*थाना कोतवाली अनूपपुर में शान्ति समिति बैठक का आयोजन, मिल जुलकर शान्ति पूर्वक आगामी त्यौहार मनाने लिए गया सर्वसम्मिति से निर्णय



अनूपपुर । जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अनूपपुर  हर्षल पंचोली एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में शनिवार को थाना कोतवाली अनूपपुर में आगामी होलिका दहन,  धुरेडी, रंगपंचमी, चेट्री चंड उत्सव (श्री झूलेलाल जयंती), गुड़ी पड़वा, ईद उल फितर, श्री रामनवमी एवं श्री हनुमान जन्मोत्सव को शान्ति पूर्व मनाये जाने हेतु शान्ति समिति की बैठक का आयोजन किया गया।

थाना कोतवाली अनूपपुर में आयोजित शान्ति समिति की बैठक में एसडीएम अनूपपुर  कमलेश पुरी, टी.आई. कोतवाली अनूपपुर अरविन्द जैन, यातायात थाना प्रभारी विनोद दुबे, नगर पालिका उप यंत्री बृजेश पाण्डेय, मनीष जोशी (उप यंत्री ) मध्यप्रदेश विद्युत मंडल,  पार्षदगण अनिल पटेल, प्रवीण सिंह, विनोद कुमार सोनी, जनप्रतिनिधि बृजेश चतुर्वेदी, शिवरतन वर्मा, कमलेश तिवारी पिंटू, सदर जामा मस्जिद लियाकत अली, पूर्व सदर मोहम्मद सलीम बाबा खान, तौहित खान, शेर अली, परसराम बागवानी, तेजूमल भोजवानी, संजय भोजवानी राकेश गौतम होलिका दहन कार्यक्रम के आयोजक गण, श्री हनुमान जन्म उत्सव कार्यक्रम के आयोजक गण, शिव मारूती युवा संगठन के राहुल अग्रहरि, बृजेश राठौर, इशांक केशरवानी सदस्य डी.जे. एवं साउण्ड सिस्टम संचालक गण, मीडिया बंधु नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य एवं कोटवार बंधु सहित करीब 100 गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिकों ने पर्वो के दौरान कार्यक्रम स्थल पर साफ सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था हेतु, पर्वो के दौरान सड़को पर नीचे झूले हुए बिजली तारों को ऊंचा कराये जाने हेतु, पर्वो के जुलुस में पुलिस की व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था हेतु पुलिस प्रशासन को सुझाव दिया गया। होली पर्व पर शराब पीकर हुड़दंग कर आम नागरिकों को परेशान किये जाने वालो पर कार्यवाही हेतु सुझाव दिया गया।

 “सृजन कार्यक्रम किशोर/किशोरियों में आत्मनिर्भरता की पहल


जैतहरी । मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल सामुदायिक पुलिस योजना अंतर्गत उप-पुलिस महा निरीक्षक  विनीत कपूर के दिशा-निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोति उर रहमान  के मार्गदर्शन में तथा  जगन्नाथ मरकाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा नोडल सृजन कार्यक्रम अनूपपुर के नेतृत्व में थाना जैतहरी अंतर्गत सरस्वती उ.मा.विद्यालय में विधिवत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर प्रारंभ किया गया |

अतिथियों के स्वागत पश्चात् सृजन कार्यक्रम में सहभागी संस्था हार्ड के  सुशील शर्मा द्वारा उद्देश्य बताते हुये कहा गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना है तथा ऐसे बच्चे चुनौतियों से निपटने हेतु सक्षम बन सके इस हेतु उन्हें आत्मरक्षा कौशल सिखाना है जिससे उनमें शारीरिक एवं मानसिक मजबूती प्राप्त हो सके |

साथ ही कानूनी साक्षरता अधिकारों एवं कानून के प्रति जागरूक करना है,  जगन्नाथ मरकाम जी ने रोचक ढंग से बच्चों को सृजन  अर्थात रचनात्मकता समझाते हुये कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य है और उन्हें इस कार्यक्रम के माध्यम से नई जानकारी तथा भविष्य निर्माण में सहायता प्राप्त होगी |

पुलिस विभाग द्वारा बच्चों को मोजर वियर सी.एस.आर.से प्राप्त ट्रेक शूट प्रदान किये गये जिसे बच्चे खुश हुये तथा प्रशिक्षण के दौरान एक ड्रेस में सब बच्चें प्रशिक्षण में भाग लेंगे |

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से बी.सी.एम. कोमल सिंह मार्को द्वारा बच्चों को पोषण जानकारी प्रदान की गई, सूबेदार  अम्बरीष साहू जी द्वारा कार्यक्रम समन्वय किया गया, सृजन मास्टर ट्रेनर  प्रभात मिश्रा उपस्थित थे जिन्होंने आगामी कार्यक्रम की रुपरेखा बताया |

सरस्वती विद्यालय परिवार से पुष्पेन्द्र नामदेव, डा. दीपक उरमलिया,  प्रदीप गुप्ता,  आशीष पाण्डेय, थाना जैतहरी से उ नि. अमरलाल यादव, प्रधान आरक्षक  श्याम शुक्ला उपस्थित रहे |

सृजन कार्यक्रम का सराहनीय संचालन नेशनल ट्रेनर वालीबाल  दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया |

 🎨*चुनावी गुलाल ने  उड़ा दी है- दीदी की नींद*


"व्यंग"

कहते हैं कि इस बार रंगों से पहले चुनावी गुलाल उड़ने वाला है। हमारी  सांसद महोदया पर भी कुछ ऐसा ही रंग चढ़ा है,नींद में ही भांग का ऐसा असर कि सपना भी सीधे 2027 के चुनावी मंच पर जाकर टूटेगा। तभी कहीं दूर से ढोल-नगाड़ों की आवाज आई, जैसे भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की चुनावी रैलियां एक साथ कान में घोषणा-पत्र पढ़ रही हों , “अब जागिए, वरना जनता जगा देगी!”

सांसद महोदया हड़बड़ा कर उठीं। बरसों की गहरी निद्रा टूटी तो याद आया ,अरे! नरवा-गढवा तो दूर, अपने क्षेत्र की नल-जल योजना में भी पानी का रास्ता पूंछ रहा होगा? विकास कार्य ऐसे गायब थे जैसे होली के अगले दिन गली से रंग।

तभी एक शुभचिंतक प्रकट हुए राजनीतिक ज्ञान के चलता-फिरता विश्वकोश। बोले, “महोदया! काम-धाम छोड़िए, कैमरा पकड़िए। जहां कोई मरे , वहां गंभीर मुद्रा में फोटो। जहां शादी-ब्याह हो, वहां मुस्कान के साथ फोटो। जन्मदिन, छठी, बरहों सब पर आशीर्वाद वाली फोटो। जनता को काम नहीं, कैमरा एंगल याद रहता है।”

बस फिर क्या था! महोदया ने अपनी “चलन खटोला” निकाली जो लग्जरी कार कम और चुनावी हमसफ़र ज्यादा लग रही थी फिर क्या  निकल पड़ीं। महल हो या झुग्गी, गली हो या चौपाल हर जगह वही स्थायी मुस्कान, जैसे होली का रंग अब चेहरे पर स्थायी टैटू बन गया हो।

मीडिया प्रभारी भी कम न थे। बरसों से जमी स्याही झाड़कर कलम ऐसी दौड़ाई मानो प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से सीधा “सक्रियता रत्न” मिलने वाला हो। प्रेस नोट की भाषा में विकास हरी झंडी ऐसे लहराने लगा  जैसे सूखे तालाब में अचानक मानसून उतर आया हो।

पत्रकारों की भी बांछे खिल उठे । जो अब तक “सांसद  सो रहीं हैं” की खबर लिख-लिख कर थक चुके थे, उन्हें लगा चलो, जागरण का लाइव टेलीकास्ट तो मिलेगा! बखानों की झड़ी लग गई , “जनता के बीच पहुंचीं”, “हर सुख-दुख में सहभागी”, “क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता”… मानो क्षेत्र नहीं, चुनावी प्रयोगशाला हो।

अब जनता भी देख रही है सोने वाली सांसद दीदी ज्यादा फायदेमंद थीं या जागने वाली ? क्योंकि होली का रंग तो दो दिन में उतर जाता है, पर वोट का रंग पांच साल तक चढ़ा रहता है।

तो भाइयों और बहनों चिंता छोड़, होली के रंग में रंग जाओ और  एक दूसरे को गले मिल मुंह मीठा कर होली का भरपूर आनंद लो,*" कल किसने देखा... है।"* 

*होली है… बुरा न मानिए, होली है!*

*छिछोरा टाइम्स*

*प्रधान संपादक*

*बीरेंद्र सिंह "ओजस्वी"*

*अनूपपुर मध्य प्रदेश*

 🎨*ठाकुर साहब ने दी  शाही दावत- होली में*


"व्यंग"

होली का दिन और ठाकुर साहब के बंगले पर शासन-प्रशासन की हाज़िरी न लगे  ऐसा कैसे हो सकता है! महीनों की “मस्कत” रंग लाई। बड़े जतन से अधिकारियों, नगर पालिका के महारथियों और कुछ खास मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया।

द्वार पर अबीर-गुलाल, अंदर गुजिया-नमकीन, और बीच में मुस्कुराहट ऐसी कि जैसे महीनो की मशक्कत  एक ही दिन में सफल हो जानी हो। गले मिलना भी ऐसा कि कैमरे का एंगल पहले तय, भावनाएं बाद में।

ठंडाई के गिलास टकराए। एक अधिकारी महोदय ने दो घूंट में ही प्रशंसा का पुल बांध दिया ,

“वाह ठाकुर साहब! ऐसी मस्त ठंडाई तो कभी नहीं पी!”

ठाकुर साहब मन ही मन मुस्कुराए और सोचे  “महीनों का पसीना आज सफल हुआ। नरवा-गढवा में जो कूद-फांद कर फोटो सेशन किया, जो वीडियो बनवाकर जनता को गंदे नालों की सच्चाई का  दर्शन कराया, उसकी असली परीक्षा आज है।”

कहानी का असली रंग तो ठंडाई में घुला था। जिस प्याले में बर्फ थी, वह भी उसी नाली के जल से पवित्र हुई थी, और जिस ठंडाई को घोटा गया था, उसमें भी वही “विशेष जल” मिला था , वही जो बरसों से आम जनता की पाइप-लाइन में प्रेम पूर्वक बहता आया है।

मेहमानों ने बड़े चाव से पिया, खाया, और स्वाद का गुणगान किया। कुछ तो ऐसे झूमे मानो पारदर्शिता का नशा चढ़ गया हो। ठाकुर साहब को अपार शांति मिली ।

“जनता को जो सालों से परोसा गया, आज वही स्वाद खास मेहमानों ने भी चखा। न्याय का रंग आखिर बराबरी से चढ़ा।”

कहते हैं, भ्रष्टाचार का पेट भी अजीब होता है , सड़ा-गला ही उसे सुहाता है। शायद इसलिए सबने बड़े आनंद से ग्रहण किया और धन्यवाद देते हुए, हल्की डगमग चाल में अपने-अपने आशियानों की ओर प्रस्थान किया।

ठाकुर साहब आंगन में खड़े संतोष से मुस्कुराए ,

“जनता की आंखों की पट्टी हटाने का असली तरीका भाषण नहीं, स्वाद होता है।”

बाकी तो भाई, रंगों का त्योहार है।

किसी को गुलाल चढ़ा, किसी को सच्चाई।

*होली है… बुरा न मानो, होली है!*

*छिछोरा टाइम्स* 

*प्रधान संपादक* 

*बीरेंद्र सिंह"ओजस्वी"*

*अनूपपुर मध्य प्रदेश*

 होली के रंग आजीविका के संग मेला 28 फरवरी से 1 मार्च तक


स्थानीय उद्यमियों व स्व सहायता समूहों के उत्पाद होंगे आकर्षण के केंद्र

अनूपपुर। 27 फरवरी 2026 शासन के वोकल फ़ॉर लोकल की अवधारणा के अनूपपुर स्थानीय उत्पादों के प्रचार प्रसार हेतु स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आजीविका होली मेला का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में अनूपपुर जिला मुख्यालय में आजीविका होली मेला का आयोजन  28 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक जिला मुख्यालय के सामतपुर तालाब परिसर में सुबह 11 बजे से रात 09 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न उत्पाद, जैसे-आजीविका अमरकंटक कोदो, कोदो कुकीज,कोदो नमकीन,आजीविका शहद, आजीविका सत्तू, हेडवॉश, डिसवॉश, क्लीनवॉश, साबुन, अगरवत्ती, कलात्मक सजावटी सामग्रीयां, कपडे, आचार, वडी, पापड, आंवला केंडी, बीजापुरी काष्ठशिल्प, गौडी पेंटिंग, लोहशिल्प आदि व होली उत्सव पर हर्बल गुलाल, रंग, पिचकारी, मुखौटा आदि सामग्री साथ अन्य विभागों के उदमियों द्वारा जिले में तैयार विभिन्न उत्पाद, कृषि विभाग अंतर्गत जैविक उत्पाद व फूड स्टाल व अमरकंटक हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा स्थानीय व्यंजन के स्टाल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। जिला प्रशासन ने उक्त आयोजन में समस्त जिलेवासियों से भाग लेकर स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार किये गये उत्पादों को खरीदकर प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है ताकि स्थानीय स्तर पर तैयार किये जा रहे उत्पादों को बाजार उपलब्ध हो तथा वोकल फ़ॉर लोकल ब्रांड को प्रोत्साहित किया जा सके।

 मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के द्वारा जिला प्रशासन को टेंट उखाड़ने के संबंध में धन्यवाद ज्ञापित कर फूलों की गुलदस्ता भेंट की गई




अनूपपुर। जिले में 12 फरवरी 2026 से जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल मंगलवार को उस समय उग्र हो गई जब प्रशासन द्वारा  टेंट उखाड़ फेंकने का कार्य किया गया।

कोतमा, अनूपपुर, जैतहरी एवं पुष्पराजगढ़ तहसीलों के पटवारियों द्वारा 10 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन अब प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गई है। मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा धरना प्रदर्शन स्थल पर लगाया गया टेंट हटाए जाने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया।

पटवारी संघ पहले ही सशर्त सामूहिक इस्तीफा तहसीलदार को सौंप चुका है। संघ का कहना है कि समस्याओं के समाधान के बजाय हड़ताल समाप्त कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। व्यक्तिगत नोटिस जारी करने, सेवा समाप्ति और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी से कर्मचारियों का मनोबल तोड़ा जा रहा है।

जिला अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, बल्कि शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहें कर्मचारियों का टेंट उखाड़कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक एवं सम्मानजनक निर्णय नहीं लिया गया तो बुधवार को जिले घेराव किया जाएगा। 

प्रशासन की निष्क्रियता को देखते हुए समस्त पटवारी एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी अनूपपुर पहुंचकर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर व्यापक धरना-प्रदर्शन किया एवं टेंट हटाने के संबंध में धन्यवाद ज्ञापित कर फूलों का गुलदस्ता सौंपा गया।

*हड़ताल से हुआ प्रभावित कार्य*

हड़ताल के चलते नमांतरण ,बंटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम, गिरदावरी, जाति प्रमाण पत्र, विभिन्न प्रकरणों की जांच प्रतिवेदन सहित अनेक राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 10 सूत्रीय मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर उग्र कदम भी उठाए जाएंगे।

 *असेंबली ऑफ एम पी जर्नलिस्ट्स का प्रांतीय सम्मेलन सम्पन्न


*

*अग्रवाल बोले—पत्रकारों की समस्याएँ सेतू बनकर सीएम तक पहुँचाएँगे*

राधावल्लभ शारदा  पुनः निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित 

भोपाल। रविवार को तुलसीनगर स्थित नर्मदीय समाज भवन में असेंबली ऑफ एम पी जर्नलिस्ट्स का प्रांतीय सम्मेलन उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भगवानदास सबनानी जी, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल जी तथा वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा जी उपस्थित रहे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में संगठन के चुनाव की प्रक्रिया चुनाव अधिकारी माखन विजयवर्गीय की देखरेख में प्रारंभ की गई। नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभिन्न पदों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी की गई तथा उन्हें सुरक्षित रखा गया। प्रांतीय अध्यक्ष पद के लिए अधिकांश पत्रकारों ने पुनः राधावल्लभ शारदा जी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। साथ ही नई कार्यकारिणी के गठन का पूर्ण अधिकार भी उन्हें प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह के उपरांत प्रांतीय अध्यक्ष पद की औपचारिक घोषणा की गई। पदभार ग्रहण करते ही शारदा ने संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व से गठित सभी प्रकोष्ठों, संभागीय अध्यक्षों तथा संभागीय कार्यकारिणियो को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाया जा सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा जी ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है और उसे धर्म, समाज तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक पत्रकारिता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, तभी समाज में विश्वास कायम रहेगा।

मुख्य अतिथि विधायक भगवानदास सबनानी जी ने कहा कि पत्रकार चाहे छोटा हो या बड़ा, उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गांवों में छोटे अखबार भी चाय-पान की दुकानों तक पहुंचकर शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हैं और स्थानीय समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र की खबरों पर नजर रखते हैं और आवश्यकतानुसार अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश देते हैं।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आशीष अग्रवाल जी ने अंचल के पत्रकारों की समस्याओं और कठिनाइयों को गंभीर बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें जमीनी स्थिति का बेहतर अनुभव हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन की ओर से रखी गई सभी मांगों और चिंताओं को वे स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और पत्रकारों को संतोषजनक समाधान दिलाने का प्रयास करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया तथा पत्रकारों ने संगठन को मजबूत बनाने और पत्रकार हितों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। सम्मेलन शांतिपूर्ण और सफल वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन राखी बाला सिंगारे ने किया वहीं मंच पर अतिथियों का सम्मान रेणु नत्थानी, प्रियंका गौर ने किया। जबकि सहभोज की संपूर्ण व्यवस्था ललित शारदा  और व्यंकटेश शारदा ने संभाली, जबकि अन्य मंच कार्यों एवं स्वागत आदि के लिए पत्रकार संतोष साहू, नन्हे भैया और राकेश सक्सेना ने जवाबदारी निभाई। 

इस दौरान मप्र के रीवा, सतना, उमरिया, शहडोल, नरसिंहपुर, मंडला सहित 35 से अधिक जिलों के पदाधिकारी पत्रकार मौजूद रहें।

मां सरस्वती को नमन,

मंचासीन हमारे अथिति,

अथिति देवो भव,

सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों और आमंत्रित मित्रों को नमन,

परंपरा से हटकर मैं आपके सामने उपस्थित हूं अमूमन कार्यक्रम के अध्यक्ष अतिथिओं के उद्वोधन के बाद अपने विचार व्यक्त करते हैं।

परंतु यह कोई राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है यह कार्यक्रम उन लोगों का है जो सरकार और जनता के मध्य देवर्षि नारद की भूमिका निभाते हैं। जो जनता के दुःख दर्द को सरकार के सामने रखता है मैं उनकी समस्याओं को हल करने के लिए हमारे मेहमानों के सामने रख रहा हूं।

पूरे देश का श्रमिक आभारी हैं देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी का जिनकी सरकार ने श्रमिकों की कठिनाइयां को लेकर सजग प्रहरी की तरह श्रम कानूनों में संशोधन किए गए हैं।

सबसे महत्वपूर्ण संसोधन श्रमिक को नियुक्ति पत्र जारी किया जाना है। यह नियम लागू होता है पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों के लिए भी।

2 - पत्रकारों के मित्र कम और दुश्मन कई लोग होते हैं पत्रकार उनके कामों पर उंगली उठाते हैं मतलब समाचार पत्रों में प्रकाशित करते हैं।वस दुश्मनी का कारण उनकी कमी को उजागर करना है। अपनी कमी को छुपाने के लिए पत्रकार पर झूठे आरोप लगाकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा देता है बस यही से पत्रकार और उसका परिवार प्रताड़ित होता है इससे बचाव के लिए गृहविभाग के आदेश है परंतु उस पर अमल नहीं होता है। इसीलिए पिछले कुछ सालों से पत्रकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग हो रही है हमें उम्मीद है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री  मोहन यादव जी इस बात को प्राथमिकता पर पूरा करेंगे।

3 - अब मैं व्यक्तिगत रूप से खुद पर उंगली उठा रहा हूं, मुझे मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी आवास दिया है मैं तो नियमित रूप से किराया जमा कर रहा हूं परन्तु?

हमारी लम्बे समय से मांग है कि भाड़ा क्रय योजना के तहत सरकार आवास योजना बनायें और ये आवास टी टी नगर क्षेत्र में बने,टी टी नगर में आवासों के निर्माण में लागत कम होगी कारण सड़क, बिजली, पानी,सीवेज पर खर्च नहीं होने से लागत कम होगी जिससे पत्रकार आसानी से ले सकते हैं।

प्रत्येक जिले में शासकीय चिकित्सालय में पत्रकारों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए दो पत्रकार प्राइवेट वार्ड सर्व सुविधा युक्त बनें जिसका किराया नहीं लिया जायें।

6 - जिला स्तर पर पत्रकारों के बैठने के लिए एक 400 व्यक्तियों के बैठने हेतु अथवा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कम्युनिटी हाल बने जो जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के अधीन हो और प्रेस क्लब के नाम पर जमीन और सांसद अथवा विधायक निधि से राशि नहीं दी जाय,कई उदाहरण हैं कि प्रेस क्लब भवन विवाद की जड़ है उसका प्रत्यक्ष उदाहरण भोपाल का पत्रकार भवन है।

7 - छोटे समाचार पत्रों को सरकार द्वारा प्रति माह कम से कम रुपए 20 हजार का विज्ञापन जारी करें जिसकी प्रसार संख्या 2000 हजार हो।उस समाचार पत्र के मालिक को समाचार लिखना आना चाहिए। मिनिमम क्वालिफिकेशन ग्रेजुएट होना चाहिए।

9 - राज्य सरकार द्वारा बीमा योजना जारी है इसमें ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को भी रखा जाना चाहिए जिनके पास संस्थान का नियुक्ति पत्र एवं वेतन दिया जाता है।

कहने और करने के लिए बहुत कुछ है।

एक संगठन का अध्यक्ष होने के नाते मेरा पहला लक्ष्य ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को नियुक्ति पत्र एवं वेतन का है।

और इस कार्य के लिए मेरा भ्रमण शीघ्र ही शुरू होगा और इसमें मुझे जिला जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक श्रम अधिकारी के साथ की आवश्यकता है।

सरकार मुझे इस कार्य के लिए जनसंपर्क विभाग के द्वारा सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश करें।

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