मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर विभिन्न समस्याओं के संबंध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो 09 फरवरी से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर सामूहिक अवकाश व होगी अनिश्चित कालीन हड़ताल
अनूपपुर । मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर में कलेक्टर को अवगत कराया कि जिला-अनूपपुर में पदस्थ पटवारी अपनी सेवा का निर्वहन पूरी निष्ठा से लगातार कर रहे है परन्तु उनके कार्य के दौरान आने वाली कुछ न्यायोचित समस्याएं है जिनका निराकरण किया जाना अतिआवश्यक है ।
अनूपपुर जिले की समस्त तहसीलों में विगत 100 दिवस से अधिक समय से एवं रविवार व अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में भी शाम 6:00 बजे से रात 9 या 10:00 तक बैठक का आयोजन किया जा रहा है जो नियम विरुद्ध होकर पटवारी को प्रताड़ित करने की योजना बन चुका है ऐसी योजना का हम विरोध करते हैं और असमय बैठक करने से पटवारी के सामान्य जीवन एवं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और उसकी कार्य क्षमता घट चुकी है विभिन्न पारिवारिक आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं केवल एक शाम की बैठक में न जाने पर तीन दिवस का वेतन मन माने ढंग से काटा जा रहा है इस प्रकार प्रशासन द्वारा बर्बरता पूर्वक मनमानी ढंग से पटवारी के पीठ के साथ-साथ पेट पर भी मारी जा रही है जो अधिकारियों को शोभा नहीं देता है इस प्रकार अपने छोटे कर्मचारियों पर नियमों को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसा लगता है सभी नैतिक एवं सामाजिक मूल्य मृत हो चुके हैं और केवल बदले की भावना से कार्य करना ही उद्देश्य रह गया है अब परिस्थितियां अत्यंत भयावह हो चुकी हैं हम ऐसी स्थिति का पुरजोर विरोध करते हैं।
जियो टैग गिरदावरी शासन द्वारा लगभग 3 वर्षों से सर्वेयर द्वारा गिरदावरी करवायी जा रही है, परन्तु
सर्वेयर को मानदेय भुगतान ना होने के कारण वे कार्य नहीं कर रहे हैं जिस कारण से गिरदावरी अंततः पटवारी को करनी पड़ रही है जहां एक सर्वेयर द्वारा आपेकतम 1000 खसरे की गिरदावरी का प्रावधान है परन्तु उनके द्वारा कार्य ना किये जाने के कारण पटवारी को अपने सारे हल्कों के सारे गांवों में स्वयं गिरदावरी करनी पड़ रही है जहां खसरों की संख्या लगभग 5 से 10 हजार है और ऐसी स्थिति में खसरा आधारित जिओटैग गिरदावरी किया जाना संभव नहीं है अतः आपसे निवेदन है कि पटवारी की आईडी से खसरे आधारित जिओटैग हटाई जाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी करवाये जाने का प्रावधान किया जाए।
फार्मर आई डी- फार्मर आई पटवारी के साथ-साथ सी एस सी सेंटर, एमपी ऑनलाईन से बनवाई जा रही है
जिनका उन्हें भुगतान भी किया जा रहा हैं, पर शासन द्वारा पटवारी को इस संबंध में दबाव दिया जा रहा है जो अनुचित है, साथ ही इसमें अनेक विसंगतियां है जैसे कई खातेदार व सहखातेदारों का अन्यत्र निवास करना, पोर्टल पर उपलब्ध डाटा त्रुटिपूर्ण होना, आई डी बन जाने के बाद भी पेंडिंग सुची में खसरे पेंडिंग दिखाई देना, कई खसरे आई डी बनाने हेतु पोर्टल पर उपलब्ध ना होना, किसान के आधार से उसका मोबाइल नंबर लिंक ना होना और किसान द्वारा ओटीपी ना देना आदि। इन सारी समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द किया जाये और इस कार्य हेतु अनावश्यक दबाव बनाकर एवं कार्यवाही करके पटवारी साथियों को प्रताड़ित ना किया जाए।
नवोदित पटवारियों को 100 प्रतिशत सैलरी नवनियुक्त पटवारी साथियों को नियुक्ति पत्र वितरण के समय
तात्कालीन मुख्यमंत्री महोदय द्वारा यह घोषणा की गई थी कि नवनियुक्त पटवारियों को नियुक्ति दिनांक से ही २०० प्रतिशत सैलरी दी जायेगी परन्तु शासन द्वारा यह आदेश आज दिनांक तक लम्बित है परन्तु वर्तमान "में माननीय हाईकोर्ट जबलपुर से म.प्र. के शासकीय कर्मचारियों के हित में ये आदेश पारित किया गया है कि जो पटवारी साथी 70, 80, 90 प्रतिशत सैलरी के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें 100 प्रतिशत सैलरी दी जाए और शेष राशि का एरियर जल्द दिया जाये। अतः इस आदेश के परिपालन में भ.प्र. में पदस्थ सभी नवोदित पटवारी
जिला प्रशासन के द्वारा पटवारी को स्पष्ट तौर पर निशाने में लिया जा रहा है पटवारी की गलती है या नहीं इसकी जांच किए बिना उनके ऊपर अत्यधिक मात्रा में मनमाने अर्थदंड अध्यारोपित करने के आदेश प्रसारित किया जा रहा हैं, बिना कार्य करने का अवसर दिए ही समीक्षा की जाती है जिससे अपेक्षित प्रगति स्वाभाविक रूप से कम होती है फिर सीधे निलंबन कर दिया जाता है जांच किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है ऐसी समस्त नियम विरुद्ध कार्रवाई वापस लिया जाए ।
वर्तमान समय में जिले व राज्य में फार्मर रजिस्ट्री एवं उसकी बकेटिंग का कार्य किया जा रहा है राज्य शासन द्वारा उपरोक्त कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए तथा गांव-गांव टोले- टोले मजरे -मजरे पर कैंप आयोजित करने के लिए राशि का प्रबंध किया गया है किंतु फार्मर रजिस्ट्री कार्य के लिए कैंप आयोजन के संबंध में जिला अनूपपुर में ऐसा कोई आदेश प्रसारित नहीं किया गया है ताकि पटवारी के गांव पर कैंप के माध्यम से किसानों की फॉर्म रजिस्ट्री और उसके बकेटिंग का कार्य किया जाए आखिर यह बजट कहां पर रखा हुआ है और भविष्य में इसकी क्या उपयोगिता होगी क्या यह स्वामित्व योजना की तरह जिले को प्राप्त प्रत्येक गांव 7500 की तरह लैंप्स हो जाएगा जिसका संपूर्ण काम पटवारी द्वारा अपनी जेब से कराया गया था किंतु आज तक उसका भुगतान पटवारी को लंबित है प्रदेश के अन्य जिलों में उपरोक्त भुगतान पटवारी को किया जा चुके हैं।
लघु सिंचाई एवं कृषि संगना का कार्य पूर्व में जिले में किया जा चुका है किंतु उसका भुगतान आज तक लंबित है ऐसा क्यों है की सारी योजनाओं पर जिले अनूपपुर में पटवारी द्वारा कार्य किया जाता है किंतु उसका भुगतान अंतिम समय तक नहीं किया जाता है आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या उस पर जिला प्रशासन कोई अर्थ दंड कार्यवाही प्रस्तावित करेगा यह एक प्रश्न है या केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खाना पूर्ति कर दी जावेगी ।
पटवारी के वेतन के संबंध में समस्त प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञात होना चाहिए की पटवारी दौड़-दौड़कर 14 घंटे कार्य करता है जब उसके वेतन देने की बारी आती है तो विगत पांच माह से चौथी बार महीने के अंतिम तारीख को माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा जिले के समस्त पटवारी का वेतन रोकने जाने का आदेश प्रसारित किया जाता है विचार करने योग्य बात यह है कि क्या पटवारी द्वारा प्रतिदिन 14-14 घंटे कार्य करने के पश्चात भी क्या जिले में एक पटवारी भी ऐसा नहीं है जो जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप अपेक्षित प्रगति को प्राप्त कर लिया है यदि सच में ऐसा नहीं है तो यह अपने आप में जिला प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह है उन्हें स्वयं भी अपना वेतन प्राप्त करने का अधिकार नहीं है ।
वेतन कटौती/निलंबन वर्तमान में कार्य की अधिकता, आकस्मिक व अवकाश के दिनों भी मीटिंग के चक्कर में मानसिक दबाव के चलते मानवीय त्रुटि हो जाती हैं। उस पर उदार पूर्ण रवैया बरतते हुये की गई कार्यवाहियों को तत्काल अपास्त कर विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखे जाने के निर्देश दिये जाने चाहिये।
उपरोक्त दिए गए बिंदु पर जिला प्रशासन को अब विचार करने की आवश्यकता छोड़ कार्रवाई करने की आवश्यकता है यदि उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल चरणबद्ध आंदोलन करने हेतु बाध्य होगा ।
उक्त के संबंध में कलेक्टर अनूपपुर को अवगत कराना है कि जिले अनूपपुर के ज्ञापन में शामिल बिंदुओं का दो दिवस में निराकरण नहीं किया जाता है तो दिनांक 09/02/2026 सोमवार से समस्त पटवारी अनूपपुर जिले की संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार का सामूहिक अवकाश व् उसके पश्चात अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने हेतु विवश होंगे इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ।



