*मध्यप्रदेश शासन कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने देवास शराब कांड मामले में कांग्रेस नेता पुत्र की संलिप्तता पर मीडिया को दी प्रतिक्रिया


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*-प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बिजली बिल से कर्मचारियों के वेतन तक, खर्चों के धन का स्रोत बताए कांग्रेस*

*-गंभीर मामलों में निष्पक्षता की बात करने वाली कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई करे*

*-आरोपों पर चुप्पी क्यों? जीतू पटवारी जनता को जवाब दें और कांग्रेस अपना पक्ष स्पष्ट करे*

* विश्वास कैलाश सारंग*

भोपाल । 29/10/2026 मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को देवास शराब कांड में कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के पुत्र अमन कासलीवाल की संलिप्तता पर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल करते हुए कहा कि पुलिस विवेचना में सामने आए तथ्यों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। गंभीर मामलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की बातें करने वाली कांग्रेस अपने नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर आरोप सामने आने पर चुप्पी क्यों साध लेती है? कांग्रेस को केवल दूसरों से सवाल पूछने के बजाय अपने लोगों से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। आनंद कासलीवाल और अमन कासलीवाल कांग्रेस के धरने-प्रदर्शनों में टेंट, लाइट और माइक की व्यवस्थाओं से लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बिजली बिल तथा कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्चों से जुड़े रहे हैं। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि इन व्यवस्थाओं के लिए धन कहां से आता था। क्या प्रदेश कांग्रेस कार्यालय और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों पर होने वाले खर्चों का वित्तीय पोषण इन्हीं लोगों के माध्यम से किया जाता था? यदि ऐसा था, तो इन खर्चों के लिए धन के स्रोत और संबंधित वित्तीय लेन-देन की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

*जीतू पटवारी चुप्पी साधने के बजाय जनता के सामने अपनी पार्टी का पक्ष रखें* 

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि  प्रदेश कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी के धरने-प्रदर्शनों और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के खर्चों का वित्तीय प्रबंधन किन लोगों के माध्यम से किया जाता रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को इसका जवाब देना चाहिए। आनंद कासलीवाल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  जीतू पटवारी का करीबी बताया जाता है। ऐसे में  पटवारी की जिम्मेदारी है कि वे इस मामले पर चुप्पी साधने के बजाय जनता के सामने अपनी पार्टी का पक्ष रखें। कांग्रेस को बताना चाहिए कि देवास शराब कांड में सामने आए तथ्यों के आधार पर वह क्या कदम उठाने जा रही है और जांच में सहयोग के लिए उसकी क्या भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। देवास शराब कांड की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कानून के अनुसार जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

*जीतू पटवारी जवाब दें, कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई कब करेगी?*

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि नकली शराब के कथित कारोबार से किसी भी प्रकार के वित्तीय संबंध की आशंका की जांच साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। पुलिस विवेचना में मुख्य आरोपी अज्जू राठौर और उसके साथी गोविंद के साथ अमन कासलीवाल की कथित संलिप्तता तथा थिनर के ड्रम की खरीदी से जुड़े तथ्यों की जांच की बात सामने आई है। इन तथ्यों के मद्देनजर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  जीतू पटवारी को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पार्टी इस प्रकरण में नाम सामने आने वाले लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करेगी।  सारंग जी ने कहा कि मामले के सार्वजनिक होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आनंद कासलीवाल और अमन कासलीवाल के विरुद्ध कांग्रेस की ओर से कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। कांग्रेस यदि वास्तव में गंभीर मामलों में निष्पक्षता और जवाबदेही की पक्षधर है, तो उसे अपने नेताओं और पदाधिकारियों से जुड़े मामलों में भी उसी कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। दूसरों से जवाबदेही मांगने वाली कांग्रेस अपने मामले में जवाब देने से बच नहीं सकती। जनता जानना चाहती है कि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों को लेकर क्या कदम उठाएगा।

*पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए कांग्रेस, राजनीति नहीं जवाबदेही तय करे*

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि शराब से जुड़ी ऐसी घटनाओं का समाज और परिवारों पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे संवेदनशील मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढकर पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है। देवास शराब कांड से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में सामने आए आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, जांच में सहयोग करना चाहिए और पार्टी से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के सवाल पर जनता को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उसके कार्यक्रमों और प्रदेश कार्यालय के खर्चों का वित्तीय पोषण किन स्रोतों से होता रहा है। कांग्रेस केवल राजनीतिक आरोप लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि अपने नेताओं से जुड़े सवालों पर भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे।

*(बृजगोपाल लोया)*

प्रदेश मीडिया प्रभारी


 

*‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ के संकल्प को लेकर विशाल पदयात्रा 30 अक्टूबर को इंदौर में*

*मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश प्रभारी सहित प्रदेश नेतृत्व होगा शामिल*

इंदौर/भोपाल, 29/10/2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खण्डेलवाल, केंद्रीय मंत्री  मनसुखभाई मांडविया, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, प्रदेश प्रभारी व सांसद  बिप्लब कुमार देब एवं प्रदेश नेतृत्व 30 अक्टूबर को इंदौर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प को लेकर आयोजित विशाल पदयात्रा में शामिल होंगे।

‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ विशाल पदयात्रा शुक्रवार को प्रातः 10 बजे इंदौर के सुभाष नगर चौराहा से पाटनीपुरा चौराहा तक निकाली जाएगी। पदयात्रा में कबीरपंथी गायक पद्मश्री भैरोंसिंह चौहान, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय,  तुलसीराम सिलावट, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष  रणवीर सिंह रावत, सांसद  शंकर लालवानी, इंदौर जिला अध्यक्ष  सुमित मिश्रा, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव सहित भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी, खेल संगठनों के प्रमुख व आमजन सहित करीब एक लाख लोग शामिल होंगे।

*(बृजगोपाल लोया)*

प्रदेश मीडिया प्रभारी

 भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बनी रणनीति


क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के प्रवास के दौरान शाखा की गतिविधियों की हुई समीक्षा

अनूपपुर। 26 अक्टूबर 2026

भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा में आज दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों का  प्रवास हुआ। इस अवसर पर शाखा की वर्तमान गतिविधियों, सामाजिक एवं सेवा कार्यों तथा संगठनात्मक विस्तार को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक के दौरान भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही शाखा की गतिविधियों को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनहितकारी बनाने तथा परिषद के सेवा कार्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के संबंध में महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की गई।

पदाधिकारियों ने संगठन की मजबूती, सदस्यों की सक्रिय भागीदारी, आपसी समन्वय तथा सेवा एवं संस्कार आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि भारत विकास परिषद के मूल उद्देश्यों और आदर्शों के अनुरूप अनूपपुर शाखा को एक सशक्त, सक्रिय एवं प्रेरणादाई शाखा के रूप में विकसित किया जाए।

क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के मार्गदर्शन से शाखा के सदस्यों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। सभी ने संगठन के पांच प्रमुख सूत्रों संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण को आत्मसात करते हुए समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने तथा भारत विकास परिषद की अनूपपुर शाखा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।

यह प्रवास शाखा की भावी कार्ययोजना को दिशा देने, संगठनात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करने तथा समाज हित में परिषद की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।

 *स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर ने सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान दिया


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 पटियाला । सिद्दीकी भोपाल के दामाद भी है, उनकी पत्नी उजमा भोपाल मेमोरियल में जनसंपर्क अधिकारी रही हैं।

भारत और पंजाब दोनों के लिए गर्व की बात है कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी–एल्सेवियर की वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग 2026 में प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष शोधकर्ताओं में शामिल किया गया है। इस रैंकिंग में उन्हें विश्वभर के वैज्ञानिकों के शीर्ष 0.012 प्रतिशत में स्थान मिला है।

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा तैयार और एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित यह रैंकिंग वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रभाव और महत्त्व का आकलन करने के लिए मानकीकृत उद्धरण संकेतकों (Citation Indicators) का उपयोग करती है।

प्रोफेसर सिद्दीकी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (TIET), पटियाला में वरिष्ठ प्रोफेसर तथा डीन (सस्टेनेबिलिटी एंड इम्पैक्ट) हैं। नवीनतम रैंकिंग में उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली शोधकर्ताओं में मान्यता मिली है।

यह प्रतिष्ठित मूल्यांकन इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्राकृतिक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के कार्यों का आकलन करता है। इसमें अनुसंधान के प्रभाव को मापने के लिए कई संकेतकों का उपयोग किया जाता है। इनमें कुल उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखकों के योगदान के अनुसार समायोजित एचएम-इंडेक्स, लेखक की स्थिति के आधार पर उद्धरण और संयुक्त उद्धरण स्कोर (सी-स्कोर) शामिल हैं।

वर्ष 2026 की करियर रैंकिंग में प्रोफेसर सिद्दीकी ने 2,43,950 वैज्ञानिकों में विश्व स्तर पर 3,003वाँ स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ वे दुनिया के शीर्ष 0.012 प्रतिशत शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं में शामिल हो गए हैं।

भवन निर्माण और निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रोफेसर सिद्दीकी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारत में प्रथम और विश्व स्तर पर सातवाँ स्थान प्राप्त किया है।

वर्ष 2019 में स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग की शुरुआत से ही वे लगातार दुनिया के अग्रणी वैज्ञानिकों में शामिल रहे हैं। इस पूरी अवधि के दौरान वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.025 प्रतिशत वैज्ञानिकों में अपना स्थान बनाए रखने में सफल रहे हैं।

वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका प्रदर्शन वर्ष 2025 की तुलना में बेहतर हुआ है। वर्ष 2025 में वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.014 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल थे। यह सुधार उनके शोध योगदान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।

प्रोफेसर सिद्दीकी ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानी से अपनी पीएचडी पूरी की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के विस्कॉन्सिन-मिलवॉकी विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध किया।

शिक्षण, अनुसंधान, शैक्षणिक नेतृत्व और प्रशासन के क्षेत्र में 37 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ वे टिकाऊ निर्माण सामग्री और कंक्रीट प्रौद्योगिकी के एक अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में व्यापक रूप से जाने जाते हैं।

इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर सिद्दीकी ने कहा:

“इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है और मुझे खुशी है कि मेरे कार्य को यह सम्मान मिला है। इस पेशे के प्रति मेरी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि इस क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।”

उन्होंने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 250 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और 80 से अधिक कॉन्फ्रेंस पेपर प्रस्तुत किए हैं। उनके शोध कार्यों को Google Scholar पर 35,000 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं, जबकि उनका एच-इंडेक्स 97 है।

प्रोफेसर सिद्दीकी एल्सेवियर, टेलर एंड फ्रांसिस तथा अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स (ASCE) द्वारा प्रकाशित कई प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं के संपादकीय मंडलों में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

अपने करियर के दौरान वे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चीन, मलेशिया, थाईलैंड, मैक्सिको और कई अन्य देशों के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में विज़िटिंग और आमंत्रित प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुके हैं। साथ ही, उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में शोध संबंधी नियुक्तियाँ भी प्राप्त की हैं।

इस उपलब्धि का सार: प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी ने अपने 37 वर्षों से अधिक के शैक्षणिक और शोध अनुभव, 250 से अधिक शोध-पत्रों तथा 35,000 से अधिक उद्धरणों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका स्थान भारत, पंजाब और थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला के लिए गर्व का विषय है।

 राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रंजीत सिंह ने जीता स्वर्ण पदक


राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई, भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष का माहौल

अनूपपुर। मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिवपुरी में आयोजित 70वीं शालेय राज्य स्तरीय बालक-बालिका एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शहडोल संभाग के खिलाड़ी रंजीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर संभाग एवं अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में हर्ष और उत्साह का माहौल है।

7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 9 अक्टूबर को हुए तवा फेंक (डिस्कस थ्रो) के फाइनल मुकाबले में रंजीत सिंह ने 28.55 मीटर की दूरी तक तवा फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने आगामी राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी अपना स्थान सुनिश्चित किया है। राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता का आयोजन 12 से 16 नवंबर 2026 तक शिवपुरी में प्रस्तावित है।

रंजीत सिंह, पिता  मोहन सिंह एवं माता श्रीमती गायत्री देवी, की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

विद्यालय परिवार ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस उल्लेखनीय सफलता पर भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर के प्राचार्य फादर जी. अलेक्जेंडर, उपप्राचार्या सिस्टर जिस मारिया तथा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्य प्रदेश और विद्यालय का गौरव बढ़ाएँगे।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं को निखारने के अवसर प्रदान करना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। रंजीत सिंह की यह स्वर्णिम सफलता मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से लक्ष्य प्राप्त करने का प्रेरक उदाहरण है।

प्रशासनिक और खेल अधिकारियों ने दी बधाई

रंजीत सिंह की इस ऐतिहासिक स्वर्णिम विजय और राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने की खबर मिलते ही शहडोल संभाग के प्रशासनिक और खेल गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई। संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) शहडोल संभाग उमेश कुमार धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल अतुल चौधरी, उमरिया के जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र वर्कडे, अनूपपुर के जिला शिक्षा अधिकारी तुलाराम आर्मो तथा सहायक संचालक (खेल) रईस अहमद और सुदर्शन मिश्रा ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ी को बधाई दी।

इसके साथ ही जिला खेल अधिकारी (उमरिया) शेख सलीम, जिला खेल अधिकारी (शहडोल) रामरुद्र पटेल, जिला खेल अधिकारी (अनूपपुर) खलील कुरैशी तथा टीम के साथ मैदान पर मुस्तैद प्रमुख प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा, कोच अंकित कुशवाहा एवं श्रीमती संतोष कोल सहित वरिष्ठ अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों ने रंजीत सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि रंजीत आगामी नेशनल गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर मध्य प्रदेश का मान पूरे देश में बढ़ाएंगे।



 जिला न्यायालय में ‘उल्लास’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

50 बच्चों ने प्रस्तुत की अपनी प्रतिभा, नृत्य, गायन और रंगोली में बिखेरा हुनर

अनूपपुर । 10 अक्टूबर2026 जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘उल्लास  एक अभिनव प्रयोग’ नामक सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती माया विश्व लाल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में बच्चों ने फैंसी ड्रेस, गायन, नृत्य, रंगोली और कविता-पाठ सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहाँ वे अपनी रचनात्मक क्षमता, कलात्मक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को विकसित कर सकें।

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती माया विश्व लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  रवेंद्र कुमार सोनी जी, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में छिपी प्रतिभा निखरती है और उनके भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा आगे बढ़ने की प्रेरणा विकसित होती है।

कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, सभी प्रतिभागी बच्चों को उनकी सहभागिता और उत्साह के लिए उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों का उद्देश्य बच्चों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती शब्द अधारी, एनीमेटर/आयोजक द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया।

‘उल्लास  एक अभिनव प्रयोग’ के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और प्रतिभा संवर्धन को बढ़ावा देने के साथ जिला न्यायपालिका, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच आपसी सहयोग एवं सामुदायिक भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

 🌹 हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं🌹

लवली खनूजा भाई जी।।

असेंबली ऑफ एमपी जर्नलिस्ट्स


आदरणीय  लवली खनूजा जी को प्रांतीय संगठन सचिव के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय  राधावल्लभ शारदा जी द्वारा आपको यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा जाना आपके अनुभव, कार्यक्षमता एवं संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व, निष्ठा और सक्रिय भूमिका से संगठन को नई मजबूती मिलेगी तथा पत्रकारों के हितों की रक्षा एवं उनके सम्मान को बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य होंगे।

💐 आपके उज्ज्वल कार्यकाल एवं सफल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। 💐

 तुलसी महाविद्यालय में 'अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026' के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रम का आयोजन




अनूपपुर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 की थीम NEP: शिक्षा से विकसित भारत के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कला कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ प्राध्यापक  डॉ जे के संत, डॉ राधा सिंह एवं सुधा साहू, डॉ नीरज श्रीवास्तव की गरिमा में उपस्थिति रही। 

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियां दी गई जिनमें छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य एवं घूमर नृत्य प्रमुख आकर्षण रहे साथ ही रंगोली के माध्यम से NEP 2020, 2047 में शिक्षा की परिकल्पना, ज्ञान से विकास जैसे संदेश अपने रंगोली के माध्यम से दर्शाए गए। 

इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि NEP -2020 का उद्देश्य शिक्षा को ज्ञान के साथ-साथ कौशल, रचनात्मक, संस्कृति एवं व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। डॉ. सरिता सिंह परिहार के द्वारा मंच संचालन, कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. फरहा नाज़, डॉ. तरन्नुम शरबत, अंजलि कहार, श्रीमती वंदना प्रजापति के द्वारा रहा इस अवसर पर अनुपमा सिंह धुर्वे, डॉ शैली अग्रवाल, डॉ शोभा तिवारी,  ज्योति रौतेल, शिवानी पटेल आकांक्षा एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. मीना सिंह ने प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। शिक्षा से विकसित भारत की भावना को साकार करते हुए कार्यक्रम उत्साह एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ।


 *मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ*

 *34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल*

 *शुभारंभ अवसर पर राज्य में ₹1,100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को मिलेगा अंतिम रूप; सीहोर में ₹848.40 करोड़ का होगा मेगा निवेश समझौता*

 *वर्ष 2025 में 57% की ऐतिहासिक वृद्धि के साथ प्रदेश में 21.05 करोड़ पर्यटकों का अभूतपूर्व आगमन दर्ज*

 *चार दिवसीय आयोजन में होंगी 10 हजार से अधिक बी2बी बैठकें; 12 रणनीतिक एमओयू*

*बहुभाषी वेबसाइट संस्करण और डिजिटल हैंडबुक का होगा लोकार्पण*

अनूपपुर । 06 अक्टूबर 2026

मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थापत्य, जैव-विविधता और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' (MPTM 2026) के सातवें संस्करण का आयोजन 07 से 10 अक्टूबर 2026 तक भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर, बुधवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी करेंगे।

राज्य मंत्री  लोधी जी ने बताया कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के सर्वांगीण आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश को देश का शीर्ष साहसिक पर्यटन स्थल बनाने की सुविचारित कार्ययोजना पर अग्रसर है। इसके साथ ही, प्रदेश को "भारत की वन्यजीव राजधानी" (Wildlife Capital of India) के रूप में ब्रांडिंग करते हुए संरक्षण-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण होमस्टे के जरिए स्थानीय समुदायों का सशक्तीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व बहुभाषी डिजिटल तकनीकों के जरिए पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट की रूपरेखा, तैयारियों और रणनीतिक लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन की सुदृढ़ और प्रगतिशील पर्यटन नीतियों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन ने अप्रत्याशित वृद्धि हासिल की है। वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है।

MPTM 2026 के इस संस्करण में विश्व के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको; एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका; तथा पश्चिम एशिया व अफ्रीका से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स व ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी देश के 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा तथा जम्मू और कश्मीर के 180 से अधिक प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स भाग ले रहे हैं।

इस चार दिवसीय आयोजन की सबसे बड़ी व्यापारिक विशेषता 10 हजार से अधिक पूर्व-निर्धारित B2B बैठकें होंगी। इन व्यापारिक बैठकों के सुचारु संचालन के लिए एक अत्याधुनिक ऑनलाइन शेड्यूलिंग प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से देश-विदेश के प्रतिष्ठित खरीदारों (Buyers), राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, होटल समूहों, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों का राज्य के 355 स्थानीय हितधारकों (होटलियर्स, रिसॉर्ट संचालकों, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, होमस्टे स्वामियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालकों) से सीधा संवाद स्थापित होगा। प्रत्यक्ष और वर्चुअल दोनों माध्यमों से होने वाली ये बैठकें राज्य के स्थानीय पर्यटन उत्पादों, लोक-संस्कृति, हस्तशिल्प और अद्वितीय यात्रा पैकेजों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मध्यप्रदेश में निजी पूंजी निवेश और विश्वस्तरीय अधोसंरचना को गति देने की दृष्टि से MPTM 2026 एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा। आयोजन के दौरान लगभग ₹1,100 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म इकाइयों की स्थापना के लिए 14 प्रमुख परियोजनाओं हेतु निजी निवेशकों को ₹252 करोड़ के 'लेटर ऑफ अवार्ड' (LOA) औपचारिक रूप से सौंपे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों की सड़क यात्रा को सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए राज्य के 3 प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर अत्याधुनिक 'मार्ग सुविधा केंद्रों' (Way-side Amenities) के विकास हेतु भी LOA प्रदान किए जा रहे हैं।

इस निवेश अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में होने वाला ₹848.40 करोड़ का मेगा पर्यटन निवेश समझौता है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मेसर्स ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य संपन्न होने वाले इस ऐतिहासिक अनुबंध के अंतर्गत रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। यह विशाल परियोजना न केवल विंध्य और मालवा क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र को वैश्विक पहचान देगी, बल्कि इससे क्षेत्र में लगभग 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगारों का सृजन होगा।

प्रदेश के पर्यटन तंत्र को भविष्योन्मुखी बनाने के उद्देश्य से MPTM 2026 में 12 विशिष्ट रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौतों पर विधिवत हस्ताक्षर किए जाएंगे। इन समझौतों में कौशल विकास के तहत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर के साथ साझेदारी शामिल है, जिसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, शिष्टाचार और ग्राहक सेवा का RPL प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन के डिजिटलीकरण के लिए 'ग्राम स्टे' के साथ समझौता किया जा रहा है, जिससे सुदूर ग्रामीण होमस्टे को वैश्विक बुकिंग प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जा सके। साहसिक और जल पर्यटन के विस्तार हेतु 'रॉयल एनफील्ड' के साथ नए बाइक राइडिंग रूट्स के चिन्हांकन, 'एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (ATOAI) के साथ सुरक्षा मानकों के निर्धारण तथा पीथमपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक 'नैट्रैक्स' (NATRAX) के साथ मोटरस्पोर्ट्स पर्यटन के विकास हेतु एमओयू किए जा रहे हैं।

फिल्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आर्टमिसिया कॉलेज ऑफ आर्ट एंड डिजाइन (ACAD), इंदौर के साथ विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण व डिजिटल एसेट लाइब्रेरी निर्माण का गैर-वित्तीय समझौता हो रहा है, जबकि प्रसिद्ध डिजिटल मीडिया समूह 'द वायरल फीवर' (TVF) एवं क्रार्क फैमिली ऑफिस के सहयोग से फिल्म पर्यटन, AVGC क्षेत्र में कौशल विकास और 'म्यूजियम ऑफ स्टोरीटेलिंग' की स्थापना की जाएगी। स्मार्ट टूरिज्म के तहत 'एक्सप्लर्जर' (Explurger) के सहयोग से राज्य के 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 एआई-सक्षम क्यूआर कोड बोर्ड्स लगाए जाएंगे। धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली तथा 'द्रोणाह' (DRONAH) के साथ ओरछा के ऐतिहासिक समूह (Historic Ensemble of Orchha) के यूनेस्को नामांकन हेतु एकीकृत प्रबंधन व लैंडस्केप संरक्षण योजना तैयार की जाएगी। साथ ही, टेकनपुर (ग्वालियर) स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन अधोसंरचना व बीएसएफ म्यूजियम के आधुनिकीकरण हेतु त्रिपक्षीय अनुबंध संपन्न होगा।

एमपी ट्रैवल मार्ट के पहले दिन 07 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव जी द्वारा आमंत्रित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों, निवेशकों व कॉरपोरेट प्रतिनिधियों के साथ विशेष 'वन-ऑन-वन' बैठकें की जाएंगी, जिसमें प्रदेश में भावी निवेश की रूपरेखा पर विमर्श होगा। 08 अक्टूबर को मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल जी और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव  भुवनेश कुमार जी द्वारा बी2बी मार्ट और प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इसी दिन 'भारत की वन्यजीव राजधानी के रूप में मध्यप्रदेश' विषय पर एक उच्चस्तरीय पैनल चर्चा होगी, जिसमें देश के जाने-माने पर्यावरणविद, वन अधिकारी और वन्यजीव विशेषज्ञ भाग लेंगे। साथ ही, साहसिक पर्यटन और MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एंड एग्जिबिशन) उद्योग पर रणनीतिक राउंडटेबल कार्यशालाएं आयोजित होंगी। 09 अक्टूबर को सतत व्यापारिक बैठकों के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टॉल्स और नवाचारों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा। 10 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक प्रदर्शनी को स्कूल, कॉलेज, पर्यटन अध्ययन संस्थानों के विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए निःशुल्क खोला जाएगा, जिससे जनसामान्य में पर्यटन के प्रति चेतना और गौरव का भाव जागृत हो सके।

वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) का बहुभाषी संस्करण भी लॉन्च किया जा रहा है। अब हिंदी और अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं में भी संपूर्ण जानकारी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, 'टेलमी डिजीइन्फोटेक' के सहयोग से विकसित अत्याधुनिक 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' (डायनेमिक डिजिटल कॉफी टेबल बुक) का लोकार्पण किया जा रहा है, जिसमें 360-डिग्री विहंगम दृश्य, इंटरैक्टिव मैप्स, एआई-आधारित स्टोरीटेलिंग, वर्चुअल रियलिटी लिंक्स और द्विभाषी ऑडियो नरेशन की सुविधा उपलब्ध है। प्रदर्शनी परिसर में आगंतुकों के लिए वीआर तकनीक के माध्यम से प्रदेश के ज्योतिर्लिंगों के लाइव वर्चुअल दर्शन और वन्यजीव सफारी का जीवंत अनुभव कराने वाले विशेष केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

अतिथियों को मध्यप्रदेश के अनूठे खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट प्रोत्साहन मिशन से जोड़ने के लिए 'माँ की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर स्थापित किया गया है। इसमें कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजी चटनियों जैसे विशुद्ध पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

विदेशी और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को प्रदेश की जमीनी पर्यटन संपदा का साक्षात्कार कराने के लिए आयोजन के उपरांत 16 विशेष फैमिलियराइजेशन टूर्स (FAM Trips) आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 200 से अधिक विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये दल हेरिटेज सर्किट (खजुराहो, ओरछा, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर, सांची, भीमबेटका), वाइल्डलाइफ सर्किट (कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और कूनो चीता अभयारण्य), आध्यात्मिक सर्किट (उज्जैन महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर एकात्म धाम, चित्रकूट, अमरकंटक) तथा साहसिक जल पर्यटन सर्किट (पचमढ़ी, चंदेरी, तवा, गांधी सागर) का सघन दौरा करेंगे। साथ ही, भोपाल में प्रवास के दौरान प्रतिनिधियों को हेरिटेज वॉक, वन विहार बर्ड वॉक, बड़े तालाब पर शिकारा राइड तथा स्वास्थ्य-वर्धक योग सत्रों का विशेष अनुभव कराया जा रहा है।

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 केवल एक व्यापारिक समागम नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक उत्थान, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और स्थानीय समुदायों की समृद्धि का एक समन्वित महाअभियान है, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन के शीर्ष केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

 *ब्यूटीशियन कोर्स के शुभारंभ पर रोजगार एवं स्वरोजगार पर जोर


तुलसी महाविद्यालय में ब्यूटीशियन कोर्स का शुभारंभ, छात्राओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की पहल* 

अनूपपुर। 05 अक्टूबर 2026 पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना जी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना, उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश के अंतर्गत अल्पावधि रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम के तहत ब्यूटीशियन कोर्स का शुभारंभ 05 अक्टूबर 2026 को किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. जे. के. संत द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण  किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं व्यावसायिक कौशल से जोड़ना भी आवश्यक है। ब्यूटीशियन जैसे अल्पावधि पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अपने कौशल का विकास कर स्वरोजगार स्थापित करने तथा आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करते हैं।

      कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कौशल आधारित प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक जीवन के लिए भी तैयार करते हैं।

         स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के नोडल अधिकारी प्रो. विनोद कुमार कोल ने ब्यूटीशियन कोर्स की जानकारी देते हुए बताया कि यह 30 दिवस एवं कुल 60 घंटे का निःशुल्क रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम है। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राएं ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र में आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्राप्त कर रोजगार के साथ-साथ स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

          इस अवसर पर उपस्थित डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान दौर में कौशल विकास विद्यार्थियों के लिए रोजगार प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। उन्होंने छात्राओं से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए इसमें प्राप्त कौशल का भविष्य में उपयोग करने का आह्वान किया।

     डॉ. शाहबाज खान ने कहा कि रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसे प्रशिक्षणों का लाभ उठाकर अपनी कार्यक्षमता एवं व्यावसायिक दक्षता को बढ़ाना चाहिए।

       इतिहास  विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. पूनम धाड़े ने कहा कि ब्यूटीशियन प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राएं कम लागत में स्वयं का स्वरोजगार प्रारंभ कर सकती हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा सीखे गए कौशल का निरंतर अभ्यास करने की सलाह दी।

      भूगोल विभाग की सुश्री पूजा चौधरी ने भी छात्राओं को प्रशिक्षण के प्रति उत्साह एवं लगन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि कौशल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

        ब्यूटीशियन कोर्स की प्रशिक्षक श्रीमती राजकुमारी ने छात्राओं को प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान ब्यूटी एवं पर्सनल केयर से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से प्रशिक्षण में उपस्थित रहकर प्रत्येक गतिविधि को व्यावहारिक रूप से सीखने का आग्रह किया।

     कार्यक्रम के अंत में समाजशास्त्र विभाग की डॉ. तरन्नुम सरवत ने अतिथियों, शिक्षकों, प्रशिक्षक एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ब्यूटीशियन कोर्स के सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण छात्राओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण  एवं प्रशिक्षणार्थी छात्राएं उपस्थित रहीं। महाविद्यालय में प्रारंभ किए गए इस रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम को विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 *गांधी जयंती पर तुलसी महाविद्यालय में स्वच्छता, श्रमदान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन


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अनूपपुर। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, महाविद्यालय परिसर की स्वच्छता तथा वृक्षारोपण किया गया। साथ ही तिपान नदी के आसपास स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित कर तिपान के तट को भी साफ किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन में किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय एवं कार्यक्रम अधिकारी महिला इकाई प्रो. पूनम धांडे के नेतृत्व में एनएसएस स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं सेवा के आदर्शों को स्मरण किया गया। इसके पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाते हुए परिसर की साफ-सफाई की। स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ परिसर के निर्माण का संदेश दिया।

इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। पौधों के संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प लेते हुए स्वयंसेवकों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों ने भागीदारी करते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन-मूल्यों को अपने व्यवहार एवं दैनिक जीवन में अपनाने तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया।


 *गांधी जयंती पर डीएवी पब्लिक स्कूल एमबी पावर जैतहरी में 'रन फॉर डीएवी' मिनी-मैराथन का भव्य आयोजन: स्वास्थ्य, एकता और सेवा का दिया संदेश*

जैतहरी। महात्मा गांधी जयंती के पावन अवसर पर डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति (DAVCMC), नई दिल्ली के तत्वावधान में डीएवी पब्लिक स्कूल एमबी पावर जैतहरी परिसर द्वारा 'रन फॉर डीएवी' (Run for DAV) राष्ट्रव्यापी मिनी-मैराथन का गरिमामय एवं भव्य आयोजन किया गया। इस खेल और फिटनेस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य बापू के स्वस्थ जीवन, शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र सेवा के संदेश को विद्यार्थियों तथा जन-समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जोड़ना रहा।

​कार्यक्रम के भव्य उद्घाटन समारोह में मोजर बेयर पावर मध्य प्रदेश लिमिटेड (MBPMPL) जैतहरी के वरिष्ठ अधिकारी बतौर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। मंच पर मोजर बेयर प्लांट हेड (फेज-II)  राजीव अग्रवाल, एवीपी (एडमिन एवं एचआर)  आर. के. खटाना, प्रबंधक  आतिश उपाध्याय तथा प्रबंधक  गौरव पाठक की गरिमामई उपस्थिति रही।

​इस अवसर पर मुख्य अतिथि  राजीव अग्रवाल (प्लांट हेड, MBPMPL) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, "गांधी जयंती केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को दिनचर्या में उतारने का संकल्प है। खेल और दौड़ न केवल शारीरिक फिटनेस बढ़ाते हैं, बल्कि जीवन में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और कभी न हार मानने का जज्बा सिखाते हैं। डीएवी पब्लिक स्कूल एमबी पावर जैतहरी द्वारा आयोजित यह मैराथन समाज को एकजुट और ऊर्जावान बनाने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है।"

​विशिष्ट अतिथि  आर. के. खटाना (एवीपी, एडमिन एवं एचआर) ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, "1886 में लाहौर से प्रारंभ हुए डीएवी आंदोलन ने हमेशा शिक्षा के साथ संस्कारों और राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता दी है। आज के डिजिटल युग में युवाओं को स्क्रीन से बाहर निकलकर मैदान में पसीना बहाना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक साथ दौड़ते देखना यह दर्शाता है कि एक स्वस्थ टीम ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।"

​डीएवी पब्लिक स्कूल एमबी पावर जैतहरी के प्राचार्य  संजीव कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में प्राचार्य  श्रीवास्तव ने कहा, "स्वामी दयानंद सरस्वती जी के संस्कार और पूज्य बापू के सत्य, अहिंसा तथा स्वच्छता व स्वास्थ्य के सिद्धांत ही डीएवी की आत्मा हैं। 'रन फॉर डीएवी' के माध्यम से हमारा प्रयास विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। खेल हमें एकता और भाईचारे का पाठ पढ़ाते हैं।"

​इस मिनी-मैराथन को विभिन्न आयु वर्गों के अनुसार दो प्रमुख श्रेणियों में आयोजित किया गया।

​5 किलोमीटर दौड़ विद्यार्थियों के लिए फिटनेस और उत्साह का संगम।

​2 किलोमीटर 'रन फॉर फन': शिक्षकों, प्राचार्यों और कर्मचारियों के लिए, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

​मैराथन के समापन पर विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को डीएवी स्पोर्ट्स (DAV Sports) की ओर से आकर्षक ट्रॉफियां प्रदान की गईं तथा सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।

 *गौरव, सम्मान 2026 एवं ऐतिहासिक उपलब्धि की हार्दिक शुभकामनाएं


मैहर । 05 अक्टूबर 2026 को मैहर शाखा के इस भव्य गौरवशाली एवं ऐतिहासिक आयोजन पर भारत विकास परिषद्, विंध्य प्रांत के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि 2500 बाल कलाकारों के साथ एवं  प्रशासनिक स्तर के साथ आयोजित होने जा रहा “कथक नृत्य महायज्ञ 2026” एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

मैहर शाखा ने इससे पूर्व भी भारत विकास परिषद् को एक गौरवपूर्ण रिकॉर्ड प्रदान किया है। शाखा के पुनः सक्रिय एवं पुनर्जीवित होने के साथ ही एक बार फिर इतने विराट आयोजन के माध्यम से नया इतिहास रचने का संकल्प निश्चित रूप से मैहर शाखा की ऊर्जा, समर्पण, संगठन क्षमता और सांस्कृतिक चेतना का परिचायक है।

आदरणीय संजय जी के अध्यक्षीय नेतृत्व में आयोजित होने जा रहा यह भव्य कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, कला और हमारी समृद्ध नृत्य परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक अद्भुत प्रयास है। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में भारत विकास परिषद् मैहर शाखा के प्रत्येक सदस्य की मेहनत, सहभागिता और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका है।


 *सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक से जन जागरूकता


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अनूपपुर। 28 सितंबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा नशा मुक्ति एवं जन जागरूकता अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों ने इंदिरा तिराहा, अनूपपुर में नुक्कड़ नाटक का प्रभावी मंचन कर आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

  कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक प्रो. विनोद कुमार कोल, डॉ. तरन्नुम सरवत एवं डॉ. संजीव द्विवेदी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने नशे के कारण व्यक्ति, परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। नुक्कड़ नाटक में नशे के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव, पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान, सामाजिक अपराध तथा युवा पीढ़ी के भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।

     नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने आम नागरिकों से नशे से दूर रहने, युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशामुक्त समाज—हमारी जिम्मेदारी” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।

इंदिरा तिराहे पर आयोजित इस जन-जागरूकता कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित हुए। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को नशे के गंभीर परिणामों के प्रति सोचने के लिए प्रेरित किया।

        राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे ही जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।

 सुपोषित मातृत्व–स्वस्थ परिवार : पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित




स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज का निर्माण संभव : श्रीमती पार्वती राठौर

अनूपपुर । 25 सितंबर 2026 मुख्यमंत्री सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत “सुपोषित मातृत्व–स्वस्थ परिवार : पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य जागरूकता अभियान” का आयोजन शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर के महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं में मातृत्व स्वास्थ्य, संतुलित आहार, पोषण, एनीमिया की रोकथाम एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती पार्वती राठौर, जिला अध्यक्ष भाजपा एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत ने कहा कि मातृत्व स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता पर आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है, इसलिए महिलाओं एवं बालिकाओं में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता आवश्यक है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. पी. सोनी ने मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर के संदर्भ में मध्य प्रदेश की स्थिति की जानकारी देते हुए महिला स्वास्थ्य, मातृत्व स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता के विभिन्न पहलुओं पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने पर जोर दिया।

पोषण आहार विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह ने छात्राओं को संतुलित आहार की आवश्यकता एवं महत्व समझाते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों तथा घर के सादे एवं पौष्टिक भोजन को दैनिक आहार में शामिल करने की उपयोगिता बताई। उन्होंने विविध एवं संतुलित आहार को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।

नर्सिंग अधिकारी डॉ. प्रभा राठौर ने वर्तमान समय में बालिकाओं एवं महिलाओं में बढ़ रही PCOS एवं PCOD जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित आहार के साथ नियमित फिजिकल एक्टिविटी, योग एवं व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में उपस्थित महिला चिकित्सक डॉ. अंजली सिंह ने महिला स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ विद्यार्थियों को नशे की लत एवं उसके दुष्प्रभावों के संबंध में भी जागरूक किया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

महाविद्यालय के संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विशेषज्ञों से भविष्य में भी महाविद्यालय के विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।

पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सहभागिता

कार्यक्रम के अंतर्गत “सुपोषित माँ–स्वस्थ शिशु–सशक्त समाज” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कला एवं विज्ञान संकाय के 16 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से संतुलित आहार, मातृ स्वास्थ्य, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली एवं स्वस्थ परिवार से संबंधित संदेशों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान संस्कार सोनी (बीएससी तृतीय वर्ष), द्वितीय स्थान  पूनम सिंह गोंड (बीएससी तृतीय वर्ष ) तथा तृतीय स्थान  (विद्या पांडे (बीएससी द्वितीय वर्ष) ने अर्जित किया इसके साथ ही पोषण की टोकरी विशेष गतिविधि के अंतर्गत एमएससी प्रथम वर्ष प्राणी शास्त्र की दो छात्राओं ज्योति तिवारी एवं दिव्या तिवारी ने पोस्टर के माध्यम से विशेष प्रस्तुति की।

कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की समस्त पदाधिकारी श्रीमती प्रीति वैश्य ,डॉ. आकांक्षा राठौर , सुश्री पूनम धाण्डे, डॉ. सुधा साहू, डॉ. मीना सिंह,    प्रो .विनोद कुमार कोल  एवं डॉ. तरन्नुम सरवत , डॉ शोभा तिवारी, डॉ. सरिता परिहार, डॉ शैली अग्रवाल  सहित लगभग 60 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। संवादात्मक व्याख्यान, पोस्टर प्रतियोगिता एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य से संबंधित उपयोगी एवं व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ नीरज कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का समापन डॉ. आकांक्षा राठौर द्वारा अतिथियों, विशेषज्ञों, महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों, शैक्षणिक स्टाफ एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

— महिला प्रकोष्ठ 

शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर (म.प्र.)

 पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में उत्साहपूर्वक मनाया गया राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस



अनूपपुर। 24 सितंबर 2026 पीआर टी महाविद्यालय अनूपपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य, समाज सेवा में युवाओं की भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों के योगदान के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओ ने बताया कि NSS विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। स्वयंसेवकों ने भी समाज हित एवं जनसेवा से जुड़े कार्यों में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक गण, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रबन्धन ने सभी को राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सेवा भावना के साथ समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संदेश दिया।

 *राष्ट्रीय सेवा योजना का 57वाँ स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया


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अनूपपुर। 24 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का 57वाँ स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि प्रो. अनिल कुमार सक्सेना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की विशिष्ट वक्ता डॉ. राधा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि NSS केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए नियमित रूप से सामाजिक सेवा गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. विनोद कुमार कौल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सेवा भावना की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने NSS स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. तरन्नुम सरवत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान में योगदान देना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर, रंगोली एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने सराहा। कार्यक्रम के अवसर पर प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय एवं कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पूनम धांडे के द्वारा किया गया। इस अवसर पर NSS के वरिष्ठ स्वयंसेवक सत्यम केसरवानी, राहुल साहू, हेमंत, सतीश सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय ने किया। अंत में सुश्री पूनम धांडे ने अतिथियों, प्राध्यापकों, स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

 आत्मशुद्धि के महापर्व पर्युषण बिजुरी में भव्यता से हो रहे







बिजुरी । श्री पर्वराज पर्यूषण दशलक्षण पर्व श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। दस दिवसीय इस पर्व के दौरान प्रतिदिन भगवान की विशेष पूजा-अर्चना, शांतिधारा एवं विभिन्न धार्मिक विधान संपन्न किए जा रहे हैं। जैन समाज के पुरुष, महिलाएं एवं श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर रहे हैं।

दिगंबर जैन परंपरा के इस महत्वपूर्ण पर्व का शुभारंभ 16 सितंबर भादो सुदी  पंचमी से हुआ है। पर्व के दौरान उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दसधर्म की आराधना की जा रही है। दशलक्षण पर्व आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि एवं संयम की साधना का अवसर है, जो श्रद्धालुओं को अहिंसा, क्षमा, त्याग और सदाचार को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। कर्मों की निर्जरा हो आत्मशुद्धि या आत्मा की विशुद्धि मन से कषायों को दूर कर प्राणियों पर दया एवं समता के भाव हो।

दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि यह पर्व आत्मशुद्धि का महापर्व है जिस प्रकार से जैन धर्म का मूल मंत्र अहिंसा परमोधर्म है उसी को आत्मसात आत्म अवलोकन का यह पर्व धर्म के दश लक्षणों के माध्यम से हम अपने जीवन को सार्थक बनाने का यत्न करते हैं,क्रोध, मान,माया,लोभ जैसी कषाय से मुक्ति ही मनुष्य जीवन को बेहतर बना सकती है।

 कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों, शोभायात्रा एवं महाआरती सहित विविध आयोजन प्रतिदिन प्रवचन आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं ।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रातः 8 बजे अभिषेक, शांतिधारा होती है।

*क्षमा और मैत्री का संदेश देगा महोत्सव*

जैन धर्म में क्षमावाणी पर्व का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह पर्व परस्पर क्षमा, मैत्री, सद्भाव एवं आत्मशुद्धि की भावना को सुदृढ़ करता है। क्षमावाणी के अवसर पर श्रद्धालु जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना करते हैं तथा मन में किसी के प्रति बैरभाव न रखने का संकल्प लेते हैं। अनंत चतुर्दशी को भगवान की शोभायात्रा नगर भ्रमण के साथ पर्यूषण पर्व क्षमावाणी मनाकर संपन्न होंगे बिजुरी जैन समाज के  संतोष जैन,नरेश जैन,सौरभ, जैन, वैभव जैन, विनय कुमार, संजय कुमार, सचिन कुमार,शैलेश जैन, आर्जव जैन,अस्तित्व जैन,साथ महिलाओं द्वारा भी भक्ति पूर्वक पूजन विधान किया जाता है, जिनमें श्रीमती,आशा, सुधा,कुसुम,सारिका जैन,डाली, ज्योति, आकांक्षा, अनामिका,संध्या,सुरभि, अंशिका आदि सम्मिलित हुए।

 राधावल्लभ शारदा, पत्रकार एवं सदस्य मध्यप्रदेश श्रम सलाहकार परिषद को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया।


वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान

पत्रकारिता की मौजूदा स्थितियों पर हुआ संवाद

भोपाल । पत्रकारिता के सामने आज के माहौल में जो चुनौतियां घुली हुई हैं,उनसे निपटने के लिए मैदानी पत्रकारों,संस्थानों को ज्यादा साहस जुटाना होगा तथा सामाजिक-राजनीतिक व प्रशासनिक क्षेत्र को अपना नजरिया बदलना होगा। इसी आधार पर पत्रकारिता की आने वाली पीढियां बेहतर संस्कार और विचार पा सकेंगी।

सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय मीडिया संवाद में पत्रकारिता और राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने जो कुछ कहा,उसका यही सार रहा। यह आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार ‘मिंटो हाल’ में हुआ। इस दौरान पत्रकारिता में चालीस से पचास वर्ष गुजार चुके पत्रकारों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया, खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग में आयुक्त रहे आईएएस अफसरों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम-संवाद में मप्र समेत राजस्थान,उप्र,दिल्ली के पत्रकार मौजूद रहे। मीडिया संवाद में वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने कहा कि सत्ता डराने की कोशिश करती है लेकिन तमाम आशंकाओं के बावजूद यदि पत्रकारिता को पूरी निष्ठा से किया जाए तो राजनेताओं समेत हर वर्ग का आदर मिलता है। विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि पत्रकारिता ने मप्र में और देशभर में अपने तरीकों से समय समय पर अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराई है। यह सिलसिला जारी है।

संवाद के दौरान वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने पत्रकारिता की दशा पर दोटूक अंदाज में बात रखी, उन्होंने कहा कि सत्ता से प्रभावित या आक्रांत होकर पत्रकारिता नहीं की जानी चाहिए, न ही समाज इसकी अपेक्षा कभी करता है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत विडंबना यह है कि भारतीय पत्रकारिता में जो कुछ परोसा जा रहा है वह सिर्फ एक पक्ष है और एकपक्षीय बातों को सच नहीं माना जा सकता। यही वजह है कि गोदी पत्रकारिता जैसे जुमले चल पड़े हैं। राहुल देव ने सत्ता पोषित ख़बरनवीस या सत्ता से प्रभावित विचारों को सैध्दांतिक रूप से गलत करार दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मप्र विस के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मौजूदा दौर में खुद को निखारने के लिये पत्रकारों को आत्मचिंतन और आत्मविश्लेषण करने पर जोर दिया, ताकि पत्रकारिता को समाज व देश के निर्माण के लिये उपयोगी बनाया जा सके। पूर्व राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी ने पत्रकारिता के योगदान को रेखांकित किया लेकिन यह भी कहा कि कभी किसी जगह पर पत्रकारिता किसी और दिशा में भटकती या अटकती नजर आती है। इससे उबारने के लिये पत्रकारों और संस्थान के मालिको को मिलकर प्रयास करना होगा। इससे पहले सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के अध्यक्ष विजय कुमार दास ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला और निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता के कालखंडों का उल्लेख किया,उन्होंने कहा कि कई मौके पर पत्रकारों ने सत्ता व सिस्टम से टकराने का साहस दिखाया है और इसके चलते कई बार सरकार को बैकफुट पर भी आते हुए देखा गया है। क्लब ने इसी लिये नये और पुराने पत्रकारों को एक छत के नीचे एकत्र करने का प्रयास किया है, ताकि पुरानी पीढी से नई पीढी भी पत्रकारिता के सबक सीख सके।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला,मंत्री विश्वास सारंग,पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी,समाजवादी नेता रघु ठाकुर, पत्रकारिता विवि के कुल गुरू विजय मनोहर तिवारी व भाजपा नेता राहुल कोठारी मौजूद थे।

लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार: मुख्य अतिथि नरेंद्र सिंह तोमर व कप्तान सिंह सोलंकी ने वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव, विजयदत्त श्रीधर,एनके सिंह,राहुल देव,राजेंद्र शर्मा,प्रमोद गोस्वामी,सुरेश मल्होत्रा,राकेश अचल, रामभुवन सिंह कुशवाह, राधावल्लभ शारदा,राजेश बादल, अभिलाष खांडेकर,रविंद्र जैन,कैलाश गौड़,सुधीर सक्सेना, प्रकाश हिंदुस्तानी, ह्रदयेश दीक्षित,राजेश सिरोठिया,आत्म दीप,प्रेम पगारे,राजेश पांडे, विजया पाठक,हरिमोहन मोदी, देव श्रीमाली,आरिफ मिर्जां, अनुराधा त्रिवेदी,अवधेश भार्गव,इरशाद खान,मनोहर बोथरा ,राम रावल,राधेश्याम अग्रवाल, सुशील अग्रवाल को दिया।

इस मौके पर जनसंपर्क आयुक्त रहे एसके मिश्रा,राकेश श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया।

 *तुलसी महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई का औद्योगिक भ्रमण*




 

      अनूपपुर । 18 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश के अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई का औद्योगिक एवं एक्सपोजर विजिट किया। यह भ्रमण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सक्सेना जी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। भ्रमण के दौरान  अविनाश सिंह, एसई (MP & Trg), ATPS, MPPGCL, चचाई एवं सब इंजीनियर सुश्री शीना खान द्वारा पावर प्लांट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रदान की गई। उन्होंने विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया, ताप विद्युत गृह की कार्यप्रणाली तथा तकनीकी पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।

इसके पश्चात एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर  पदम शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को पूरे पावर प्लांट का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ताप विद्युत गृह में बिजली उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं, संयंत्र की कार्यप्रणाली एवं विद्युत उत्पादन से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।       औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने वाला रहा।यह औद्योगिक भ्रमण स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के प्रकोष्ठ प्रभारी सहायक प्राध्यापक विनोद कुमार कोल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। भ्रमण में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. अमित भूषण द्विवेदी,  ऋषिकेश चंद्रवंशी, डॉ. संजीव द्विवेदी, डॉ. तरन्नुम सरवत एवं सुश्री पूजा चौधरी सहित अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रकोष्ठ प्रभारी  विनोद कुमार कोल ने महाविद्यालय परिवार की ओर से अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को औद्योगिक क्षेत्र की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने हेतु किए गए सहयोग की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के औद्योगिक एवं एक्सपोजर विजिट के आयोजन में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

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