भारतीय जन नाट्य संघ का तीन दिवसीय दसवां राज्य सम्मेलन सम्पन्न, सदाचार के तावीज से परसाई के गूंजे बोल


*अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने जनकवि धूमिल की कविता "पटकथा" का एकल का सफल मंचन*

अनूपपुर । वैचारिक रूप से जनप्रतिबद्ध कला और जन संस्कृति का संरक्षक और संवाहक भारतीय जन नाट्य संघ का मध्य प्रदेश का दसवां राज्य सम्मेलन छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट स्थित अनूपपुर के बलराज साहनी सभागृह में संपन्न हुआ। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आये कलाकारों ने, देश-दुनिया के मौजूदा हालात पर गंभीरता से चिंतन-मनन किया और नाट्य विधा की विभिन्न प्रस्तुतियाँ पेश कीं। आयोजन में इप्टा इंदौर इकाई द्वारा हरिशंकर परसाई की कहानी पर आधारित "सदाचार का तावीज़" की नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को ठहाके लगाने के साथ-साथ सोचने पर विवश कर दिया। यही परसाईजी की लेखनी की विशेषता भी थी। 

सम्मेलन में अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने जनकवि धूमिल की कविता "पटकथा" का एकल मंचन किया। प्रयागराज (इलाहाबाद) की समानांतर संस्था ने "असमंजस बाबू", इप्टा लखनऊ के कलाकारों ने स्वतंत्रता संग्राम के 100 वर्षों की अवधि को समेटे हुए क्रांतिकारी अशफाक उल्ला की "दास्तान-ए-अशफाक" को किस्सागोई से तथा विवेचना इप्टा जबलपुर ने "72 मील" नाटक के माध्यम से हमारे समाज की विसंगतियों पर चोट की और दर्शकों का मन मोह लिया।

राज्य सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी और इप्टा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश वेदा (लखनऊ) ने कहा कि वर्तमान समय विश्व के लिए उलझन भरा है। लेखक, रंगकर्मी, पेंटर अपने-अपने माध्यमों से इसे अभिव्यक्त कर रहे हैं। 

प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य सचिव सत्यम पांडे (भोपाल) ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद यह सम्मेलन एक उपलब्धि है। धर्म के नाम पर राजनीति विस्तारित हो रही है। खगोल विज्ञानी अमिताभ पांडे के अनुसार संस्कृति, प्रकृति और समाज के संबंधों को निर्धारित करती है। मनुष्य ब्रह्मांड में अपनी औंक़ात नहीं समझ पा रहा है, यह उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है। सम्मेलन में प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न प्रस्ताव रखे गए, जिन्हें सर्वानुमति से पारित किया गया। सम्मेलन के संगठन सत्र में महासचिव शिवेंद्र शुक्ला ने अपने कार्यकाल की रिपोर्ट पेश की। उस रिपोर्ट पर विभिन्न इकाइयों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। 

आगामी वर्षों के लिए कार्यकारिणी का सर्वानुमति से गठन किया गया। संरक्षक मंडल में हिमांशु राय, डॉक्टर विद्या प्रकाश, विजय नामदेव, अध्यक्ष मंडल में विनीत तिवारी, अनिल दुबे, सीमा राजोरिया, हरनाम सिंह, पंकज दीक्षित, विजेंद्र सोनी, अध्यक्ष हरिओम राजोरिया, महासचिव शिवेंद्र शुक्ला, कोषाध्यक्ष नीरज खरे, सचिव मंडल में अभिषेक अंशु, सारिका श्रीवास्तव, हूरबानो सैफी, गुलरेज़ खान, आयुष सोनी, कार्यकारिणी में रामदुलारी शर्मा, पल्लविका पटेल, आदित्य रुसिया, अफरोज़ ख़ान, प्रमोद बागड़ी, मुकेश बिजौले, अशोक दुबे, सचिन वर्मा, बद्रीश पांडे, योगेश कुशवाहा को निर्वाचित घोषित किया गया। सम्मेलन में कलाकारों ने विभिन्न अवसरों पर जनगीतों की प्रस्तुति दी।  कार्टून और पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। 

सम्मेलन के प्रारंभ में आयोजन समिति की अध्यक्ष पल्लविका पटेल, महासचिव लक्ष्मी खेड़िया ने अतिथियों का स्वागत किया। श्रम संगठन एटक के एस.एस. मौर्य के शुभकामना संदेशों का वाचन कोषाध्यक्ष श्रद्धा सोनी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजेंद्र सोनी, गिरीश पटेल, आयुष सोनी, बेथल हायर सेकेंडरी विद्यालय के संचालक नोवेल की सहभागिता विशेष रूप से रही।


*💥 “अब ‘फट-फट’ नहीं, सीधे एक्शन!” — मॉडिफाइड साइलेंसर पर अनूपपुर पुलिस की सख्त कार्यवाही मौके पर साइलेंसर की जब्ती 🚫*


*🔊 “तेज आवाज पर सख्त प्रहार” — अनूपपुर पुलिस का मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान शुरू*

✍️अनूपपुर-जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण एवं यातायात नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक अनूपपुर * मोती उर रहमान (IPS)* के द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर के विरुद्ध *साप्ताहिक विशेष अभियान* प्रारंभ किया गया है।

👉अभियान के पहले ही दिन यातायात पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए *3 मॉडिफाइड साइलेंसर लगे बुलेट वाहनों से साइलेंसर जब्त* किया तथा संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही की गई।

👉पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध एवं तेज ध्वनि उत्पन्न करने वाले साइलेंसर का उपयोग करने वालों के *विरुद्ध सख्त कार्यवाही* की जाए। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले के विभिन्न स्थानों पर नियमित जांच की जाएगी।

📢अनूपपुर पुलिस आमजन से *अपील* करती है कि वे अपने वाहनों में केवल मानक (स्टैंडर्ड) साइलेंसर का ही उपयोग करें एवं यातायात नियमों का पालन करें, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

📍*यातायात पुलिस अनूपपुर*

 *लोहे की रॉड लेकर माता-पिता को मारने रात्रि में घर में घुसा पूर्व जिला बदर बदमाश कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार*


 अनूपपुर । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जगन्नाथ मरकाम एवं प्रभारी एस.डी.ओ.पी. अनूपपुर  नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस द्वारा मंगलवार की देर रात्रि पूर्व जिला बदर एवं सूचीबद्ध निगरानी बदमाश प्रकाश बासिल निवासी अनूपपुर को अपने माता-पिता पर हमला करने के लिए रोड लेकर घर में घुसने के रिपोर्ट पर  गिरफ्तार किया गया है। 

 दिनांक 07.04.2026 दिन मंगलवार को बसंत वासिल पिता सुखमंता वासिल उम्र 52 साल निवासी पटोराटोला,  अनूपपुर द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में अपनी पत्नी के साथ पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसका बेटा प्रकाश वासिल आदतन अपराधी है,  जिसके विरुद्ध करीब एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले हैं और पूर्व में जिला बदर भी रह चुका है और चार दिन पूर्व ही एक मामले में जेल से  छूटा है। मंगलवार की रात करीब 10:00 बजे प्रकाश वासिल लोहे की राड लेकर घर में माता-पिता के साथ मारपीट करने के लिए घुसा है, जो किसी तरह माता-पिता ने कमरे के अंदर अपने आप को बंद करके अपने आप को बचाया है।  उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 204 /26 धारा 331( 6) 296 (B),  351 (2)  बी एन एस पंजीबद्ध किया जाकर  टी आई कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक  गोविंद पनिका,  प्रधान आरक्षक  शेख रशीद एवं आरक्षक दिलीप सिंह  टीम के द्वारा तत्काल आरोपी प्रकाश वासिल पिता बसंत वासिल उम्र करीब 31 साल  निवासी पटोराटोला, अनूपपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी द्वारा आरोपी प्रकाश वासिल के विरुद्ध मारपीट,  अवैध उगाही,  चोरी, नकबजनी,  आर्म्स एक्ट एवं गृह भेदने के करीब एक दर्जन आपराधिक प्रकरण होने से जिला बदर कार्रवाई कराए जाने हेतु कोतवाली थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है।


मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ संबद्ध (भारतीय मजदूर संघ)की ऊर्जा मंत्री के साथ आंदोलन के मांगपत्र  पर बैठक संपन्न


चचाई । मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ की दिनांक 07अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री माननीय प्रद्युमन सिंह तोमर जी के साथ आंदोलन के  मांगो में 11 बिंदुओं जिसमें संविदा कर्मियों को नियमित,पूर्व क्षेत्र में अनुकंपा नियुक्ति संविदा कार्यालय सहायकों को नियमित बाय स्त्रोत कर्मियों ,सेवानिवृत्ति पेंशनरों एवं सहकारी समिति के कार्मिकों की बिंदु बार समस्याओं एवं विसंगतियों पर चर्चा की गई जिसमें  ऊर्जा मंत्री जी द्वारा तत्काल विशेष कर्तव्य अधिकारी को निर्देशित किया गया की बिजली कर्मचारी महासंघ की शीघ्र बैठक माननीय ऊर्जा मंत्री जी की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई साहब से 16.04.2026 के पूर्व करवाई जाए एवं इन सभी बिंदुओं का निराकरण किस प्रकार से हो सकता है इस पर बैठकर दोनों पक्ष सकारात्मक चर्चा कर लेवे। इसके बाद न्याय उचित मांगों पर उचित निर्णय लिया जाएगा। 

प्रतिनिधि मंडल में  भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं सह प्रभारी विद्युत क्षेत्र मा.अरविंद मिश्रा जी ,भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री मा. कुलदीप सिंह गुर्जर जी ,मध्य प्रदेश बिजली क्षेत्र के प्रभारी एवं भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री मा.आशीष सिंह जी, मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री मा. सुशील कुमार पांडे जी, मध्य प्रदेश की पांचो कंपनियों के महामंत्री  मणिराज विश्वकर्मा  जी पूर्व क्षेत्र,  संदीप त्रिपाठी जी मध्य क्षेत्र , राजेश जैन ट्रांसमिशन,  भगवान स्वरूप श्रीवास्तव जी पश्चिम क्षेत्र, पंकज पवार जी उत्पादन  के साथ  देवेंद्र नेवले, अमित कुर्मी ,दीपक गुप्ता,  सुदीप मिश्रा,  अखिलेश वासुरे (संविदा प्रतिनिधि )मध्य क्षेत्र, प्रवीण तिवारी(अनुकंपा नियुक्ति संविदा ) पूर्व क्षेत्र ,  सी.बी.विश्वकर्मा (विद्युत सहकारी समिति सोसाइटी)पूर्व क्षेत्र बंडा की उपस्थिति रही ।

प्रदेश महामंत्री बिजली कर्मचारी महासंघ मा. सुशील कुमार पांडे जी द्वारा मांग पत्र के सभी बिंदुओं का विस्तार से वाचन किया गया।जिन्हें माननीय ऊर्जा मंत्री जी ने गंभीरता पूर्वक सुना।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा के साथ बृहद बैठक में इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे। उल्लेखनीय है कि म प्र बिजली कर्मचारी महासंघ का प्रदेश व्यापी आंदोलन के चतुर्थ चरण दिनांक 16 अप्रैल 26 को गोविंद पूरा ,भोपाल में पूरे प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन यथावत 

 रहेगा ।

          प्रेषक: सतेन्द्र कुमार पाटकर 

मध्यप्रदेश विद्युत् उत्पादन कर्मचारी संघ चचाई

 *विप्र समाज द्वारा अक्षय तृतीया पर भव्य जिला स्तरीय आयोजन जैतहरी में


।*

अनूपपुर। विप्र समाज अनूपपुर द्वारा इस वर्ष अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित रूप से मनाने की तैयारी जोरों पर है। इस संबंध में विप्र समाज के संयोजक पंडित रामनारायण द्विवेदी जी ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 20 अप्रैल को जैतहरी स्थित भगवान परशुराम चौराहा में जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव को विशेष रूप से मनाया जाएगा, जिसमें सामूहिक पूजन, धार्मिक अनुष्ठान एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी सुदृढ़ किया जा सके।

इस भव्य आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं जिम्मेदारियों का दायित्व विप्र समाज जैतहरी के अध्यक्ष विजय शुक्ला को सौंपा गया है। विजय शुक्ला पूर्व में भी सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के कुशल संचालन के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह आयोजन सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं प्रभावशाली ढंग से संपन्न होने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्हें प्रभारी बनाएं जाने से आयोजन को एक सशक्त दिशा मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

विप्र समाज ने सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस जिला स्तरीय धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं।

उल्लेखनीय है कि विप्र समाज द्वारा प्रत्येक वर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो समाज में एकता, परंपरा एवं आस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 “एक हादसा… कई जिंदगियों का अधूरा अंत


भाग- 2

कैलाश पाण्डेय 

घटना घट चुकी है… धूल बैठ रही है… पर सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं…

लोग आते हैं… मलबा देखते हैं… दुख जताते हैं… और लौट जाते हैं…

लेकिन उस गड्ढे में अब भी सिर्फ मिट्टी नहीं… कई जिंदगियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों की  चीख दबी है…

जहां कभी इमारत थी… अब मौत का गड्ढा है… और उसके चारों ओर खड़ी है बेबस भीड़…में  चौरंगी लाल कहता है गरीब मजदूरों के जीवन का सफर अधूरा रह गया और जीवन पूरा खत्म हो गया 

कक्का चौपाल में कहते हैं “हादसे अचानक नहीं होते… बनाएं जाते हैं…”

घसीटा पूछता है “कक्का… अब सब दोषियों को पकड़ेंगे न?”

चौरंगी लाल हंसता है “अब शुरू होगा बचाने का खेल…”

कागज बनेंगे… बयान बदलेंगे… और जिम्मेदारी इधर-उधर घूमेगी…

नगर पालिका कोतमा और श्रम विभाग सवालों में है…

क्या मजदूरों की सुरक्षा देखने वाला कोई था भी…?

उधर कोतमा में गांधी जी की प्रतिमा के सामने मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई…

कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं…

भीड़ में आक्रोश है… पर जवाब अब भी गायब हैं…

कक्का कहते हैं “जांच अगर सच्ची हो… तो सच छुप नहीं सकता…”

“पर अगर नीयत ही कमजोर हो… तो हर फाइल अधूरी रह जाती है…”

घसीटा की आवाज कांपती है“तो क्या ये भी बस कागजों में खत्म हो जाएगा?”

कक्का गहरी सांस लेते हैं “ये कोतमा है ”

“या तो ये हादसा सबक बनेगा… या सिर्फ एक खबर बनकर रह जाएगा…”

मलबे के पास खड़ी भीड़ अब जवाब चाहती है…

और चौपाल आखिरी सवाल छोड़ जाती है—“क्या इस बार सच बचेगा… या फिर से दब जाएगा…?”

 कक्का की चौपाल — कोतमा बस स्टैंड, अग्रवाल लॉज हादसा स्थल से चलती सांसों की तलाश


कोतमा बस स्टैंड के पास अग्रवाल लॉज के मलबे पर शाम ढल चुकी है… लेकिन अंधेरा सिर्फ आसमान में नहीं, लोगों के चेहरों पर भी उतर आया है…

धूल अब भी हवा में तैर रही है… टूटी दीवारें, मुड़े हुए सरिए और बिखरे पत्थरों के बीच जेसीबी मशीनें लगातार चल रही हैं जैसे हर वार के साथ किसी की सांस तलाश रही हों…

एनडीआरएफ और एसडीआर एफ की टीमें दिन-रात जुटी हैं… हर पत्थर हटने पर भीड़ की सांस थम जाती है

“शायद कोई जिंदा हो…”

एक तरफ मशीनों की कर्कश आवाज… दूसरी तरफ परिजनों की सिसकियां… और इनके बीच खड़ी एक उम्मीद—जो टूटते-टूटते भी जिंदा है…

पास ही अफसरों की हलचल है… निर्देश दिए जा रहे हैं… लेकिन भीड़ की नजरें सिर्फ मलबे पर टिकी हैं—अंदर कोई सांस बाकी है या नहीं…

इसी अफरा-तफरी, डर और उम्मीद के बीच… भीड़ के एक किनारे खड़ी है कक्का की चौपाल…

कक्का चारों तरफ देखते हैं… आंखों में धूल भी है और दर्द भी…

“अरे भइया… ये सब यूं ही नहीं गिरता… पहले नींव कमजोर होती है… फिर एक दिन पूरा ढांचा बैठ जाता है…”

घसीटा बेचैन है… आवाज में गुस्सा और घबराहट दोनों

“कक्का! 30-40 फीट खुदाई हो रही थी… इतना बड़ा गड्ढा… किसी ने रोका क्यों नहीं? किसी को दिखा नहीं क्या?”

चौरंगी लाल हल्की हंसी के साथ कड़वा सच फेंकता है

“घसीटा… यहां देखने वाले सब देखते हैं… पर कागजों में सब ‘ठीक’ कर दिया जाता है… और फिर एक दिन… सच ऐसे ही ढह जाता है…”

भीड़ से अचानक आवाज आती है

“जल्दी करो… अभी भी लोग अंदर हैं…!”

कुछ लोग मलबे की तरफ दौड़ते हैं… कुछ पीछे हटते हैं… डर और उम्मीद आमने-सामने खड़े हो जाते हैं…

कक्का गहरी सांस लेकर बोलते हैं

“बात सीधी है बेटा… न सुरक्षा थी… न निगरानी… और न ही जिम्मेदारी… तभी तो ये हाल हुआ…”

घसीटा अब और तीखा हो जाता है

“तो कक्का… जिम्मेदार कौन? कौन लेगा इन मौतों का हिसाब?”

कक्का धीमे लेकिन धारदार शब्दों में जवाब देते हैं

“पूरा तंत्र…

नगर पालिका—जो रोक नहीं पाई…

इंजीनियर—जिसने खतरा नहीं देखा…

नगर पालिका का राजस्व विभाग जिसने निर्माण कार्य की सच्चाई को दबा कर रखा…

CMO—जिसने निगरानी नहीं की…

अध्यक्ष—जो जवाबदेह था… पर खामोश रहा…

और जिसने खुदाई करवाई… वो तो सीधा दोषी है ही…”

चौरंगी लाल भीड़ की तरफ देखते हुए तंज कसता है

“और अब देखना… जांच होगी… मुआवजा मिलेगा… फोटो खिंचेंगे… और फाइल बंद…”

तभी पास से जेसीबी रुकती है… हलचल होती है… एक युवक मलबे के बीच खड़ा दिखता है… धूल से सना चेहरा… लेकिन हाथ अब भी काम में लगे…

घसीटा इशारा करता है

“कक्का… देखो उसे… शाम से लगा है… रुका ही नहीं…”

कक्का की नजर उस पर टिक जाती है… आवाज भारी हो जाती है

“जानते हो कौन है वो…? हेमराज… गोविंदा गांव का… तीन घंटे तक मलबा हटाता रहा… उसे नहीं पता था… जिस मलबे को वो हटा रहा है… उसी के नीचे उसका अपना परिवार दबा है…”

भीड़ एकदम शांत हो जाती है…

कक्का आगे कहते हैं

“फिर मलबे से निकली लाश… उसके बाप की थी… और मामा… अब भी कहीं अंदर दबा है…”

घसीटा की आवाज कांप जाती है

“फिर… वो रुक गया होगा?”

कक्का सिर हिलाते हैं

“नहीं बेटा… वो फिर उसी मलबे में उतर गया… दूसरों को बचाने… और अपने को खोजने…”

चौरंगी लाल धीमे स्वर में बोलता है

“यही फर्क है… कुछ लोग कैमरे में दिख रहे हैं… और कुछ लोग दर्द में भी इंसानियत निभा रहे हैं…”

इसी बीच पास खड़े कुछ लोग आपस में फुस फुसाते हैं—

“पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है…”

घसीटा तुरंत कक्का की ओर देखता है

“कक्का! कुछ तो कार्रवाई हुई क्या?”

कक्का गंभीर स्वर में कहते हैं

“हाँ बेटा… पुलिस अधीक्षक  मोति उर् रहमान ने मीडिया को बताया है कि अग्रवाल लॉज के मालिक और जमीन स्वामी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है… बीएनएस की धारा 106 के तहत… अब मामला कोतमा थाने में विवेचना में है…”

चौरंगी लाल फिर कटाक्ष करता है

“देखते हैं… ये केस भी सच्चाई तक पहुंचता है… या कागजों में ही दम तोड़ देता है…”

कक्का आगे जोड़ते हैं

“सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 9 लाख और घायलों को 2.50 लाख की सहायता देने की घोषणा की है…”

घसीटा की आंखें फिर मलबे की ओर चली जाती हैं

“कक्का… पैसा तो मिल जाएगा… पर जो चला गया… वो कैसे लौटेगा?”

कक्का की आवाज भर्रा जाती है

“बेटा… मुआवजा दर्द कम कर सकता है… खत्म नहीं…”

तभी जेसीबी दोबारा चलती है… भीड़ फिर चुप हो जाती है… हर आंख उसी जगह टिक जाती है…

अचानक आवाज गूंजती है

“धीरे… यहां कुछ हो सकता है…”

पूरा माहौल थम जाता है… सांसें रुक जाती हैं…

कक्का धीरे से कहते हैं

“डर ये नहीं है कि कौन दबा है… डर ये है… कहीं सच भी मलबे में ही दब न जाए…”

और फिर चौपाल में सन्नाटा छा जाता है…

कुछ पल बाद कक्का भीड़ की ओर देखते हुए आखिरी सवाल छोड़ते हैं

“बताओ भइया… क्या इस मलबे से सिर्फ लोग निकलेंगे… या उन गलतियों का सच भी बाहर आएगा… जिनकी वजह से ये सब हुआ?”

जेसीबी फिर चलती है… धूल फिर उड़ती है…

और कोतमा बस स्टैंड का यह हादसा…

अभी भी खत्म नहीं हुआ…

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