*संवेदनशीलता और सृजनशीलता के विकास का महत्त्वपूर्ण माध्यम है साहित्य : डॉ. नीरज श्रीवास्तव narmadanewstimes. in

 *संवेदनशीलता और सृजनशीलता के विकास का महत्त्वपूर्ण माध्यम है साहित्य : डॉ. नीरज श्रीवास्तव


अनूपपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के विशेष शिविर के तृतीय दिवस का आयोजन विविध शैक्षणिक, सामाजिक एवं बौद्धिक गतिविधियों के साथ अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दिनभर आयोजित कार्यक्रमों ने स्वयंसेवकों में अनुशासन, सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को सुदृढ़ किया।

दिवस का शुभारंभ प्रतिदिन की भांति प्रातःकालीन योगाभ्यास एवं सूर्य नमस्कार से हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, मानसिक एकाग्रता बनाएं रखने एवं शारीरिक सुदृढ़ता के लिए प्रेरित किया गया। 

इसके उपरांत आयोजित द्वितीय सत्र में श्रमदान एवं परियोजना कार्य के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वारा तालाब की साफ-सफाई की गई तथा स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वच्छता बनाए रखने हेतु उन्हें प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए निरंतर स्वच्छ वातावरण बनाएं रखने की शपथ भी दिलाई गई।

दिवस के तृतीय एवं मुख्य बौद्धिक सत्र का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध हास्य एवं व्यंग्य कलाकार  पवन छिब्बर जी उपस्थित रहे। बौद्धिक सत्र की अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष, प्रतिष्ठित कहानीकार एवं कवि डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के जिला नोडल अधिकारी  विनोद कुमार कोल तथा अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित भूषण द्विवेदी उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. तरन्नुम सरवत की महत्वपूर्ण उपस्थिति एवं डॉ. आकांक्षा राठौर, सहायक अध्यापक वाणिज्य की गरिमामई सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को साहित्य के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि साहित्य व्यक्ति के भीतर संवेदनशीलता, विचारशीलता एवं सृजनात्मकता का विकास करता है। उन्होंने अपनी स्व-लिखित कविता का प्रभावपूर्ण पाठ करते हुए विद्यार्थियों को साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित अभ्यास एवं उत्तम पुस्तकों के अध्ययन से विद्यार्थी कविता लेखन एवं साहित्य सृजन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं और अपने विचारों को सशक्त रूप से अभिव्यक्त कर सकते हैं।

मुख्य अतिथि  पवन छिब्बर जी ने अपने विशिष्ट हास्य-व्यंग्य शैली में विद्यार्थियों को जीवन के विविध पहलुओं पर प्रेरक संदेश देते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को कैरियर निर्माण, सामाजिक जागरूकता एवं व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए।

कार्यक्रम का संचालन जिला संगठक ज्ञान प्रकाश पांडे द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया, जबकि अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पूनम धांडे द्वारा व्यक्त किया गया।

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