*अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल जी को प्राध्यापक संघ ने सौंपा ज्ञापन
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अनूपपुर । भोपाल मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल जी से 'प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ' के प्रतिनिधियों ने भेंट कर उच्च शिक्षा विभाग के प्राध्यापकों, ग्रंथ पालों एवं क्रीड़ा अधिकारियों की दीर्घकालीन लंबित मांगों के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
संघ ने अध्यक्ष रामलाल रौतेल जी के समक्ष अपनी बात रखते हुए अनुरोध किया कि प्रदेश के हजारों शिक्षकों व अधिकारियों के हित में वे स्वयं हस्तक्षेप करें और माननीय मुख्यमंत्री तथा माननीय उच्च शिक्षा मंत्री जी को अपनी ओर से विशेष अनुशंसा पत्र प्रेषित करें।
अध्यक्ष जी को सौंपी गई प्रमुख 6 सूत्रीय मांगें:
2004-2005 के बैकलॉग शिक्षक वर्ष 2004 एवं 2005 में नियुक्त बैकलॉग सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि 2 वर्ष पूर्ण होने पर समाप्त मानी जाए तथा उन्हें कैरियर उन्नयन का लाभ मिले। आवश्यक योग्यता न रखने वालों को 2028 तक का समय दिया जाए।
पदनाम एवं सेवानिवृत्ति आयु:
ग्रंथ पालों एवं क्रीड़ा अधिकारियों को सहायक प्राध्यापक/सह-प्राध्यापक/प्राध्यापक का पदनाम प्रदान किया जाए, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए तथा UGC 2018 विनियम लागू हों।
2009, 2011 एवं 2019 बैच का नियमितीकरण: इन वर्षों में नियमितीकृत सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर CAS का लाभ तुरंत दिया जाए और छानबीन समिति की बैठकें नियमित हों।
समयबद्ध पदोन्नति:
पात्रता अनुसार सहायक प्राध्यापकों एवं सह-प्राध्यापकों को समयबद्ध (Time-bound) पदोन्नति प्रदान की जाए।
सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के लंबित भुगतान:
सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन, वेतन निर्धारण, अर्जित अवकाश एवं समूह बीमा के भुगतानों का तुरंत निराकरण किया जाए।
परामर्शदात्री समिति की बैठकें:
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नियमों के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठकें नियमित आयोजित हों।
*आयोग अध्यक्ष जी पर जताया विश्वास *
प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि अध्यक्ष रामलाल रौतेल जी की संवेदनशीलता और नेतृत्व पर संघ को पूर्ण विश्वास है। उन्हें उम्मीद है कि अध्यक्ष जी की अनुशंसा से शासन स्तर पर अटके इन गंभीर मामलों का शीघ्र और न्यायपूर्ण निराकरण हो सकेगा।

