शासकीय कन्या महाविद्यालय अनूपपुर के छात्राओं ने किया “औद्यौगिक भ्रमण


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   अनूपपुर ।  स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के द्वारा प्रायोजित एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, शास. कन्या महाविद्यालय, अनूपपुर के द्वारा आज दिनांक 28/01/2026 को रोजगार मुखी औद्यौगिक भ्रमण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. अनिल कुमार सक्सेना, प्राचार्य शासकीय तुलसी (अग्रणी) महाविद्यालय अनूपपुर के मार्गदर्शन में एवं कन्या महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो अजयराज सिंह राठौर के नेतृत्व में सुबह 11 बजे 35 विद्यार्थियों के दल को औद्योगिक भ्रमण के लिये हरी झंडी दिखा कर वाहन को ओरिएंट पेपर मिल, अमलाई जिला शहडोल के लिये रवाना किया गया। 

  छात्राएं ओरिएंट पेपर मिल, अमलाई पॅहुच कर मिल के प्रशासकीय भवन के सेमिनार हाॅल में ओरिएंट पेपर मिल के उप-प्रंबधक  अजय मिश्रा जी के द्वारा सभी विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त कर कंपनी के द्वारा तैयार होने वाले विभिन्न प्रकारों के कागज़ों के उत्पादनों की प्रक्रिया के साथ-साथ प्रबंधकीय कार्याें के बारे में अवगत कराया गया। और साथ ही मिल के आईआर  सतीश शर्मा जी के द्वारा वाॅटर सप्लाई मैनेजमेंट एवं बिजली जेनेरेशन के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया गया।

        कंपनी के सुरक्षा अधिकारी  प्रशांत सिंह के द्वारा विद्यार्थियों को अपनाई जाने वाली सुरक्षा एवं उपकरणों के बारें में प्रशिक्षण दिये, इसके बाद ड्रांइग कम प्रोजेक्ट आफिसर  संजय चतुर्वेदी जी के द्वारा निमार्ण सेक्सन के टिशू 01 एवं टिशू 02 के पेपर प्रोसेसिंग यूनिट ले जाया गया वहाॅ पर कार्यशाला में तकनीकी अधिकारियों के द्वारा पेपर तैयार करने में उपयोग में आने वाला कच्चा पदार्थ पल्प बनाने कि विधि और विभिन्न प्रकारों की रासायनिक प्रक्रियाओं के द्वारा पेपर बनाने की तकनीकी के बारे में विस्तार से समझाया गया और पेपर तैयार की जाने वाली मशीनों एवं पेपर पैकिंग मशीन को दिखाया गया। इसके बाद विद्यार्थियों के ए 4 पेपर बनने वाली कर्म साला में ले जाकर के ए 4 कागज बनाने की प्रक्रिया को दिखाया गया और बताया गया कि हमारी कंपनी में ड्रांइग शीट, राइटिंग पेपर, टिशू पेपर रंगयुक्त कागजों को तैयार किया जाता है। और बताया गया कि कागज तैयार करने में जो कच्चे पदार्थ का उपयोग में लेते है वह कच्चा पदार्थ हमें लिपटिस, बाॅस आदि पेडों से प्राप्त होता है। और उनके द्वारा बताया गया कि ज्यादातर कच्चा पदार्थ के लिये कंपनी स्थानीय स्तर पर किसानों कि सहायता से प्लांटेशन करा कर प्राप्त किया जाता है। वहाॅ कार्यरत अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने अपने -अपने कार्य क्षेत्रों की बारीकियों को भ्रमण दल के साथ सांझा कियें जिसे  विद्यार्थियों ने सुनकर और देखकर बहोत उत्साहित हुये एवं कार्यशाला में महिला कर्मियों के तकनीकी एवं कौशल और भूमिकाओं से विद्यार्थी प्रभावित हुयें और तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर एवं जिज्ञासाओं का भी समाधान कियें।

      स्वामी विवेकानंद कैरियर के मार्गदर्शन प्रभारी डाॅ. राकेश सिंह के द्वारा भ्रमण दल को बताया गया  कि स्थानीय स्तर पर अपनी भूमियों में पेपर बनाने में कच्चे पदार्थ के रूप में उपयोग में आने वाले पेडों को तैयार कर सीधे कंपनी को विक्रय कर अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही कंपनी से जुड कर वहां से विभिन्न प्रकारों के पेपरों को रियायती दरो में प्राप्त कर स्वयं का ब्रांड बनाकर के अपना प्रोडेक्ट बजारो में बिक्री कर स्वारोजगार से जुड सकतें हैं। इस संपूर्ण स्वरोजगार मुखी औद्योगिक भ्रमण में महाविद्यालय की शिक्षिका डाॅ. राजेश्वरी तिवारी के द्वारा भ्रमण की अनुज्ञा प्राप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही तथा साथ में डाॅ. श्रद्धा चौरासिया एवं डाॅ. श्रद्धा गर्ग के द्वारा भ्रमण दल का मार्गदर्शन किया गया ।