*शासकीय तुलसी महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित जिलास्तरीय कार्यक्रम का हुआ आयोजन


अनूपपुर । 14 दिसंबर2024 अनूपपुर जिले के प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय में आज भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अनिल कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल के कुल गुरु प्रोफेसर राम शंकर त्रिवेदी उपस्थित रहे। प्रो. त्रिवेदी ने अनेक ऋषियों मुनियों द्वारा दिए गए सूत्रों और सिद्धातों की चर्चा करते हुए विषय को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हो रहे अनेक अविष्कार और तकनीकी प्रगति प्राचीन एवं पारम्परिक भारतीय ज्ञान पर आधारित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. सक्सेना ने कहा कि वर्तमान में फिजिक्स और क्वांटम फिजिक्स के साथ विज्ञान के सभी क्षेत्रों में जो नए सिद्धांत निर्मित हो रहे हैं उन सबके पृष्ठभूमि में प्राचीन भारतीय ज्ञान बीज तत्त्व के रूप में उपस्थित है। कार्यक्रम में शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रो. विनोद कुमार शर्मा भी उपस्थित रहें।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अजय राज सिंह राठौर और  प्रभारी प्रो. पूनम धांडे रहीं। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहें । कार्यक्रम में कुल छह विधाओं का आयोजन हुआ जिसमें भाषण,निबंध, सामान्य ज्ञान, पोस्टर, लोकनृत्य एवं लोकगीत शामिल रहा। इसमें अनूपपुर जिले के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भाषण प्रतियोगिता में शासकीय तुलसी महाविद्यालय की छात्रा मीनाक्षी पाण्डेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में कोतमा महाविद्यालय के दल को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। निबंध लेखन प्रतियोगिता में श्रुति पनिका शासकीय महाविद्यालय कोतमा, पोस्टर प्रतियोगिता में कोतमा महाविद्यालय की छात्रा अदिति गौतम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लोकगीत एवं लोकनृत्य विधा में तुलसी महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर श्वेता श्रीवास्तव एवं डॉक्टर सत्येंद्र सिंह चौहान ने किया, अतिथियों एवं समस्त आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर आकांक्षा राठौर ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में  संजीव द्विवेदी,  कृष्णचंद्र सोनी एवं प्रो. विनोद कुमार कोल का विशेष योगदान रहा।


 नवोदय विद्यालय अमरकंटक में रविवार को होगा भूतपूर्व छात्र सम्मेलन ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे अनूपपुर जिलाधीश महोदय ।

 संवादाता / श्रवण उपाध्याय 

अमरकंटक / मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक  में संचालित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में रविवार दिनांक 15/12/24 को छात्र सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया जाना सुनिश्चित हुआ है ।

भूतपूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन जनवि के प्राचार्य डॉ एस के राय के द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार रविवार को प्रात: 11 बजे विद्यालय में भूतपूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन सुनिश्चित किया गया है । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनूपपुर के माननीय जिलाधीश महोदय  हर्षल पंचोली जी की गरिमामई उपस्थिति में  संपन्न होना सुनिश्चित हुआ है । इस शुभ अवसर पर भूतपूर्व छात्र परिषद प्रभारी डॉ ए. के. शुक्ला ने कहा है कि जनवि अमरकंटक , अनूपपुर के समस्त भूतपूर्व छात्रों एवं अनूपपुर जिले मे पदस्थ अन्य जिले के नवोदय विद्यालय के छात्रों (अधिकारियों/कर्मचारियों) से अनुरोध है कि इस समारोह में अपनी मूल्यवान उपस्थिति प्रदान कर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान करे तथा अपने अनुजों का मार्गदर्शन करें । निवेदक समस्त  विद्यालय परिवार ।

 खंडवा के धूनी वाले दादा जी के शिष्य स्वामी शिवानंद महाराज ने पैदल नर्मदा परिक्रमा की प्रारंभ


संवादाता / श्रवण उपाध्याय

 अमरकंटक । मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में गीता जयंती एकादशी से प्रारंभ तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजन गीता स्वाध्याय आश्रम में खंडवा के धूनी वाले दादा जी की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में अखंड संकीर्तन करते हुए  आज समाप्ति पर आज  शुक्रवार 13- 12- 2024 को दादा जी की पूजन अर्चन बाद दादा जी के शिष्य स्वामी शिवानंद महाराज जी विशाल भंडारा करने के बाद नर्मदा उद्गम मंदिर से तीन वर्ष तीन माह तेरह दिवस की नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ की जिसमें एक रथ में सवार धूनी वाले दादा जी की छायाचित्र (मूर्ति) विराजमान कर संतो के अलावा भक्तों की टोली दक्षिण तट से नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ की गई । 

गीता स्वाध्याय आश्रम के महंत स्वामी नर्मदा नंद गिरी जी ने बताया कि स्वामी शिवानंद महाराज ने एकादशी गीता जयंती से तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया । खंडवा के धूनी वाले दादा जी के पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में यह   दादा दरबार के शिष्य मंडली ने भव्य रथ में दादा जी को विराजमान कर नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ कर रहे है । 

स्वामी शिवानंद महाराज जी ने बताया कि नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ कर रहे हैं जिसमें संत और दादा जी भक्त शिष्य मंडली साथ चलेगी । नर्मदा पूजन , यज्ञ हवन और भंडारा करते हुए परिक्रमा चलती रहेगी । अमरकंटक में एकादशी से प्रारंभ तीन दिवसीय पूजन , भजन , कीर्तन कार्यक्रम चलता रहा , धूनी वाले दादा जी की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में शिष्य मंडली के सहयोग से गीता आश्रम में विशाल भंडारा बाद दादा जी का भव्य रथ लेकर नर्मदा जी की परिक्रमा प्रारंभ कर रहे । नर्मदा परिक्रमा अमरकंटक में ही तीन वर्ष बाद पूर्ण होगा ।

अखंड संकीर्तन में दमेहड़ी क्षेत्र विजौरा राम धुन मंडली की गौरी परस्ते की टीम ने अपना सहयोग प्रदान साथ ही अन्य मंडली का कीर्तन में साथ रहा ।

 श्रीमद् भगवद गीता एक अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ- राज्य मंत्री  गौतम टेटवाल


हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि- राज्य मंत्री  दिलीप जायसवाल

गीता जयंती के अवसर पर अमरकंटक में आयोजित हुआ गीता महोत्सव कार्यक्रम 

कार्यक्रम में गीता पाठ, साधु संतों का  सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी हुई प्रस्तुति

अनूपपुर । 11 दिसंबर 2024 मध्य प्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने कहा है कि श्रीमद् भगवद गीता एक अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ है। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य वचनों में सम्पूर्ण जीवन की व्याख्या है। संसार की समस्याओं और मनुष्य की व्यस्थाओं का समाधान है। “गीता” की महिमा का शाब्दिक वर्णन करना कठिन काम है। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करते ही मकर संक्रांति, गोवर्धन पूजा, विजयदशमी, धनतेरस रक्षाबंधन इत्यादि त्योंहार पूरे हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ मनाए जाने का निर्णय लिया। ऐसे मुख्यमंत्री का हृदय से मैं अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री एवं हमारी सरकार ने गीता जयंती मनाने का भी निर्णय लिया है, जो हमारे भारतीय संस्कृति के मान और सम्मान को प्रदर्शित करती है। गीता जयंती इसी तारतम्य में हो रही है। मध्य प्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल अनूपपुर जिले के अमरकंटक में गीता जयंती के अवसर पर आयोजित गीता महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

 मंत्री  टेटवाल ने गीता जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गीता स्वस्वर पढ़ें मंत्र से मन के विकार खत्म होते है, उन्होंने सभी से रोज श्रीमद्भागवत गीता पढ़ने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि आज सभी ओर सनातन संस्कृति की ध्वजा लहरा रही है, और श्रीमद्भगवद् गीता की शिक्षाओं से सम्पूर्ण धरा लाभान्वित भी हो रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा के महत्व को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि हमारा देश संत, आचार्य एवं गुरुओं का देश है। देश की संस्कृति को संवारने का हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के प्रकाश से विश्व प्रकाशमान हो रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आध्यात्मिक नवजागरण के लिए अनूठे प्रयासों की श्रृंखला शुरू की है। जो भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र गीता में समाहित है और गीता सदैव हमारी प्रेरणा रही है, यही कारण है कि आज दुनिया की लाखों सभ्यताएं नष्ट भ्रष्ट हो गई परंतु हमारी हस्ती आज भी कायम है। हमने हमेशा आध्यात्म को सर माथे रखा। हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि हैं। उन्होंने गीता जयंती की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि हम सभी मनुष्यों के लिए गीता का ज्ञान बहुत ही आवश्यक है, 18 अध्याय तथा लगभग 700 श्लोक हैं, जो जीवन मे सकारात्मक परिवर्तन लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गीता जयंती मनाने का निर्णय धर्म की स्थापना तथा महाभारत में गीता के उपदेश जीवन में चरितार्थ करने हेतु मनाया जा रहा है।

कार्यक्रम को श्री धारकुंडी आश्रम के स्वामी लवलीन महाराज जी ने संबोधित करते हुए कहा कि गीता जयंती सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा है। आज गीता जयंती का अवसर अद्भुत और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी को गीता जयंती की मंगलकामनाएं। उन्होंने कहा कि सभी को कर्तव्य पथ पर चलते रहना चाहिए। ‌ श्रीमद्भागवत गीता 5 हजार से अधिक वर्ष पूर्व श्री कृष्ण के मुखारबिंदु से प्राप्त हुए थे, जो आज भी लोगों का सत्कर्म का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कर्म हमारे हाथ है, भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के समय धनुर्धर अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था तथा धर्म युद्ध लड़ने हेतु प्रेरित किया था। गीता हमें धर्म के मार्ग पर चलना तथा धर्म की रक्षा सदैव करने की सीख देता है।

*पूज्य महंत तथा संत, महात्मा का साल एवं श्रीफल देकर भेंट कर किया गया सम्मानित* 

कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों अधिकारियों तथा साधु संतों द्वारा मां नर्मदा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित, माल्यार्पण तथा कन्या पूजन कर किया गया। इस दौरान अमरकंटक के विभिन्न आश्रमों से पधारे पूज्य महंत तथा संत महात्माओं का साल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। 

*मृत्युंजय आश्रम के बटुकों ने श्रीमद् गीता के 11 वें अध्याय का किया सस्वर वाचन* 

कार्यक्रम के दौरान मृत्युंजय आश्रम के बटुकों द्वारा श्रीमद् भगवत गीता के 11वें अध्याय का वाचन किया गया तथा गीता के वैश्विक प्रभाव एवं सार के संबंध में सभी को अवगत कराया गया। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य वचनों में सम्पूर्ण जीवन की व्याख्या, संसार की समस्याओं और मनुष्य की व्यस्थाओं का समाधान है। “गीता” की महिमा का शाब्दिक वर्णन किया गया।‌

*कार्यक्रम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी गई प्रस्तुति*

गीता जयंती महोत्सव में सरस्वती शिशु मंदिर अमरकंटक के पांच छात्रों द्वारा "अच्युतम केशवम", कल्याणीका केंद्रीय शिक्षा निकेतन अमरकंटक के द्वारा "यदा यदा ही धर्मस्य" के तहत एकल नृत्य, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमरकंटक के नौ विद्यार्थियों द्वारा "गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो" एरोबिक योगा, जवाहर नवोदय विद्यालय अमरकंटक के पांच विद्यार्थियों द्वारा "कान्हा सो जा जरा", कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन अमरकंटक के 8 प्रतिभागियों द्वारा "देवी गीत" तथा नवीन माध्यमिक शाला अमरकंटक के पांच छात्राओं द्वारा "मधुबन में कन्हैया" गीत के तहत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, साधु संत एवं नागरिकों को मंत्रमुग्ध कर रही थी ।

कार्यक्रम में विधायक पुष्पराजगढ़  फुंदेलाल मार्को, कलेक्टर  हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक  मोती उर रहमान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  तन्मय वशिष्ठ शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष अमरकंटक श्रीमती पार्वती सिंह, विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष  रामदास पुरी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़  सुधाकर सिंह बघेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गणेश पांडे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक  भूपेंद्र सिंह सहित जिले के अन्य संबंधित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, साधु संत गण, नागरिक तथा विद्यार्थी, पत्रकार उपस्थित थें।

 सूचना अधिकार अधिनियम की  उड़ाई जा रही धज्जियां नहीं दे रहे समय पर जानकारी


 

प्रथम अपीली अधिकारी के आदेश हुए निराधार नहीं मिली समय पर जानकारी 

अनूपपुर 

सूचना अधिकार अधिनियम अक्टूबर 2005 को लागू किया गया था जो भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा हथियार माना जाता रहा है इस अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग से जानकारी प्राप्त कर सकता है लेकिन औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र बेनिवारी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र कोतमा प्राचार्य के द्वारा उक्त अधिनियम की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

गौरतलब है कि औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र बेनिवारी के प्राचार्य और कोतमा औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य से ज्ञानेंद्र पांडे ने उक्त अधिनियम के तहत जानकारी चाही थी लेकिन नियम तह दिवस पूर्ण होने के बाद जब जानकारी नहीं दी गई तो आवेदक कर्ता ने संयुक्त संचालक कार्यालय के अधिकारी को सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19(1) के अंतर्गत अपील की जिस पर संयुक्त संचालक के द्वारा 15 अक्टूबर 2024 को प्रथम अपील की सुनवाई के लिए रीवा कार्यालय बुलाया गया लेकिन जब अपील कर्ता दिए गए समय के अनुसार कार्यालय में उपस्थित हुआ तो कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी के द्वारा बताया गया कि अपील की सुनवाई की दिनांक 15 की जगह 22 अक्टूबर कर दी गई है जिस पर 200 किलोमीटर दूर जाने के बावजूद अपीली करता को फिर से वापस आना पड़ा लेकिन दिए गए दिनांक 22 अक्टूबर को पुनः अपील कर्ता अनूपपुर जिले से रीवा कार्यालय में जाकर सुनवाई में उपस्थित हुआ विभाग के मुखिया संयुक्त संचालक रीवा के द्वारा आवेदक कर्ता के आवेदन को पढ़ाते हुए सारी जानकारी देने योग्य पाई गई जिस पर बेनिवारी प्राचार्य को सात दिवस के भीतर सारी जानकारी अपीली कर्ता को देने के आदेश दिए और वही कोतमा आईटीआई से संबंधित जानकारी भी देने के लिए आदेशित किया गया लेकिन समय बीत जाने के बावजूद उक्त दोनों प्राचार्य के द्वारा आज दिनांक तक कोई भी जानकारी नहीं दी गई है जो कहीं ना कहीं सूचना अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन कर मनमर्जी पर उतारू होने का प्रमाण दे रहे हैं जिस पर ना तो विभाग के द्वारा कोई दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है जिससे उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को और राशि के दोहन की जानकारी छुपाई जा रही है अगर समय रहते वह दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो उनके द्वारा किए गए बड़े पैमाने में भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सकता है लेकिन एक प्राचार्य अधिनियम  तो अधिनियम अपने मुखिया के आदेशों की भी खुली धज्जियां उड़ा रहा है यह कहीं ना कहीं विभाग के मुखिया पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

 हर पात्र हितग्राही को योजनाओं का लाभ दें - मुख्यमंत्री


प्रदेश में मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान चलेगा 11 दिसम्बर से 26 जनवरी तक - मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान में प्रत्येक पंचायत और नगरीय निकाय के वार्डों में लगेंगे शिविर 

मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से लोक कल्याण अभियान की तैयारियों के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से किया संवाद

 अनूपपुर । 08 दिसम्बर 2024 मध्य प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी तक लोक कल्याण अभियान तथा 15 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से अभियान की तैयारियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करना है। अभियान 11 दिसम्बर से गीता जयंती से आरंभ होगा। इसका समापन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस को होगा। अभियान के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय के प्रत्येक वार्ड में शिविर लगाकर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। इन शिविरों में भी यदि हितग्राही लाभ पाने से वंचित रह गए तो उन्हें 26 जनवरी को लाभान्वित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और शहरी क्षेत्र के लिए आयुक्त नगर निगम नोडल अधिकारी होंगे। कलेक्टर पूरे जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के शिविरों की तिथियां निर्धारित कर प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से उनका प्रचार-प्रसार कराएं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शिविर के लिए नोडल अधिकारी तथा अधिकारियों के दल तत्काल तैनात कर दें। प्रत्येक दिन की गतिविधि तथा लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज होगी। विभाग अपनी योजनाओं का लाभ देने के लिए अलग से भी शिविर लगा सकते हैं। परिवहन विभाग स्कूल और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाएं। राजस्व महाभियान अब 15 दिसम्बर को समाप्त नहीं होगा। यह अभियान 26 जनवरी तक चलाया जाएगा। लोक कल्याण अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों, विकास खण्डों, अधिकारियों और कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस में सम्मानित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक लोक कल्याण पर्व मनाया जाएगा। इस अवधि में अलग-अलग विषयों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 11 दिसम्बर को गीता जयंती पर गीता पाठ का आयोजन होगा। अभियान के दौरान सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार किया जाए। लोकार्पण और भूमिपूजन के कार्य भी कराए जाएंगे। 

इस दौरान एनआईसी केंद्र से राज्य शासन के कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार  दिलीप जायसवाल, कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  राम लाल रौतेल जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह,कलेक्टर हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक  मोति उर रहमान, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती वाल्मीकि राठौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सहायक कलेक्टर महिपाल सिंह गुर्जर, संयुक्त कलेक्टर  दिलीप पांडे सहित समस्त जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थें।

 राजनैतिक शुचिता के सितारे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शंकर बाबूजी का निधन


अनूपपुर में सोमवार  की सुबह सोन तट पर  होगा अंतिम संस्कार

अनूपपुर । समाजसेवी नागरिक, संयुक्त शहडोल जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता , लेखक,चिंतक,विचारक शंकर बाबू शर्माजी का रविवार की सुबह आकस्मिक दुखद निधन हो गया। वो 92 वर्ष के थें और कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थें।   प्रमोद शर्मा ( राजेन्द्रग्राम)  एवं  विनोद शर्मा, (शंकर मेडिकल,अनूपपुर ) के पिता श्री हैं । उनकी अंतिम संस्कार यात्रा सोमवार की प्रात: 10 बजे निज निवास , वार्ड क्रमांक 9 , अनूपपुर से सोन तट के लिये प्रारंभ होगी। 

श्री शर्मा कांग्रेस की राजनीति में शंकर बाबू के नाम से विख्यात रहे हैं। जब केन्द्र और मध्यप्रदेश में कांग्रेस का एक छत्र राज्य था तो शहडोल संसदीय क्षेत्र में शंकर बाबू के नाम की तूती बोलती थी। अनूपपुर के विकास में उनका योगदान किसी मंत्री, सांसद, विधायक से कम नहीं रहा। उनके निधन के साथ ही क्षेत्र की राजनीति से सादगी, सदाचार शुचिता की राजनीति का भी अंत हो गया।

1932 में जन्मे शंकर बाबू का जीवन समाज, राष्ट्र, विचारधारा, आध्यात्म और संस्कारों के लिये समर्पित रहा। वे वर्ष 1965 से 1970 तक अनूपपुर के सरपंच, 1977 मे अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी, वर्ष 2003 में नगर परिषद अनूपपुर के कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार थें।संयुक्त शहडोल जिला के अग्रणी कांग्रेस नेता के रूप में उनकी ख्याति थी।।जिला सहकारी बैंक शहडोल के डायरेक्टर, महाराष्ट्र बैंक के डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर वे रह चुके थें।

वे चिंतक विचारक और एक अच्छे लेखक भी थे‌ं।

जिला गठन के पूर्व आंखों के मरीजों के लिए बापू नवज्योति शिविर का आयोजन विगत कई वर्षों तक किया। जिसके शंकर बाबू जी सचिव थें। हजारों आंखों के रोगियों को इस शिविर का लाभ मिला।

शंकर प्रसाद शर्मा जी के निधन से उपजी रिक्तता को आज के परिदृश्य में हाल फिलहाल नहीं भरा जा सकता। 

स्व दलवीर सिंह,स्व राम किशोर शुक्ला, स्व कृष्णपाल सिंह की पीढी के एक और राजनीतिक - सामाजिक- आध्यात्मिक सितारे के अस्त होने का दुख सभी को वर्षो - वर्ष बना रहेगा।

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