बोर्ड परीक्षा के पूर्व विगत वर्षों के प्रश्न पत्र अनिवार्यता से कराएं हल- कलेक्टर


    

अनूपपुर। 28 जनवरी 2026 कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने आज विकासखंड जैतहरी अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पसला एवं फुनगा का निरीक्षण कर बोर्ड परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे संवाद कर परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों से बोर्ड परीक्षा की तैयारी के संबंध में जानकारी ली तथा रिमेडियल कक्षाओं की स्थिति और हल कराएं जा रहे प्रश्नपत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने प्री-बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से गणित और अंग्रेजी विषयों में विद्यार्थियों की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर  पंचोली ने विद्यालय पसला में कक्षा दसवीं के विद्यार्थी संदीप यादव और उर्मिला बैगा से अपने समक्ष गणित एवं अंग्रेजी विषय के कुछ प्रश्न हल कराएं और स्वयं उनके उत्तरों की जांच भी की। इसी प्रकार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फुनगा में छात्र विवेक सिंह और कुलदीप पटेल से अभ्यास हेतु दिए जा रहे प्रश्नपत्रों में से गणित और अंग्रेजी के प्रश्न हल कराएं गए तथा उनके उत्तरों का मूल्यांकन किया गया। कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को किन विषयों और किन प्रश्नों में कठिनाई आ रही है, इसका विस्तृत विश्लेषण कर रिमेडियल कक्षाओं में उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। 

कलेक्टर  पंचोली जी ने कहा कि परीक्षा के अंतिम 10 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इस अवधि में विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं पर विशेष फोकस रखते हुए सकारात्मक परीक्षा परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षा से पूर्व विगत वर्षों के प्रश्नपत्र अनिवार्य रूप से विद्यार्थियों से हल कराएं जाएं। शिक्षकों से अपेक्षा की गई कि परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करें, कमजोर विद्यार्थियों की अलग से पहचान कर उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन दिया जाए तथा प्रतिदिन अतिरिक्त कक्षाएं संचालित कर सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए पूर्ण रूप से तैयार किया जाए।

कलेक्टर  पंचोली जी ने शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी नियमित रूप से रिमेडियल कक्षाओं में भाग लें और विगत वर्षों के प्रश्नपत्र अनिवार्य रूप से हल करें, ताकि परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति को अच्छी तरह समझ सकें। उन्होंने टाइम मैनेजमेंट, अनुशासन और परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र हल करने की सही रणनीति पर विशेष जोर दिया। विद्यार्थियों को वन लाइनर प्रश्नों की निरंतर प्रैक्टिस कराने, अंग्रेजी विषय में पैसेज सॉल्व करने की तकनीक, ग्रामर की मजबूत तैयारी तथा महत्वपूर्ण टॉपिक्स का रिवीजन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों की विषयवार कमजोरियों की पहचान कर उन्हें लक्षित अभ्यास कराएं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ें और वे बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। 

इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी  तुलाराम आर्मों सहित विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित थें।

 डी वी एम पब्लिक स्कूल अनूपपुर में 77 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया



अनूपपुर । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट  संतोष अग्रवाल जी विशिष्ट अतिथि श्रीमती कुमकुम सिंह सबसे पहले ध्वजारोहण किया गया। तिरंगे की सलामी और राष्ट्रगान का गायन हुआ। इसके बाद भारत माता की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि , एवं विद्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती  सुशीला कुलवंत द्वारा किया गया।

इसके बाद संगीत शिक्षक ऋषि राज सिंह द्वारा बच्चों से स्वागत गीत का गायन कराया गया। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों पर अपने नृत्य की प्रस्तुतियां दीं।

मुख्य अतिथि महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि डीवीएम पब्लिक स्कूल अनूपपुर में एक ऐसा  सीबीएसई स्कूल है जहां की पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार दिए जाते हैं चाहे भोजन मंत्र हो, या शांति पाठ और यहां तक की प्रार्थना में संस्कृत से शुभारंभ होता है। यहां पर अंग्रेजी का अच्छा माहौल रहता है।

इस कार्यक्रम में सभी शिक्षक - शिक्षिकाओं का पूर्ण सहयोग रहा कार्यक्रम सराहनीय रहा। 

अंत में प्राचार्या सुशीला कुलवंत ने सभी अभिभावकों को धन्यवाद ज्ञापित की।  भविष्य में विद्यालय की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा अमूल्य समय देकर के विद्यालय में उपस्थित हुए इसी तरह के जब भी विद्यालय में कोई कार्यक्रम हो आप लोग अधिक से अधिक संख्या में पधार कर बच्चों का उत्साह वर्धन कीजिए।

 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस


 

अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में 77 वां गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो ब्योमकेश त्रिपाठी ने तिरंगे को सलामी दी। इसके पश्चात, एन.सी.सी., एन.एस.एस. के विद्यार्थियों और सुरक्षा प्रहरियों ने परेड निकाली जिसका वहां उपस्थित सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों एवं छात्रों ने तालियों से जोरदार उत्साह वर्धन किया। प्रो. त्रिपाठी ने उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया,अपने उत्साहवर्धन भाषण में प्रो त्रिपाठी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी कहते है कि एक तरफ कल्चर होना चाहिए एक तरफ इकोनॉमी होना चाहिए। हमारी संस्कृति हमारे जीवन के साथ-साथ सम्पूर्ण सम्बन्धों का आधार है. आज सरकार रोजगार सृजन, कमजोर समूहों के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, और आर्थिक नीतियों के माध्यम से समावेशी विकास कि ओर तीव्र गति से कदम बड़ा रही है। इसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में, भारत की सबसे बड़ी ताकत पूरी दुनिया में सबसे अधिक युवा आबादी का होना है, यह युवा आबादी सूचना प्रोद्योगिकी के साथ जुड़कर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वे अपनी नई पहल, नवोन्मेषी क्षमता को तकनीकी से जोड़कर सतत विकास के लक्ष्यों कि ओर तीव्रता से कदम बढ़ा रहे है।  हम सबको भारत रत्न डॉ भीम राव अंबेडकर के आदर्शो पर चलना चाहिए।जब विश्वविद्यालय बढ़ेगा तो समाज आगे बढ़ेगा, देश आगे बढ़ेगा। अपने संबोधन में उन्होंने संविधान के मूल्यों, लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों में बाहरी सेवा क्षेत्र के कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवा देने के लिए प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया गया। अंत में, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो हरिनारायण मूर्ति ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया । कार्यक्रम में अकादमिक निदेशक प्रो. भूमिनाथ त्रिपाठी, डी एस डब्लू प्रो. तरुण ठाकुर, कुलानुशासक प्रो. मनीषा शर्मा, चीफ वार्डन प्रो. पूनम शर्मा सहित सभी संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की रूपरेखा समिति के अध्यक्ष प्रो. एम.टी.वी. नागाराजू, एन.सी.सी. लेफ्टिनेट प्रो जितेंद्र सिंह एवं डॉ पूनम पाण्डेय, एन.एस.एस. समन्वयक डॉ. जयंत बेहरा, डॉ. उदय सिंह राजपूत, डॉ. शिवाजी चौधरी, डॉ. प्रणय सोनी ने तैयार की थी। डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह ने मंच का शानदार संचालन किया। प्रभारी कुलपति प्रो. ब्योमकेश त्रिपाठी ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहें।

 भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में पालक दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न


अनूपपुर । भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर  में दिनांक 22 जनवरी 2026, गुरुवार को  पालक दिवस समारोह अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामई वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियां, अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता एवं अतिथियों के प्रेरणादाई उद्बोधनों से सराबोर रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  राजमणि पांडेय, विकासखंड संसाधन समन्वयक (बीआरसी), अनूपपुर रहें। पांडे जी वर्ष 2024 से जनपद शिक्षा केंद्र, अनूपपुर में समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विभागीय गतिविधियों के संचालन एवं प्रशिक्षण प्रभारी का दायित्व भी निभा रहे हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में  सुमित केरकट्टा, एसडीओपी, अनूपपुर उपस्थित रहें। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त अभिभावकों की गरिमामई उपस्थिति रही।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं ईश्वर वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना गीत, स्वागत उद्बोधन एवं स्वागत नृत्य ने कार्यक्रम को आकर्षक एवं भावनात्मक प्रस्तुति हुई, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने मुक्त कंठ से सराहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा “हमारे प्रथम गुरु”, “नन्हे हृदय – महान प्रेम”, नाट्य प्रस्तुति, “छोटे कदम – बड़ी मुस्कान”, एक्शन गीत, वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुति एवं “एकता में विविधता” जैसे विविध एवं प्रेरणादाई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने माता-पिता के प्रति अपने प्रेम, सम्मान, कृतज्ञता एवं संस्कारों को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त किया।

मुख्य अतिथि  राजमणि पांडेय जी ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता-पिता एवं शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रकार के आयोजनों की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विशिष्ट अतिथि  सुमित केरकट्टा जी ने विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रदान की तथा विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक चेतना के विकास पर बल दिया।

कार्यक्रम का समापन विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जी. एलेक्जेंडर के प्रेरणादाई संदेश, धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया।

कुल मिलाकर यह पालक दिवस समारोह बच्चों, अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार के लिए एक अविस्मरणीय, प्रेरणादायक एवं भावनात्मक अनुभव सिद्ध हुआ।

 पेंटिंग के रंगों में उभरी यातायात जागरूकता





अनूपपुर । DVM इंग्लिश मीडियम स्कूल अनूपपुर के छात्र-छात्राओं ने चित्रकला के माध्यम से सीखे यातायात नियम । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान (IPS) के निर्देश पर  DVM इंग्लिश मीडियम स्कूल अनूपपुर में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कला के माध्यम से यातायात नियमों का सुंदर एवं संदेश  परक चित्रण  किया।

प्रतियोगिता में विजेता

प्रथम स्थान – सुश्री सोनाक्षी (कक्षा 9)

द्वितीय स्थान – सुश्री स्वाति (कक्षा 9)

तृतीय स्थान – सुश्री तथा द्विवेदी (कक्षा 8) प्राप्त किया

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं ने कड़ी मेहनत एवं रचनात्मकता के साथ आकर्षक चित्र बनाकर यातायात नियमों की उपयोगी जानकारी प्राप्त की तथा सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।

यह कार्यक्रम अनूपपुर पुलिस  द्वारा चलाएं जा रहे सतत् जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा रहा। यातायात पुलिस अनूपपुर द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक एवं जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे बच्चों एवं आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

यातायात पुलिस अनूपपुर


 *कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा माता- पिता के घर एवं मोटर सायकल में आग लगाने वाला  पुत्र गिरफ्तार


अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम जी एवं एसडीओपी  सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा शनिवार की शाम दिनांक 17.01.2026 अनूपपुर नगर के वार्ड नं. 02 नदियां टोला में रहने वाली शीला तिवारी पति स्व. शहजाद अली के घर के अंदर एवं मोटर सायकल में आग लगाने वाले पुत्र शिव तिवारी उर्फ साहिल पिता शिव शंकर तिवारी उम्र करीब 20 वर्ष निवासी वार्ड नं. 02,  नदियां टोला, अनूपपुर को गिरफ्तार किया गया है।

उल्लेखनीय है कि शीला तिवारी पति स्व. शहजाद अली उम्र करीब 37 वर्ष निवासी वार्ड नं. 02,  नदियां टोला, अनूपपुर के द्वारा शनिवार को थाना कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई की वर्तमान में वह अशोक पटेल के साथ रहती है जो पूर्व पति स्वर्गीय शहजाद अली से पैदा हुआ 20 वर्षीय पुत्र साहिल उर्फ शिव तिवारी के द्वारा दोपहर करीब 02 बजे घर के अंदर घुसकर माचिस से आग लगा दी गई और जलते हुये कपड़े को घर के बाहर लाकर बाहर खड़ी मोटर सायकल होण्डा साईन क्र. एमपी-65 एमसी-9318 को भी आग से जला दिया गया। उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्र. 36/2026 धारा 296-बी, 326 (जी), 324(4), 351(2) बीएनएस पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व में सउनि गोविन्द पनिका, सउनि सुरेन्द्र प्रताप सिंह, प्र. आर. रीतेश सिंह एवं अमित मराबी के टीम के द्वारा तत्काल आरोपी शिव तिवारी उर्फ साहिल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी शिव तिवारी उर्फ साहिल आदतन आरोपी है जिसके विरूद्ध से नकबजनी, चोरी, मारपीट, गाली गलौज, चोट पहुंचाना एवं धमकी देने के आधा दर्जन मामले पंजीबद्ध हैं।

 भारत ज्योति विद्यालय के सामाजिक सेवा कार्य: दिव्यांग छात्रावास, ममता बालगृह और वृद्धाश्रम में समय बिताकर मानवीय संवेदनाओं का विकास


































अनूपपुर । भारत ज्योति विद्यालय के कक्षा 3 और 4 के छात्रों ने एक विशेष सामाजिक सेवा कार्य के तहत दिव्यांग छात्रावास में समय बिताया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के साथ खेल खेले, गाने गाए और उनके साथ दोस्ती की। इस दौरान, कक्षा 6 और 8 के छात्रों ने वृद्धाश्रम का दौरा किया, जहां उन्होंने वृद्धजनों के साथ समय बिताया और उनके अनुभवों को सुना। इस कार्य के माध्यम से बच्चों ने समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति अपनी संवेदनाओं और समझ को गहरा किया। बच्चों ने वृद्धजनों से उनके जीवन के अनुभव सीखे और अपनी बातें भी साझा की। इस अनुभव ने बच्चों में सहानुभूति, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराया।

यह कार्यक्रम बच्चों को यह सिखाने का एक प्रयास था कि समाज के हर वर्ग के प्रति समान सम्मान और प्यार होना चाहिए, चाहे वह दिव्यांग हो या वृद्ध। यह कार्य बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

 *कक्षा 5 के छात्रों ने अनूपपुर जिले में  शैक्षिक यात्रा का अनुभव लिया*

 बच्चों ने  विभिन्न सरकारी विभागों का दौरा किया और समाज सेवा, कानून व्यवस्था और बाल कल्याण के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की। यात्रा की शुरुआत  कोतवाली अनूपपुर से हुई, जहां कोतवाली प्रभारी  अरविंद जैन जी ने छात्रों को कोतवाली की कार्यप्रणाली और पुलिस के कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। छात्रों को कोतवाली में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, जैसे हथियार और सुरक्षा जैकेट, के बारे में भी बताया गया।  जैन जी ने छात्रों को उनकी पढ़ाई पर ध्यान देने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी।

इसके बाद, छात्रों ने ममता बाल गृह का दौरा किया, जहां उन्हें यह समझाया गया कि घर छोड़ने के खतरों से बचने के लिए परिवार का समर्थन कितना महत्वपूर्ण है। इसके पश्चात, छात्रों ने आदिवासी कल्याण विभाग का दौरा किया और वहां विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में जाना, जो विशेष रूप से बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनाएं गए हैं।

यात्रा के अगले पड़ाव में, छात्रों ने एसपी कार्यालय में अतिरिक्त एसपी  जगन्नाथ मरकाम जी और डीएसपी  एन. एस. ठाकुर,एस आई मोहन राठौर से मुलाकात की।  मरकाम ने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए छात्रों को यह बताया कि कड़ी मेहनत और शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। डीएसपी  ठाकुर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्हें समाज में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की सलाह दी।इसके बाद छात्रों ने जनजातीय कल्याण विभाग का दौरा किया, जहां उन्होंने एसी श्रीमती सरिता नायक और एओ  बाजपेयी जी से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों को अनूपपुर जिले में बच्चों के कल्याण के लिए उपलब्ध सरकारी सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिले में शिक्षा और बच्चों के भविष्य को सुधारने के लिए चलाएं जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों को अपने भविष्य के लिए अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

यात्रा का अंतिम पड़ाव था बाल समिति, जहां छात्रों को बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विशेष रूप से, उन्हें "अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श" जैसे सुरक्षा उपायों के बारे में समझाया गया।

*निष्कर्ष*

 यह शैक्षिक यात्रा छात्रों के लिए एक मूल्यवान अनुभव रही, जिसमें उन्होंने समाज सेवा, कानून व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारियों को समझा। इस यात्रा ने बच्चों को न केवल उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी, बल्कि उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया।

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