*मध्यप्रदेश शासन कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने देवास शराब कांड मामले में कांग्रेस नेता पुत्र की संलिप्तता पर मीडिया को दी प्रतिक्रिया


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*-प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बिजली बिल से कर्मचारियों के वेतन तक, खर्चों के धन का स्रोत बताए कांग्रेस*

*-गंभीर मामलों में निष्पक्षता की बात करने वाली कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई करे*

*-आरोपों पर चुप्पी क्यों? जीतू पटवारी जनता को जवाब दें और कांग्रेस अपना पक्ष स्पष्ट करे*

* विश्वास कैलाश सारंग*

भोपाल । 29/10/2026 मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को देवास शराब कांड में कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के पुत्र अमन कासलीवाल की संलिप्तता पर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल करते हुए कहा कि पुलिस विवेचना में सामने आए तथ्यों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। गंभीर मामलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की बातें करने वाली कांग्रेस अपने नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर आरोप सामने आने पर चुप्पी क्यों साध लेती है? कांग्रेस को केवल दूसरों से सवाल पूछने के बजाय अपने लोगों से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। आनंद कासलीवाल और अमन कासलीवाल कांग्रेस के धरने-प्रदर्शनों में टेंट, लाइट और माइक की व्यवस्थाओं से लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बिजली बिल तथा कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्चों से जुड़े रहे हैं। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि इन व्यवस्थाओं के लिए धन कहां से आता था। क्या प्रदेश कांग्रेस कार्यालय और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों पर होने वाले खर्चों का वित्तीय पोषण इन्हीं लोगों के माध्यम से किया जाता था? यदि ऐसा था, तो इन खर्चों के लिए धन के स्रोत और संबंधित वित्तीय लेन-देन की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

*जीतू पटवारी चुप्पी साधने के बजाय जनता के सामने अपनी पार्टी का पक्ष रखें* 

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि  प्रदेश कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी के धरने-प्रदर्शनों और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के खर्चों का वित्तीय प्रबंधन किन लोगों के माध्यम से किया जाता रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को इसका जवाब देना चाहिए। आनंद कासलीवाल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  जीतू पटवारी का करीबी बताया जाता है। ऐसे में  पटवारी की जिम्मेदारी है कि वे इस मामले पर चुप्पी साधने के बजाय जनता के सामने अपनी पार्टी का पक्ष रखें। कांग्रेस को बताना चाहिए कि देवास शराब कांड में सामने आए तथ्यों के आधार पर वह क्या कदम उठाने जा रही है और जांच में सहयोग के लिए उसकी क्या भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। देवास शराब कांड की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कानून के अनुसार जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

*जीतू पटवारी जवाब दें, कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई कब करेगी?*

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि नकली शराब के कथित कारोबार से किसी भी प्रकार के वित्तीय संबंध की आशंका की जांच साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। पुलिस विवेचना में मुख्य आरोपी अज्जू राठौर और उसके साथी गोविंद के साथ अमन कासलीवाल की कथित संलिप्तता तथा थिनर के ड्रम की खरीदी से जुड़े तथ्यों की जांच की बात सामने आई है। इन तथ्यों के मद्देनजर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पार्टी इस प्रकरण में नाम सामने आने वाले लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करेगी।  सारंग जी ने कहा कि मामले के सार्वजनिक होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आनंद कासलीवाल और अमन कासलीवाल के विरुद्ध कांग्रेस की ओर से कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। कांग्रेस यदि वास्तव में गंभीर मामलों में निष्पक्षता और जवाबदेही की पक्षधर है, तो उसे अपने नेताओं और पदाधिकारियों से जुड़े मामलों में भी उसी कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। दूसरों से जवाबदेही मांगने वाली कांग्रेस अपने मामले में जवाब देने से बच नहीं सकती। जनता जानना चाहती है कि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों को लेकर क्या कदम उठाएगा।

*पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए कांग्रेस, राजनीति नहीं जवाबदेही तय करे*

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि शराब से जुड़ी ऐसी घटनाओं का समाज और परिवारों पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे संवेदनशील मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढकर पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है। देवास शराब कांड से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में सामने आए आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, जांच में सहयोग करना चाहिए और पार्टी से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के सवाल पर जनता को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उसके कार्यक्रमों और प्रदेश कार्यालय के खर्चों का वित्तीय पोषण किन स्रोतों से होता रहा है। कांग्रेस केवल राजनीतिक आरोप लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि अपने नेताओं से जुड़े सवालों पर भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे।

*(बृजगोपाल लोया)*

प्रदेश मीडिया प्रभारी


 

*‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ के संकल्प को लेकर विशाल पदयात्रा 30 अक्टूबर को इंदौर में*

*मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश प्रभारी सहित प्रदेश नेतृत्व होगा शामिल*

इंदौर/भोपाल, 29/10/2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खण्डेलवाल, केंद्रीय मंत्री  मनसुखभाई मांडविया, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, प्रदेश प्रभारी व सांसद  बिप्लब कुमार देब एवं प्रदेश नेतृत्व 30 अक्टूबर को इंदौर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प को लेकर आयोजित विशाल पदयात्रा में शामिल होंगे।

‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ विशाल पदयात्रा शुक्रवार को प्रातः 10 बजे इंदौर के सुभाष नगर चौराहा से पाटनीपुरा चौराहा तक निकाली जाएगी। पदयात्रा में कबीरपंथी गायक पद्मश्री भैरोंसिंह चौहान, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय,  तुलसीराम सिलावट, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष  रणवीर सिंह रावत, सांसद  शंकर लालवानी, इंदौर जिला अध्यक्ष  सुमित मिश्रा, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव सहित भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी, खेल संगठनों के प्रमुख व आमजन सहित करीब एक लाख लोग शामिल होंगे।

*(बृजगोपाल लोया)*

प्रदेश मीडिया प्रभारी

 *स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर ने सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान दिया


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 पटियाला । सिद्दीकी भोपाल के दामाद भी है, उनकी पत्नी उजमा भोपाल मेमोरियल में जनसंपर्क अधिकारी रही हैं।

भारत और पंजाब दोनों के लिए गर्व की बात है कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी–एल्सेवियर की वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग 2026 में प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष शोधकर्ताओं में शामिल किया गया है। इस रैंकिंग में उन्हें विश्वभर के वैज्ञानिकों के शीर्ष 0.012 प्रतिशत में स्थान मिला है।

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा तैयार और एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित यह रैंकिंग वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रभाव और महत्त्व का आकलन करने के लिए मानकीकृत उद्धरण संकेतकों (Citation Indicators) का उपयोग करती है।

प्रोफेसर सिद्दीकी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (TIET), पटियाला में वरिष्ठ प्रोफेसर तथा डीन (सस्टेनेबिलिटी एंड इम्पैक्ट) हैं। नवीनतम रैंकिंग में उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली शोधकर्ताओं में मान्यता मिली है।

यह प्रतिष्ठित मूल्यांकन इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्राकृतिक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के कार्यों का आकलन करता है। इसमें अनुसंधान के प्रभाव को मापने के लिए कई संकेतकों का उपयोग किया जाता है। इनमें कुल उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखकों के योगदान के अनुसार समायोजित एचएम-इंडेक्स, लेखक की स्थिति के आधार पर उद्धरण और संयुक्त उद्धरण स्कोर (सी-स्कोर) शामिल हैं।

वर्ष 2026 की करियर रैंकिंग में प्रोफेसर सिद्दीकी ने 2,43,950 वैज्ञानिकों में विश्व स्तर पर 3,003वाँ स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ वे दुनिया के शीर्ष 0.012 प्रतिशत शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं में शामिल हो गए हैं।

भवन निर्माण और निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रोफेसर सिद्दीकी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारत में प्रथम और विश्व स्तर पर सातवाँ स्थान प्राप्त किया है।

वर्ष 2019 में स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग की शुरुआत से ही वे लगातार दुनिया के अग्रणी वैज्ञानिकों में शामिल रहे हैं। इस पूरी अवधि के दौरान वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.025 प्रतिशत वैज्ञानिकों में अपना स्थान बनाए रखने में सफल रहे हैं।

वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका प्रदर्शन वर्ष 2025 की तुलना में बेहतर हुआ है। वर्ष 2025 में वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.014 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल थे। यह सुधार उनके शोध योगदान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।

प्रोफेसर सिद्दीकी ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानी से अपनी पीएचडी पूरी की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के विस्कॉन्सिन-मिलवॉकी विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध किया।

शिक्षण, अनुसंधान, शैक्षणिक नेतृत्व और प्रशासन के क्षेत्र में 37 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ वे टिकाऊ निर्माण सामग्री और कंक्रीट प्रौद्योगिकी के एक अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में व्यापक रूप से जाने जाते हैं।

इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर सिद्दीकी ने कहा:

“इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है और मुझे खुशी है कि मेरे कार्य को यह सम्मान मिला है। इस पेशे के प्रति मेरी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि इस क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।”

उन्होंने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 250 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और 80 से अधिक कॉन्फ्रेंस पेपर प्रस्तुत किए हैं। उनके शोध कार्यों को Google Scholar पर 35,000 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं, जबकि उनका एच-इंडेक्स 97 है।

प्रोफेसर सिद्दीकी एल्सेवियर, टेलर एंड फ्रांसिस तथा अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स (ASCE) द्वारा प्रकाशित कई प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं के संपादकीय मंडलों में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

अपने करियर के दौरान वे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चीन, मलेशिया, थाईलैंड, मैक्सिको और कई अन्य देशों के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में विज़िटिंग और आमंत्रित प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुके हैं। साथ ही, उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में शोध संबंधी नियुक्तियाँ भी प्राप्त की हैं।

इस उपलब्धि का सार: प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी ने अपने 37 वर्षों से अधिक के शैक्षणिक और शोध अनुभव, 250 से अधिक शोध-पत्रों तथा 35,000 से अधिक उद्धरणों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका स्थान भारत, पंजाब और थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला के लिए गर्व का विषय है।

 राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रंजीत सिंह ने जीता स्वर्ण पदक


राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई, भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष का माहौल

अनूपपुर। मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिवपुरी में आयोजित 70वीं शालेय राज्य स्तरीय बालक-बालिका एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शहडोल संभाग के खिलाड़ी रंजीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर संभाग एवं अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष और उत्साह का माहौल है।

7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 9 अक्टूबर को हुए तवा फेंक (डिस्कस थ्रो) के फाइनल मुकाबले में रंजीत सिंह ने 28.55 मीटर की दूरी तक तवा फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने आगामी राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी अपना स्थान सुनिश्चित किया है। राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता का आयोजन 12 से 16 नवंबर 2026 तक शिवपुरी में प्रस्तावित है।

रंजीत सिंह, पिता  मोहन सिंह एवं माता श्रीमती गायत्री देवी, की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

विद्यालय परिवार ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस उल्लेखनीय सफलता पर भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर के प्राचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर, उपप्राचार्या सिस्टर जिस मारिया तथा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्य प्रदेश और विद्यालय का गौरव बढ़ाएँगे।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं को निखारने के अवसर प्रदान करना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। रंजीत सिंह की यह स्वर्णिम सफलता मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से लक्ष्य प्राप्त करने का प्रेरक उदाहरण है।

प्रशासनिक और खेल अधिकारियों ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस ऐतिहासिक स्वर्णिम विजय और राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने की खबर मिलते ही शहडोल संभाग के प्रशासनिक और खेल गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई। संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) शहडोल संभाग उमेश कुमार धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल अतुल चौधरी, उमरिया के जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र वर्कडे, अनूपपुर के जिला शिक्षा अधिकारी तुलाराम आर्मो तथा सहायक संचालक (खेल) रईस अहमद और सुदर्शन मिश्रा ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ी को बधाई दी।

इसके साथ ही जिला खेल अधिकारी (उमरिया) शेख सलीम, जिला खेल अधिकारी (शहडोल) रामरुद्र पटेल, जिला खेल अधिकारी (अनूपपुर) खलील कुरैशी तथा टीम के साथ मैदान पर मुस्तैद प्रमुख प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा, कोच अंकित कुशवाहा एवं श्रीमती संतोष कोल सहित वरिष्ठ अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों ने रंजीत सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि रंजीत आगामी नेशनल गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर मध्य प्रदेश का मान पूरे देश में बढ़ाएंगे।

 🌹 हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं🌹

लवली खनूजा भाई जी।।

असेंबली ऑफ एमपी जर्नलिस्ट्स


आदरणीय  लवली खनूजा जी को प्रांतीय संगठन सचिव के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय  राधावल्लभ शारदा जी द्वारा आपको यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा जाना आपके अनुभव, कार्यक्षमता एवं संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व, निष्ठा और सक्रिय भूमिका से संगठन को नई मजबूती मिलेगी तथा पत्रकारों के हितों की रक्षा एवं उनके सम्मान को बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य होंगे।

💐 आपके उज्ज्वल कार्यकाल एवं सफल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। 💐

 भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में मोबाइल डी-एडिक्शन कार्यशाला आयोजित




“रील लाइफ से निकलकर रियल लाइफ में आएं और उज्ज्वल भविष्य का आधार मजबूत बनाएं” — डॉ. देवेंद्र तिवारी

अनूपपुर। दिनांक 08 सितंबर 2026 भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला अनूपपुर द्वारा सेवा संस्कार अभियान के अंतर्गत कलेक्टर  रत्नाकर झा के निर्देशानुसार एवं सभापति डॉ. आर.पी. सोनी के मार्गदर्शन में पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में मोबाइल डी-एडिक्शन (मोबाइल की लत से मुक्ति) विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की मुख्य वक्ता इस्कॉन अनूपपुर की सुश्री गौरांगी भारद्वाज रहीं।

कार्यशाला में विद्यार्थियों के बीच बढ़ते मोबाइल उपयोग और उसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। सुश्री गौरांगी भारद्वाज ने अत्यंत सरल, रोचक एवं प्रेरक शैली में विद्यार्थियों को समझाया कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग एकाग्रता में कमी, मानसिक थकान, आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव तथा व्यवहार एवं दिनचर्या में असंतुलन जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल के प्रति अपनी निर्भरता कम करने, समय का सदुपयोग करने, अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने तथा वास्तविक जीवन के रिश्तों और गतिविधियों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। इनके साथ सुश्री विशाखा ने भी विद्यार्थियों के समक्ष प्रेरक उद्बोधन दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों का स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य वक्ता सुश्री गौरांगी भारद्वाज ने अपने प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल संतुलन एवं सकारात्मक जीवन शैली का महत्व समझाया। लगभग दो घंटे चले इस सत्र में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं गंभीरता के साथ सहभागिता की और मोबाइल की लत से बचने के व्यावहारिक उपायों को समझा।

इस अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी से  अशोक शर्मा कोषाध्यक्ष, अनिल तिवारी, रामप्रकाश द्विवेदी तथा पीआर टी महाविद्यालय के संचालक एवं रेडक्रॉस सोसायटी अनूपपुर के सचिव डॉ. देवेंद्र तिवारी सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

डॉ. देवेंद्र तिवारी ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन उसका विवेक पूर्ण और सीमित उपयोग ही सफलता का आधार है। विद्यार्थियों को रील लाइफ की आभासी दुनिया में उलझने के बजाय रियल लाइफ के लक्ष्यों, शिक्षा, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। “रील लाइफ से निकलकर रियल लाइफ में आएं और अपने उज्ज्वल भविष्य का आधार मजबूत बनाएं” का संदेश देते हुए उन्होंने डिजिटल संतुलन, समय के सदुपयोग एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य वक्ता सुश्री गौरांगी भारद्वाज को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय परिवार एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से उनके प्रेरणादायी उद्बोधन तथा विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए आभार व्यक्त किया गया।

यह कार्यशाला विद्यार्थियों में मोबाइल के विवेकपूर्ण उपयोग, आत्म-अनुशासन और स्वस्थ डिजिटल आदतों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।

 तुलसी महाविद्यालय में 'अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026' के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रम का आयोजन




अनूपपुर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 की थीम NEP: शिक्षा से विकसित भारत के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कला कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ प्राध्यापक  डॉ जे के संत, डॉ राधा सिंह एवं सुधा साहू, डॉ नीरज श्रीवास्तव की गरिमा में उपस्थिति रही। 

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियां दी गई जिनमें छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य एवं घूमर नृत्य प्रमुख आकर्षण रहे साथ ही रंगोली के माध्यम से NEP 2020, 2047 में शिक्षा की परिकल्पना, ज्ञान से विकास जैसे संदेश अपने रंगोली के माध्यम से दर्शाए गए। 

इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि NEP -2020 का उद्देश्य शिक्षा को ज्ञान के साथ-साथ कौशल, रचनात्मक, संस्कृति एवं व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। डॉ. सरिता सिंह परिहार के द्वारा मंच संचालन, कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. फरहा नाज़, डॉ. तरन्नुम शरबत, अंजलि कहार, श्रीमती वंदना प्रजापति के द्वारा रहा इस अवसर पर अनुपमा सिंह धुर्वे, डॉ शैली अग्रवाल, डॉ शोभा तिवारी,  ज्योति रौतेल, शिवानी पटेल आकांक्षा एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. मीना सिंह ने प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। शिक्षा से विकसित भारत की भावना को साकार करते हुए कार्यक्रम उत्साह एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

 AI और Gen-Z की रोजगार क्षमता पर शोध करेंगे आईजीएनटीयू के शोधार्थी जीयाराम


ICSSR की फुल-टाइम डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए शोध प्रस्ताव स्वीकृत, डॉ. विनोद सेन के निर्देशन में होगा शोध

अमरकंटक। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू), अमरकंटक के अर्थशास्त्र विभाग के शोधार्थी जीयाराम के शोध प्रस्ताव को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा जारी फुल-टाइम डॉक्टोरल फेलोशिप के अंतर्गत स्वीकृति मिली है। जीयाराम के शोध का विषय “AI and Employability Among Gen-Z” है।

जीयाराम का शोध कार्य अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. विनोद सेन के निर्देशन जारी हैं। उनका शोध वर्तमान समय में तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और Gen-Z युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) के बीच संबंधों का अध्ययन करेगा।

तकनीकी बदलावों के दौर में रोजगार के स्वरूप और कार्यक्षेत्र की आवश्यकताएं तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में AI के बढ़ते प्रभाव के बीच Gen-Z युवाओं के कौशल, रोजगार के अवसरों, आवश्यक दक्षताओं तथा बदलते श्रम बाजार के अनुरूप उनकी तैयारी का अध्ययन महत्वपूर्ण है। जीयाराम का शोध इसी संदर्भ में AI और Gen-Z की employability के विभिन्न आयामों को समझने का प्रयास करेगा।

ICSSR की प्रतिष्ठित फुल-टाइम डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए शोध प्रस्ताव का चयन जीयाराम की महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह फेलोशिप उत्कृष्ट शोध प्रस्ताव के संदर्भ में दी जाती है, इससे शोध कार्य को नई दिशा मिलती है। जीयाराम का शोध राष्ट्र की उन्नति और प्रगति में सकारात्मक सहयोग करेगा।उनके शोध प्रस्ताव के स्वीकृत होने पर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. रक्षा सिंह, विभाग के अन्य शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके सफल शोध कार्य की कामना की।

 *गौरव, सम्मान 2026 एवं ऐतिहासिक उपलब्धि की हार्दिक शुभकामनाएं


मैहर । 05 अक्टूबर 2026 को मैहर शाखा के इस भव्य गौरवशाली एवं ऐतिहासिक आयोजन पर भारत विकास परिषद्, विंध्य प्रांत के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि 2500 बाल कलाकारों के साथ एवं  प्रशासनिक स्तर के साथ आयोजित होने जा रहा “कथक नृत्य महायज्ञ 2026” एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

मैहर शाखा ने इससे पूर्व भी भारत विकास परिषद् को एक गौरवपूर्ण रिकॉर्ड प्रदान किया है। शाखा के पुनः सक्रिय एवं पुनर्जीवित होने के साथ ही एक बार फिर इतने विराट आयोजन के माध्यम से नया इतिहास रचने का संकल्प निश्चित रूप से मैहर शाखा की ऊर्जा, समर्पण, संगठन क्षमता और सांस्कृतिक चेतना का परिचायक है।

आदरणीय संजय जी के अध्यक्षीय नेतृत्व में आयोजित होने जा रहा यह भव्य कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, कला और हमारी समृद्ध नृत्य परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक अद्भुत प्रयास है। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में भारत विकास परिषद् मैहर शाखा के प्रत्येक सदस्य की मेहनत, सहभागिता और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका है।


 सुपोषित मातृत्व–स्वस्थ परिवार : पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित




स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज का निर्माण संभव : श्रीमती पार्वती राठौर

अनूपपुर । 25 सितंबर 2026 मुख्यमंत्री सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत “सुपोषित मातृत्व–स्वस्थ परिवार : पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य जागरूकता अभियान” का आयोजन शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर के महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं में मातृत्व स्वास्थ्य, संतुलित आहार, पोषण, एनीमिया की रोकथाम एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती पार्वती राठौर, जिला अध्यक्ष भाजपा एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत ने कहा कि मातृत्व स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता पर आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है, इसलिए महिलाओं एवं बालिकाओं में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता आवश्यक है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. पी. सोनी ने मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर के संदर्भ में मध्य प्रदेश की स्थिति की जानकारी देते हुए महिला स्वास्थ्य, मातृत्व स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता के विभिन्न पहलुओं पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने पर जोर दिया।

पोषण आहार विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह ने छात्राओं को संतुलित आहार की आवश्यकता एवं महत्व समझाते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों तथा घर के सादे एवं पौष्टिक भोजन को दैनिक आहार में शामिल करने की उपयोगिता बताई। उन्होंने विविध एवं संतुलित आहार को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।

नर्सिंग अधिकारी डॉ. प्रभा राठौर ने वर्तमान समय में बालिकाओं एवं महिलाओं में बढ़ रही PCOS एवं PCOD जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित आहार के साथ नियमित फिजिकल एक्टिविटी, योग एवं व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में उपस्थित महिला चिकित्सक डॉ. अंजली सिंह ने महिला स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ विद्यार्थियों को नशे की लत एवं उसके दुष्प्रभावों के संबंध में भी जागरूक किया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

महाविद्यालय के संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विशेषज्ञों से भविष्य में भी महाविद्यालय के विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।

पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सहभागिता

कार्यक्रम के अंतर्गत “सुपोषित माँ–स्वस्थ शिशु–सशक्त समाज” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कला एवं विज्ञान संकाय के 16 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से संतुलित आहार, मातृ स्वास्थ्य, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली एवं स्वस्थ परिवार से संबंधित संदेशों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान संस्कार सोनी (बीएससी तृतीय वर्ष), द्वितीय स्थान  पूनम सिंह गोंड (बीएससी तृतीय वर्ष ) तथा तृतीय स्थान  (विद्या पांडे (बीएससी द्वितीय वर्ष) ने अर्जित किया इसके साथ ही पोषण की टोकरी विशेष गतिविधि के अंतर्गत एमएससी प्रथम वर्ष प्राणी शास्त्र की दो छात्राओं ज्योति तिवारी एवं दिव्या तिवारी ने पोस्टर के माध्यम से विशेष प्रस्तुति की।

कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की समस्त पदाधिकारी श्रीमती प्रीति वैश्य ,डॉ. आकांक्षा राठौर , सुश्री पूनम धाण्डे, डॉ. सुधा साहू, डॉ. मीना सिंह,    प्रो .विनोद कुमार कोल  एवं डॉ. तरन्नुम सरवत , डॉ शोभा तिवारी, डॉ. सरिता परिहार, डॉ शैली अग्रवाल  सहित लगभग 60 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। संवादात्मक व्याख्यान, पोस्टर प्रतियोगिता एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य से संबंधित उपयोगी एवं व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ नीरज कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का समापन डॉ. आकांक्षा राठौर द्वारा अतिथियों, विशेषज्ञों, महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों, शैक्षणिक स्टाफ एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

— महिला प्रकोष्ठ 

शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर (म.प्र.)

 पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में उत्साहपूर्वक मनाया गया राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस



अनूपपुर। 24 सितंबर 2026 पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य, समाज सेवा में युवाओं की भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों के योगदान के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओ ने बताया कि NSS विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। स्वयंसेवकों ने भी समाज हित एवं जनसेवा से जुड़े कार्यों में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक गण, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रबन्धन ने सभी को राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सेवा भावना के साथ समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संदेश दिया।

 *राष्ट्रीय सेवा योजना का 57वाँ स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया


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अनूपपुर। 24 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का 57वाँ स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की विशिष्ट वक्ता डॉ. राधा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि NSS केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए नियमित रूप से सामाजिक सेवा गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. विनोद कुमार कौल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सेवा भावना की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने NSS स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. तरन्नुम सरवत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान में योगदान देना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर, रंगोली एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने सराहा। कार्यक्रम के अवसर पर प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय एवं कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पूनम धांडे के द्वारा किया गया। इस अवसर पर NSS के वरिष्ठ स्वयंसेवक सत्यम केसरवानी, राहुल साहू, हेमंत, सतीश सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय ने किया। अंत में सुश्री पूनम धांडे ने अतिथियों, प्राध्यापकों, स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

 आत्मशुद्धि के महापर्व पर्युषण बिजुरी में भव्यता से हो रहे







बिजुरी । श्री पर्वराज पर्यूषण दशलक्षण पर्व श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। दस दिवसीय इस पर्व के दौरान प्रतिदिन भगवान की विशेष पूजा-अर्चना, शांतिधारा एवं विभिन्न धार्मिक विधान संपन्न किए जा रहे हैं। जैन समाज के पुरुष, महिलाएं एवं श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर रहे हैं।

दिगंबर जैन परंपरा के इस महत्वपूर्ण पर्व का शुभारंभ 16 सितंबर भादो सुदी  पंचमी से हुआ है। पर्व के दौरान उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दसधर्म की आराधना की जा रही है। दशलक्षण पर्व आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि एवं संयम की साधना का अवसर है, जो श्रद्धालुओं को अहिंसा, क्षमा, त्याग और सदाचार को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। कर्मों की निर्जरा हो आत्मशुद्धि या आत्मा की विशुद्धि मन से कषायों को दूर कर प्राणियों पर दया एवं समता के भाव हो।

दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि यह पर्व आत्मशुद्धि का महापर्व है जिस प्रकार से जैन धर्म का मूल मंत्र अहिंसा परमोधर्म है उसी को आत्मसात आत्म अवलोकन का यह पर्व धर्म के दश लक्षणों के माध्यम से हम अपने जीवन को सार्थक बनाने का यत्न करते हैं,क्रोध, मान,माया,लोभ जैसी कषाय से मुक्ति ही मनुष्य जीवन को बेहतर बना सकती है।

 कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों, शोभायात्रा एवं महाआरती सहित विविध आयोजन प्रतिदिन प्रवचन आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं ।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रातः 8 बजे अभिषेक, शांतिधारा होती है।

*क्षमा और मैत्री का संदेश देगा महोत्सव*

जैन धर्म में क्षमावाणी पर्व का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह पर्व परस्पर क्षमा, मैत्री, सद्भाव एवं आत्मशुद्धि की भावना को सुदृढ़ करता है। क्षमावाणी के अवसर पर श्रद्धालु जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना करते हैं तथा मन में किसी के प्रति बैरभाव न रखने का संकल्प लेते हैं। अनंत चतुर्दशी को भगवान की शोभायात्रा नगर भ्रमण के साथ पर्यूषण पर्व क्षमावाणी मनाकर संपन्न होंगे बिजुरी जैन समाज के  संतोष जैन,नरेश जैन,सौरभ, जैन, वैभव जैन, विनय कुमार, संजय कुमार, सचिन कुमार,शैलेश जैन, आर्जव जैन,अस्तित्व जैन,साथ महिलाओं द्वारा भी भक्ति पूर्वक पूजन विधान किया जाता है, जिनमें श्रीमती,आशा, सुधा,कुसुम,सारिका जैन,डाली, ज्योति, आकांक्षा, अनामिका,संध्या,सुरभि, अंशिका आदि सम्मिलित हुए।

 राधावल्लभ शारदा, पत्रकार एवं सदस्य मध्यप्रदेश श्रम सलाहकार परिषद को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया।


वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान

पत्रकारिता की मौजूदा स्थितियों पर हुआ संवाद

भोपाल । पत्रकारिता के सामने आज के माहौल में जो चुनौतियां घुली हुई हैं,उनसे निपटने के लिए मैदानी पत्रकारों,संस्थानों को ज्यादा साहस जुटाना होगा तथा सामाजिक-राजनीतिक व प्रशासनिक क्षेत्र को अपना नजरिया बदलना होगा। इसी आधार पर पत्रकारिता की आने वाली पीढियां बेहतर संस्कार और विचार पा सकेंगी।

सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय मीडिया संवाद में पत्रकारिता और राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने जो कुछ कहा,उसका यही सार रहा। यह आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार ‘मिंटो हाल’ में हुआ। इस दौरान पत्रकारिता में चालीस से पचास वर्ष गुजार चुके पत्रकारों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया, खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग में आयुक्त रहे आईएएस अफसरों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम-संवाद में मप्र समेत राजस्थान,उप्र,दिल्ली के पत्रकार मौजूद रहे। मीडिया संवाद में वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने कहा कि सत्ता डराने की कोशिश करती है लेकिन तमाम आशंकाओं के बावजूद यदि पत्रकारिता को पूरी निष्ठा से किया जाए तो राजनेताओं समेत हर वर्ग का आदर मिलता है। विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि पत्रकारिता ने मप्र में और देशभर में अपने तरीकों से समय समय पर अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराई है। यह सिलसिला जारी है।

संवाद के दौरान वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने पत्रकारिता की दशा पर दोटूक अंदाज में बात रखी, उन्होंने कहा कि सत्ता से प्रभावित या आक्रांत होकर पत्रकारिता नहीं की जानी चाहिए, न ही समाज इसकी अपेक्षा कभी करता है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत विडंबना यह है कि भारतीय पत्रकारिता में जो कुछ परोसा जा रहा है वह सिर्फ एक पक्ष है और एकपक्षीय बातों को सच नहीं माना जा सकता। यही वजह है कि गोदी पत्रकारिता जैसे जुमले चल पड़े हैं। राहुल देव ने सत्ता पोषित ख़बरनवीस या सत्ता से प्रभावित विचारों को सैध्दांतिक रूप से गलत करार दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मप्र विस के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मौजूदा दौर में खुद को निखारने के लिये पत्रकारों को आत्मचिंतन और आत्मविश्लेषण करने पर जोर दिया, ताकि पत्रकारिता को समाज व देश के निर्माण के लिये उपयोगी बनाया जा सके। पूर्व राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी ने पत्रकारिता के योगदान को रेखांकित किया लेकिन यह भी कहा कि कभी किसी जगह पर पत्रकारिता किसी और दिशा में भटकती या अटकती नजर आती है। इससे उबारने के लिये पत्रकारों और संस्थान के मालिको को मिलकर प्रयास करना होगा। इससे पहले सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के अध्यक्ष विजय कुमार दास ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला और निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता के कालखंडों का उल्लेख किया,उन्होंने कहा कि कई मौके पर पत्रकारों ने सत्ता व सिस्टम से टकराने का साहस दिखाया है और इसके चलते कई बार सरकार को बैकफुट पर भी आते हुए देखा गया है। क्लब ने इसी लिये नये और पुराने पत्रकारों को एक छत के नीचे एकत्र करने का प्रयास किया है, ताकि पुरानी पीढी से नई पीढी भी पत्रकारिता के सबक सीख सके।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला,मंत्री विश्वास सारंग,पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी,समाजवादी नेता रघु ठाकुर, पत्रकारिता विवि के कुल गुरू विजय मनोहर तिवारी व भाजपा नेता राहुल कोठारी मौजूद थे।

लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार: मुख्य अतिथि नरेंद्र सिंह तोमर व कप्तान सिंह सोलंकी ने वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव, विजयदत्त श्रीधर,एनके सिंह,राहुल देव,राजेंद्र शर्मा,प्रमोद गोस्वामी,सुरेश मल्होत्रा,राकेश अचल, रामभुवन सिंह कुशवाह, राधावल्लभ शारदा,राजेश बादल, अभिलाष खांडेकर,रविंद्र जैन,कैलाश गौड़,सुधीर सक्सेना, प्रकाश हिंदुस्तानी, ह्रदयेश दीक्षित,राजेश सिरोठिया,आत्म दीप,प्रेम पगारे,राजेश पांडे, विजया पाठक,हरिमोहन मोदी, देव श्रीमाली,आरिफ मिर्जां, अनुराधा त्रिवेदी,अवधेश भार्गव,इरशाद खान,मनोहर बोथरा ,राम रावल,राधेश्याम अग्रवाल, सुशील अग्रवाल को दिया।

इस मौके पर जनसंपर्क आयुक्त रहे एसके मिश्रा,राकेश श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया।

 *तुलसी महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई का औद्योगिक भ्रमण*




 

      अनूपपुर । 18 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश के अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई का औद्योगिक एवं एक्सपोजर विजिट किया। यह भ्रमण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना जी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। भ्रमण के दौरान  अविनाश सिंह, एसई (MP & Trg), ATPS, MPPGCL, चचाई एवं सब इंजीनियर सुश्री शीना खान द्वारा पावर प्लांट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रदान की गई। उन्होंने विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया, ताप विद्युत गृह की कार्यप्रणाली तथा तकनीकी पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।

इसके पश्चात एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर  पदम शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को पूरे पावर प्लांट का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ताप विद्युत गृह में बिजली उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं, संयंत्र की कार्यप्रणाली एवं विद्युत उत्पादन से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।       औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने वाला रहा।यह औद्योगिक भ्रमण स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के प्रकोष्ठ प्रभारी सहायक प्राध्यापक विनोद कुमार कोल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। भ्रमण में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. अमित भूषण द्विवेदी,  ऋषिकेश चंद्रवंशी, डॉ. संजीव द्विवेदी, डॉ. तरन्नुम सरवत एवं सुश्री पूजा चौधरी सहित अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रकोष्ठ प्रभारी  विनोद कुमार कोल ने महाविद्यालय परिवार की ओर से अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को औद्योगिक क्षेत्र की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने हेतु किए गए सहयोग की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के औद्योगिक एवं एक्सपोजर विजिट के आयोजन में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

 *सेवा संकल्प योजना 2026 के शुभारंभ पर दीपों से जगमगाया तुलसी महाविद्यालय परिसर


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   अनूपपुर। पी एम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में सेवा संकल्प योजना 2026 के शुभारंभ के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। योजना के शुभारंभ को उत्साहपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में मनाते हुए महाविद्यालय परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा परिसर में सुंदर एवं आकर्षक रंगोली बनाई गई। रंगोली के माध्यम से सेवा, समर्पण, सद्भाव एवं सकारात्मकता का संदेश प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय परिवार के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प योजना के सफल संचालन एवं समाज हित में किए जाने वाले कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना जी ने कहा कि सेवा केवल किसी व्यक्ति की सहायता करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें पूरी निष्ठा से निभाने की भावना है। विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में इस प्रकार की गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

महाविद्यालय परिसर में रोशनी, रंगोली और दीप प्रज्ज्वलन से उत्सव जैसा वातावरण निर्मित हुआ। महाविद्यालय परिवार ने सेवा संकल्प योजना 2026 के माध्यम से समाजोपयोगी एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक गण,अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का कलेक्टर ने किया निरीक्षण


दवा वितरण केंद्र का भी लिया जायजा

अनूपपुर । 13 सितंबर 2026 कलेक्टर  रत्नाकर झा जी ने शनिवार को जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर  झा जी ने नेत्र कक्ष, पोषण पुनर्वास केंद्र, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन कक्ष सहित विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने दवा वितरण केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दवाइयों की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही एक्सपायरी दवाइयों के उचित प्रबंधन एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके डिस्पोजल के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए तथा चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

 सात साल की लड़ाई,वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर दोस्त दिखा तो लौट आई दोस्ती.


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 राष्ट्रीय लोक अदालत में मामले का संवाद, समझाइश के बाद राजीनामे से हुई समाप्ति

अनूपपुर । 12 सितंबर 2026 वर्ष 2019 में कालरी में काम करने वाले भालूमाड़ा क्षेत्र के दो कर्मचारियों के बीच पैसों के मामूली लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और थाने में रिपोर्ट दर्ज होने तक पहुंच गया। कभी गहरी मित्रता रखने वाले दोनों पक्षों के बीच ऐसी कड़वाहट बढ़ी कि मामला करीब 7 साल तक न्यायालय में चलता रहा। इसी दौरान एक पक्ष का आरोपी इस वर्ष अन्य प्रकरण में जेल चला गया। आज दिनांक 12 सितंबर 2026, राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर मामला न्यायालय की मेज पर इस उम्मीद के साथ पहुंचा था कि जो बात सात साल में नहीं हो सकी, शायद आज हो जाए। कार्यवाही शुरू हुई और आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जैसे ही पुराने दोस्त की नजर स्क्रीन पर जेल में मौजूद अपने मित्र पर पड़ी, वर्षों पुरानी नाराज़गी मानो पिघलने लगी। पुरानी मित्रता फिर उमड़ आई और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अपने-अपने मामलों में राजीनामा कर विवाद को समाप्त करने का निर्णय लिया। न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें वर्षों से चले आ रहे विवाद को समाप्त कर आपसी सौहार्द एवं मित्रता के साथ आगे बढ़ने के लिए समझाइश दी। न्यायालय की ओर से किए गए प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह बनी और अंततः दो मामलों का राजीनामे के माध्यम से अंत हुआ। मामूली लेन-देन से शुरू हुई बात ने सात साल तक कानूनी लड़ाई का रूप लिया, लेकिन राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन संवाद, समझाइश और पुरानी दोस्ती ने इस विवाद को समाप्त कर दिया।

 12 सितंबर राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार


अनूपपुर। आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन एवं अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। यह जन जागरूकता अभियान प्रधान न्यायाधीश माया विश्वालाल, न्यायाधीश  कृष्णा डागलिया जी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  रविंद्र सोनी जी एवं  बृजेश पटेल जी के नेतृत्व में चलाया गया।

आमजन को राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का आपसी समझौते एवं सहमति के आधार पर सरलता और शीघ्रता से निराकरण किया जाता है। इनमें मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, पारिवारिक प्रकरण, श्रम प्रकरण, विद्युत चोरी से संबंधित प्रकरण तथा बैंक, नगर पालिका एवं अन्य विभागों से संबंधित प्रकरण शामिल हैं।

लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों के बीच आपसी सद्भाव बढ़ता है, शत्रुता समाप्त होती है तथा समय और धन की बचत होती है। न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का भी आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराया जा सकता है। सिविल मामलों के निराकरण पर नियमानुसार न्यायालय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है।

जन जागरूकता अभियान के दौरान  विधिक स्वयंसेवक शब्द अधारी के द्वारा अनूपपुर के विभिन्न स्थानों, पीआर टी कॉलेज, तुलसी कॉलेज, इंदिरा चौक, जिला चिकित्सालय, बस्ती रोड, शंकर मंदिर एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी गई तथा उन्हें अपने लंबित प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण करवाने के लिए प्रेरित किया गया।

आमजन से विधिक स्वयंसेवक शब्द अधारी द्वारा अपील की गई कि वे 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर आपसी सहमति से अपने प्रकरणों का निराकरण करवाएं और लोक अदालत के माध्यम से सरल, सुलभ एवं शीघ्र न्याय का लाभ प्राप्त करें।


 डीएवी पब्लिक स्कूल जैतहरी, अनूपपुर के विद्यार्थियों ने स्पोर्ट्स क्लस्टर मीट में रचा इतिहास, वॉलीबॉल में बने चैंपियन

जैतहरी (अनूपपुर)। डीएवी पब्लिक स्कूल जैतहरी (एम.बी. पावर)  ने डीएवी स्पोर्ट्स क्लस्टर मीट 2026 (मध्य प्रदेश जोन-सी) में पहली बार प्रतिभाग करते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की है; इस प्रतियोगिता में 15 विद्यालयों के लगभग 1100 प्रतिभागियों के बीच डीएवी पब्लिक स्कूल जैतहरी, अनूपपुर के 74 खिलाड़ियों के दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अंडर-17 बालक वॉलीबॉल के रोमांचक फाइनल में डीएवी बीना को पराजित कर चैंपियनशिप जीती, साथ ही अंडर-14 बालक व बालिका कबड्डी तथा अंडर-17 बालक खो-खो में उपविजेता (रनर-अप) एवं अंडर-17 बालक फुटबॉल व बालिका खो-खो में सेमीफाइनलिस्ट बनने का गौरव प्राप्त किया। 

इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर रीजनल डायरेक्टर (जोन-सी) एस. के. सिन्हा जी ने डीएवी पब्लिक स्कूल जैतहरी, अनूपपुर के खिलाड़ियों, खेल विभाग व विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि पहली बार में ही ऐसा शानदार प्रदर्शन विद्यार्थियों की लगन, अनुशासन व खेल भावना का परिचायक है, वहीं डीएवी पब्लिक स्कूल जैतहरी, अनूपपुर के प्राचार्य संजीव कुमार श्रीवास्तव जी ने इसे विद्यार्थियों के अथक परिश्रम, खेल प्रशिक्षकों के समर्पण और नियमित अभ्यास का सफल बताते हुए सभी विजेता, प्रतिभागी बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं एवं बधाईयाँ दीं, तथा हिन्दुस्तान पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड जैतहरी प्रबंधन समिति ने डीएवी पब्लिक स्कूल जैतहरी, अनूपपुर के विद्यार्थियों द्वारा क्षेत्र का मान बढ़ाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रबंधन बच्चों के सर्वांगीण विकास व खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और इस ऐतिहासिक सफलता हेतु विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य, शिक्षकों व सभी युवा खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देता है।

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