षों की भरपाई नहीं --*

इस क्षेत्र में दो दशक पहले साल बोरर के प्रकोप के वक्त लाखों साल / सरई  ( शोरिया रोबुस्टा ) वृक्षों का कत्लेआम दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में किया गया था। उसकी भरपाई आज तीन दशक बाद भी नहीं हो पाई है।

     अब एक बार फिर फोर लेन सड़क निर्माण के लिये इस सघन वन क्षेत्र के हजारों वृक्षों के कटने से  यहां के इकोसिस्टम पर , वनस्पतियों , जीव जन्तुओं के अस्तित्व पर खतरा है। ऐसा कहें कि मैकल की इन तराइयों की जिस पर्यावरणीय सुन्दरता को देखने लोग यहां आते हैं, उसका नष्टी करण सुनिश्चित किया जा चुका है। इस क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बिना वृक्षों को काटे हुए, आसानी से सुलभ जमीनों पर ही मार्ग चौड़ीकरण करके काम को आगे बढाया जा सकता है। इसके लिये सडक के दोनों ओर लगभग 300 फीट तक सदियों पुराने वृक्षों को काटना बिल्कुल जरुरी नहीं है। जब यहां जंगल और उसकी प्राकृतिक सुन्दरता ही नहीं बचेगी तो यहां का मूल अस्तित्व ही नष्ट हो जाएगा। जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य और केन्द्र सरकार का ध्यानाकर्षण करने की कोशिश की जा रही है। क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों को भी इस हेतु आवश्यक पहल करने की जरूरत है।


जनजातीय विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह का हुआ आयोजन


अमरकंटक । इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, मध्य प्रदेश के मनोविज्ञान विभाग के तत्वावधान में  विश्वविद्यालय के  कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में 'मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत Catharsis: Let the  emotions flow विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।

संगोष्ठी  के मुख्य अतिथि प्रो. रंजू हसनी साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह कहा की कार्यस्थल पर उत्तम मानसिक स्वास्थ्य का  बोध होना, इस बात से स्पष्ट होता है कि संगठन या संस्था के लोग आपस में किस प्रकार की अन्तःक्रियाएं करते है तथा किस प्रकार का विचार और भावनाएं रखते हैं । उत्तम भाव, विचार और उत्तम क्रियाशीलता उत्तम मानसिक स्वास्थ्य को व्यक्त करता है ।  कर्मचारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने के लिए सहयोग, सहानुभूति, तदुनुभूति, सकारात्मक वैचारिक पहल तथा उत्तम योजनात्मक वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जहां लोग अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर सकें तथा सही संतुलन बना सकें और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समर्थन पा सकें। उन्होंने आगे यह भी कहा कि जो व्यक्ति जीवन में सकारात्मक सामाजिक रुचियों को रखते हुए अपने व्यवहार को अभिव्यक्त करता है, वह जीवन में मानसिक रूप से मजबूत और सुदृढ़ बनता है । 

 स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक  डॉ. ललित कुमार मिश्र  ने कहा की  मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित  सप्तदिवसीय कार्यक्रम कई चरणों में विभक्त है, जिसमें कार्यशाला, संगोष्ठी, व्याख्यान, प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक इत्यादि विभिन्न माध्यमों विरेचन तकनीकों से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाना है। जीवन में हम सभी तनाव, चिंता और विषाद से दूर रहें, इसके लिए आवश्यक है कि हम योग, ध्यान, सकारात्मक सोच और समय प्रबंधन को अपने अभ्यास में लाएं, जिससे  सफलता और समग्र जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

इसी क्रम में मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य तथा कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रज्ञेश कुमार मिश्र ने  वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कहा की कार्यक्रम की रूपरेखा का उद्देश्य कैथार्सिस (लेखन तथा परफॉर्मिंग आर्ट), संवाद स्थापना तथा आशावाद के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता का संवर्धन  करना है। विरेचन एक ऐसी मानसिक प्रक्रिया है जो, रचनात्मक क्रिया कलापों के माध्यम से व्यक्ति के मानसिक तंग दिमागी की संवेगिक शुद्धि करता है। आगे उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित एक मूवी का जिक्र किया जिसमें दर्शकों को यह संदेश दिया गया है कि जीवन में हर भावना का अपना महत्व है और हर एक अनुभव का हमारी यादों में खास स्थान होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यस्थल पर संवाद-हीनता मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में एक अवरोध उत्पन्न करता है । कवि श्री रविंद्र नाथ मिश्र 'बलिदानी' की ये पंक्तियां इस तथ्य का सटीक चित्रण प्रस्तुत करती हैं कि 'पनप जाएगा प्यार का एक अंकुर, मिलाना तो सीखो नजर धीरे-धीरे'। यदि लोगो के बीच संवाद होगा तो निःसंदेह मानसिक स्वास्थ्य उत्तम होगा ।

कार्यक्रम का सफल संचालन मनोविज्ञान विभाग के छात्रा सुश्री प्रीति रॉय तथा कनिष्का सिंह ने किया तथा आभार ज्ञापन मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य एवं कार्यक्रम के सह समन्वयक डॉ. अभय प्रताप सिंह  ने  किया । तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आर्ष ओजस परासर पाण्डेय ने सक्रिय भूमिका निभाई।

 इस अवसर पर  पत्रकारिता तथा जनसंचार संकाय के  अधिष्ठाता  प्रो. राघवेंद्र मिश्र, रा. से. यो. के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ. दिग्विजय नाथ चौबे, डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. सौरभ मिश्र, डॉ. विनय तिवारी सहित मनोविज्ञान विभाग के सभी विद्यार्थी यथा; जीनो,अनीश, अनुश्री, गायत्री, जैसफ़ीन, अर्जुन, प्रशांत, आयुषी सीनन, शाकिर, अजय, अनुवेश, हरीश, सिया, सिवानी, अजंन्या, गायत्री, अमेघा, प्रत्यूष, नंदिशा, सना फैसल, विकास, सलमा सुहानी इत्यादि व शोधार्थी प्रज्ञा मिश्रा तथा पियूष त्रिपाठी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे ।

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