*जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अनदेखा रहा गंभीर मुद्दा, दूषित पानी पर पूर्व नपा उपाध्यक्ष जीवेन्द्र सिंह का तीखा हमला
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अनूपपुर। दिनांक 09 जनवरी 2026 को जिला स्वास्थ्य समिति अनूपपुर की महत्वपूर्ण बैठक मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, किंतु आश्चर्यजनक रूप से जिला अस्पताल अनूपपुर से निकलने वाले गंदे, बदबूदार एवं केमिकल युक्त पानी के गंभीर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई।
पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष एवं कांग्रेसी नेता जीवेन्द्र सिंह ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जिला अस्पताल का दूषित पानी सीधे तिपान नदी में छोड़ा जा रहा है, जबकि उसी नदी का पानी नगरपालिका अनूपपुर द्वारा पेयजल के रूप में नगरीय क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा है। इससे नगरवासियों में उदर संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
जीवेन्द्र सिंह ने सवाल उठाया कि जब स्वास्थ्य समिति की बैठक में जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, तब इस गंभीर जल प्रदूषण को नजरअंदाज क्यों किया गया। उन्होंने जिला प्रशासन और नगरपालिका परिषद अनूपपुर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय परिसर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना तत्काल की जानी चाहिए, ताकि प्रदूषित पानी को नदी में मिलने से रोका जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला चिकित्सालय अनूपपुर और नगरपालिका परिषद अनूपपुर संयुक्त रूप से पानी के माध्यम से बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं, जो जनहित के साथ सीधा खिलवाड़ है।
पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए पूछा
“क्या इस तरह का प्रदूषित पानी सप्लाई करना जनहित में है?”
अपने सोशल हैंडल पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से जीवेन्द्र सिंह ने जनता से अपील की कि वे देखें, कैसे नाली का पानी नदी में मिलकर उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। इस मुद्दे ने अब जिले की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

