स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अवार्ड स्टाफ एम्प्लाइज यूनियन भोपाल सर्कल, जबलपुर अंचल द्वारा अनूपपुर जिले में संघ के क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन 25 अप्रैल 2026 को होटल गोविंदम में संपन्न हुआ 



 

अनूपपुर । जिसमें  जिला शहडोल, उमरिया, डिंडोरी व अनूपपुर में कार्यरत स्टेट बैंक कर्मियों ने बढ़़ - चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्रतिष्ठापूर्ण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में कॉमरेड प्रवीण मेंघानी जी,  महासचिव स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अवार्ड स्टाफ एम्प्लाइज यूनियन भोपाल सर्कल एवं अध्यक्षता कॉम पंकज ठाकुर, विशिष्ट अतिथि कॉम सिद्धार्थ सिंह(उपमहासचिव मुख्यालय), कॉम प्रशांत खरे (उपमहासचिव जबलपुर अंचल), मुख्य प्रबंधक  रवीश रंजन, क्षेत्रीय सचिव अधिकारी संघ  बैजनाथ कुमार, संघ के पदाधिकारिगण व बड़ी संख्या में संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना से किया गया।  

तत्पश्चात उद्बोधन के क्रम में मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अवार्ड स्टाफ एम्प्लाइज यूनियन भोपाल सर्कल के महासचिव  प्रवीण मेघानी द्वारा संघ के महत्व, राष्ट्र व्यापी 05 दिवसीय बैंकिंग समर्थन में आंदोलन, स्टाफ फेडरेशन उपलब्धियों , भोपाल सर्कल संघ की उपलब्धियों , स्टेट बैंक में फेडरेशन व यूनियन द्वारा लिपिकीय भर्तियों हेतु किये गए प्रयासों के बारे में अवगत कराया गया । आज का यह  सम्मेलन जिस उद्देश्य के लिए आयोजित किया गया है। हमें विश्वास है कि इस कार्यक्रम से हम सभी को लाभ व उद्देश्य प्राप्त होगा। 

विशिष्ठ अतिथि के रूप में अध्यक्ष कॉम पंकज ठाकुर ने सदस्यों को उनके अधिकार दिलाना बैंक में उन्हें समान अवसर प्रदान करना।

कॉम सिद्धार्थ सिंह ने सदस्यों को बैंक दिशानिर्देश अनुसार सुरक्षित बैंकिंग का आव्हान किया गया।

कॉम प्रशांत खरे द्वारा जबलपुर अंचल व शहडोल क्षेत्र स्तर की उपलब्धि से अवगत कराया गया।

 मिलेट्स: स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम — कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन







 

अनूपपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में “मिशन लाइफ: पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम” के अंतर्गत “मिलेट्स एवं इसके उत्पाद” विषय पर एक विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं स्थानीय समुदाय को मिलेट्स (श्री अन्न) के पोषणात्मक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती जी की  पूजन अर्चन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ । आमंत्रित अतिथियों का बैच और पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया । 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य, डॉक्टर अनिल कुमार सक्सेना,

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता  दीपक मोडनवाल, जिला प्रबंधक, आजीविका परियोजना अनूपपुर  , विशिष्ट वक्ता  दशरथ झरिया जिला प्रबंधक, आजीविका परियोजना रहे  । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर जे.के. संत विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र की और कार्यक्रम की संयोजक डॉक्टर प्रीति सागर मलैया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष हिंदी ने किया । मुख्य वक्ता श्री दीपक मोडनवॉल, जिला प्रबंधक आजीविका परियोजना ने अपने प्रभावी प्रस्तुतीकरण में मिलेट्स के विभिन्न प्रकार, उनके पोषक तत्वों एवं आधुनिक जीवनशैली में उनकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिलेट्स न केवल स्वास्थ्यवर्धक हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी सहायक हैं, क्योंकि इनकी खेती कम पानी एवं कम संसाधनों में संभव है।

विशिष्ट वक्ता  दशरथ झरिया, जिला प्रबंधक, आजीविका परियोजना ने मिलेट्स आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर मिलेट्स प्रसंस्करण एवं विपणन के महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण दोनों की दृष्टि से मिलेट्स का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मिलेट्स को अपने दैनिक आहार में शामिल कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. प्रीति सागर मलैया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में सहायक होते हैं।

कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन कर रहे डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने अपनी सशक्त अभिव्यक्ति से कार्यक्रम को रोचक एवं जीवंत बनाए रखा।

कार्यशाला में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली तथा अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। सभी ने ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे समाज में स्वास्थ्य, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

 *GST पर शोध में जियाराम ने रचा इतिहास, जीता ‘सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार



’*

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज में दिनांक 16 व 17 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के अर्थशास्त्र विभाग के शोधार्थी जिया राम ने अपने उत्कृष्ट शोध कार्य से राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की।

“GST Reforms and Their Impact on MSMEs, Startups and Entrepreneurship: Pathway to Viksit Bharat @2047” विषय पर आयोजित इस सेमिनार में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं विशेषज्ञों द्वारा कुल 119 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। कड़ी प्रतिस्पर्धा और गहन मूल्यांकन के बाद जिया राम के शोध पत्र *“GST दरों में कमी के बावजूद खुदरा बाजार की कीमतों में कमी का अभाव: छोटे दुकानदारों का व्यवहारिक अध्ययन”* को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया और उन्हें *‘बेस्ट रिसर्च पेपर अवॉर्ड’* से सम्मानित किया गया।

इस शोध कार्य में जिया राम के साथ सहयोगी लेखक के रूप में चतुर सिंह चौधरी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। दोनों शोधार्थियों ने मिलकर जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण और व्यवहारिक अध्ययन के माध्यम से यह निष्कर्ष प्रस्तुत किया, कि GST दरों में कमी का लाभ अधिकांश मामलों में सीधे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि कई छोटे दुकानदार पुराने दरों पर ही सामान बेचते रहे, जबकि कुछ दुकानदार केवल विशेष अनुरोध पर ही घटे हुए दरों का लाभ दे रहे थे।

यह शोध वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक माना गया और विशेषज्ञों ने इसे नीति-निर्माण के लिए उपयोगी बताया।

इस अवसर पर भारतीय आर्थिक संघ के अध्यक्ष एवं मणिपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पांडे, आचार्य विनय कुमार श्रौं त्रिया, अधिष्ठाता दिल्ली स्कूल आफ इकोनॉमिक्स, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से प्रो. एस.के. सिंह, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधानपरिषद सदस्य वीणा पांडे सहित देश के कई प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। सभी ने शोधार्थियों के प्रयासों की सराहना की और इस प्रकार के व्यावहारिक शोध को समय की आवश्यकता बताया।

जिया राम वर्तमान में डॉ. विनोद सेन के मार्गदर्शन में अपना शोध कार्य कर रहे हैं और वे मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है, वहीं उनके गृह क्षेत्र में भी गर्व की भावना देखी जा रही है।

यह उपलब्धि न केवल जिया राम और उनके सह-लेखक चतुर सिंह चौधरी के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह युवा शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

 *“अब दुर्घटना में नहीं रुकेगा इलाज — PM राहत स्कीम से 7 दिन तक फ्री उपचार, 9 नागरिक पा चुके जीवनरक्षक लाभ


”*

*पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  निर्देश पर समस्त थानों में पीएम राहत योजना की मॉनिटरिंग जारी*

अनूपपुर । जिला अनूपपुर में PM राहत स्कीम के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए कैशलेस उपचार की प्रभावी व्यवस्था लागू है। अब किसी भी घायल को इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी होगी *उपचार का पूरा खर्च शासन उठाएगा।* 

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक  *मोती उर रहमान (IPS)* के निर्देश पर इस योजना की मॉनिटरिंग प्रत्येक थाना स्तर पर की जा रही है ताकि इस योजना लाभ आमजन तक तत्काल पहुंच सके। 

 *योजना की मुख्य विशेषताएं*

*7 दिन तक या अधिकतम ₹1.5 लाख तक पूरी तरह निःशुल्क इलाज*

*अस्पताल में भर्ती के समय कोई अग्रिम राशि नहीं*

*इलाज का भुगतान सीधे शासन द्वारा अस्पताल को*

 *अब तक 9 नागरिक इस योजना से लाभान्वित, समय पर उपचार से मिली नई जिंदगी*


 *यहां मिलेगा कैशलेस उपचार*

*जिले के सभी शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ इन 8 निजी अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध*

* आशीर्वाद हॉस्पिटल, अनूपपुर

* आर.डी.एस. हॉस्पिटल, कोतमा

* संजीवनी हॉस्पिटल, अनूपपुर

* गुरुकृपा हॉस्पिटल, अनूपपुर

* न्यू लाइफ हॉस्पिटल, अनूपपुर

* संगीता नर्सिंग होम, बिजुरी 

* वी केयर हॉस्पिटल, अनूपपुर

* खेड़िया नेत्र चिकित्सालय, बिजुरी  

* *दुर्घटना के समय क्या करें*

 घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं अस्पताल में

  *“रोड एक्सीडेंट केस”*

 के रूप में दर्ज कराया जाता है

 बाकी सभी प्रक्रिया अस्पताल एवं प्रशासन द्वारा पूरी की जाती है

 *क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण*

✔ इलाज में नहीं होगी देरी

✔ आर्थिक बोझ से राहत

✔ समय पर उपचार से जीवन बचने की संभावना अधिक

 *अनूपपुर पुलिस की अपील*

“हर सेकंड कीमती है। आपकी तत्परता किसी की जिंदगी बचा सकती है।

 *PM राहत स्कीम के तहत इलाज की जिम्मेदारी शासन की है*—आप बस मदद के लिए आगे बढ़ें।”

 *यातायात पुलिस अनूपपुर*

 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में

डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर गरिमामय कार्यक्रम आयोजित


अनूपपुर । महाविद्यालय के सेमिनार हाल में आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. अनिल सक्सेना ने अपने उद्बोधन में अंबेडकर जी के जीवन, संघर्ष एवं उनके द्वारा रचित संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी ने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जे. के. संत ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अंबेडकर जी के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरज श्रीवास्तव (विभागाध्यक्ष, हिंदी) ने अंबेडकर जी के विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताते हुए सामाजिक समरसता पर बल दिया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा भाषण, कविता एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें अंबेडकर जी के जीवन और उनके योगदान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस के स्वयंसेवक  सतीश सोनी ने किया । इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉक्टर ऋषिकेश चंद्रवंशी, डॉ ज्ञान प्रकाश पांडे,  विनोद कोल, डॉक्टर तरन्नुम शरबत, डॉक्टर दुर्गेश द्विवेदी, डॉ नंद लाल गुप्ता,  देवेंद्र बागड़ी,  संतोष सोलंकी सहित काफी संख्या में महाविद्यालय के स्टाफ, एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही । अंत में आभार प्रदर्शन  ज्ञान प्रकाश पांडे ने किया ।

 प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय अनूपपुर में नारी शक्ति वंदन पखवाड़े का आयोजन हुआ संपन्न




 

 अनूपपुर । प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में नारी शक्ति वंदन पखवाड़े का आयोजन 13 अप्रैल 2026 को किया गया .यह पखवाड़ा 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा. महाविद्यालय के  प्राचार्य डॉक्टर अनिल कुमार सक्सेना जी के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह और जिला पंचायत उपाध्यक्ष पार्वती राठौड़ जी की गरिमामई उपास्थिती  में सरस्वती पूजन करते हुए इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई .श्रीमती प्रीति रमेश ने अपने व्याख्यान में नारी शक्ति का आगाज करते हुए कहा की नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि सृजन, संवेदना, शक्ति और प्रेरणा का अद्भुत संगम है। वह माँ है, जो जीवन देती है; वह बहन है, जो स्नेह देती है; वह पत्नी है, जो साथ निभाती है; और वह बेटी है, जो भविष्य को संवारती है।

हमारे इतिहास और संस्कृति में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमन्ते तंत्र देवता:” अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। फिर भी, यह एक विडंबना है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में नारी को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ता है। आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का लोहा मनवा रही है ,चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, राजनीति हो, या खेल का मैदान। उसने यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर मिलने पर वह किसी से कम नहीं है। इसके बाद पार्वती राठौर जी ने नारी को महिमा मंडित करते हुए कहा की नारी सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से इतना सक्षम बनाना कि वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें। यह केवल महिलाओं के अधिकारों की बात नहीं है, बल्कि एक समतामूलक और प्रगतिशील समाज की नींव है।

कहा जाता है -“अगर आप एक पुरुष को शिक्षित करते हैं, तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है; लेकिन अगर आप एक महिला को शिक्षित करते हैं, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।”

यह कथन नारी की शक्ति और उसके महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही है—चाहे वह विज्ञान हो, खेल हो, सेना हो या राजनीति। उसने यह सिद्ध कर दिया है कि वह किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। लेकिन इसके बावजूद, समाज के कई हिस्सों में आज भी महिलाओं को भेदभाव, असमानता और हिंसा का सामना करना पड़ता है।

इसलिए नारी सशक्तिकरण की आवश्यकता आज भी उतनी ही है जितनी पहले थी। इसके लिए सबसे पहला कदम है—शिक्षा। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागृत करता है। डॉ नीरज श्रीवास्तव ने विचार व्यक्त करते हुए कहा भारतीय संस्कृति सदियों से नारियों का सम्मान करता रहा, हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा में नारियों को उच्च दर्जा प्राप्त  है । हर युगों में नारियां समाज और देश को अपने योगदान से मजबूती प्रदान करती रही हैं । नारियों की सुरक्षा और सम्मान हमारा दायित्व है ।

महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉक्टर जे के संत जी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर  महाविद्यालय के समस्त महिला प्राध्यापकों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में डॉ नीरज श्रीवास्तव, प्रोफेसर विनोद कोल, डॉक्टर तरन्नुम सरवत, सहित महाविद्यालय के समस्त अधिकारी ,कर्मचारी एव छत्रों की गरिमामयी उपस्थिति रही ।

इस अवसर पर सूर्य समृद्धि आशा भोंसले को भावभीनी श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।


मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ संबद्ध (भारतीय मजदूर संघ)की ऊर्जा मंत्री के साथ आंदोलन के मांगपत्र  पर बैठक संपन्न


चचाई । मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ की दिनांक 07अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री माननीय प्रद्युमन सिंह तोमर जी के साथ आंदोलन के  मांगो में 11 बिंदुओं जिसमें संविदा कर्मियों को नियमित,पूर्व क्षेत्र में अनुकंपा नियुक्ति संविदा कार्यालय सहायकों को नियमित बाय स्त्रोत कर्मियों ,सेवानिवृत्ति पेंशनरों एवं सहकारी समिति के कार्मिकों की बिंदु बार समस्याओं एवं विसंगतियों पर चर्चा की गई जिसमें  ऊर्जा मंत्री जी द्वारा तत्काल विशेष कर्तव्य अधिकारी को निर्देशित किया गया की बिजली कर्मचारी महासंघ की शीघ्र बैठक माननीय ऊर्जा मंत्री जी की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई साहब से 16.04.2026 के पूर्व करवाई जाए एवं इन सभी बिंदुओं का निराकरण किस प्रकार से हो सकता है इस पर बैठकर दोनों पक्ष सकारात्मक चर्चा कर लेवे। इसके बाद न्याय उचित मांगों पर उचित निर्णय लिया जाएगा। 

प्रतिनिधि मंडल में  भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं सह प्रभारी विद्युत क्षेत्र मा.अरविंद मिश्रा जी ,भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री मा. कुलदीप सिंह गुर्जर जी ,मध्य प्रदेश बिजली क्षेत्र के प्रभारी एवं भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री मा.आशीष सिंह जी, मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री मा. सुशील कुमार पांडे जी, मध्य प्रदेश की पांचो कंपनियों के महामंत्री  मणिराज विश्वकर्मा  जी पूर्व क्षेत्र,  संदीप त्रिपाठी जी मध्य क्षेत्र , राजेश जैन ट्रांसमिशन,  भगवान स्वरूप श्रीवास्तव जी पश्चिम क्षेत्र, पंकज पवार जी उत्पादन  के साथ  देवेंद्र नेवले, अमित कुर्मी ,दीपक गुप्ता,  सुदीप मिश्रा,  अखिलेश वासुरे (संविदा प्रतिनिधि )मध्य क्षेत्र, प्रवीण तिवारी(अनुकंपा नियुक्ति संविदा ) पूर्व क्षेत्र ,  सी.बी.विश्वकर्मा (विद्युत सहकारी समिति सोसाइटी)पूर्व क्षेत्र बंडा की उपस्थिति रही ।

प्रदेश महामंत्री बिजली कर्मचारी महासंघ मा. सुशील कुमार पांडे जी द्वारा मांग पत्र के सभी बिंदुओं का विस्तार से वाचन किया गया।जिन्हें माननीय ऊर्जा मंत्री जी ने गंभीरता पूर्वक सुना।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा के साथ बृहद बैठक में इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे। उल्लेखनीय है कि म प्र बिजली कर्मचारी महासंघ का प्रदेश व्यापी आंदोलन के चतुर्थ चरण दिनांक 16 अप्रैल 26 को गोविंद पूरा ,भोपाल में पूरे प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन यथावत 

 रहेगा ।

          प्रेषक: सतेन्द्र कुमार पाटकर 

मध्यप्रदेश विद्युत् उत्पादन कर्मचारी संघ चचाई

 “एक हादसा… कई जिंदगियों का अधूरा अंत


भाग- 2

कैलाश पाण्डेय 

घटना घट चुकी है… धूल बैठ रही है… पर सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं…

लोग आते हैं… मलबा देखते हैं… दुख जताते हैं… और लौट जाते हैं…

लेकिन उस गड्ढे में अब भी सिर्फ मिट्टी नहीं… कई जिंदगियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों की  चीख दबी है…

जहां कभी इमारत थी… अब मौत का गड्ढा है… और उसके चारों ओर खड़ी है बेबस भीड़…में  चौरंगी लाल कहता है गरीब मजदूरों के जीवन का सफर अधूरा रह गया और जीवन पूरा खत्म हो गया 

कक्का चौपाल में कहते हैं “हादसे अचानक नहीं होते… बनाएं जाते हैं…”

घसीटा पूछता है “कक्का… अब सब दोषियों को पकड़ेंगे न?”

चौरंगी लाल हंसता है “अब शुरू होगा बचाने का खेल…”

कागज बनेंगे… बयान बदलेंगे… और जिम्मेदारी इधर-उधर घूमेगी…

नगर पालिका कोतमा और श्रम विभाग सवालों में है…

क्या मजदूरों की सुरक्षा देखने वाला कोई था भी…?

उधर कोतमा में गांधी जी की प्रतिमा के सामने मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई…

कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं…

भीड़ में आक्रोश है… पर जवाब अब भी गायब हैं…

कक्का कहते हैं “जांच अगर सच्ची हो… तो सच छुप नहीं सकता…”

“पर अगर नीयत ही कमजोर हो… तो हर फाइल अधूरी रह जाती है…”

घसीटा की आवाज कांपती है“तो क्या ये भी बस कागजों में खत्म हो जाएगा?”

कक्का गहरी सांस लेते हैं “ये कोतमा है ”

“या तो ये हादसा सबक बनेगा… या सिर्फ एक खबर बनकर रह जाएगा…”

मलबे के पास खड़ी भीड़ अब जवाब चाहती है…

और चौपाल आखिरी सवाल छोड़ जाती है—“क्या इस बार सच बचेगा… या फिर से दब जाएगा…?”

 कक्का की चौपाल — कोतमा बस स्टैंड, अग्रवाल लॉज हादसा स्थल से चलती सांसों की तलाश


कोतमा बस स्टैंड के पास अग्रवाल लॉज के मलबे पर शाम ढल चुकी है… लेकिन अंधेरा सिर्फ आसमान में नहीं, लोगों के चेहरों पर भी उतर आया है…

धूल अब भी हवा में तैर रही है… टूटी दीवारें, मुड़े हुए सरिए और बिखरे पत्थरों के बीच जेसीबी मशीनें लगातार चल रही हैं जैसे हर वार के साथ किसी की सांस तलाश रही हों…

एनडीआरएफ और एसडीआर एफ की टीमें दिन-रात जुटी हैं… हर पत्थर हटने पर भीड़ की सांस थम जाती है

“शायद कोई जिंदा हो…”

एक तरफ मशीनों की कर्कश आवाज… दूसरी तरफ परिजनों की सिसकियां… और इनके बीच खड़ी एक उम्मीद—जो टूटते-टूटते भी जिंदा है…

पास ही अफसरों की हलचल है… निर्देश दिए जा रहे हैं… लेकिन भीड़ की नजरें सिर्फ मलबे पर टिकी हैं—अंदर कोई सांस बाकी है या नहीं…

इसी अफरा-तफरी, डर और उम्मीद के बीच… भीड़ के एक किनारे खड़ी है कक्का की चौपाल…

कक्का चारों तरफ देखते हैं… आंखों में धूल भी है और दर्द भी…

“अरे भइया… ये सब यूं ही नहीं गिरता… पहले नींव कमजोर होती है… फिर एक दिन पूरा ढांचा बैठ जाता है…”

घसीटा बेचैन है… आवाज में गुस्सा और घबराहट दोनों

“कक्का! 30-40 फीट खुदाई हो रही थी… इतना बड़ा गड्ढा… किसी ने रोका क्यों नहीं? किसी को दिखा नहीं क्या?”

चौरंगी लाल हल्की हंसी के साथ कड़वा सच फेंकता है

“घसीटा… यहां देखने वाले सब देखते हैं… पर कागजों में सब ‘ठीक’ कर दिया जाता है… और फिर एक दिन… सच ऐसे ही ढह जाता है…”

भीड़ से अचानक आवाज आती है

“जल्दी करो… अभी भी लोग अंदर हैं…!”

कुछ लोग मलबे की तरफ दौड़ते हैं… कुछ पीछे हटते हैं… डर और उम्मीद आमने-सामने खड़े हो जाते हैं…

कक्का गहरी सांस लेकर बोलते हैं

“बात सीधी है बेटा… न सुरक्षा थी… न निगरानी… और न ही जिम्मेदारी… तभी तो ये हाल हुआ…”

घसीटा अब और तीखा हो जाता है

“तो कक्का… जिम्मेदार कौन? कौन लेगा इन मौतों का हिसाब?”

कक्का धीमे लेकिन धारदार शब्दों में जवाब देते हैं

“पूरा तंत्र…

नगर पालिका—जो रोक नहीं पाई…

इंजीनियर—जिसने खतरा नहीं देखा…

नगर पालिका का राजस्व विभाग जिसने निर्माण कार्य की सच्चाई को दबा कर रखा…

CMO—जिसने निगरानी नहीं की…

अध्यक्ष—जो जवाबदेह था… पर खामोश रहा…

और जिसने खुदाई करवाई… वो तो सीधा दोषी है ही…”

चौरंगी लाल भीड़ की तरफ देखते हुए तंज कसता है

“और अब देखना… जांच होगी… मुआवजा मिलेगा… फोटो खिंचेंगे… और फाइल बंद…”

तभी पास से जेसीबी रुकती है… हलचल होती है… एक युवक मलबे के बीच खड़ा दिखता है… धूल से सना चेहरा… लेकिन हाथ अब भी काम में लगे…

घसीटा इशारा करता है

“कक्का… देखो उसे… शाम से लगा है… रुका ही नहीं…”

कक्का की नजर उस पर टिक जाती है… आवाज भारी हो जाती है

“जानते हो कौन है वो…? हेमराज… गोविंदा गांव का… तीन घंटे तक मलबा हटाता रहा… उसे नहीं पता था… जिस मलबे को वो हटा रहा है… उसी के नीचे उसका अपना परिवार दबा है…”

भीड़ एकदम शांत हो जाती है…

कक्का आगे कहते हैं

“फिर मलबे से निकली लाश… उसके बाप की थी… और मामा… अब भी कहीं अंदर दबा है…”

घसीटा की आवाज कांप जाती है

“फिर… वो रुक गया होगा?”

कक्का सिर हिलाते हैं

“नहीं बेटा… वो फिर उसी मलबे में उतर गया… दूसरों को बचाने… और अपने को खोजने…”

चौरंगी लाल धीमे स्वर में बोलता है

“यही फर्क है… कुछ लोग कैमरे में दिख रहे हैं… और कुछ लोग दर्द में भी इंसानियत निभा रहे हैं…”

इसी बीच पास खड़े कुछ लोग आपस में फुस फुसाते हैं—

“पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है…”

घसीटा तुरंत कक्का की ओर देखता है

“कक्का! कुछ तो कार्रवाई हुई क्या?”

कक्का गंभीर स्वर में कहते हैं

“हाँ बेटा… पुलिस अधीक्षक  मोति उर् रहमान ने मीडिया को बताया है कि अग्रवाल लॉज के मालिक और जमीन स्वामी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है… बीएनएस की धारा 106 के तहत… अब मामला कोतमा थाने में विवेचना में है…”

चौरंगी लाल फिर कटाक्ष करता है

“देखते हैं… ये केस भी सच्चाई तक पहुंचता है… या कागजों में ही दम तोड़ देता है…”

कक्का आगे जोड़ते हैं

“सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 9 लाख और घायलों को 2.50 लाख की सहायता देने की घोषणा की है…”

घसीटा की आंखें फिर मलबे की ओर चली जाती हैं

“कक्का… पैसा तो मिल जाएगा… पर जो चला गया… वो कैसे लौटेगा?”

कक्का की आवाज भर्रा जाती है

“बेटा… मुआवजा दर्द कम कर सकता है… खत्म नहीं…”

तभी जेसीबी दोबारा चलती है… भीड़ फिर चुप हो जाती है… हर आंख उसी जगह टिक जाती है…

अचानक आवाज गूंजती है

“धीरे… यहां कुछ हो सकता है…”

पूरा माहौल थम जाता है… सांसें रुक जाती हैं…

कक्का धीरे से कहते हैं

“डर ये नहीं है कि कौन दबा है… डर ये है… कहीं सच भी मलबे में ही दब न जाए…”

और फिर चौपाल में सन्नाटा छा जाता है…

कुछ पल बाद कक्का भीड़ की ओर देखते हुए आखिरी सवाल छोड़ते हैं

“बताओ भइया… क्या इस मलबे से सिर्फ लोग निकलेंगे… या उन गलतियों का सच भी बाहर आएगा… जिनकी वजह से ये सब हुआ?”

जेसीबी फिर चलती है… धूल फिर उड़ती है…

और कोतमा बस स्टैंड का यह हादसा…

अभी भी खत्म नहीं हुआ…

 *पीढ़ियों के बीच संवाद ही सशक्त समाज की आधारशिला : प्रो. सक्सेना




अनूपपुर। 06 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में इंटरजेनेरेशनल बॉन्डिंग विषय पर एक संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के समाज कार्य विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में अमरकंटक विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय फुकन, डॉ. रमेश बी. तथा योग विभाग के प्राध्यापक डॉ. श्यामसुंदर पाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं विद्यार्थी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को कम करना अत्यंत आवश्यक है। इंटरजेनेरेशन बॉन्डिंग के माध्यम से हम पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों को पुनर्स्थापित कर सकते हैं। युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद एवं अनुभवों का आदान-प्रदान ही सशक्त समाज की आधारशिला है।

इस अवसर पर डॉ. दिग्विजय फुकन ने अपने वक्तव्य में कहा कि समाज की सतत प्रगति के लिए आवश्यक है कि विभिन्न पीढ़ियाँ एक-दूसरे के अनुभवों और दृष्टिकोणों को समझें। वृद्धों के जीवनानुभव और युवाओं की ऊर्जा का समन्वय समाज को नई दिशा प्रदान करता है।

डॉ. रमेश बी. ने सामाजिक संरचना में परिवार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पीढ़ियों के बीच सतत संवाद समाज की स्थिरता के लिए आवश्यक है।

योग विभाग के प्राध्यापक डॉ. श्यामसुंदर पाल ने योग एवं भारतीय जीवन पद्धति के माध्यम से पीढ़ियों के मध्य समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।

वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जे. के. संत ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक तकनीकी युग में मानवीय संबंधों में बढ़ती दूरी को कम करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, जो सामाजिक मूल्यों को पुनर्जीवित करते हैं।

इस अवसर पर डॉ. राधा सिंह एवं अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का आयोजन शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर के समाजशास्त्र विभाग तथा अमरकंटक विश्वविद्यालय के समाजकार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. नीरज श्रीवास्तव, प्रो. विनोद कुमार कोल, प्रो. शाहबाज खान, डॉ. नंदलाल गुप्ता, डॉ. तरन्नुम सरवत सहित अन्य प्राध्यापकों का विशेष सहयोग रहा।

 अग्रवाल लाज के हादसे पर भाजपा नेताओं ने व्यक्त की शोक संवेदना


अनूपपुर। शनिवार शाम कोतमा नगर के हृदय स्थल बस स्टैंड के पास अग्रवाल लाज की चार मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। घटनास्थल पर सनसनी फैल गई।

मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं कोतमा विधायक दिलीप जायसवाल तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री व अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार तथा भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति पर नजर बनाएं रखी। शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने अनूपपुर कलेक्टर से फोन पर बात कर पूरी जानकारी ली।

मलबा हटाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जिला प्रशासन व राहत-बचाव टीम रातभर कार्यरत रही। दोनों मंत्री शनिवार रात से रविवार तक मौके पर डटे रहे।

मंत्री दिलीप जायसवाल व दिलीप अहिरवार ने कहा, यह अत्यंत दुखद घटना है। जांच चल रही है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मृतक परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख, संबल योजना से 4-4 लाख तथा रेडक्रॉस से 1-1 लाख की सहायता दी जाएगी। घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख व रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपये मिलेंगे। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, अनूपपुर विधायक बिसाहू लाल सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रामलाल रौतेल, जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास पुरी, आधा राम वैश्य, नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ, राम अवध सिंह, श्रीमती साहिबा पनिका, नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. सुनील चौरसिया, यशवंत सिंह, जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह सहित भाजपा नेताओं ने दिवंगत आत्माओं की शांति व घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

 *श्री हनुमान जी के जयकारों के उद्घोष से सराबोर हुई नगरी*



श्री हनुमान जन्मोत्सव महापर्व पर आयोजित हुए भक्तिमय 

* अमलाई  । हनुमान जन्मोत्सव महापर्व पर अपनी संपूर्ण ऊर्जा और निष्ठा के साथ सहभागिता देना यह वाकई में भावी पीढ़ी के लिए अनुकरणीय संदेश हैं जिसे भावी पीढ़ी जो आत्मसात अवश्य करना चाहिए ।अमलाई नगर में श्री हनुमान जी का प्रगट उत्सव बड़ी ही धूमधाम एवं भक्तिमय माहौल में मनाया गया नगर के वार्ड क्रमांक 5 सिद्ध बाबा पहाड़ी में स्थित एकादश मुखी हनुमान मंदिर में मारुति नंदन सेवा समिति एवं सनातन धर्म सत्संग समाज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित श्री हनुमान जन्म महोत्सव महापर्व की तैयारी बड़ी ही भव्यता के साथ की गई थी ,नगरी मानों श्री राम मय हो गई, श्री हनुमान जी के विधिवत पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ श्री हनुमान जी का पूजन अर्चन के पश्चात हवन पूर्णाहुति दी गई एवं इसके उपरांत कन्या भोज का आयोजन किया गया तत्पश्चात विशाल भंडार का आयोजन किया गया भंडारा दोपहर 2:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक लगातार चलता रहा । सनातनी की शक्ति जिस तरह से सनातन पर्वों पर उमड़ कर दिखती है यह सनातन के स्वर्णिम भविष्य  जीवंत उदाहरण है।

 *मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के 11 सूत्रीय मांग पत्र के समर्थन में प्रांतव्यापी धरना प्रदर्शन के आव्हान पर थर्मल पावर प्लांट चचाई के द्वार पर सैकड़ों कर्मियों ने दिया धरना*


 *भामसं के अखिल भारतीय मंत्री व विद्युत प्रभारी  आर एस जायसवाल जी और अखिल भारतीय विद्युत् सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  अरुण देवांगन जी भी  हुए शामिल* 

चचाई । संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण,कर्मचारियों की वेतन विसंगति समाप्त करने,पुरानी पेंशन बहाली, आउटसोर्स कर्मियों को ठेकेदारों के शोषण से मुक्त करने हेतु हरियाणा उत्तर प्रदेश मॉडल पर स्वतंत्र निगम बनाकर उसके माध्यम से वेतन देने, ग्रेच्युटी राशि को केंद्र के अनुरूप 25 लाख करने सहित 11 मांगो के समर्थन में 11 बजे से धरना प्रारंभ हुआ । 

धरना रत सैकड़ों कर्मियों को सम्बोधित करते हुए भामस के विद्युत प्रभारी  आर एस जायसवाल जी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 नए कानून लाए गए है जिसमें दो कानूनों का समर्थन भामसं ने किया गया है तथा दो कानूनों के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए इसे संशोधित करने की मांग केंद्रीय श्रम मंत्री से की गई है सरकार ने आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही इस पर विचार कर निर्णय लिए जाएंगे, नए श्रम कानूनों में ठेका श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित करने, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उपायों के तहत पूरे देश के सभी कामगारों को न्यूनतम वेतन निर्धारित करने, नियुक्ति पत्र प्रदान करने, स्वास्थ्य सुरक्षा देने, काम के निर्धारित समय बाद काम लेने पर ओवर टाइम देने, जैसे अनेक उपाय किए गए है। 

विद्युत सेवानिवृत्त महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  अरुण देवांगन जी ने कहा कि मध्यप्रदेश पावर कम्पनी में ग्रेच्युटी राशि केंद्र के अनुरूप 25 लाख अब तक प्रदान न करने, उच्च पद पर नियुक्ति होने पर पूर्व प्राप्त वेतन संरक्षण प्रदान न करने, वरिष्ठ और कनिष्ठ  कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में भारी विसंगति होने, पावर कम्पनी में लगातार कुशल नियमित  कर्मचारियों की कमी होने के लिए प्रशासन की नीति को जिम्मेदार ठहराते हुए इसके निराकरण की मांग की गई ।

भामसं मध्यप्रदेश के प्रदेश कार्य समिती सदस्य एवं भारतीय ठेका मजदूर संघ शहडोल संभाग के संभागीय महामंत्री  ताराचंद यादव जी ने ठेका श्रमिकों के शोषण के विरुद्ध संघर्ष का आव्हान किया । 

कृषि एवं वनवासी ग्रामीण महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  कृष्ण कुमार बैगा जी और कोयला उद्योग के  महेंद्र पाल जी ने भी अपने संबोधन में बिजली कर्मचारी महासंघ की मांगो से सहमति जताते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया ।

अखिल भारतीय विद्युत् मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय मंत्री  सतेन्द्र पाटकर जी ने अपने संबोधन में कहा कि यदि आज के प्रांत व्यापी आंदोलन के दूसरे चरण को प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी 16 अप्रैल को तीसरे चरण के आंदोलन में हजारों बिजली कर्मचारी भोपाल कूच कर विशाल रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे जिसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार होगा ।  पाटकर जी ने शाम 5.30 बजे धरना समापन की घोषणा करते हुए सहयोग के लिए सभी साथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया ।

 पैतृक भूमि विवाद का सुखद अंत: टोरेंट पावर की पहल से जुड़े बिखरे रिश्ते, दिव्यांग रामदीन को मिली नई उड़ान


अनूपपुर । रक्सा कोलमी ग्राम महुदा के निवासी रामदीन राठौर के परिवार में वर्षों से सुलग रहा पैतृक भूमि विवाद आखिरकार शांत हो गया। रक्सा-कोलमी की उस जमीन ने, जिसने कभी रिश्तों में दूरियां पैदा कर दी थीं, अब फिर से अपनापन लौटा दिया है। चार परिवारों के बीच चला आ रहा यह लंबा मतभेद अब Torrent Power के संवेदनशील हस्तक्षेप से समाप्त हो गया है। इस पहल को ग्रामीणों ने केवल समाधान नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को जोड़ने वाली एक मानवीय मिसाल बताया है।

*विवाद की पृष्ठभूमि*

जानकारी के अनुसार, पैतृक भूमि के मुआवजे को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। एक परिवार द्वारा कंपनी से मुआवजा प्राप्त कर लिया गया, जबकि शेष भूमि पर तीन अन्य परिवार वर्षों से खेती करते रहे। समय बीतता गया और जमीन का यह बंटवारा दिलों में भी दरार बनता चला गया। जहां कभी एक ही आंगन में हंसी गूंजती थी, वहां अब खामोशी और दूरी ने जगह ले ली थी।

कंपनी की पहल से सुलझा मामला

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कंपनी के अधिकारियों ने इसे केवल एक विवाद नहीं, बल्कि एक बिखरते परिवार की पीड़ा के रूप में देखा।  एस. के ,मिश्रा  महाप्रबंधक

ओ. पी. नैनीवाल – सहायक महाप्रबंधक

धीरज सिंह  (AGM)

सुधाकर पाण्डेय  (Consultant) ने सभी चारों परिवारों को एक साथ बैठाकर संवाद का रास्ता चुना।

कभी भावनाएं उमड़ीं, तो कभी चुप्पी ने शब्दों का स्थान लिया, लेकिन अंततः समझ और सहमति की जीत हुई। दशकों से चला आ रहा यह विवाद आपसी सहमति से समाप्त हुआ और वर्षों बाद चारों परिवारों के चेहरे पर एक साथ सुकून नजर आया।

दिव्यांग रामदीन को मिला सहारा

इस घटनाक्रम के बीच एक और भावुक पहल सामने आई। रामदीन राठौर, जिनके दोनों पैर उनका साथ नहीं देते, अब तक हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर थे। उनके जीवन की यह मजबूरी जैसे एक अनकहा दर्द बन चुकी थी।

कंपनी ने इस दर्द को महसूस किया और उन्हें तीन पहिया स्कूटर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की। यह सहायता केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान को लौटाने की एक कोशिश थी।

जीवन में आया नया उजाला

स्कूटर मिलने के बाद रामदीन की जिंदगी जैसे बदल गई। अब वे खुद अपने कामों के लिए निकलते हैं, गांव की गलियों में आत्मविश्वास के साथ चलते हैं। उनकी आंखों में चमक और चेहरे पर संतोष यह बताने के लिए काफी है कि यह बदलाव उनके लिए कितना बड़ा है।

भावुक होकर रामदीन कहते हैं,

“जिंदगी का बड़ा हिस्सा दूसरों के सहारे बीता… लेकिन अब लगता है कि मैं भी अपने पैरों पर खड़ा हूं। यह सिर्फ स्कूटर नहीं, मेरी आजादी है।”

ग्रामीणों ने की सराहना

गांव के लोगों ने इस पहल को दिल से सराहा है। उनका कहना है कि यह केवल जमीन के विवाद का अंत नहीं, बल्कि रिश्तों में आई दूरियों को खत्म करने की शुरुआत है। चारों परिवारों के बीच बनी सहमति और रामदीन को मिली सहायता ने पूरे गांव में एक संदेश दिया है।

सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण

टोरेंट पावर कंपनी का यह प्रयास यह दर्शाता है कि जब उद्योग केवल विकास नहीं, बल्कि इंसानियत को भी प्राथमिकता देते हैं, तो बदलाव गहरा और स्थायी होता है।

यह घटना बताती है कि

जहां संवेदनशीलता होती है, वहां समाधान अपने आप जन्म लेता है…

और जहां सहयोग होता है, वहां हर संघर्ष एक नई शुरुआत बन जाता है।


समाज कार्य विभाग, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय द्वारा टीबी जागरूकता अभियान आयोजित


अमरकंटक । इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के मास्टर ऑफ सोशल वर्क (प्रथम सेमेस्टर) के विद्यार्थियों द्वारा विश्वविद्यालय के निकट के ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी (क्षय रोग) के रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। यह कार्यक्रम विश्व टीबी दिवस (24 मार्च) के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके लक्षण, उपचार एवं रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का समन्वयन विभाग की शोधार्थी सुश्री जे. जिनिमोल द्वारा किया गया। इस अभियान को विभाग के संकाय सदस्यों एवं अन्य शोधार्थियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने निकटवर्ती गांवों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान (डोर-टू-डोर विजिट) चलाया। उन्होंने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच एवं उपचार की आवश्यकता, तथा सरकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के सदस्यों के साथ भी संवाद स्थापित किया तथा सामुदायिक स्तर पर टीबी उन्मूलन के लिए सहयोग और भागीदारी का आग्रह किया।

यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के टीबी उन्मूलन के आह्वान के अनुरूप संचालित किया गया, जिसमें वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से संदेश प्रसारित किया और लोगों को टीबी के प्रति भ्रांतियों से बाहर आने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने “Yes, We Can End TB” (हाँ, हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं) का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया, जिससे समुदाय में सकारात्मक दृष्टिकोण और सहभागिता की भावना विकसित हो। समाज कार्य विभाग के संकाय सदस्यों ने अनुसार इस प्रकार के फील्ड-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी बढ़ाते हैं।

 खेलों की चमक के पीछे गहराता साया: सेपक टेकरा सहित आयोजनों में लाखों की गड़बड़ी, सुर्खियों में क्रीड़ा विभाग


अनूपपुर । जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष कर जनजातीय क्षेत्रों में खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों के तहत अनूपपुर जिले में भी व्यापक स्तर पर खेल गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिससे कई प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई यह निस्संदेह गर्व का विषय है।

जिला क्रीड़ा विभाग के माध्यम से पुष्पराजगढ़, कोतमा, जैतहरी और अनूपपुर विकासखंड के विद्यालयों में खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, सेपक टेकरा और क्रिकेट जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 26 छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर जिले का नाम रोशन किया।

प्रशासनिक मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में कलेक्टर, सहायक आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। शासन की मंशा के अनुरूप खेलों को बढ़ावा देने के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन इन उपलब्धियों के पीछे एक चिंता जनक सच्चाई भी उभरकर सामने आ रही है।

*उपलब्धियों के पीछे विवादों का साया*

जहां एक ओर विभाग उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार खेल आयोजनों में पारदर्शिता की कमी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। लाखों रुपये की कथित गड़बड़ी अब अखबारों की सुर्खियां बन चुकी है।

बताया जाता है कि इन आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था और राजधानी से चार सदस्यीय जांच दल भी पहुंचा, लेकिन आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इससे विभाग की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

सूचना के अधिकार की अनदेखी

विभाग पर सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारियों को समय पर उपलब्ध न कराने के आरोप भी लग रहे हैं। यदि यह सही है, तो यह पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।

*पदस्थापना और जिम्मेदारियों पर सवाल*

क्रीड़ा विभाग में पदस्थापना को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चर्चा है कि नियमों के विपरीत तरीके से वरिष्ठ पदों की जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं, जबकि योग्य अधिकारी मौजूद हैं। इससे विभागीय व्यवस्था की निष्पक्षता संदिग्ध होती जा रही है।

*जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से नाराजगी*

खेल आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी भी विवाद का कारण बन रही है। वर्षों से खेलों को बढ़ावा देने वाले सामाजिक व्यक्तित्वों को अपेक्षित सम्मान न मिलना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे खेल संस्कृति को भी नुकसान पहुंच सकता है।

*चयन प्रक्रिया में पक्षपात के आरोप*

युवा खिलाड़ियों के चयन को लेकर भी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि चयन प्रक्रिया में “सिफारिश” और “पहचान” हावी हो रही है, जिससे वास्तविक प्रतिभाएं पीछे छूट रही हैं।

*सेपक टेकरा में भी गड़बड़ी के आरोप*

तेजी से लोकप्रिय हो रहे सेपक टेकरा खेल में भी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। सवाल यह उठता है कि जब पहले ही गड़बड़ियों की जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?अपनी ढपली, अपना राग’

कहावत है चोर की दाढ़ी में तिनका” और तो और खुद ही अपनी प्रशंसा करते दिख रहा है जैसे“अपनी ढपली, अपना राग।”

विभाग के कुछ जिम्मेदार लोग, जिनमें शेख खलील कुरैशी का नाम चर्चा में है, कथित तौर पर लाखों की गड़बड़ी के बाद अब अपनी छवि सुधारने में जुटे हैं। खबर यह भी है कि अपनी प्रशंसा के पुल खुद ही तैयार कराकर अखबारों में छपवाए जा रहे हैं।यह स्थिति उस कहावत को चरितार्थ करती है

“जितना बड़ा घोटाला, उतनी बड़ी सफाई।

लेकिन सवाल यह है कि क्या शब्दों की चमक सच्चाई को ढक सकती है? क्या आत्म-प्रशंसा से जवाबदेही खत्म हो जाती है?

संपत्ति जांच की मांग

स्थानीय स्तर पर यह मांग भी जोर पकड़ रही है कि संबंधित अधिकारियों की संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कहीं पद का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।

*भविष्य की योजनाएं, लेकिन भरोसे का संकट*

आगामी सत्र में खेल गतिविधियों को और विस्तार देने की योजना हैनए प्रशिक्षण शिविर, प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। लेकिन मौजूदा विवादों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है

क्या इन योजनाओं का लाभ वास्तव में योग्य खिलाड़ियों तक निष्पक्ष रूप से पहुंचेगा?

अनूपपुर में खेल प्रतिभाओं का उभरना निश्चित रूप से गर्व की बात है। लेकिन इसके साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

यदि समय रहते इन आरोपों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो खेलों को बढ़ावा देने की मंशा पर ही प्रश्नचिह्न लग जाएगा।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है सुधार का या सिर्फ प्रचार का।

 *संवेदनशीलता और सृजनशीलता के विकास का महत्त्वपूर्ण माध्यम है साहित्य : डॉ. नीरज श्रीवास्तव


अनूपपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के विशेष शिविर के तृतीय दिवस का आयोजन विविध शैक्षणिक, सामाजिक एवं बौद्धिक गतिविधियों के साथ अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दिनभर आयोजित कार्यक्रमों ने स्वयंसेवकों में अनुशासन, सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को सुदृढ़ किया।

दिवस का शुभारंभ प्रतिदिन की भांति प्रातःकालीन योगाभ्यास एवं सूर्य नमस्कार से हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, मानसिक एकाग्रता बनाएं रखने एवं शारीरिक सुदृढ़ता के लिए प्रेरित किया गया। 

इसके उपरांत आयोजित द्वितीय सत्र में श्रमदान एवं परियोजना कार्य के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वारा तालाब की साफ-सफाई की गई तथा स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वच्छता बनाए रखने हेतु उन्हें प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए निरंतर स्वच्छ वातावरण बनाएं रखने की शपथ भी दिलाई गई।

दिवस के तृतीय एवं मुख्य बौद्धिक सत्र का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध हास्य एवं व्यंग्य कलाकार  पवन छिब्बर जी उपस्थित रहे। बौद्धिक सत्र की अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष, प्रतिष्ठित कहानीकार एवं कवि डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के जिला नोडल अधिकारी  विनोद कुमार कोल तथा अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित भूषण द्विवेदी उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. तरन्नुम सरवत की महत्वपूर्ण उपस्थिति एवं डॉ. आकांक्षा राठौर, सहायक अध्यापक वाणिज्य की गरिमामई सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को साहित्य के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि साहित्य व्यक्ति के भीतर संवेदनशीलता, विचारशीलता एवं सृजनात्मकता का विकास करता है। उन्होंने अपनी स्व-लिखित कविता का प्रभावपूर्ण पाठ करते हुए विद्यार्थियों को साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित अभ्यास एवं उत्तम पुस्तकों के अध्ययन से विद्यार्थी कविता लेखन एवं साहित्य सृजन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं और अपने विचारों को सशक्त रूप से अभिव्यक्त कर सकते हैं।

मुख्य अतिथि  पवन छिब्बर जी ने अपने विशिष्ट हास्य-व्यंग्य शैली में विद्यार्थियों को जीवन के विविध पहलुओं पर प्रेरक संदेश देते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को कैरियर निर्माण, सामाजिक जागरूकता एवं व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए।

कार्यक्रम का संचालन जिला संगठक ज्ञान प्रकाश पांडे द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया, जबकि अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पूनम धांडे द्वारा व्यक्त किया गया।

 संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन 27 मार्च से 2 अप्रैल तक


अनूपपुर । संगीतमय श्रीमद्‌भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन दिनांक 27 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक,कथा-सायं 4 बजे से हरि इच्छा तक,स्थान – केडिया पेट्रोल पंप के बगल से चेतना नगर अनूपपुर जिला अनूपपुर में आयोजित होने जा रहा है। सभी श्रद्धालु भक्तजन,परम्म्पिता परमेश्वर की असीम अनुकम्पा एवं भागवत भगवान कृपा से संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का रसपान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। जिसमें व्यासपीठ परम् पूज्या अनीता देवी रक्षा जी वृन्दावनधाम (उ.प्र.) अपनी अमृतवाणी से कथा का रसपान वर्णित उत्सव अनुसार करायेगे।इन सभी दिव्य प्रसंगों के परम पावन अनुष्ठान में आप सभी सपरिवार इष्ट मित्रों सहित पधारकर कथामृत का रसपान कर पुण्य के सहभागी बनें।

कार्यक्रम विवरण:

27 मार्च 2026कलश यात्रा, भागवत महात्म्य, त्रष्टि वर्णन,शुक्रवार,28 मार्च 2026, शनिवारपरिक्षित श्राप, ध्रुव चरत, जड़ भरत, पुज्यान,29 मार्च 2026, रविवारप्रहलाद चरित्र, समुद्रमंथन, वामन अवतार,30 मार्च 2026, सोमवाररामजन्मोत्सव, कृष्ण जन्मोत्सव,31 मार्च 2026, मंगलवारबाललीला, पूतनाबध, गिरिराज वध,01 अप्रैल 2026, बुधवारकंश वध, रूकमणि विवाह,02 अप्रैल 2026महिसासुर वध, ठाकुर जी के अन्य विवाह, सुदामा चरित्र, परिक्षित मोक्ष, चढ़ोत्री, गुरुवार,03 अप्रैल 2026 शुक्रवार हवन पूजन,भण्डारा एवं प्रसाद वितरण।

जिन भक्तजनों को कथा में यजमान बनना हो उनके लिये 2100 रु. एवं पोथी यजमान हेतु 5100 रु. की दक्षिणा रखी गई है। पूजन सामग्री, प्रसाद आदि की व्यवस्था समिति द्वारा की जायेगी ।सम्पर्क- आशा गुप्ता, मो.: 7440989584,वर्षा नामदेव, मो. 8839713356,सरोज शिवहरे, मो. 8839063219.उक्त संगीतमय रसपान में सभी श्रद्धालु भक्तगण सादर आमंत्रित है।

मानसिक रूप से अस्वस्थ 30 वर्ष की नवयुवती लावारिस कोतवाली पुलिस के संरक्षण में



अनूपपुर । कल दिनांक 19 मार्च 2026 को देर रात्रि करीब 11:00 अनूपपुर में जैतहरी रोड पर हर्री फाटक के पास करीब 30 वर्ष की नवयुवती लावारिस रूप से भटकते मिलने पर सुरक्षित महिला डेस्क थाना कोतवाली अनूपपुर लाया गया है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है अपना नाम पता नहीं बता पा रही है। अभी तक उक्त महिला के परिजनों का पता नहीं चला है। महिला की दाहिने हाथ की कलाई में    *P ॐ S*   गुदना लिखा हुआ है। कृपया अधिक से अधिक शेयर करें और उक्त नवयुवती के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो कृपया मोबाइल पर सूचित करें । 


                 अरविंद जैन

       टी. आई. कोतवाली अनूपपुर

       जिला अनूपपुर (मध्य प्रदेश) 

   मोबाइल नंबर 94254 25894

 *भारतीय जनता पार्टी मंडल राजनगर की कार्यकारिणी घोषित*


भाजपा कार्यकर्ताओं में हर्ष का वातावरण

अनूपपुर ।भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के संभाग प्रभारी गौरव  सिरोठिया एवं जिला संगठन प्रभारी संजय साहू के सहमति से तथा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम के अनुमोदन पश्चात भाजपा राज नगर मंडल अध्यक्ष कमलेश चतुर्वेदी के द्वारा भाजपा राज नगर मंडल कार्यकारिणी   को घोषित की गई । 

जिसमें  प्रमुख रूप से,  पुष्पराज सिंह (उपाध्यक्ष) राजेश जायसवाल (उपाध्यक्ष), अरविंद सिंह परिहार (उपाध्यक्ष), सुनील गुप्ता (उपाध्यक्ष), शिवमूरत  केवट (उपाध्यक्ष), गिरजा विश्वकर्मा (उपाध्यक्ष) सचिन कुमार द्विवेदी (महामंत्री),  नारायण साहू  (मंत्री) , दुलीचंद धनवार (मंत्री), पुष्पा चतुर्वेदी (मंत्री) पार्वती सिंह (मंत्री), राजकुमार सिंह गोड़ (मंत्री) हरिलाल चौधरी (मंत्री) रविदास चौधरी कोषाध्यक्ष, पंकज कुमार शर्मा (मीडिया प्रभारी) ,सुश्री पूजा केवट (कार्यालय मंत्री), श्रीमती ललई कोल (कार्यालय सहमंत्री) ,श्रीमती रिंकी पनिका (सह मीडिया प्रभारी) ,योगेश केवट (मन की बात प्रमुख) को संगठन की ओर से दायित्व सौंपे  गए हैं। इन सभी के नवनियुक्त होने पर गजेंद्र सिंह सिकरवार,  बृजमोहन सिंह गहरवार, डॉ. मदन त्रिपाठी,  डॉ. सुनील चौरसिया, यशवंत सिंह, के.एन.शर्मा,  राजेंद्र त्रिपाठी, सुरेश गौतम, राजेश कलसा, धर्मेंद्र सिंह,  राजू जायसवाल, डॉ. महेश चौहान, बृजेंद्र देवांगन, राकेश मिश्रा, जितेंद्र चौहान, रवि सिंह, श्याम सुंदर गौतम, देवनाथ त्रिपाठी, श्रीमती सुनीता सिंह, सुश्री कंचना मेहता, चंद्रशेखर द्विवेदी, प्रमोद शुक्ला, मनीष शुक्ला, दिनेश चतुर्वेदी, महेश जेठानी, तेज बहादुर कुशवाहा, सच्चिदानंद सिंह, श्रीमती संगीता माली,संजय वर्मा, सोनू कनौजिया, रवि शंकर शर्मा, संतोष जायसवाल, अजय सिंह, बृजेश कुशवाहा, समय पटेल, दिनेश मिश्रा, प्रेम नारायण चौधरी, रामप्रकाश गुप्ता, मूलचंद गुप्ता, ललन सिंह , कुंवर सिंह, शंकर सिंह , रामा केवट , राधेश्याम केवट, सुनील कावरे, भल्लू केवट, एवं सभी जेष्ठ कार्यकर्ताओं ने मंडल कार्यकारिणी गठन होने के पर नवनियुक्त पदाधिकारीयों को बधाई दी और  नवनियुक्त पदाधिकारियों  के उज्जवल भविष्य की कामना की। उपरोक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह द्वारा दी गई।

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